समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 25 फरवरी 2026 बुधवार

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जनसुनवाई में अधिकारियों ने तत्परता से सुनी 58 आवेदकों की समस्याएं
मंदसौर 24 फरवरी 26 / जिला स्तरीय जनसुनवाई के दौरान सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन ने 58 आवेदकों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि आम नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान किया जाए एवं कोई भी व्यक्ति अनावश्यक परेशान न हो।
जनसुनवाई के दौरान आए विभिन्न प्रकरणों में त्वरित निर्देश जारी किए गए। मंदसौर निवासी लक्ष्मण ने विद्युत पोल को अन्य स्थान पर लगवाने के संबंध में प्रस्तुत आवेदन में कार्यवाही करने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। जिस पर एमपीईबी मंदसौर को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। कुरावन निवासी भंवरलाल ने भूराजस्व में नाम सुधारने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। जिस पर एसडीएम गरोठ को जांच कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। नारायणगढ़ निवासी दुर्गाप्रसाद ने मंदिर की कृषि भूमि से अतिक्रमण हटवाने के संबंध में आवेदन दिया। जिस पर एसडीएम मल्हारगढ़ को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त जनसुनवाई में आदिम जाती छात्रावास में प्रवेश, भूमि आवंटन, पीएम किसान सम्मान निधि दिलवाने एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ दिलवाने जैसे विविध प्रकार के आवेदन प्राप्त हुए।
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जिले में लगभग 350 नवीन इकाइयाँ प्रधानमंत्री खाद्य प्रसंस्करण योजना से हुई लाभान्वित
मंदसौर 24 फरवरी 26/ कृषि वर्ष 2026 के अंतर्गत कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने एवं किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से शासन द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से नई औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उद्योग विभाग के महाप्रबंधक श्री मंगल रायकवार ने बताया कि जिले में खाद्य प्रसंस्करण एवं लघु उद्योगों को विशेष रूप से प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 24 फरवरी 2025 के बाद स्थापित पात्र नई औद्योगिक इकाइयों, जिनमें 10 करोड़ रुपये तक का निवेश किया गया है, को संयंत्र, मशीनरी एवं भवन में किए गए पात्र निवेश पर 40 प्रतिशत उद्योग विकास अनुदान प्रदान किया जा रहा है। यह अनुदान 4 समान वार्षिक किस्तों में वितरित किया जाएगा।
इसी प्रकार 10 करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली नई औद्योगिक इकाइयों को पात्र निवेश पर 60 प्रतिशत उद्योग विकास अनुदान प्रदान किया जा रहा है, जिसे 7 समान वार्षिक किस्तों में वितरित किया जाएगा। साथ ही इन इकाइयों को 5 वर्षों तक 50 प्रतिशत मंडी टैक्स में सहायता भी प्रदान की जा रही है।
प्रधानमंत्री खाद्य प्रसंस्करण योजना के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को 35 प्रतिशत तक अनुदान (अधिकतम 10 लाख रुपये) तथा 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ दिया जा रहा है।
महाप्रबंधक श्री रायकवार ने बताया कि कृषि वर्ष 2026 के दौरान जिले की लगभग 350 नवीन इकाइयाँ प्रधानमंत्री खाद्य प्रसंस्करण योजना से लाभान्वित हुई हैं तथा 5 इकाइयाँ उद्योग संवर्धन योजना के अंतर्गत लाभान्वित हुई हैं।
उन्होंने जिले के उद्यमियों एवं किसानों से शासन की योजनाओं का लाभ लेकर कृषि आधारित उद्योग स्थापित करने तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने का आह्वान किया।
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वक्फ की संपत्तियों पर कब्जे की शिकायत के बाद कब्जाधारियों में हड़कंप
– मंदसौर वक्फ अंजुमन ए इस्लाम कमेटी अध्यक्ष मोहम्मद सादिक ने की थी शिकायत
