मंदसौरमध्यप्रदेश

समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 01 मार्च 2026 रविवार

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गौमाता की सेवा-मानव जीवन की सर्वोतम सेवा है-राधिका तिवारी

श्रीमद गो भगवत कथा आयोजन के पुर्व पोस्टर विमाचन कार्यक्रम हुआ
मंदसौर। पुण्य एवं मोक्षदायिनी भूमि हरिद्वार पर श्रीमद गो भागवत कथा आयोजन के पुर्व पोस्टर का विमोचन वरिष्ठ समाजसेवी प.महेश दूबे की उपस्थिति मे सम्पन्न हुआ। आचार्य पं.गोपाल कृष्ण शास्त्री ने बताया की कथा आयोजक श्री सावंलिया भक्त संघ, श्री श्री मां शक्ति सेवा संस्थान बही पिपलिया मंण्डी म.प्र. 1 जुन से 7 जुन 26 तक गाय बचाओ अभियान के तहत यह कथा हा रही है। कथा यात्रा मे सनातन धर्म लाभार्थियों को प्रतिदिन निशुल्क भोजन व्यवस्था रहेगी। यह जानकारी श्रीमति राधिका तिवारी द्वारा देते हुए बताया की गोमाता की सेवा-मानव जीवन की सर्वोतम सेवा है इस आयोजन मे आमजन की अपेक्षा अनुसार यह आयोजन होगा इसी उ़द्वेश्य को लेकर कल शनिवार को पोस्टर विमाचन कार्यक्रम हुआ।

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घर में घुसकर मारपीट करने पर आरोपी को 1 वर्ष की सजा

मंदसौर। जेएमएफसी महोदय (श्रीमती प्राची पाण्‍डे माटा) मंदसौर द्वारा आरोपी अनिल पिता रामेश्वर मालवीय वर्तमान उम्र 32 वर्ष, निवासी-सरस्वती नगर, बड़ी पुलिया जिला-मंदसौर (मध्य प्रदेश) को घर में घुसकर मारपीट करने पर 1 वर्ष की सजा एवं जुर्माने से दण्डित किया गया।

अभियोजन मीडिया प्रभारी श्री बलराम सोलंकी द्वारा घटना के संबं‍ध में बताया कि दिनांक 12.08.2017 को फरियादी सत्यनारायण ने इस आशय की रिपोर्ट लेख कराई कि दिनांक 11.08.2017 को करीब रात्रि 11 बजे अपने घर आया तो उसे उसकी पत्नी व लड़की अंजली ने बताया कि रात्रि 09:45 बजे करीब मोहल्ले का अनिल पिता रामेश्वर मां-बहन की नंगी नंगी गालियां देते हुए घर में घुस गया तथा उनके साथ धक्का-मुक्की की तथा पानी की टंकी का नल तोड़ दिया। पुलिस द्वारा अभियुक्त के विरूद्ध थाना शहर कोतवाली मंदसौर पर फरियादी सत्‍यनारायण के कहे अनुसार अपराध कमांक 359/2017 धारा 452, 294, 323, 506 भा.दं.सं. की प्रथम सूचना रिपोर्ट लेख की गई। आवश्यक विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र पेश किया गया।

शासन की ओर से प्रकरण में पैरवी श्री बलराम सोलंकी, एडीपीओ द्वारा की गयी ।

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सीए विनय अग्रवाल मंदसौर सीए शाखा के अध्यक्ष चुने गए

मन्दसौर। द इंस्टीट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया की मंदसौर जिला शाखा के वर्ष 2026-27 के लिए पदाधिकारियों का चुनाव सर्वसम्मति से संपन्न हुए। जिसमें सीए विनय अग्रवाल को सीए शाखा का अध्यक्ष चुना गया।
निवृतमान अध्यक्ष सीए राजेश मंडवारीया ने बताया कि शाखा के पदाधिकारियों का चुनाव सर्वसम्मति से संपन्न हुआ। इसके तहत सीए विनय अग्रवाल अध्यक्ष, सीए नितेश भदादा उपाध्यक्ष, सीए अर्पित मेहता सचिव, सीए सिद्धार्थ अग्रवाल को कोषाध्यक्ष, सीए अर्पित नागर सिकासा अध्यक्ष चुने गए।

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अभिव्यक्ति स्थल पर हर रविवार सजेगा जैविक हाट बाजार

मंदसौर 28 फरवरी 26 / जिले में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा किसानों को उनकी उपज के लिए उचित विपणन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा अभिव्यक्ति स्थल, महाराणा प्रताप बस स्टैंड के पास, मंदसौर में जैविक हाट बाजार का आयोजन किया जा रहा है।

उप संचालक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग श्री रविंद्र मोदी ने बताया कि यह जैविक हाट बाजार प्रत्येक रविवार, प्रातः 11.00 बजे से नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा। इस हाट बाजार में मंदसौर जिले के जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने वाले कृषक, कृषक समूह तथा स्व-सहायता समूह अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं को विक्रय कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि प्राकृतिक उत्पादों की बिक्री हेतु यह एक सशक्त मंच प्रदान करेगा। साथ ही उपभोक्ताओं को शुद्ध, स्वास्थ्यवर्धक एवं रसायन मुक्त उत्पाद उचित दरों पर उपलब्ध होंगे।

जिले के समस्त जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने वाले कृषकों, उत्पादक समूहों तथा क्रेता-विक्रेताओं से आग्रह किया गया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में जैविक हाट बाजार में सहभागिता करें। अधिक जानकारी हेतु संपर्क करें: – 9630202379, 6269698309

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शासकीय / प्रायवेट कार्यालयों में आंतरिक परिवाद समिति का गठन नहीं किया तो 50 हजार रूपए का जुर्माना होगा

