मध्यप्रदेशरतलाम

समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 01 मार्च 2026 रविवार

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ई-आबकारी पोर्टल पर कॉन्ट्रेक्टर रजिस्ट्रेशन मॉड्यूल के अंतर्गत पंजीयन कराना अनिवार्य

मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) के अनुसार मध्यप्रदेश राज्य में संचालित 10 मदिरा दुकानों/एकल समूहों का निष्पादन ई-टेण्डर (ई-टेण्डर एवं ई-टेण्डर कम ऑक्शन) के माध्यम से किया जाना है। इस हेतु पात्र आवेदकों/कांट्रेक्टर के ई-आबकारी पोर्टल पर कॉन्ट्रेक्टर रजिस्ट्रेशन मॉडयूल के अंतर्गत पंजीयन कराना अनिवार्य है। पंजीयन पश्चात ही इच्छुक पात्र आवेदक आबकारी ठेकों के निष्पादन में सहभागिता कर सकेंगे।

आबकारी ठेका निष्पादन में भाग लेने के इच्छुक आवेदक/ठेकेदार ई आबकारी पोर्टल पर कॉन्ट्रेक्टर रजिस्ट्रेशन मॉड्यूल के अंतर्गत अपना पंजीयन कराकर निष्पादन प्रक्रिया में भाग ले सकते है। इस संबंध में आवश्यक जानकारी कार्यालय सहायक आबकारी आयुक्त, रतलाम से कार्यालयीन समय (अवकाश के दिवस सहित) प्राप्त की जा सकती है।

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कृषि उपज मण्डी में जैविक हाट

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कलेक्टर कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में दिये गये निर्देशानुसार कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के मार्गदर्शन में जिलें में प्राकृतिक एवं जैविक खेती की पैदावार की उचित मार्केटिंग के लिए सप्ताह में कम से कम एक दिन इन उत्पादों के विक्रय हेतु बाजार लगाने हेतु नियत करने के निर्देश के पालन में जैविक /प्राकृतिक खेती उत्पादों को लोकप्रिय बनाने, स्थानीय नागरिकों को सरल उपलब्धता एवं स्थानीय कृषकों को उचित मूल्य पर विक्रय कराने के दृष्टिकोण से पावर हाउस रोड सब्जी मण्डी सैलाना बस स्टैंड रतलाम पर प्रत्येक रविवार को जैविक हाट लगाने हेतु नियत किया गया। हाट का शुभारंभ 22 फरवरी को जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया, उक्त सब्जी मण्डी में 01 मार्च रविवार को जैविक एवं प्राकृतिक उत्पादों के विक्रय हेतु किसान भाई प्रात 08:00 बजे से उपस्थित होकर विक्रय करेंगें। समस्त नागरिकगण मण्डी में पहुंचकर जैविक एवं प्राकृतिक उत्पादों को क्रय कर सकते है।

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रतलाम: ज्ञानोदय – शाला उन्नयन अभियान को मिल रहा भारी जन-समर्थन,

अब तक 201 डेस्क का हुआ दान होली के बाद 500 अतिरिक्त बेंच प्रदान करने का लक्ष्य

दानदाताओं के लिए प्रशासन ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

रतलाम जिला प्रशासन द्वारा जिले के शासकीय विद्यालयों के कायाकल्प और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से ‘ज्ञानोदय – शाला उन्नयन अभियान’ चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जन-भागीदारी के माध्यम से स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं, विशेषकर फर्नीचर (बेंच और डेस्क) की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

इस मुहिम को जिले में व्यापक जन-समर्थन मिल रहा है। जिला प्रशासन के प्रयासों और दानदाताओं की उदारता के फलस्वरूप अब तक 201 डेस्क दान स्वरूप प्राप्त हो चुकी हैं। व्यक्तिगत दानदाताओं के साथ-साथ शासन के विभिन्न विभागों ने भी सामूहिक रूप से आगे आकर इस शिक्षा सुधार की पहल में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

होली के बाद का संकल्प: 500 और बेंच का लक्ष्य

अभियान की सफलता को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक नया लक्ष्य निर्धारित किया है। होली के पावन पर्व के पश्चात, दानदाताओं के सहयोग से जिले के विभिन्न स्कूलों में 500 अतिरिक्त बेंच और डेस्क उपलब्ध कराई जाएंगी। यह कदम जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक बड़ा बदलाव लाएगा।

