समाचार मध्यप्रदेश नीमच 24 फरवरी 2026 मंगलवार

समर्थन मूल्य पर फसल चना एवं मसूर उपज उपार्जन के लिये किसान पंजीयन शुरू
रबी वर्ष 2025-26 (विपणन वर्ष 2026-27) में समर्थन मूल्य पर चना एवं मसूर के उपार्जन के लिये पंजीयन दिनांक-20 फरवरी 2026 से 16 मार्च 2026 तक खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के ई-उपार्जन पोर्टल www.mpeuparjan.nic.in पर पंजीयन करा सकते है।
कृषक स्वयं के मोबाईल से निर्धारित लिंक www.mpeuparjan.nic.in पर, एम.पी. ऑनलाईन, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र या अपनी नजदीकी पंजीयन केंद्र (सहकारी समिति) पर जाकर पंजीयन कराएं। पंजीयन हेतु आवश्यक दस्तावेज- भूमि संबंधित दस्तावेज-बी-1/पावती, किसान का आधार कार्ड, बैंक खाते से पंजीकृत मोबाईल नंबर, बैंक पासबुक एवं अन्य फोटो पहचान पत्र तथा सिकमीधारी/बटाईदार एवं वन पट्टाधारी अपने नजदीकी पंजीयन केंद्र (सहकारी समिति) पर जाकर दिनांक- 16 मार्च 2026 से पूर्व पंजीयन कराएं।
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आहरण संवितरण अधिकारियों, लेखाकर्मियों का एस.एन.ए.स्पर्श संबंधी प्रशिक्षण सम्पन्न
नीमच 23 फरवरी 2026 , आयुक्त कोष एवं लेखा म.प्र.एवं कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में जिला कोषालय नीमच द्वारा सोमवार को ई-दक्ष केंद्र नीमच में जिले के सभी विभागों के आहरण संवितरण अधिकारियों, लेखा कर्मचारियों का एस.एन.ए.स्पर्श से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला कोषालय अधिकारी श्री बी.एम.सुरावत ने आहरण संवितरण अधिकारियों को एस.एन.ए.स्पर्श के संबंध में की जाने वाली कार्यवाहियों के बारे में विस्तार से अवगत कराया।
इस प्रशिक्षण में टी.ओ. श्री बी.एम. सुरावत ने बताया कि समग्र मेंपिग का कार्य में अगर कोई समस्या आ रही है तो मय कारण के तत्काल जिला कोषालय को अवगत कराए । सभी शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों के एरियर्स बिल, टी.ए बिल मेडिकल बिल पर विभिन्न विभाग के नियंत्रण अधिकारी के हस्ताक्षर कर, मूल प्रति अवश्य लगाए एवं राहत राशि भुगतान के बिलों पर हस्ताक्षर करवाकर ही कोषालय में प्रस्तुत किए जाए। ई-पेमेंट फैल की स्थिति में बिल एक माह के भीतर ही वापस लगाए। इस मौके पर जिला कोषालय के श्री राजू मेहर , श्री धनराज तंवर भी उपस्थित थे।
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कृषि बजट म.प्र. को कृषि क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री जी के संकल्प का प्रतिबिंब है।
मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए 5,500 करोड़ की राशि
नीमच 23 फरवरी 2026, प्रदेश का कृषि बजट म.प्र.को कृषि के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव जी के संकल्प का प्रतिबिंब है। यह बजट समृद्ध म.प्र.@2047 दृष्टीपत्र की भावना से प्रेरित एक दीर्घकालिक रोडमैप का हिस्सा है। कृषि बजट केवल वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए नहीं है। बल्कि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने और अवसरों का लाभ उठाने के लिए भी हैं। कृषि क्षेत्र के सतत विकास के लिए बजट 2026-27 में प्रदेश सरकार द्वारा विशेष प्रावधान किए गये है। मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए 5500 करोड, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 1299 करोड, ब्याज मुक्त अल्पकालीन कृषि ऋण के लिए 720 करोड़ एवं कृषि उपभोक्ताओं को विद्युत बिल में राहत दने के लिए 20485 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है।
कृषकों के लिए सुरक्षा चक्र की स्थापना- 13 हजार 769 करोड़ की राशि
कृषि को भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। किसान मछुआरे और पशुपालक कृषि की वृद्धिगाथा में महत्वपूर्ण योगदान कर रहे हैं। कृषकों को आय सुरक्षा एवं जोखिम प्रबंधन के लिए प्रधानमंत्री कृषक सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, फसल बीमा योजना तथा एसडीआरएफ के तहत राहत राशि के प्रावधान भी बजट में किया गया हैं। वन्य जीवों द्वारा फसल क्षति की स्थिति में भी राहत राशि उपलब्ध कराई जावेगी। यह सुरक्षा चक्र किसानों को आत्मविश्वास एवं संबल प्रदान करेंगा। कृषकों के लिए सुरक्षा चक्र के अंतर्गत वर्ष 2026-27 के लिए 13 हजार 769 करोड का प्रावधान बजट में किया गया हैं।
आदान व्यवस्था का सुदृढीकरण पर विशेष फोकस
प्रदेश के बजट में कृषि आदान व्यवस्था के सुदृढीकरण के लिए सम्बद्ध विभिन्न गतिविधियों के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 64 हजार 995 करोड का प्रावधान किया गया है। म.प्र.में एक मजबूत कृषि वित्त प्रणाली है। वर्ष 2024-25 में कुल ऋणों में कृषि 274 का हिस्सा 30 प्रतिशत है। जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। प्रदेश में लगभग 74 लाख किसान क्रेडिट कार्ड, पशुपालन एवं मछुआ केडिट कार्ड पर शून्य ब्याज पर अल्कालिक ऋण सुविधा प्रदान की जा रही हैं, जो कि एक क्रांतिकारी कदम हैं।