मंदसौर 28 फरवरी 26 / जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास अधिकारी बी.एल. बिश्नोई द्वारा बताया गया कि महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम-2013 द्वारा महिलाओं को कार्यस्थल पर सुगम वातावरण, सुरक्षा प्रदान करते हुए मजबूत शिकायत तंत्र प्रावधानित किया है। अधिनियम की धारा-4 के अंतर्गत प्रत्येक नियोजक आंतरिक समिति का गठन करेगा। प्रत्येक कार्यालय (शासकीय / प्रायवेट) जहां 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, ऐसे कार्यालय में एक आंतरिक समिति का गठन होना अनिवार्य है।

समिति के पीठासीन अधिकारी एवं सदस्यों की नियुक्ति अधिकतम तीन वर्ष के लिए होती है। तीन वर्ष पश्चात समिति का पुनर्गठन किया जाना होता है। जिले के प्रत्येक 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत शासकीय/ अशासकीय कार्यालय में समिति का गठन पीठासीन अधिकारी कार्यस्थल पर कार्यरत वरिष्ठ महिला कर्मचारी, वरिष्ठ महिला उपलब्ध न होने पर अन्य कार्यालय से किसी अन्य महिला को आमंत्रित किया जाएगा।

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने समस्त अशासकीय संस्थाओं में आंतरिक समिति का गठन करें अथवा पूर्व में गठित समितियों का तीन वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के पश्चात नवीन समिति का गठन कर She BOX प्रोर्टल पर रजिस्‍ट्रेशन अनिवार्य रूप से करे, अन्यथा इस स्थिति में कार्यालयीन समिति का सही गठन या गठन न होने पर अधिनियम की धारा-26(1) के अनुसार 50 हजार रुपए की राशि से जुमनि से दंडित करने की कार्रवाई की जाएगी।

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दशहरा मैदान में होगा सामूहिक होलिका दहन, आर्केस्ट्रा रहेगी आकर्षण का केंद्र, नीमच सांस्कृतिक उत्सव समिति ने किया मौका मुआयना –
नीमच। नीमच सांस्कृतिक उत्सव समिति नीमच के द्वारा बीते 11 वर्षो अधिक से होलिका दहन का आयोजन किया जाता आ रहा है। नीमच सांस्कृतिक उत्सव समिति हर वर्ष पारंपरिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शहर के दशहरा मैदान में होली का पर्व को लेकर एक बड़ा आयोजन करती है जिसमें सांस्कृतिक आयोजन भी होते हैं  उसी के अंतर्गत प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी होलिका पर्व  धूमधाम से मनाया जायेगा। जिसके अंतर्गत आर्केस्ट्रा मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगी, जिसमें होली गीतों की मस्ती के साथ होली पर्व का आगाज होगा। इस हेतु तैयारियों को अंतिम रूप देने हेतु नीमच सांस्कृतिक उत्सव समिति के सदस्यों बृजेश मित्तल, ओम दीवान, मनोहर अंब, इलियास कुरैशी, रमेश बोरीवाल, रोहित खेर (सोनू यादव), धर्मेंद्र परिहार, ठाकुर जी पिपलोंन आदि ने 28 फरवरी शनिवार को दशहरा मैदान आयोजन स्थल परिसर का मौका मुआयना कर  तैयारियों को अंतिम रूप दिया। सभी ने एक मत से निर्णय लिया कि पारंपरिक होली का पर्व होली के मधुर गीतों के साथ पारिवारिक माहौल में संपन्न होगा।

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लायंस क्लब डायनेमिक ने फूलों और रंगों के साथ मनाया होली मिलन समारोह

मंदसौर। आपसी प्रेम और उल्लास के पर्व होली के उपलक्ष्य में लायंस क्लब मंदसौर डायनेमिक द्वारा प्रेम (गार्डन) रेस्टोरेंट में भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस उत्सव में क्लब की सभी सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे पूरा वातावरण फागुनी रंगत और उत्साह से सराबोर हो गया। समारोह के दौरान सदस्यों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर और फूलों की वर्षा कर पारंपरिक तरीके से होली खेली। कार्यक्रम को और अधिक आनंदमयी बनाने के लिए विभिन्न मनोरंजक खेलों और डांस प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इस विशेष आयोजन की मेजबानी सीमा जैन, पूजा गांधी, सोनल चोरड़िया और दीपा बाफना द्वारा की गई, जिन्होंने सभी आगंतुकों का बेहद सुंदर और आत्मीय तरीके से स्वागत कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। प्रतियोगिताओं के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में क्लब अध्यक्ष उषा चौधरी, सचिव सीमा धनोतिया सहित पुष्पा चेलावत, सुषमा नाहटा, सुशीला नाहटा, सुमित्रा चौधरी, चंद्रकांता पौराणिक, रितु पोरवाल, रेखा रातडिया, मंगला पोरवाल, गायत्री पोरवाल, नीलम जेसवानी, कृष्णा गनेड़ीवाल, सोना काबरा, प्रीति नारंग, मनीषा सोनी एवं मंजू सोनी सहित बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित थीं। सभी ने सामूहिक भोज का आनंद लेते हुए एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

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रबी विपणन वर्ष 2026-27 हेतु गेहूं पंजीयन की प्रक्रिया 7 मार्च तक

मंदसौर 28 फरवरी 26 / जिला अपूर्ति अधिकारी द्वारा बताया गया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय करने हेतु किसान पंजीयन की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। शासन द्वारा पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च 2026 निर्धारित की गई है।

शासन निर्देशानुसार समय-सीमा समाप्त होने के पश्चात पंजीयन की तारीख आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। अतः किसान भाई पंजीयन हेतु अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक, भूमि संबंधी दस्तावेज (ऋण पुस्तिका) और आधार से लिंक मोबाइल नंबर साथ लेकर अपने नजदीकी निर्धारित पंजीयन केंद्रों, एमपी ऑनलाइन कियोस्क, या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर अपना पंजीयन समय रहते पूर्ण कराएं।