मंदसौर। मंदसौर स्थित वक्फ की जमीनों पर अवैध कब्जा करने वाले कतिपय लोगों का मामला अब जिलास्तर से लेकर भोपाल-दिल्ली तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। इधर वक्फ संपत्तियों पर कब्जा जमाए बैठा या उसे हेरफेर कर बेचने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। शहर में जहां-जहां भी वक्फ संपत्तियों पर कब्जा है वे जांच से बचने की पहले ही गली निकालने के प्रयास में जुट गए हैं। जहां वक्फ की भूमि पर निर्माण जारी है, वह अब पर्दे की पीछे कार्य करने लगे हैं, यानि निर्माण कार्य को छिपाने के लिए हरी नेट का सहारा ले रहे हैं।
कब्जाधारियों में यह हलचल हाल ही में वक्फ अंजुमन ए इस्लाम कमेटी मंदसौर अध्यक्ष मोहम्मद सादिक (शानु)कीशिकायत के बाद शुरू हुई है। शिकायत मंदसौर कलेक्टर से लेकर सीएम व वक्फ बोर्ड भोपाल व राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग दिल्ली को की गई है। शिकायत के अनुसार, कंगन शाह वली दरगाह और कब्रिस्तान की जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। यह जमीन मध्यप्रदेश राज्य राजपत्र के अंतर्गत 25.08.1989 से गजट नोटिफिकेशन में दर्ज है।
शिकायत में कहा कि कुछ लोगों ने बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के इस जमीन को अंतरित करवा लिया है और राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी कर इसे अपने नाम करवा लिया है। वक्फ बोर्ड से भी कोई अनुमति नहीं ली गई है। यह मामला मंदसौर से दिल्ली तक पहुंचाया है, क्योंकि यह जमीन वक्फ की है और इसकी सुरक्षा के लिए कड़े नियम हैं।
वक्फ अंजुमन ए इस्लाम कमेटी मंदसौर अध्यक्ष मोहम्मद सादिक (शानु) ने शिकायत में बताया कि कंगन शाह वली दरगाह और कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। इसी तरह वक्फ की जमीनों पर कब्जा हो रहा है। वक्फ की कई जमीन हैं जिनके सर्वे नंबरों पर राजस्व रिकार्ड में हेरफेर कराकर बेच दिया है। वक्फ सम्पत्ति मध्यप्रदेश राज्य राजपत्र के अंतर्गत 25.08.1989 से गजट नोटिफिकेशन में सम्पत्ति वक्फ की ही रहती है और गजट नोटिफिकेशन में भी वक्फ सम्पत्ति के रूप में क्रमांक 749 पर दर्ज है, ऐसी स्थिति में वक्फ सम्पत्ति को खुर्दबुर्द करना और वक्फ सम्पत्ति को कतिपय व्यक्तियों के नाम अंतरित करना अवैधानिक कृत्य माना जाता है। ऐसे अवैधानिक कृत्य की जांच की जाना अत्यन्त आवश्यक है कि उक्त वक्फ सम्पत्ति अन्यत्र कतिपय व्यक्तियों के नाम किस आधार पर किस आदेश से की गई है और कतिपय व्यक्तियों के विरूद्ध तत्काल कमेटी गठित कर इसकी जांच करवाई जाना आवश्यक है, ताकि सत्यता सामने आ सके। वक्फ सम्पत्ति को जो बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश से खुर्दबुर्द की गई है, और अंतरित की गई है, उसकी भी जांच की जाना अत्यन्त आवश्यक हैं। वर्तमान में वक्फ जमीनें बेशकीमती सम्पत्ति है, और वक्फ सम्पत्ति पर कतिपय व्यक्तियों द्वारा कब्जा जमाया है, जबकि उन्हें वक्फ सम्पत्ति पर कब्जा करने का अधिकार नहीं हैं, इसलिए कतिपय व्यक्तियों के विरूद्ध तत्काल कार्रवाई की जाकर वक्फ सम्पत्ति को मुक्त कराना आवश्यक है। जिसका कब्जा शीघ्र ही अंजुमन इस्लाम कमेटी मन्दसौर को दिलवाया जाना आवश्यक है।
इन भूमि सर्वे नंबरों की जांच की मांग
शिकायत में बताया कि कब्रिस्तान व दरगाह कंगन शाह वली कैलाश मार्ग, कस्बा मन्दसौर में सर्वे नम्बर 852 रकबा 0.042 है। सर्वे क्रमांक 853 रकबा 0. 021, 854 रकबा 0.021. 55 रकबा 0.021, 856 रकबा 0.021, 857 रकबा 0.010. 858 रकबा 0.010, 859 में से 1.509, 859 रकबा 0. 029, 859 में से रकबा 0.009, 859 रकबा 0.009, 859 रकबा 0.009, 859 रकबा 0.009, 859 में से 0.025 हैं। कुल रकबा 1.745 हैं व सर्वे नम्बर 861 रकबा 0.063, 862 रकबा 0.063 एवं सर्वे नम्बर 863 स्थित हैं। इनमें से कई वक्फ की भूमियों पर कब्जा किया जा रहा है। इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ड़ॉ. सनवर पटेल भोपाल, अध्यक्ष मानव अधिकार आयोग भोपाल, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग दिल्ली, मुख्य कार्यपालन अधिकारी वक्फ बोर्ड भोपाल, व एसडीएम मंदसौर को की गई है। जिसमें मांग की गई कि उक्त सर्वे नंबरों की जांच के लिए विधिवत कमेटी गठित करवाई जाना अत्यन्त आवश्यक हैं, ताकि संबंधित व्यक्तियों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जा सके।