दान की प्रक्रिया हुई सरल: ऐसे जुड़ें अभियान से

इच्छुक दानदाता जो इस नेक कार्य में योगदान देना चाहते हैं, उनके लिए प्रशासन ने एक पारदर्शी व्यवस्था बनाई है:

नकद राशि नहीं, केवल वस्तु दान: प्रशासन किसी भी प्रकार का नकद दान स्वीकार नहीं कर रहा है। दानदाता सीधे डेस्क/बेंच के रूप में ही अपना योगदान दे सकते हैं।

पंजीकरण: दानदाता प्रशासन द्वारा जारी इस लिंक पर फॉर्म भर सकते हैं: https://forms.gle/wvpRMjKkyz7AfBqM9

सीधा संपर्क (हेल्पलाइन): यदि दानदाता फॉर्म नहीं भरना चाहते, तो वे सीधे जिला कंट्रोल रूम के नंबर 07412425735 पर कॉल कर सकते हैं। कंट्रोल रूम की टीम उन्हें स्कूल चुनने और मैपिंग में पूरी मदद करेगी।

सहयोग के विकल्प: दानदाता स्वयं फर्नीचर खरीदकर सीधे स्कूल को दे सकते हैं या कंट्रोल रूम के माध्यम से ऑर्डर प्लेस करवा सकते हैं।

सप्लायर चयन और गुणवत्ता सुनिश्चित करना

सैंपल प्रदर्शन: विभिन्न सप्लायर्स ने अपने डेस्क/बेंच के सैंपल जिला पंचायत कार्यालय में प्रदर्शित किए हैं, जहाँ उनके नाम और नंबर भी अंकित हैं।

दरें और स्पेसिफिकेशन: सप्लायर्स के कोटेशन और डेस्क की मानक डिजाइन (Specifications) ऑनलाइन फॉर्म की लिंक पर उपलब्ध हैं।

स्वतंत्र चुनाव: दानदाता जिला पंचायत में प्रदर्शित सप्लायर्स या अपनी पसंद के किसी भी अन्य सप्लायर को ऑर्डर दे सकते हैं, बशर्ते फर्नीचर निर्धारित Specifications के अनुरूप हो।

प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने सभी प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक संस्थाओं और उद्योगपतियों से अपील की है कि वे ‘ज्ञानोदय अभियान’ का हिस्सा बनकर रतलाम के बच्चों के भविष्य को उज्जवल बनाने में सहयोग करें।

संपर्क: जिला कंट्रोल रूम, रतलाम | फोन: 07412425735

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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रतलाम ए डी आर. सेंटर में मध्यस्थता प्रशिक्षण संपन्न

मुख्य न्यायाधिपति, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं मुख्य-संरक्षक श्री न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दूरदर्शी नेतृत्व तथा प्रशासनिक न्यायाधिपति, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष श्री न्यायमूर्ति विवेक रूसिया, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कुशल मार्गदर्शन में “Mediation for Nation Campaign 2-0 के अंतर्गत जिला न्यायालय में पदस्थ न्यायाधीशगण हेतु राज्य स्तरीय रेफरल संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम दो चरणों में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह अभियान सर्वाच्च न्यायालय की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति (Mediation and Conciliation Project Committee) द्वारा प्रारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य मध्यस्थता योग्य प्रकरणों की समय पर पहचान, प्रभावी रेफरल एवं शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करना है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रथम चरण 14 फरवरी को जबलपुर एवं भोपाल संभाग के न्यायिक अधिकारियों हेतु तथा द्वितीय चरण 28 फरवरी को इंदौर एवं ग्वालियर संभाग के न्यायिक अधिकारियों हेतु आयोजित किया गया, जिससे राज्य की संपूर्ण जिला न्यायपालिका को सम्मिलित किया गया। प्रशिक्षण सत्र ऑनलाइन माध्यम से श्रीमती गिरिबाला सिंह, पूर्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम, भोपाल एवं वरिष्ठ प्रशिक्षक, मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति द्वारा संचालित किए गए। प्रशिक्षण सत्रों में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि प्रभावी रेफरल ही सफल मध्यस्थता प्रणाली की आधारशिला है। समय पर एवं सुविचारित रेफरल से न केवल सौहार्दपूर्ण समझौते की संभावना बढ़ती है, बल्कि न्यायालयों का बहुमूल्य समय भी बचता है, पक्षकारों के मध्य वैमनस्य में कमी आती है तथा न्याय वितरण प्रणाली के प्रति जन-विश्वास सुदृढ़ होता है। न्यायिक अधिकारियों को प्रारंभिक अवस्था में ही मध्यस्थता योग्य प्रकरणों की पहचान करने के लिए संवेदनशील बनाया गया, ताकि विवाद अनावश्यक रूप से लंबित एवं विवादास्पद न बनें।