अंतिम दिनों में सर्वर पर दबाव बढ़ने और तकनीकी समस्याओं की संभावना को देखते हुए, सभी किसान भाईयों से अनुरोध है कि वे 7 मार्च की प्रतीक्षा किए बिना तत्काल अपना पंजीयन सुनिश्चित करें। “समय पर पंजीयन कराएं, असुविधा से बचें।”

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जिला पंचायत सामान्‍य प्रशासन स्‍थायी समिति की बैठक 5 मार्च को

मंदसौर 28 फरवरी 26 / मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन द्वारा बताया गया कि जिला पंचायत सामान्‍य प्रशासन स्‍थायी समिति की बैठक जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार की अध्‍यक्षता में 5 मार्च 2026 को दोपहर 12:00 बजे जिला पंचायत सभाकक्ष मे आयोजित होगी।

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कलेक्टर श्रीमती गर्ग ने “मंदसौर होली उत्पाद स्टॉल” का किया शुभारंभ

स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को मिलेगा प्रोत्साहन

महिलाओं की आत्मनिर्भरता की दिशा में अभिनव पहल

मंदसौर 28 फरवरी 26/ मध्यप्रदेश डे-राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को प्रोत्साहन देने तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से “मंदसौर होली उत्पाद स्टॉल” का शुभारंभ कलेक्टर श्रीमती अदिति गर्ग द्वारा फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष श्री बसंत शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

यह स्टॉल 28 फरवरी 2026 से 01 मार्च 2026 तक जनपद पंचायत मंदसौर परिसर में प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से रात्रि तक आमजन के लिए खुला रहेगा। मेले में जिले के विभिन्न स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया जा रहा है।

आजीविका मिशन के संचालक ने बताया कि स्टॉल में घरेलू उपयोग की सामग्री, खाद्य उत्पाद, हस्तशिल्प एवं सजावटी वस्तुओं सहित स्थानीय स्तर पर निर्मित अनेक उत्पाद उपलब्ध हैं। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा अगरबत्ती, हवन सामग्री, गुलाब उत्पाद, गाय के गोबर से निर्मित कंडे, हार-चूड़ी, बाग प्रिंट, ऊन से बनी रंगोली सहित विभिन्न हस्तशिल्प सामग्री प्रदर्शित की गई है।

खाद्य उत्पादों में अचार, घी, नेचुरल जूस, सेव, मिर्ची, हल्दी, पापड़, चावल से बने उत्पाद सहित अनेक सामग्री बिक्री हेतु उपलब्ध हैं। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पाद उच्च गुणवत्ता के होने के साथ-साथ लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदर्शित किए गए हैं।

जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की खरीदी कर उन्हें प्रोत्साहित करें।

इस अवसर पर आजीविका मिशन की जिला प्रबंधक श्रीमती गोरा ठाकुर, विकासखंड प्रबंधक मंदसौर श्री अल्केश कटलाना तथा मंदसौर, सीतामऊ एवं गरोठ विकासखंड के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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मंदसौर में सर्वाइकल कैंसर (एचपीवी) टीकाकरण अभियान का हुआ शुभारंभ

14 वर्ष की बालिकाओं को दिया जा रहा सुरक्षा कवच

मंदसौर 28 फरवरी 26/ प्रधानमंत्री द्वारा अजमेर से किए गए राष्ट्रव्यापी शुभारंभ के अनुक्रम में मंदसौर जिले में सर्वाइकल कैंसर (एचपीवी) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया गया। अभियान के तहत जिले में प्रथम चरण में 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु टीकाकरण किया जा रहा है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गोविंद सिंह चौहान ने बताया कि अभियान के पहले दिन जिले के 10 चिन्हित स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल 17 बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर के टीके लगाए गए। यह टीकाकरण शासकीय अवकाश को छोड़कर प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण सबसे प्रभावी एवं सुरक्षित उपाय है। समय पर टीकाकरण कराने से बालिकाओं को भविष्य में इस गंभीर बीमारी से सुरक्षा मिलती है।

जिले की पात्र बालिकाओं की सुविधा के लिए जिला चिकित्सालय मंदसौर, सिविल अस्पताल भानपुरा एवं गरोठ सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मल्हारगढ़, नगरी, शामगढ़, सीतामऊ, सुवासरा, धुंधड़का तथा नारायणगढ़ में टीकाकरण की व्यवस्था की गई है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गोविंद सिंह चौहान ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी बेटियों को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर लाकर सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण अवश्य कराएं, ताकि उन्हें इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके।

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रबी विपणन वर्ष 2026-27 हेतु गेहूं पंजीयन की प्रक्रिया 7 मार्च तक

मंदसौर 28 फरवरी 26 / जिला अपूर्ति अधिकारी द्वारा बताया गया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय करने हेतु किसान पंजीयन की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। शासन द्वारा पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च 2026 निर्धारित की गई है।

शासन निर्देशानुसार समय-सीमा समाप्त होने के पश्चात पंजीयन की तारीख आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। अतः किसान भाई पंजीयन हेतु अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक, भूमि संबंधी दस्तावेज (ऋण पुस्तिका) और आधार से लिंक मोबाइल नंबर साथ लेकर अपने नजदीकी निर्धारित पंजीयन केंद्रों, एमपी ऑनलाइन कियोस्क, या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर अपना पंजीयन समय रहते पूर्ण कराएं।

अंतिम दिनों में सर्वर पर दबाव बढ़ने और तकनीकी समस्याओं की संभावना को देखते हुए, सभी किसान भाईयों से अनुरोध है कि वे 7 मार्च की प्रतीक्षा किए बिना तत्काल अपना पंजीयन सुनिश्चित करें। “समय पर पंजीयन कराएं, असुविधा से बचें।”

