समाचार मध्यप्रदेश नीमच 25 फरवरी 2026 बुधवार

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मध्यप्रदेश कृषि उत्पादन में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
खाद्यान्न, दलहन और तिलहन उत्पादन में अग्रणी स्थान
नीमच 24 फरवरी 2026, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने कृषि उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज की है। केंद्र सरकार द्वारा जारी आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार राज्य खाद्यान्न, दलहन तथ तिलहन फसलों के उत्पादन में शीर्ष तीन राज्यों में शामिल रहा है। मध्यप्रदेश ने कुल खाद्यान्न उत्पादन में 46.63 मिलियन टन उत्पादन के साथ देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया, जो राष्ट्रीय उत्पादन का लगभग 13.04 प्रतिशत है। राज्य कुल दलहन फसल उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर हैं। तिलहन फसलों के उत्पादन में देश में दूसरा स्थान हासिल किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कृषकों की आय को बढ़ाने एवं उनके समग्र कल्याण के उद्देश्य से वर्ष 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है।
खाद्यान्न उत्पादन में देश में दूसरा स्थान
गेहूं उत्पादन में राज्य ने 24.51 मिलियन टन उत्पादन किया और लगभग 20.78 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ देश में दूसरा स्थान हासिल किया। राज्य मक्का उत्पादन में भी अग्रणी रहा, 6.64 मिलियन टन उत्पादन के साथ मध्यप्रदेश का राष्ट्रीय हिस्सेदारी में लगभग 15.30 प्रतिशत योगदान रहा, जिससे यह देश का प्रमुख उत्पादक राज्य बना। मोटे अनाज (न्यूट्री/कोर्स सीरियल्स) के उत्पादन में भी राज्य ने 7.78 मिलियन टन उत्पादन करते हुए लगभग 12.17 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज की और देश में तृतीय स्थान हासिल किया।
दलहन उत्पादन शीर्ष स्थान बरक़रार
दलहन क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल दलहन उत्पादन में 5.24 मिलियन टन उत्पादन किया और 20.40 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ देश में पहला स्थान प्राप्त किया। चना उत्पादन में राज्य 2.11 मिलियन टन उत्पादन और लगभग 19.01 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ शीर्ष तीन राज्यों में दूसरे स्थान पर रहा।
तिलहन फसलों के उत्पादन में देश में अग्रणी राज्य
तिलहन क्षेत्र में भी राज्य की स्थिति मजबूत रही। कुल तिलहन उत्पादन में मध्यप्रदेश ने 8.25 मिलियन टन उत्पादन करते हुए लगभग 19.19 प्रतिशत राष्ट्रीय हिस्सेदारी दर्ज की एवं देश से दूसरा स्थान हासिल किया। विशेष रूप से सोयाबीन उत्पादन में राज्य ने 5.38 मिलियन टन उत्पादन किया, जो देश के कुल उत्पादन का लगभग 35.27 प्रतिशत है और इसे देश के प्रमुख सोयाबीन उत्पादक राज्यों में स्थापित करता है। राज्य में मूंगफली का उत्पादन 1.55 मिलियन टन रहा जो कि देश के कुल उत्पादन का 12.99 प्रतिशत रहा। मूंगफली उत्पादन में राज्य देश में तीसरे स्थान पर है।
मध्यप्रदेश में केंद्र एवं राज्य सरकार की कृषि विकास योजनाओं रासायनिक उर्वरकों का वितरण, पौध संरक्षण कार्यक्रम, मांग आधारित कृषि के लिए फसलों का विविधीकरण, एक जिला-एक उत्पाद योजना, मध्यप्रदेश राज्य मिलेट मिशन, कृषि उत्पादक संगठनों का गठन एवं संवर्धन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, भावांतर भुगतान, रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना आदि का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया। परिणामस्वरूप राज्य को कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। कुल उत्पादन में वृद्धि हुई हैं। कृषि आधारित नीतियों के परिणाम स्वरूप मध्यप्रदेश देश की कृषि अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण राज्य के रूप में स्थापित है।