वक्फ की कई संपत्तियों पर कब्जा है
मंदसौर वक्फ अंजुमन ए इस्लाम कमेटी अध्यक्ष मोहम्मद सादिक ने कहा कि वक्फ की संपत्तियों पर अवैध कब्जा किया है। कतिपय लोगों ने पटवारी से सांठगांठ कर कब्जा किया है, क्योंकि कब्जा की गई भूमि का पुराना राजस्व रिकार्ड अब भी वक्फ की भूमि दर्शा रहा है। वक्फ संपत्ति का रिकार्ड जिलास्तर पर राजस्व विभाग में उपलब्ध रहता है। उसी पुराने रिकार्ड अनुसार कलेक्टर से वक्फ संपत्ति की जांच करने की मांग की है ताकि अवैध कब्जे से भूमियों को मुक्त कराया जा सके और कतिपय कब्जा करने वालों पर कार्रवाई की जा सके।
-मोहम्मद सादिक -अध्यक्ष मंदसौर वक्फ अंजुमन ए इस्लाम कमेटी
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कनघट्टी में रासेयो शिविर के पंचम दिवस के अंतर्गत रासेयो स्वयंसेवकों ने गड्ढे खोदकर 21 पौधें लगाएं

स्कूल परिसर को स्वच्छ कर दिवालों की पुताई कर परिसर स्वच्छ किया========
सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा कैशलेस उपचार – “पीएम राहत” योजना शुरू
मंदसौर 24 फरवरी 26/ भारत सरकार द्वारा सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को त्वरित और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “पीएम राहत योजना” (सड़क दुर्घटना पीड़ितों का कैशलेस उपचार) प्रारंभ की गई है। इस योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को तत्काल कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जाएगी, ताकि समय पर चिकित्सा सहायता के अभाव में किसी भी व्यक्ति की जान न जाए।
भारत में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं, जिनमें से अनेक मामलों में समय पर उपचार मिलने से मृत्यु को टाला जा सकता है। अध्ययनों के अनुसार यदि दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना के पहले एक घंटे (गोल्डन आवर) के भीतर अस्पताल पहुंचा दिया जाए, तो लगभग 50 प्रतिशत मौतों को रोका जा सकता है।
योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल प्रत्येक पात्र व्यक्ति को दुर्घटना की तिथि से 7 दिनों तक प्रति व्यक्ति अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। जीवन को खतरा नहीं होने की स्थिति में अधिकतम 24 घंटे तथा गंभीर मामलों में अधिकतम 48 घंटे तक स्टेबलाइजेशन उपचार प्रदान किया जाएगा।
यह योजना आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ERSS) 112 हेल्पलाइन से एकीकृत है। सड़क दुर्घटना पीड़ित, राहगीर या दुर्घटना स्थल पर उपस्थित कोई भी व्यक्ति 112 नंबर डायल कर एम्बुलेंस सहायता प्राप्त कर सकता है तथा निकटतम नामित अस्पताल की जानकारी ले सकता है। इससे पुलिस, अस्पताल और आपातकालीन सेवाओं के बीच त्वरित समन्वय सुनिश्चित होगा।
योजना को तकनीक आधारित प्रणाली के माध्यम से लागू किया जा रहा है, जिसमें सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के ई-डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट (eDAR) प्लेटफॉर्म को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा गया है। इस डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से दुर्घटना की सूचना, अस्पताल में भर्ती, पुलिस प्रमाणीकरण, उपचार और भुगतान की पूरी प्रक्रिया सुगम और पारदर्शी होगी।
अस्पतालों को उपचार व्यय की प्रतिपूर्ति मोटर वाहन दुर्घटना कोष (MVAF) के माध्यम से की जाएगी। बीमित वाहनों से संबंधित मामलों में भुगतान बीमा कंपनियों के अंशदान से तथा बिना बीमा या हिट एंड रन मामलों में भुगतान भारत सरकार द्वारा किया जाएगा। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा स्वीकृत दावों का भुगतान 10 दिनों के भीतर किया जाएगा।