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पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जिला प्रशासन की अभिनव पहल

इस वर्ष गो-काष्ठ आधारित होलिका दहन को मिलेगा प्रोत्साहन

मंदसौर 28 फरवरी 26/ जिला प्रशासन द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस वर्ष होली पर्व पर गो-काष्ठ आधारित होलिका दहन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे पारंपरिक लकड़ी के स्थान पर गोबर से निर्मित गो-काष्ठ का उपयोग कर पर्यावरण-अनुकूल होलिका दहन करें तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ होली मनाने में सहभागी बनें।

कलेक्टर के निर्देशन में जिले की सभी नगरीय निकायों, जनपद पंचायतों तथा ग्राम पंचायतों के माध्यम से गो-काष्ठ आधारित होलिका दहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य पेड़ों की कटाई को कम करना, वनों का संरक्षण करना तथा प्रदूषण रहित होलिका दहन को बढ़ावा देना है। गोबर से निर्मित गो-काष्ठ प्राकृतिक, सुरक्षित एवं पर्यावरण के अनुकूल विकल्प है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

जिला प्रशासन द्वारा सार्वजनिक होलिका दहन कार्यक्रमों के लिए निःशुल्क पंजीयन व्यवस्था की गई है। इच्छुक समितियां एवं नागरिक अपने निकटतम नगरीय निकाय, जनपद पंचायत अथवा ग्राम पंचायत कार्यालय में संपर्क कर पंजीयन करा सकते हैं।

जिला प्रशासन ने बताया कि जिन समितियों द्वारा उत्कृष्ट रूप से गो-काष्ठ आधारित होलिका दहन का आयोजन किया जाएगा, उन्हें राज्य स्तर पर सम्मानित करने हेतु प्रस्ताव भेजे जाएंगे। चयनित आयोजनों को माननीय मुख्यमंत्री द्वारा हस्ताक्षरित प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।

गो-काष्ठ आधारित होलिका दहन से पेड़ों की अनावश्यक कटाई रुकेगी तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। इससे गोवंश आधारित उत्पादों को प्रोत्साहन मिलने के साथ ही स्व-सहायता समूहों एवं ग्रामीणों को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।

जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि इस वर्ष होली का पर्व पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ मनाएं तथा लकड़ी के स्थान पर गो-काष्ठ का उपयोग कर हरियाली बचाने में अपना योगदान दें।

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किसान कल्याण वर्ष 2026

पीएम एवं सीएम किसान सम्मान निधि योजनाओं से किसानों को मिला 264 करोड़ रुपए का आर्थिक संबल

नियमित किस्तों के माध्यम से किसानों को मिली बड़ी राहत, कृषि कार्यों को मिली मजबूती

मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में सरकार ने किया 5500 करोड़ का प्रावधान

मंदसौर 28 फरवरी 26/ प्रभारी अधीक्षक भू अभिलेख श्रीमती प्रियंका मिमरोट द्वारा बताया गया कि किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत जिले में किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एवं मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से वर्ष 2025-26 में किसानों को नियमित किस्तों के जरिए कुल लगभग 264 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इन योजनाओं के माध्यम से किसानों को कृषि कार्यों, बीज-उर्वरक क्रय तथा अन्य आवश्यक कृषि निवेशों के लिए निरंतर आर्थिक संबल मिल रहा है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत वर्ष 2025-26 में जिले के पात्र किसानों को तीनों किस्तों के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की गई। योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र हितग्राही को प्रति किस्त 2000 रुपए की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की गई। प्रथम किस्त में जिले के 2,20,462 हितग्राहियों को 44 करोड़ 09 लाख 24 हजार रुपए, द्वितीय किस्त में 2,19,816 हितग्राहियों को 43 करोड़ 96 लाख 32 हजार रुपए तथा तृतीय किस्त में 2,23,274 हितग्राहियों को 44 करोड़ 65 लाख 48 हजार रुपए की राशि प्रदान की गई। इस प्रकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत जिले के किसानों को कुल 132 करोड़ 71 लाख रुपए की राशि सीधे खातों में अंतरित की गई।

इसी प्रकार मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत भी वर्ष 2025-26 में जिले के किसानों को तीनों किस्तों के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की गई। प्रथम किस्त में 2,20,462 हितग्राहियों को 44 करोड़ 09 लाख 24 हजार रुपए, द्वितीय किस्त में 2,19,816 हितग्राहियों को 43 करोड़ 96 लाख 32 हजार रुपए तथा तृतीय किस्त में 2,23,274 हितग्राहियों को 44 करोड़ 65 लाख 48 हजार रुपए की राशि वितरित की गई। तीनों किस्तों को मिलाकर मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत भी जिले के किसानों को कुल 132 करोड़ 71 लाख रुपए की राशि का लाभ प्राप्त हुआ।

दोनों योजनाओं को मिलाकर वर्ष 2025-26 में जिले के किसानों को कुल लगभग 264 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है, जिससे किसानों को कृषि कार्यों में निरंतर आर्थिक सहयोग मिल रहा है। योजनाओं के माध्यम से किसानों को समय पर सहायता मिलने से खेती की लागत प्रबंधन में सुविधा हुई है तथा किसानों की आय बढ़ाने में भी सकारात्मक प्रभाव देखा जा रहा है।

जिला प्रशासन द्वारा पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु सतत अभियान चलाया जा रहा है। किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत किसानों को अधिकाधिक योजनाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

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अभिव्यक्ति स्थल पर हर रविवार सजेगा जैविक हाट बाजार

मंदसौर 28 फरवरी 26 / जिले में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा किसानों को उनकी उपज के लिए उचित विपणन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा अभिव्यक्ति स्थल, महाराणा प्रताप बस स्टैंड के पास, मंदसौर में जैविक हाट बाजार का आयोजन किया जा रहा है।