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जिले के सभी नागरिक जनगणना प्रगणकों को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाए-श्री चंद्रा
नीमच में कलेक्टर की उपस्थिति में दो दिवसीय जनगणना प्रशिक्षण सम्पन्न
नीमच 24 फरवरी 2026, कलेक्टर श्री हिमांशु चन्द्रा के आतिथ्य में मंगलवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में जनगणना 2027 हेतु दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में कलेक्टर श्री हिमांशु चन्द्रा ने कहा कि जनगणना 2027 में खास बात यह है कि जनगणना की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी। जनगणना प्रक्रिया में नागरिक स्वयं स्व-गणना पोर्टल पर अपनी जानकारी भर सकेंगे। जनगणना के दौरान प्रगणक के घर आने पर उन्हें सही-सही जानकारी देनी होगी, तब वे इस जानकारी को डिजिटल संकलित करेंगे। नागरिक 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्वयं जानकारी स्व-गणना पोर्टल पर ऑनलाईन भर सकेंगे।
प्रशिक्षण में राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स श्री संदीप घोरे और श्री अभिषेक सिंह ठाकुर ने कहा, कि मकान सूचीकरण के दौरान नागरिकों से प्रगणक 33 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी एकत्र करेंगे। प्रगणक, मकान सूचीकरण के दौरान भवन नंबर, जनगणना मकान नंबर, मकान की दीवार, छत और फर्श में प्रयुक्त सामग्री, मकान का उपयोग और स्थिति की जानकारी लेंगे। इसके साथ ही परिवार, परिवार में रहने वाले सदस्यों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, लिंग, सामाजिक वर्ग (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य) से संबंधित विवरण भी दर्ज करेंगे।
जनगणना के दौरान पेयजल का मुख्य स्रोत, प्रकाश का स्रोत, शौचालय की उपलब्धता और उसका प्रकार, गंदे पानी की निकासी, रसोईघर एवं उसमें प्रयुक्त ईंधन की जानकारी भी ली जाएगी। परिवार द्वारा उपयोग किए जाने वाले मुख्य खाद्यान्न, परिवार में रहने वाले विवाहित दंपत्तियों की संख्या, परिवार के मुखिया का व्यवसाय तथा मकान के स्वामित्व की स्थिति से जुड़ी जानकारी भी जनगणना पोर्टल एप्प पर प्रगणक द्वारा दर्ज की जाएगी। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत एकत्र की गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रहेंगी और किसी भी न्यायालय, जांच या अन्य प्रयोजन के लिए साक्ष्य के रूप में उपयोग नहीं की जा सकेंगी। जनगणना 2027 में यह समस्त जानकारी डिजिटल माध्यम से मोबाइल एप और पोर्टल के जरिए एकत्र की जाएगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे प्रगणकों को सही और पूर्ण जानकारी प्रदान करें, ताकि जनगणना का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
स्वतंत्रता के बाद की आठवीं जनगणना