सदस्य सचिव, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण सुश्री सुमन श्रीवास्तव ने अवगत कराया कि वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य के 622 न्यायिक अधिकारियों को 40 घंटे के सघन मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया है। इसके अतिरिक्त 285 सामुदायिक मध्यस्थता स्वयंसेवकों को जमीनी स्तर पर सामुदायिक मध्यस्थता संचालित करने हेतु प्रशिक्षित किया गया है, जिससे छोटे-छोटे विवाद समुदाय स्तर पर ही सुलझाए जा सकें और न्यायालयों तक न पहुँचें। उन्होंने आगे बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों में संचालित 45 एडीआर केंद्र तथा तहसील स्तर पर कार्यरत 102 तहसील मध्यस्थता केंद्र सक्रिय रूप से मध्यस्थता को प्रोत्साहित कर रहे हैं, तथा प्री-लिटिगेशन प्रकरणों और न्यायालयों में लंबित वादों दोनों को ही प्रारंभिक स्तर पर चिन्हित कर मध्यस्थता हेतु संदर्भित किया जा रहा है, जिससे विवादों का शीघ्र एवं सौहार्दपूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जा सके। इन केंद्रों में अधिवक्ताओं, सेवानिवृत्त न्यायाधीशों, न्यायिक अधिकारियों, विषय विशेषज्ञों एवं समाजसेवियों सहित कुल 3020 मध्यस्थ तथा 520 सामुदायिक मध्यस्थता स्वयंसेवक सौहार्दपूर्ण विवाद निराकरण के उद्देश्य से कार्यरत हैं। सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारियों एवं विषय विशेषज्ञों को इस अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ा जा रहा है, जिससे राज्य में मध्यस्थता आंदोलन को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। साथ ही हाल ही में आयोजित एक ओरिएंटेशन कार्यक्रम में विधि विद्यार्थियों को मध्यस्थता एवं सामुदायिक मध्यस्थता की अवधारणा से परिचित कराया गया, ताकि भावी विधि व्यवसायियों में सहमति आधारित विवाद निस्तारण की महत्ता के प्रति समझ विकसित हो सके।

राज्य में लंबित प्रकरणों की अधिकता को दृष्टिगत रखते हुए रेफरल तंत्र को सशक्त बनाना अत्यंत आवश्यक है। प्रभावी रेफरल से मध्यस्थता केवल एक वैकल्पिक व्यवस्था न रहकर बल्कि विवाद निस्तारण का एक प्राथमिक एवं सार्थक माध्यम बन सकती है। यह मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की मध्यस्थता के संस्थागत सुदृढ़ीकरण एवं राज्य में सौहार्दपूर्ण समझौते की संस्कृति के प्रसार हेतु निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है ।

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सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी का वैक्सीनेशन प्रारंभ

14 से 15 वर्ष की बालिकाओं का वैक्सीनेशन होगा -कलेक्टर

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) से बचाव के लिए ह्यूमन पैपिलोमा वायरस(एच पी वी ) एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान का शुभारंभ अजमेर राजस्थान से किया गया। रतलाम जिले में कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह , रोगी कल्याण समिति सदस्य श्री गोविंद काकानी, श्री हेमंत राहोरी, सीएमएचओ डॉ संध्या बेलसरे, प्रभारी सिविल सर्जन डॉ ए पी सिंह, प्रभारी बाल चिकित्सालय एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ आर सी डामोर, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ मनीष सिंह, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ वर्षा कुरील ,डीपीएम श्रीमती अर्चना राठौर एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ गौरव बोरीवाल, डी सी एम श्री कमलेश मुवेल की उपस्थिति में बाल चिकित्सालय रतलाम में 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं का (एच पी वी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस )वैक्सीनेशन प्रारंभ किया गया।