उप संचालक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग श्री रविंद्र मोदी ने बताया कि यह जैविक हाट बाजार प्रत्येक रविवार, प्रातः 11.00 बजे से नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा। इस हाट बाजार में मंदसौर जिले के जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने वाले कृषक, कृषक समूह तथा स्व-सहायता समूह अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं को विक्रय कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि प्राकृतिक उत्पादों की बिक्री हेतु यह एक सशक्त मंच प्रदान करेगा। साथ ही उपभोक्ताओं को शुद्ध, स्वास्थ्यवर्धक एवं रसायन मुक्त उत्पाद उचित दरों पर उपलब्ध होंगे।

जिले के समस्त जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने वाले कृषकों, उत्पादक समूहों तथा क्रेता-विक्रेताओं से आग्रह किया गया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में जैविक हाट बाजार में सहभागिता करें। अधिक जानकारी हेतु संपर्क करें: – 9630202379, 6269698309

शासकीय / प्रायवेट कार्यालयों में आंतरिक परिवाद समिति का गठन नहीं किया तो 50 हजार रूपए का जुर्माना होगा

मंदसौर 28 फरवरी 26 / जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास अधिकारी बी.एल. बिश्नोई द्वारा बताया गया कि महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम-2013 द्वारा महिलाओं को कार्यस्थल पर सुगम वातावरण, सुरक्षा प्रदान करते हुए मजबूत शिकायत तंत्र प्रावधानित किया है। अधिनियम की धारा-4 के अंतर्गत प्रत्येक नियोजक आंतरिक समिति का गठन करेगा। प्रत्येक कार्यालय (शासकीय / प्रायवेट) जहां 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, ऐसे कार्यालय में एक आंतरिक समिति का गठन होना अनिवार्य है।

समिति के पीठासीन अधिकारी एवं सदस्यों की नियुक्ति अधिकतम तीन वर्ष के लिए होती है। तीन वर्ष पश्चात समिति का पुनर्गठन किया जाना होता है। जिले के प्रत्येक 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत शासकीय/ अशासकीय कार्यालय में समिति का गठन पीठासीन अधिकारी कार्यस्थल पर कार्यरत वरिष्ठ महिला कर्मचारी, वरिष्ठ महिला उपलब्ध न होने पर अन्य कार्यालय से किसी अन्य महिला को आमंत्रित किया जाएगा।

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने समस्त अशासकीय संस्थाओं में आंतरिक समिति का गठन करें अथवा पूर्व में गठित समितियों का तीन वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के पश्चात नवीन समिति का गठन कर She BOX प्रोर्टल पर रजिस्‍ट्रेशन अनिवार्य रूप से करे, अन्यथा इस स्थिति में कार्यालयीन समिति का सही गठन या गठन न होने पर अधिनियम की धारा-26(1) के अनुसार 50 हजार रुपए की राशि से जुमनि से दंडित करने की कार्रवाई की जाएगी।

जिला पंचायत सामान्‍य प्रशासन स्‍थायी समिति की बैठक 5 मार्च को

मंदसौर 28 फरवरी 26 / मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन द्वारा बताया गया कि जिला पंचायत सामान्‍य प्रशासन स्‍थायी समिति की बैठक जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार की अध्‍यक्षता में 5 मार्च 2026 को दोपहर 12:00 बजे जिला पंचायत सभाकक्ष मे आयोजित होगी।

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मध्यस्थता योग्य प्रकरणों की समय पर पहचान हेतु राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

मंदसौर 28 फरवरी 26/ माननीय श्री न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा, मुख्य न्यायाधिपति, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं मुख्य-संरक्षक, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दूरदर्शी नेतृत्व तथा माननीय श्री न्यायमूर्ति विवेक रूसिया, प्रशासनिक न्यायाधिपति, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कुशल मार्गदर्शन में “Mediation for Nation Campaign 2-0” के अंतर्गत जिला न्यायालय में पदस्थ न्यायाधीशगण हेतु राज्य स्तरीय रेफरल संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम दो चरणों में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह अभियान सर्वोच्च न्यायालय की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति (Mediation and Conciliation Project Committee) द्वारा प्रारंभ किया गया है. जिसका उद्देश्य मध्यस्थता योग्य प्रकरणों की समय पर पहचान, प्रभावी रेफरल एवं शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करना है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रथम चरण दिनांक 14 फरवरी 2026 को जबलपुर एवं भोपाल संभाग के न्यायिक अधिकारियों हेतु तथा द्वितीय चरण दिनांक 28 फरवरी 2026 को इंदौर एवं ग्वालियर संभाग के न्यायिक अधिकारियों हेतु आयोजित किया गया, जिससे राज्य की संपूर्ण जिला न्यायपालिका को सम्मिलित किया गया। प्रशिक्षण सत्र ऑनलाइन माध्यम से श्रीमती गिरिबाला सिंह, पूर्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम, भोपाल एवं वरिष्ठ प्रशिक्षक, मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति द्वारा संचालित किए गए। प्रशिक्षण सत्रों में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि प्रभावी रेफरल ही सफल मध्यस्थता प्रणाली की आधारशिला है। समय पर एवं सुविचारित रेफरल से न केवल सौहार्दपूर्ण समझौते की संभावना बढ़ती है, बल्कि न्यायालयों का बहुमूल्य समय भी बचता है, पक्षकारों के मध्य वैमनस्य में कमी आती है तथा न्याय वितरण प्रणाली के प्रति जन विश्वास सुदृढ़ होता है। न्यायिक अधिकारियों को प्रारंभिक अवस्था में ही मध्यस्थता योग्य प्रकरणों की पहचान करने के लिए संवेदनशील बनाया गया, ताकि विवाद अनावश्यक रूप से लंबित एवं विवादास्पद न बनें।