उल्लेखनीय है कि आगामी जनगणना वर्ष 1872 से सोलहवीं एवं स्वतंत्रता के बाद की आठवीं जनगणना होगी जिससे संबंधित विभिन्न क्रियाकलापों का निष्पादन जनगणना अधिनियम 1948 एवं जनगणना नियम 1990 के प्रावधानों के तहत किया जाता है। इस दौरान प्राप्त व्यक्तिगत जानकारियां पूर्णतः गोपनीय होती है और इसे किसी अन्य के साथ साझा नहीं किया जाता। साथ ही एकत्रित की गई व्यक्तिगत जानकारी को कहीं पर भी साक्ष्य के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता है। जनगणना 2027 के प्रगणक, पर्यवेक्षक या कोई अन्य व्यक्ति द्वारा किसी भी प्रकार के ओटीपी या बैंक डिटेल्स की मांग नहीं की जाएगी।
जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी
जनगणना 2027 दो चरणों में संपादित की जाएगी। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और मकान की गणना की जाएगी। द्वितीय चरण में जनसंख्या की गणना की जाएगी। जनगणना का कार्य निर्धारित समय सीमा में किया जाएगा। समय सीमा में किसी भी प्रकार का विस्तार या परिवर्तन नहीं किया जाएगा। जनगणना 2027 का प्रथम चरण 1 से 30 मई 2026 तक आयोजित होगा। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना की जाएगी। जनगणना 2027 का दूसरा चरण फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा। दूसरे चरण में जनसंख्या गणना की जाएगी।
देश की प्रथम डिजिटल जनगणना
जनगणना 2027 देश की प्रथम डिजिटल जनगणना होगी जिसमें एप्लीकेशन के माध्यम से आंकड़ों का संकलन किया जाएगा। जनगणना के समस्त कार्य की रियल टाइम मॉनिटरिंग सेन्सस् मेनेजमेन्ट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। इसके अतिरिक्त, निवासियों को अपना जनगणना डेटा स्वयं ऑनलाइन भरने की सुविधा प्रदान करने के लिए स्वगणना वेब पोर्टल विकसित किया जाएगा।
जनगणना के डिजिटल टूल्स
जनगणना 2027 में स्व-गणना पोर्टल (SE), मोबाइल ऐप एचएलओ एप (HLO APP) के माध्यम से आंकड़ों का संकलन किया जाएगा। इसीक्रम में मकान सूचीकरण ब्लॉक क्रिएटर (HLBC) वेब पोर्टल के माध्यम से मकान सूचीकरण ब्लॉक का सृजन किया जाएगा। जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली (CMMS) पोर्टल के माध्यम से मैनेजमेंट एवं मॉनिटरिंग की जाएगी। जनगणना डिजिटल माध्यम से होनी है तो डिजिटल संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जाएगा। घर-घर जाकर घर, मकान एवं व्यक्ति की गणना करेंगे।
जनगणना 2027 की अधिसूचना जारी की जा चुकी है, इसके अंतर्गत नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, प्रशासनिक इकाइयों की फ्रीजिंग, राज्य शासन के विभिन्न स्तर पर जनगणना पदाधिकारी की नियुक्ति एवं जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण की अधिसूचना के साथ पूछे जाने वाले 33 प्रश्न भी जारी किये जा चुके है।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री बी.एस.कलेश, एसडीएम श्री संजीव साहू , श्रीमती प्रीति संघवी नाहर, श्रीमती किरण सिंह अंजना, जिला योजना जनगणना अधिकारी श्री पराग जैन जिला प्रभारी अधिकारी श्री संदीप घोरे और श्री अभिषेक सिंह ठाकुर (प्रशिक्षक), सभी तहसीलदार, सभी सीएमओ एवं नायब तहसीलदार एवं जिले में जनगणना कार्य में लगे ग्रामीण एवं शहरी कर्मचारी उपस्थित थे।
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नीमच जिले में 84 ग्राम, क्षीरधारा ग्राम योजना में शामिल
कलेक्टर ने क्षीरधारा ग्रामों के विकास योजना की समीक्षा की
अंर्तविभागीय समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न
