रिश्वत के मामले में सी.बी.एन. के सब इंसपेक्टर मधुसुदन पाठक को 5 साल की सजा

रिश्वत के मामले में सी.बी.एन. के सब इंसपेक्टर मधुसुदन पाठक को 5 साल की सजा
मंदसौर। विशेष न्यायाधीश , (भ्र.नि.अधि.) मंदसौर द्वारा आरोपी मधुसुदन पाठक, तत्कालीन उप निरीक्षक, सेंट्रल ब्युरो नारकोटिक्स (CBN) जिला मदंसौर (म.प्र.) को रिश्वत लेने के मामले में दोषी पाते हुए धारा 13(1)डी भ्र.नि.अधि. में 5 साल की सजा एवं 25 हजार रूपये जुर्माना एवं धारा 8 भ्र.नि.अधि. में 4 साल की सजा एवं 10 हजार रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
अभियोजन मीडिया प्रभारी/सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्री बलराम सोलंकी द्वारा घटना के संबंध में बताया कि दिनांक 30.07.2016 को नारकोटिक्स प्रकोष्ठ मंदसौर विंग इंदौर के द्वारा राजस्थान के सुखलाल कुमावत के विरूद्ध अफीम का केस बनाया था जिसमें सुखलाल के द्वारा बताया गया था कि पप्पु पण्डित ऊर्फ कमलदास बैरागी से मादक पदार्थ लेकर आया है, जिसकी विवेचना नारकोटिक्स प्रकोष्ठ मंदसौर विंग इंदौर द्वारा की जा रही थी। उक्त् अपराध में नारकोटिक्स पुलिस आवेदक मुकेश पिता कमलदास बैरागी निवासी मिडलाखेडा, जिला मंदसौर के घर पर आई थी।
नारकोटिक्स प्रकोष्ठ मंदसौर विंग इंदौर के केस में आरोपी सी.बी.एन. के उपनिरीक्षक मधुसूदन पाठक ने आवेदक मुकेश से संपर्क कर कहा कि सुखलाल कुमावत वाले केस में तुम्हारे पिताजी कमलदास बैरागी का भी नाम आ रहा है इस केस से तुम्हारे पिताजी को बचाने के लिए आरोपी मधुसूदन पाठक ने 5 लाख रूपये रिश्वत की मांग की थी आवेदक मुकेश द्वारा निवेदन करने पर 2 लाख 50 हजार रूपये में राजी हो गया था। जबकि उक्त प्रकरण सेंट्रल ब्युरो ऑफ नारकोटिक्स का न होकर का नारकोटिक्स प्रकोष्ठ मंदसौर विंग इंदौर का था जिसकी विवेचना नारकोटिक्स प्रकोष्ठ मंदसौर द्वारा की जा रही थी। फरियादी मुकेश बैरागी आरोपी को रिश्वत नहीं देना चाहता था बल्कि उसे रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकडवाना चाहता था। इसलिए रिश्वत की मांग के संबंध में आवेदक मुकेश द्वारा दिनांक 08.08.2016 को आरोपी मधुसुदन पाठक के विरूद्ध लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन में लिखित शिकायत की थी।
आवेदक मुकेश की शिकायत पर से लोकायुक्त पुलिस उज्जैन द्वारा दिनांक 11.08.2016 को निरीक्षक कमल निगवाल द्वारा ट्रेप का आयोजन किया गया एवं उक्त दिनांक को आरोपी मधुसूदन पाठक तत्कालीन उप निरीक्षक CBN को 30 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकडा था। लोकायुक्त पुलिस उज्जैन द्वारा आरोपी मधुसुदन पाठक के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर आवश्यक अनुसंधान उपरांत माननीय न्यायालय में दिनांक 09.08.2019 को अभियोग पत्र पेश किया गया था।
शासन की ओर से प्रकरण में पैरवी सहायक निदेशक अभियोजन श्री गजराज सिंह चौहान एवं सहयोग श्री रमेश गामड़, विशेष लोक अभियोजक द्वारा किया गया।