सुश्री सुमन श्रीवास्तव, सदस्य सचिव, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने अवगत कराया कि वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य के 622 न्यायिक अधिकारियों को 40 घंटे के सघन मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया है। इसके अतिरिक्त 285 सामुदायिक मध्यस्थता स्वयंसेवकों को जमीनी स्तर पर सामुदायिक मध्यस्थता संचालित करने हेतु प्रशिक्षित किया गया है, जिससे छोटे-छोटे विवाद समुदाय स्तर पर ही सुलझाए जा सकें और न्यायालयों तक न पहुँचें। उन्होंने आगे बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों में संचालित 45 एडीआर केंद्र तथा तहसील स्तर पर कार्यरत 102 तहसील मध्यस्थता केंद्र सक्रिय रूप से मध्यस्थता को प्रोत्साहित कर रहे हैं, तथा प्री-लिटिगेशन प्रकरणों और न्यायालयों में लंबित वादों, दोनों को ही प्रारंभिक स्तर पर चिन्हित कर मध्यस्थता हेतु संदर्भित किया जा रहा है, जिससे विवादों का शीघ्र एवं सौहार्दपूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जा सके। इन केंद्रों में अधिवक्ताओं, सेवानिवृत्त न्यायाधीशों, न्यायिक अधिकारियों, विषय-विशेषज्ञों एवं समाजसेवियों सहित कुल 3,020 मध्यस्थ तथा 520 सामुदायिक मध्यस्थता स्वयंसेवक सौहार्दपूर्ण विवाद निराकरण के उद्देश्य से कार्यरत हैं।

यह भी उल्लेखनीय है कि सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारियों एवं विषय-विशेषज्ञों को इस अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ा जा रहा है, जिससे राज्य में मध्यस्थता आंदोलन को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। साथ ही. हाल ही में आयोजित एक ओरिएंटेशन कार्यक्रम में विधि विद्यार्थियों को मध्यस्थता एवं सामुदायिक मध्यस्थता की अवधारणा से परिचित कराया गया, ताकि भावी विधि व्यवसायियों में सहमति आधारित विवाद निस्तारण की महत्ता के प्रति समझ विकसित हो सके।

राज्य में लंबित प्रकरणों की अधिकता को दृष्टिगत रखते हुए रेफरल तंत्र को सशक्त बनाना अत्यंत आवश्यक है। प्रभावी रेफरल से मध्यस्थता केवल एक वैकल्पिक व्यवस्था न रहकर, बल्कि विवाद निस्तारण का एक प्राथमिक एवं सार्थक माध्यम बन सकती है। यह मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की मध्यस्थता के संस्थागत सुदृढीकरण एवं राज्य में सौहार्दपूर्ण समझौते की संस्कृति के प्रसार हेतु निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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पी.एम. कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस मंदसौर द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का हुआ समापन

प्रधानमंत्री कॉलेज आफ एक्सीलेंस राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आज तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के आयोजन का अंतिम दिवस था।आज अंतिम दिवस पर भी अनेक विद्वानों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किया प्रस्तुत किए।