नीमच 24 फरवरी 2026, कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष नीमच में क्षीरधारा ग्राम योजना के तहत ग्रामीण विकास, कृषि एवं वन विभाग की अंर्तविभागीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षीर धारा ग्रामों के चयन एवं उनके विकास से संबंध में चर्चा की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव, डीएफओ श्री एस.के.अटोदे, एसडीओ फारेस्ट श्री दशरथ अखण्ड, उप संचालक पशुपालन डॉ.राजेश पाटीदार एवं समिति के सदस्य तथा जिला अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में उप संचालक पशुपालन डॉ.राजेश पाटीदार ने पावर प्रजेन्टेशन के माध्यम से क्षीरधारा ग्राम योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होने योजना का उद्देश्य, योजना के क्रियान्वयन में विभिन्न विभागों की भूमिका, पशुपालन विभाग की भूमिका एवं किए जाने वाले कार्य, जिलें में चयनित ग्रामों की संख्या, वन क्षेत्रों से लगे ग्रामों को क्षीरधारा ग्राम का रूप में चयन करने एवं उनमें किए जाने वाले कार्य आदि के बारे में विस्तार से बताया।
बैठक में बताया गया, कि जिले में प्रथम चरण में जिले की 74 ग्राम पंचायतों में 84 गांवों को क्षीरधारा ग्राम योजना के तहत चयनित किया गया है। कलेक्टर ने वनक्षेत्र से लगे अधिकाधिक गांवों को क्षीरधारा ग्राम के रूप में चयनित करने, तीनों विकासखण्ड के 3-3 वन क्षेत्र में लगे गांवों को क्षीरधारा ग्राम योजना में शामिल करने के निर्देश दिए।
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कलेक्टर द्वारा अवैध उत्खनन के प्रकरण में 30 हजार की शास्ति आरोपित
नीमच 24 फरवरी 2026, कलेक्टर श्री हिमाशु चंद्रा द्वारा अवैध खनिज उत्खनन के एक प्रकरण में कुल 30 हजार की शास्ति अधिआरोपित की गई हैं। कलेक्टर श्री चंद्रा ने म.प्र. खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्डारण का निवारण) नियम 2022 के तहत अनावेदक अवैध उत्खननकर्ता वाहन मालिक पदमसिह पिता जोरावरसिह निवासी दामोदरपुरा द्वारा मिट्टी का अवैध उत्खनन करने पर खनिज रायल्टी का 15 गुना अर्थशास्ति राशि 15 हजार रूपए एवं पर्यावरण क्षतिपूर्ति 15 हजार रूपये इस प्रकार कुल 30 हजार रूपए की शास्ति अधिरोपित की हैं। खनिज विभाग द्वारा खनिज का अवैध उत्खनन पाए जाने पर, प्रकरण पंजीबद्ध कर, कलेक्टर न्यायालय नीमच में प्रस्तुत किया गया था।
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कलेक्टर ने की जनसुनवाई- 103 आवेदकों की सुनी समस्याएं
नीमच 24 फरवरी 2026, कलेक्टोरेट सभाकक्ष नीमच में मंगलवार को जनसुनवाई करते हुए कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने 103 आवेदकों की समस्याएं सुनी और संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का समय सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव, डिप्टी कलेक्टर श्री चंद्रसिह धार्वे एवं सुश्री श्रुति भयडिया व जिला अधिकारी उपस्थित थे।
जनसुनवाई में सोनियाना के गेंदमल, बरूखेडा की मुन्नीबाई, मनासा की चंदाबाई, इंदिरा नगर नीमच की इंदिराबाई, बंगरेड की हर्षिता लोहार, नीमच के अनिल दुआ, जाट की कोशल्याबाई, बिसलवास सोनिगरा के मोहनलाल, चडौल के शैलेन्द्र सिह, बघाना के मांगीलाल, सरवानिया महाराज की गीताबाई, बावल नई के बालूराम, सेमली चंद्रावत के मोहनलाल, सुवाखेडा के राजेश नायक, विकास नगर नीमच के रमेशचंद्र सांखला, दुरगपुरा की शांतिबाई, ने भी अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन जनसुनवाई में प्रस्तुत कर, अपनी समस्याएं सुनाई।