यह योजना सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे अनेक लोगों का जीवन बचाया जा सकेगा।
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समस्त वाहन संचालक अपने वाहनो के दस्तावेज शीघ्र दुरुस्त करवायें
सात दिन पश्चात परिवहन विभाग द्वारा कि जाएगी कार्यवाही
मंदसौर 24 फरवरी 26/ अतिरिक्त क्षैत्रीय परिवहन अधिकारी द्वारा बताया गया कि समस्त स्कूल संचालक, ऑटो रिक्शा संचालक एवं मार्ग परमिट पर संचालित यात्री बस संचालक आगामी सात दिवस के अंदर संचालित समस्त वाहनो के दस्तावेज जैसे परमिट, फिटनेस, बिमा, मोटरयान कर, एच.एस.आर.पी नम्बर प्लेट, पी.यु.सी. आदि को दुरुस्त करवाना सूनिश्चित करें। सूचना अवधि समाप्त होने के पश्चात् कार्यालय द्वारा विशेष चेकिंग अभियान चलाकर म.प्र. मोटरयान अधिनियम की धाराओ के अंतर्गत नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।
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1 मार्च को आलोट बनेगा युवा शक्ति का महाकुंभ!
अखिल भारतीय पोरवाल युवा संगठन का राष्ट्रीय/प्रदेश अधिवेशन भव्यता के साथ होगा आयोजित
मंदसौर से निकलेगा ऐतिहासिक काफिला, युवाओं में जबरदस्त उत्साह
मंदसौर/आलोट।
1 मार्च 2026, रविवार को नगर परिषद आलोट (म.प्र.) स्थित अंबेडकर भवन में अखिल भारतीय पोरवाल युवा संगठन का राष्ट्रीय/प्रदेश अधिवेशन ऐतिहासिक और भव्य स्वरूप में आयोजित होने जा रहा है। इस आयोजन को लेकर प्रदेशभर में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। मंदसौर से सैकड़ों युवाओं का विशाल काफिला आलोट के लिए रवाना होगा, जो कार्यक्रम की भव्यता को और बढ़ाएगा।
संगठन के संस्थापक राजेंद्र संघवी , संरक्षक गोविंद डबकरा,राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेन्द्र उदिया इस अधिवेशन को ऐतिहासिक बनाने के लिए दिन-रात तैयारियों में जुटे हैं। उनके साथ , राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष पवन मुण्या एवं मध्यप्रदेश प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र काला राजस्थान इकाई के प्रदेश अध्यक्ष अंकित रुद्राक्ष, गुजरात इकाई के प्रदेश अध्यक्ष पवन पोरवाल के नेतृत्व में आयोजन को भव्य और प्रभावी बनाने की रणनीति तैयार की गई है।
इन बड़े मुद्दों पर होगा मंथन
अधिवेशन में समाज और संगठन से जुड़े अहम विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी, जिनमें प्रमुख हैं—
अंतरजातीय विवाह से जुड़े नियमों में संगठन की भूमिका व समीक्षा
युवती संगठन के विस्तार हेतु विशेष सदस्यता अभियान
“संगठन विस्तार यात्रा–2026” की रूपरेखा
आगामी चुनावों में समाज की सहभागिता
सीतामऊ बैठक के निर्णयों की प्रगति रिपोर्ट
आगामी त्रैमासिक बैठक की तिथि व स्थान की घोषणा
संगठन पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक बैठक नहीं, बल्कि समाज के युवाओं को नई दिशा और मजबूत नेतृत्व देने का संकल्प है।
भव्य चल समारोह बनेगा आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 9:30 बजे आगमन से होगी। 10 बजे स्वल्पाहार के पश्चात पोरवाल धर्मशाला (जुना बाजार) से अंबेडकर भवन नगर परिषद आलोट तक विशाल चल समारोह निकाला जाएगा। इस शोभायात्रा में युवा शक्ति, महिला प्रकोष्ठ एवं वरिष्ठजन बड़ी संख्या में भाग लेकर एकता और संगठन शक्ति का परिचय देंगे।दोपहर 12:15 बजे से औपचारिक अधिवेशन प्रारंभ होगा।
अखिल भारतीय पोरवाल युवा संगठन ने समाज के समस्त पदाधिकारियों, युवाओं एवं गणमान्यजनों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक अधिवेशन को सफल बनाने का आह्वान किया है।
संगठन को विश्वास है कि यह राष्ट्रीय/प्रदेश अधिवेशन समाज की एकजुटता, संगठनात्मक मजबूती और भविष्य की ठोस रणनीति तय करने में मील का पत्थर सिद्ध होगा। यह जानकारी राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी राहुल वेद द्वारा प्रदान की गई।