जिले में वैक्सीन का पहला डोज वंदना राठौर पिता मुकेश राठौर निवासी रतलाम को लगाया गया। इसके बाद आराध्या पिता अर्जुन बसेर निवासी रत्नेश्वर रोड तथा अन्य बालिकाओं का वैक्सीनेशन किया गया ।

कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने बताया कि रतलाम जिले में प्रथम चरण में 90 दिवस की अवधि में 18917 बच्चों को टीकाकरण किया जाएगा। ऐसी बालिकाएं जिन्होंने अपना 14वां जन्म दिवस मना लिया है और 15 जन्मदिवस नहीं मनाया है वैक्सीनेशन के लिए पात्र रहेगी। वैक्सीन पुरी तरह निशुल्क होकर स्वैच्छिक है। इस वैक्सीन से महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु रोग प्रतिरोधक क्षमता मिलेगी। जिले के 9 शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों पर ही वैक्सीनेशन किया जाएगा। इसके लिए परिवारजनों को परामर्श देकर बच्चों को मोबिलाइज किया जाएगा। सीएमएचओ डॉ संध्या बेलसरे ने बताया कि रतलाम जिले के मेडिकल कॉलेज, बाल चिकित्सालय, सिविल अस्पताल जावरा, आलोट, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नामली, सैलाना, बाजना, ताल पिपलोदा केंद्रों पर सुबह 11:00 से 4:00 तक वैक्सीनेशन किया जाएगा। वैक्सीनेशन के बाद बालिकाओं को आधा घंटा निगरानी में बैठाया जाएगा। जन्म संबंधी कोई भी प्रमाण जैसे आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, अपार आईडी, अथवा उम्र के संबंध में स्वयं के घोषणा पत्र के माध्यम से यू विन पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करा कर अथवा सीधे केंद्र पर आकर वैक्सीनेशन की सुविधा सहज उपलब्ध है।

कलेक्टर ने बाल चिकित्सालय में वैक्सीनेशन कराने वाली बालिकाओं से चर्चा की, मातृ एवं शिशु चिकित्सा इकाई का निरीक्षण किया, ग्राम धराड़ के भर्ती बच्चे की कुशलक्षेम पूछी उसके अभिभावकों से चर्चा की, चिकित्सकों ने बताया कि बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है और अभी उसे डिस्चार्ज किया जा रहा है। कलेक्टर ने नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई का निरीक्षण किया वहां भर्ती बच्चों को मिल रही सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि प्रसव कराने वाली सभी माताओं के जन्म प्रमाण पत्र उनके डिस्चार्ज होने से पहले ही प्रदान कर दिए जाएं, एम सी एच अस्पताल की लिफ्ट के बारे में नस्ती के माध्यम से पूरी जानकारी प्रस्तुत करने को कहा। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि पोस्ट ऑफिस में समन्वय स्थापित कर 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों के आधार कार्ड बनाने की व्यवस्था एम सी एच में ही प्रारंभ की जाए। कलेक्टर ने मातृ एवं शिशु चिकित्सा इकाई के थैलेसीमिया वार्ड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान श्री गोविंद काकानी ने बताया कि बच्चों को ब्लड ट्रांसफ्यूजन एवं परामर्श सेवाएं केंद्र पर प्रदान की जा रही है । कलेक्टर ने बच्चों के अभिभावकों से चर्चा की तथा उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि वीडियो कॉलिंग के माध्यम से भी बच्चों से चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की निगरानी रखी जाए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न चिकित्सा अधिकारी, डिप्टी मीडिया अधिकारी श्रीमती सरला वर्मा, श्री सैयद अली वीसीसीएस श्री निलेश चौहान, श्री विपिन शर्मा, श्री कमल सूर्यवंशी, और अन्य विभागीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

सिविल अस्पताल आलोट में एच पी वी वैक्सीनेशन अभियान का शुभांरभ मुख्य अतिथि जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री कालुसिंह सिंह परिहार, विधायक प्रतिनिधि श्री अनिल चोपड़ा, मंडल अध्यक्ष श्री दिलीप सिंह डोडिया, मंडल महामंत्री श्री कैलाश सांखला, मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ.देवेंद्र मौर्य, चिकित्सा अधिकारी डॉ. अब्दुल कादिर सहित समस्त स्टाफ एवं अन्य नागरिकगण की उपस्थिति में किया गया ।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाजना में एचपीवी वैक्सीनेशन का शुभारंभ कार्यक्रम जनपद अध्यक्ष श्री कैलाश मुनिया, मंडल अध्यक्ष श्री नरेंद्र वसुनिया, बीएमओ बाजना डॉ जितेंद्र जायसवाल की उपस्थिति में किया गया।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नामली में कार्यक्रम का शुभारंभ मंडल अध्यक्ष, नगर परिषद अध्यक्ष, नगर परिषद उपाध्यक्ष, बीएमओ डॉ राजेश मंडलोई, बी ई ई इशरत जहां सैय्यद की उपस्थिति में किया गया।