जनसुनवाई में मनासा रामपुरिया के वार्ड नम्बर 13 की प्रिया सोलंकी ने बगैर सूचना के न.प.प्रशासन द्वारा उसकी झुग्गी तोड़कर नुकसान पहुचाने पर मुआवजा दिलाने और झुग्गी के स्थान पर अन्यत्र विस्थापित करने का अनुरोध किया। इस पर कलेक्टर ने एसडीएम मनासा एवं सीएमओ मनासा को कार्यवाही करने के निर्देश दिए है।
जनसुनवाई में रामपुरा के कमलेश मालवीय ने बैसला में एक निजी चिकित्सक द्वारा अवैध रूप से क्लीनिक संचालित कर आमजनों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने संबंधी आवेदन पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को बैसला के उक्त क्लीनिक पर टीम भेजकर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में मनासा के राहुल, रतनगढ़ के चांदमल चारण, भादवामाता के मोनु रेगर, इमलीबाग उषागंज कालोनी मनासा के नसीम बी, गणेशपुरा की गीताबाई, भाटखेडी की पुजा बंजारा, डायली की इंद्राबाई, पालराखेडा के अमृत नागदा, आमलीचक की मुन्नाबाई, जवासा की मायाबाई, मनासा की भागवंतीबाई, बघाना के दिनेश, अम्बेडकर कॉलोनी नीमच की शांतिबाई, फुलपुरा के सुरेशचंद्र शर्मा, आमली चक की कालीबाई, धामनिया के बादल सालवी, मनासा के राधेश्याम,दारू के जमनालाल, ने भी जनसुनवाई में अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।
कलेक्टर ने प्राप्त सभी आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण कर की गई कार्यवाही से अवगत कराने के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए है।
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कलेक्टर ने दी निधि के उपचार के लिए 25 हजार रूपये की सहायता
नीमच 24 फरवरी 2026, कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा द्वारा मनासा निवासी आशीष पिता अनिल भाटी की बहन निधि पिता स्व.मुकेश भाटी को जीबीएस (गुलियन- बैरे सिंड्रोम) के उपचार के लिए 25 हजार रूपये की तत्कालिक आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई हैं। आवेदक के परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण उपचार के लिए कलेक्टर द्वारा रेडक्रास नीमच से 25 हजार रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत गई हैं। स्वीकृत राशि संबंधित के बैंक खाते में आर.टी.जी.एस.से भुगतान कर दी गई हैं।
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चीताखेडा, जनकपुर एवं मनासा में आयुर्वेद चिकित्सा शिविर सम्पन्न-
218 रोगियों ने स्वास्थ्य लाभ लिया
नीमच 24 फरवरी 2026, आयुष विभाग द्वारा निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर मंगलवार को चीताखेडा, जनकपुर एवं मनासा में आयोजित किया गया। शिविर में आमवात, संधिवात, त्वचा रोग, उदर रोग, विबंध, श्वास, कास, प्रतिश्याय, रक्त अल्पता, उच्च रक्तचाप, अर्श गैस अम्लपित, त्वक रोग, हदय प्रमेह, आदि बीमारियों की जांच कर नि:शुल्क औषधियां वितरित की गई। चीताखेडा में 81, जनकपुर में 78 एवं मनासा में 59 रोगियों ने स्वास्थ्य लाभ लिया हैं।
शिविर में डॉ.नाथू सिंह मौर्य डॉ. विवेक शर्मा, डॉ.धीरज डावर एवं डॉ.मदनलाल पाटीदार, डॉ तारेन्द्र सिंह सोनगरा, आयुष स्टाफ एंव आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओ ने अपनी सेवाएं दी हैं।
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प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना का मिला लाभ- गृहणी से सफल उद्यमी बनी प्रेमलता
खाद्य तेल प्रसंस्करण उद्योग स्थापित कर, 2 से 3 लाख रूपये की मासिक आय प्राप्त