तृतीय दिवस के तकनीकी सेशन तकनीकी सेशन का प्रारंभ प्राचार्य महोदय एवं अतिथियों की गरिमामय उपस्थिति मां सरस्वती के दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ प्रारंभ हुआ। इसके बाद प्राचार्य महोदय द्वारा सेशन चेयरपर्सन श्री पवार का स्वागत पुष्पहार से किया गया ।
तीसरी दिवस के पंचम तकनीकी सत्र की अध्यक्षता प्रोफेसर एस.पी. पवार ने की जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापक आरती पडियार सबल सिंह ओरिया आदि द्वारा अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए गए।
इस सत्र का प्रथम शोध पत्र आरती पडीयार द्वारा प्रस्तुत किया गया ।आपने यूवाओ के कौशल विकास पर अपने विचार व्यक्त करते हुवे वोकेशनल ट्रेनिंग पर बल दिया जो कि वर्तमान उद्योगों की प्रथम आवश्यकता है। एक अच्छा एंटरप्रेन्योर बनने के लिए आपमें रिस्क लेने की क्षमता होना चाहिए । अपने स्टार्टअप इंडिया पीएम कौशल विकास योजना आदि पर भी अपने विचार साझा किए।
सेशन के द्वितीय वक्ता के रूप में डॉक्टर सबल सिंह अहोरिया द्वारा नवाचार आधारित उद्योग एवं उद्यमिता :एक आर्थिक अध्ययन पर अपने विचार प्रस्तुत किए। अपने भारत में स्टार्टअप संस्कृति को भारत के आर्थिक विकास की रीड के रूप में माना है। अपने नवाचार को परिभाषित करते हुए आपने अपने जी स्टार्टअप एवं जीडीपी संबंधी सांख्यिकी विश्लेषण प्रस्तुत किया।
अगले क्रम में डॉ सचिन शर्मा द्वारा अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया गया जिसमें आपने epistemology पर अपने विचार व्यक्त करते हुए आपने वेद , अरथापति, अनुपलब्धी,आभाव, आदि को आधार बनाकर अपना विश्लेषण प्रस्तुत किया ।आपने बहुत ही सहज तरीके से विषयवस्तु पर अपनी सार्थक बात रखी।
सत्र के चतुर्थ वक्त के रूप में श्री श्री दशरथ आर्य द्वारा अपना शोध पद प्रस्तुत किया गया।
विकसित भारत के संदर्भ में कबीर की प्रासंगिकता पर अपने विचार प्रस्तुत किया। कबीर ने जातिपाती को छोड़कर के मानवता को केंद्रित करते हुए अपने विचार प्रस्तुत किए थे ।
कबीर के विचारों पर व्यापक प्रकाश डालते हुए आपने कबीर के विचारों को अपनाने पर बल दिया जो कि वर्तमान परिदृश्य में बहुत आवश्यक है। कबीरवाणी को धर्मनिरपेक्ष बताया।
पंचम शोध पत्र डॉ निशा शर्मा द्वारा प्रस्तुत किया गया।
अपने “भारत को वैश्विक आर्थिक नेतृत्वकर्ता के रूप में उदय (2015-2025) एक अनुभवजन्य विश्लेषण “प्रस्तुत किया । अपने उन प्रमुख आयाम की चर्चा की जो भारत को वैश्विक आर्थिक नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करने की क्षमता रखते हैं ।
अगले क्रम में हेमलता जी ने judicial reform in India आधारित अपना शोध प्रस्तुत किया। आपने विधि के शासन पर अपने विचार व्यक्त करते हुए अनुच्छेद 14 एवं 21का उल्लेख करते हुए भारत के विधि के शासन को स्पष्ट किया साथ ही अनुच्छेद 32 एवं 34 पर भी अपने विचार व्यक्त करते हुए भारत की देरी से मिलने वाली न्याय व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया ।
अगले वक्त के रूप में पंकज शर्मा द्वारा अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया गया। आपने योग के महत्व को रेखांकित करते हुए स्वस्थ शब्द को परिभाषित किया एवं योग को स्वास्थ्य की प्रथम आवश्यकता बताया। विकसित भारत के संदर्भ में भारतीयों का स्वस्थ होना परम आवश्यक है तभी हम विश्व में अपना योगदान दे पाएंगे। अपने महर्षि पतंजलि के अष्टांग योग पर भी चर्चा की ।
अगले क्रम में डॉ आशीष खिमेसरा में अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। आपके द्वारा कैंसर रोग का उपचार : एक चिकित्सकिय अध्ययन प्रस्तुत किया गया । अपने तंबाकू धूम्रपान इत्यादि कर्म से भारत में होने वाली जनहानि के बारे में जानकारी दी। वनौषधि को कैंसर के उपचार में महत्वपूर्ण मानते हुए अपने विचार व्यक्त किए ।
अगले क्रम में डॉ ललिता लोधा ने अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। विकसित भारत के संदर्भ में प्राप्तव्य पर ध्यान आकर्षित करते हुए भारत की 1200 से अधिक घुमंतू जातियों पर अपने विचार प्रस्तुत किया । बांछड़ा, बंजारा , नट, कंजर आदि जातियों की जीवन यापन संबंधी कार्यप्रणाली के बारे में रोचक जानकारी प्रदान की।
सत्र के अंत में डॉ पंवार द्वारा अपना अध्यक्षीय उद्बोधन प्रस्तुत किया । 9 शोधार्थियों द्वारा प्रस्तुत शोध पर आपने सटीक समीक्षा प्रस्तुत की एवं प्राचार्य महोदय के साथ सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया ।
 प्रथम सत्र मंच संचालन डॉ लोधा ने किया ।
लंच के बाद सेमिनार के अंतिम टेक्निकल सेशन का प्रारंभ हुआ । महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा सेशन चेयरपर्सन डॉ सिंधु पोडियल का पुष्प गुच्छ से स्वागत किया ।
इसके पश्चात डॉ रुचिका देवड़ा लॉ कॉलेज मंदसौर द्वारा अपना शोध प्रस्तुत किया गया।आपने भारतीय परम्परा में लैंगिक समानता पर अपने विचार रखते हुए वैदिक काल में महिलाओं के अधिकार पर चर्चा की ओर बताया कि कालांतर में महिलाओं के अधिकार में किस प्रकार क्षरण होता गया। संवैधानिक प्रावधाओं पर भी आपके द्वारा लैंगिक समानता को रेखांकित किया गया। ज्यूडिशल एक्टिविज्म की भी अपने व्याख्या प्रस्तुत की। लैंगिक समानता के लिए समाज को इस दिशा में आगे बढ़ने की बहुत जरूरत है ।डॉक्टर नेहा भावसार द्वारा अपना शोध प्रस्तुत किया गया। अपने भारतीय न्याय व्यवस्था को धर्म पर आधारित माना है आपने भारत में भारतीय न्याय व्यवस्था में धर्म की भूमिका को रेखांकित करते हुए अपने विचार प्रस्तुत किया । न्याय मे धर्मं हमें राह दिखाता रहा है। न्याय ऐसा हो जो अपराधी को तो सजा डे साथ ही पीड़ित पक्ष के भरपाई की व्यवस्था करे।