सिविल अस्पताल जावरा में एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ सीबीएमओ डॉ शंकरलाल खराड़ी, डॉ अतुल मंडवारिया, डॉ अलका पाटीदार, डॉ भारती यादव, डॉ पूजा सोलंकी, बी ई ई बसंतीलाल मईडा, बीपीएम रघुनंदन पाटीदार, श्री शैलेन्द्र दवे की उपस्थिति में किया गया।

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तीन स्व सहायता समूहों की एक दिवस की भोजन की राशि का हुआ कटौत्रा

कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के निर्देशानुसार जिले में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की मॉनिटरिंग की नवीन व्यवस्था अंतर्गत जिले के अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। आज जिले की 24 आँगनवाड़ी का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान आँगनवाड़ी केन्द्रों में पोषण आहार प्रदाय करने वाले स्व सहायता समूह जिन्होंने आँगनबाड़ी केन्द्रों में पोषण आहार कम मात्रा में प्रदाय किया या पोषण आहार अच्छी गुणवत्ता का नहीं पाया गया ऐसे तीन स्व सहायता समूहों के इस माह के देयक में से एक दिवस की राशि का कटौत्रा करने का आदेश जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री रामनिवास बुधौलिया द्वारा जारी किया गया है एवं समूह संचालको को चेतावनी दी गई है कि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति पाए जाने पर अनुबंध निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी।

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खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने आलोट में मिलावट के विरुद्ध कार्यवाही की

कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के निर्देशन में आगामी त्यौहार को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश जमरा द्वारा मिलावट के विरुद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है। आज आलोट में कार्रवाई करते हुए रेलवे ऑफिस के सामने स्थित जय माता दी किराना से नवकार बेसन,पीपली बाजार स्थित गुडलक एजेंसीज से पतंजलि घी और सुंदर हल्दी पाउडर, राज मार्केटिंग से एबिस रिफाइंड सोयाबीन तेल, राजेंद्र चौक स्थित कपिल नमकीन से मिठाई और सेव के नमूने लिए। लिए गए सभी नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजे गए जहां से प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। सभी खाद्य संस्थानो को गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थों के संग्रहण एवं विक्रय करने के निर्देश दिए गए हैं ।

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 रतलाम में 14–15 वर्ष की बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण अभियान

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान के अंतर्गत रतलाम जिले में 14–15 वर्ष की बालिकाओं का टीकाकरण किया गया।

टीकाकरण हेतु जावरा निवासी कक्षा आठवीं की छात्रा अवनी श्रीवास्तव भी पहुंचीं। अवनी ने बताया कि वह सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी का टीका लगवाने आई हैं। उन्होंने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा टीकाकरण की प्रक्रिया सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई गई तथा बालिकाओं एवं अभिभावकों को एचपीवी वैक्सीन के लाभों की जानकारी दी गई।

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 एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान: रतलाम में 14–15 वर्षीय बालिकाओं का टीकाकरण,

छात्रा स्नेहा ने की टीका लगवाने की अपील

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान के अंतर्गत रतलाम जिले में आज 14–15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं के टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया गया।

टीकाकरण करवाने के बाद स्नेहा चौधरी, निवासी भरतपुर जागीर ने बताया कि वह कक्षा 9वीं की छात्रा है और आज एचपीवी (HPV) का टीका लगवाया है। स्नेहा ने इस महत्वपूर्ण जनस्वास्थ्य पहल के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह टीकाकरण भविष्य में गंभीर बीमारियों से बचाव में सहायक होगा। स्नेहा ने अन्य 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी सभी बालिकाओं से भी इस टीकाकरण अभियान का लाभ उठाने और समय पर एचपीवी का टीका लगवाने की अपील की।

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