नीमच 24 फरवरी 2026, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के लाभ लेकर नीमच विकासखण्ड के गांव बमोरा की एक गृहणी श्रीमती प्रेमलता पाटीदार 23.61 लाख रूपये राशि से बालाजी उद्योग के नाम से खाद्य तेल प्रसंस्करण उद्योग ईकाई स्थापित कर उसका सफलतापूर्वक संचालन कर रही हैं। बमोरा निवासी श्रीमती प्रेमलता पाटीदार, उद्यानिकी विभाग के सहयोग से पी.एम.एफ.एम.ई. योजना के तहत खाद्य तेल प्रसंस्करण उद्योग स्थापित कर आज एक गृहणी से सफल महिला उद्यमी बन गई है।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत श्रीमती प्रेमलता ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक शाखा जीरन से 20 लाख रूपये का ऋण प्राप्त किया है। इस पर उन्हें शासन की ओर से 8.26 लाख रूपये का अनुदान भी मिला हैं। इस राशि से उन्होने बालाजी लघु उद्योग के नाम से अपना स्वयं का खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित कर, ब्राण्ड नेम गोपाल कृष्ण (कोकोनेट आईल) पंजीकृत करवाकर, अपना स्वयं का प्रसंस्करित खाद्य तेल तैयार कर, अपने उत्पाद को विक्रय कर, प्रति माह दो से तीन लाख रूपये की आय प्राप्त कर रही है। श्रीमती प्रेमलता पाटीदार ने पीएमएफएमई योजना का लाभ लेकर न केवल अपने स्वयं का लघु उद्योग स्थापित कर, अपना रोजगार सृजित किया है। बल्कि अन्य 5 से 7 अन्य स्थानीय लोगो को भी अपने उद्योग में रोजगार उपलब्ध करवा रही है।
श्रीमती प्रेमलता पाटीदार पीएमएफएमई योजना से मिले लाभ से आज गृहणी से सफल उद्यमी बन गई हैं। उन्होने आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह चुन ली हैं। वे आज अपने परिवार और क्षेत्र की समृद्धि में अपना योगदान भी दे रही हैं। उनका मासिक टर्न ओवर लगभग 8 स 10 लाख रूपये है और वे इस उद्योग से प्रतिमाह दो से तीन लाख रूपये की शुद्ध आय प्राप्त कर रही है।
उल्लैखनीय है, कि कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में नीमच जिले में पी.एम.एफ.एम.ई.योजना के तहत अब तक कुल 210 हितग्राहियों को लाभांवित किया गया है। इस वित्तीय वर्ष में 125 हितग्राहियों को लाभांवित कर, नवीन उद्योग इकाईयां स्थापित करवाई गई हैं। इस योजना के क्रियान्वयन में नीमच जिला प्रदेश एवं संभाग के अग्रणी जिलो में शामिल हैं।
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जनजातीय वर्ग के अभ्यर्थी प्रतिभा योजना का लाभ लें
नीमच 24 फरवरी 2026, जनजातीय कार्य विभाग द्वारा अनुसूचित जनजाति के मेधावी छात्रों के लिए प्रोत्साहन योजना हैं। इसके तहत जेईई, नीट, क्लेट, एम्स, एनडीए जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं में चयनित होकर प्रमुख संस्थानों (आईआईटी, एनआईटी एवं सरकारी MBBS/NDA) में प्रवेश लेने पर छात्रों को 25 से 50 हजार रूपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
प्रतिभा योजना के तहत अ.ज.जा. वर्ग के प्रतिभावान छात्रों को उच्च शिक्षा हेतु प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से, मध्य प्रदेश का मूल निवासी, विद्यार्थी जिसने निर्धारित राष्ट्रीय प्रतियोगिता परीक्षा उत्तीर्ण की हो, अभ्यार्थी के माता पिता, पालक, स्वयं के समस्त स्त्रोतों के वार्षिक आय रुपये 6.00 लाख से अधिक न हो, प्रतिभा योजनान्तर्गत MPTAASC Pऑनलाइन आवेदन के लिए पुनः MPTAASC 20 मार्च 2026 तक पोर्टल खोला जा रहा है। पात्र आवेदक आनलाईन आवेदन कर, इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते है।
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