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मध्यप्रदेश कृषि उत्पादन में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
खाद्यान्न, दलहन और तिलहन उत्पादन में अग्रणी स्थान
मंदसौर 24 फरवरी 26 / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने कृषि उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज की है। केंद्र सरकार द्वारा जारी आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार राज्य खाद्यान्न, दलहन तथ तिलहन फसलों के उत्पादन में शीर्ष तीन राज्यों में शामिल रहा है। मध्यप्रदेश ने कुल खाद्यान्न उत्पादन में 46.63 मिलियन टन उत्पादन के साथ देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया, जो राष्ट्रीय उत्पादन का लगभग 13.04 प्रतिशत है। राज्य कुल दलहन फसल उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर हैं। तिलहन फसलों के उत्पादन में देश में दूसरा स्थान हासिल किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कृषकों की आय को बढ़ाने एवं उनके समग्र कल्याण के उद्देश्य से वर्ष 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है।
खाद्यान्न उत्पादन में देश में दूसरा स्थान
गेहूं उत्पादन में राज्य ने 24.51 मिलियन टन उत्पादन किया और लगभग 20.78 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ देश में दूसरा स्थान हासिल किया। राज्य मक्का उत्पादन में भी अग्रणी रहा, 6.64 मिलियन टन उत्पादन के साथ मध्यप्रदेश का राष्ट्रीय हिस्सेदारी में लगभग 15.30 प्रतिशत योगदान रहा, जिससे यह देश का प्रमुख उत्पादक राज्य बना। मोटे अनाज (न्यूट्री/कोर्स सीरियल्स) के उत्पादन में भी राज्य ने 7.78 मिलियन टन उत्पादन करते हुए लगभग 12.17 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज की और देश में तृतीय स्थान हासिल किया।
दलहन उत्पादन शीर्ष स्थान बरक़रार
दलहन क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल दलहन उत्पादन में 5.24 मिलियन टन उत्पादन किया और 20.40 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ देश में पहला स्थान प्राप्त किया। चना उत्पादन में राज्य 2.11 मिलियन टन उत्पादन और लगभग 19.01 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ शीर्ष तीन राज्यों में दूसरे स्थान पर रहा।
तिलहन फसलों के उत्पादन में देश में अग्रणी राज्य
तिलहन क्षेत्र में भी राज्य की स्थिति मजबूत रही। कुल तिलहन उत्पादन में मध्यप्रदेश ने 8.25 मिलियन टन उत्पादन करते हुए लगभग 19.19 प्रतिशत राष्ट्रीय हिस्सेदारी दर्ज की एवं देश से दूसरा स्थान हासिल किया। विशेष रूप से सोयाबीन उत्पादन में राज्य ने 5.38 मिलियन टन उत्पादन किया, जो देश के कुल उत्पादन का लगभग 35.27 प्रतिशत है और इसे देश के प्रमुख सोयाबीन उत्पादक राज्यों में स्थापित करता है। राज्य में मूंगफली का उत्पादन 1.55 मिलियन टन रहा जो कि देश के कुल उत्पादन का 12.99 प्रतिशत रहा। मूंगफली उत्पादन में राज्य देश में तीसरे स्थान पर है।
मध्यप्रदेश में केंद्र एवं राज्य सरकार की कृषि विकास योजनाओं रासायनिक उर्वरकों का वितरण, पौध संरक्षण कार्यक्रम, मांग आधारित कृषि के लिए फसलों का विविधीकरण, एक जिला-एक उत्पाद योजना, मध्यप्रदेश राज्य मिलेट मिशन, कृषि उत्पादक संगठनों का गठन एवं संवर्धन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, भावांतर भुगतान, रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना आदि का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया। परिणामस्वरूप राज्य को कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की है। कुल उत्पादन में वृद्धि हुई है। कृषि आधारित नीतियों के परिणाम स्वरूप मध्यप्रदेश देश की कृषि अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण राज्य के रूप में स्थापित है।
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