अगले क्रम मै डॉ प्रगति ने संत परंपरा पर अपना शोध प्रस्तुत किया।आपने संत के अर्थ को समझते हुये विभिन्न संतो द्वारा समाज सुधार में किए गए कार्यों के बारे में विस्तृत रूप से बताया।
 अपने दार्शनिक आधार पर भी संत शब्द की व्याख्या प्रस्तुत की। वैदिक काल की ऋषि मुनियों ने ही वास्तविक रूप से संत की भूमिका को जन्म देकर के मानव कल्याण हेतु मार्गदर्शन किया ।
 इसके पश्चात डॉ. के.आर. सूर्यवंशी द्वारा अपना प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। अपने ज्ञान की संक्षिप्त व्याख्या करते हुए अपने उद्बोधन में भारतीय ज्ञान परंपरा को महत्वपूर्ण मानते हुए संस्कृति में उसके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया। ऋग्वेदीकालीन शिक्षा,उत्तर वैदिक कालीन शिक्षा को आपने मानव के श्रेष्ठ कल्याण का आधार माना है। आज भी विश्व के अन्य देश भारतीय संस्कृति के अनुसरण करते हुए अपने विकास की गाथा लिख रहे हैं। सच्ची शिक्षा वही है जो मानव को मोक्ष प्राप्ति के मार्ग पर ले जाए। अगले क्रम मै डॉ सीमा जैन ने v विकसित भारत में तुलसी के राम राज्य की एक संकल्पना :एक चिंतन पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए। अपने तुलसीदास जी कृत चौपाई का उल्लेख करते हुए आदर्श राम राज्य की परिकल्पना को रेखांकित किया। वर्तमान समय में विकसित भारत का अर्थ केवल भौतिक रूप से समृद्ध होना ही नहीं वरन् अन्य आयामों पर भी समृद्ध होना सम्मिलित है। वर्तमान समय में राम राज्य की स्थापना करना केवल एक व्यक्ति के बस की बात नहीं बल्कि यह संपूर्ण समाज का एक महत्वपूर्ण दायित्व बन जाता है। सत्र के अंत में अंतिम प्रस्तुति डॉक्टर गौरव पाटीदार द्वारा दी गई जिसमें आपने विकसित भारत में विकसित भारत 2047 प्राप्ति और प्राप्तव्य में वित्तीय समावेशन की भूमिका पर अपने विचार साझा किये। अपने युवा गरीब महिला और किसान को विकसित भारत के प्रमुख स्तम्भ के रूप में दर्शाते हुए विभिन्न आंकड़ों के माध्यम से भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रगति को प्रस्तुत किया। अपने 1947 से 2024 तक अभी तक जो भी भारतीय अर्थव्यवस्था में परिवर्तन हुए उनको बहुत ही सारगर्भित तरीके से प्रस्तुत किया l आगे उन्होंने 2024 से 2047 तक जो लक्ष्य प्राप्त किए जाने हैं उनको रेखांकित करते हुए उनके निराकरण के लिए आर्थिक बाधाओं एवं सामाजिक बाधाओं को समाप्त करने पर जोर दिया जो की वित्तीय समावेशन से ही संभव है।
सत्र के अंत में डॉ सिंधु पोडियाल ने अपना अध्यक्षीय उद्बोधन में अपनी समीक्षात्मक चर्चा के दौरान सत्र में प्रस्तुत किये गए शोध पत्रों की प्रसंशा की एवं पुलिस अधीक्षक तथा प्राचार्य महोदय की गरिमामय उपस्थिति में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किये गए।
प्रमाण पत्र वितरण उपरांत समापन समारोह का प्रारंभ हुआ जिसमें जिसमें प्राचार्य महोदय द्वारा जिले के पुलिस अधीक्षक श्री मीना जी का पुष्पहार पहनकर स्वागत किया । अर्पिता गोराना ने आज के दोनों टेक्निकल सेशन पर अपना क्लोजिंग रिमार्क प्रस्तुत किया।
समापन समारोह के अंत में डॉ सिंधु पोडियल ने अपने त्रिपुरा से मंदसौर तक की यात्रा वृत्तांत बताकर सेमिनार की सफलता की प्रशंसा की साथ ही नेहा भावसार ने इंटरनेशन सेमिनार पर अपने अनुभव साझा किए।
मुख्य अतिथि के रूप मे उपस्थित पुलिस अधीक्षक मीणा जी द्वारा अपना उद्बोधन दिया एवं सेमिनार की सफलता के लिए बधाई दी ।अंत में सेमिनार के अध्यक्ष एवं महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा इस तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार की सफलता पर विभिन्न स्टाफ सदस्यों कार्यों की भूरी भूरी प्रशंसा की । आभार डॉ गौरव पाटीदार ने माना
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भूमि संबंधित तथा लोन आधारित लेन देन में मंदसौर नगर में मची है खुली लुट शासन प्रशासन ध्यान देवे – श्री पारीख
मंदसौर। नगर तथा आस पास ग्रामीण क्षेत्रों कृषि भूमि, आवासीय भूमि, व्यावसायिक उपयोग हेतु भूमि भवन दुकान आदि के सौदे आधारीत लेन देन तथा उन पर लोन दिलवाने गिरवी रखवाने तथा रोजगार स्वरोजगार के लिये ऋण दिलाने की नई नई दुकान बेरोजगार युवा लगा रहे है। तथा बिना लाइसेंस प्रापटी डिलर तथा लोन दिलवाने की  दुकाने चाय की गुमटीयों की तरह शहर के प्रमुख चौराहों पर चारों और खुल रही है। यह संगठीत लुट के हथकंडे अपनाकर दुसरे की भूमि भवन बेचने का कहकर टोकन लेते है। तथा कुट रितिक रचना कर फर्जी जमीन फर्जी बेचवाल तथा फर्जी गवाह खड़े करके सुनियोजित लुट मची हुई है, दुसरे तीसरे दिन जमानत हो जाने से यह धंधा जोरो सैेरो से फल फुल रहा है। बेचवाल को पता नही और आस पास की जमीन उसकी जमीन बताकर फर्जी रजिस्ट्रीयॉ हो जाती है। सभी खाली भू-खण्डों पर शासन प्रशासन को व्यावसायिक टेक्स लिया जाकर बाउंड्री बनवाकर भूमि स्वामी का नाम लिखवाने के निर्देश दिये जाने चाहिए इस आशय की मांग जन जागरण अभियान प्रभारी मनीष पारीख सर की गई।
कोई किसी का फर्जी भू-खण्ड न बेच पायें। साथ ही लोन दिलवाने के नाम पर जगह जगह खाली यह लुट की दुकान लॉग इन फिस विजिटिंग चार्ज फर्जी दस्तावेज बनवाने तथा फर्जी कोटेशन बनवाने के नाम पर बदस्तुर लुट जारी है। लोन और जमीन आधारित यह लुट पर शासन प्रशासन को शिकंजा कसना चाहिए। फर्जी अनैतिक कार्य करने वालो के खिलाफ सख्त और न्यायसंगत कार्यवाही करना चाहिए।

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