उपज का बेहतर मूल्य
किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2026-27 के लिए 8091 करोड़ का प्रावधान किया गया हैं। रबी 24-25 में प्रदेश में 48.38 लाख मेट्रीक टन गेहूं उपार्जन किया गया, जिसकी कीमत 2400 रूपये प्रति क्विंटल थी, इसमें 125 रूपये प्रति क्विंटल का बोनस भी शामिल हैं।
कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि के लिए 28158 करोड़ का प्रावधान
प्रदेश में भू-जल संरक्षण कार्यो, सिंचाई के लिए विद्युत आपूर्ति के निश्चित समय कृषि फीडर एवं नवीन द्वारा फामरों की स्थापना, सौर ऊर्जा पम्पों का प्रावधान एवं लघु सिंचाई उपकराणों की उपलब्धता से किसानों की उत्पादन क्षमता बढाने में सहुलियत हुई हैं। सरकारी योजनाओं को पारदर्शी बनाने, ऋण तक असान पहुच और स्मार्ट कृषि को बढ़ावा देने उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि से संबद्ध गतिविधियों के लिए वर्ष 26-27 में 28, 158 करोड का प्रावधान किया गया हैं।
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वाहनों पर ब्लेक फिल्म पाए जाने पर सख्त कार्यवाही की जाए-श्री चंद्रा
हेलमेट उपयोग के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए
जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न
नीमच 23 फरवरी 2026, जिले में वाहनों पर काली फिल्म लगाकर वाहन उपयोग करने वालों के विरूद्ध अभियान चलाकर सख्त कार्यवाही की जाए। हेलमेट का उपयोग नहीं करने वाले, दो पहिया वाहन चालकों के विरूद्ध चालानी कार्यवाही की जाए। सभी शासकीय सेवक, वाहन चलाते समय हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के विरूद्ध भी कार्यवाही निरंतर जारी रहे। यह निर्देश कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष नीमच में आयोजित जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में परिवहन अधिकारी एवं यातायात थाना प्रभारी को दिए गये। बैठक में एसपी श्री अंकित जायसवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नवल सिह सिसोदिया, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण श्री अमित नार्गेश, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.दिेनेश प्रसाद सहित अन्य जिला अधिकारी एवं समिति की सदस्यगण उपस्थित थे।
बैठक में बताया गया, कि परिवहन विभाग द्वारा एक माह में ओव्हरलोड बस एवं ट्रकों पर 65 हजार रूपये की चालानी की गई है। इसके अलावा 145 चालानी कार्यवाही, पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से भी की गई है। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निजी एम्बुलेंस वाहनों का पंजीयन करने और जानकारी संकलित कर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए। एमपीआरडीसी को हाईवे पर सडकों के शोल्डर्स पर अवैध अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माणाधीन पुल, पुलियाओं, सडकों के निर्माण स्थल पर डायसवर्सन, बोर्ड, रिप्लेक्टर संकेतक अनिवार्य रूप से लगवाने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गये।
बैठक में कलेक्टर ने सगराना घाटी पर गति सीमा, दुर्घटना संभावित क्षेत्र के संकेतक बोर्ड लगवाने और ब्लिंकर लगाने रेडियम पट्टी, स्पीड ब्रेकर पर मार्किंग करवाने के निर्देश भी एम.पी.आर.डी.सी. को दिए हैं।
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जनगणना जनकल्याण का आधार है-श्री चंद्रा
कलेक्टर ने किया नीमच में दो दिवसीय जनगणना प्रशिक्षण का शुभारंभ
नागरिकों को अपना जनगणना डेटा स्वयं ऑनलाईन भरने की मिलेगी सुविधा
नीमच 23 फरवरी 2026, भारत सरकार के जनगणना कार्य निदेशालय के निर्देशानुसार जनगणना 2027 के सफल क्रियान्वयन हेतु नियुक्त चार्ज अधिकारियों का दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण जिला पंचायत सभागार में प्रारंभ हुआ। यह प्रशिक्षण 23 एवं 24 फरवरी 2026 को दो दिवस आयोजित हो रहा है। इस मौके पर कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा, जिला पंचाययत सीईओ श्री अमन वैष्णव, एडीएम श्री बी.एस.कलेश, सभी एसडीएम, तहसीलदार, सीएमओ उपस्थित थे।
प्रशिक्षण में सभी एसडीएम, तहसीलदार, नगरपालिका एवं नगरपरिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों तथा जनगणना लिपिकों ने सहभागिता की। जनगणना के नोडल अधिकारी श्री अभिषेक सिंह ठाकुर एवं श्री संदीप सिह ने प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण के दौरान अवगत कराया गया, कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 01 से 30 मई 2026 की अवधि में संपन्न किया जाएगा। इसके लिए नगरीय एवं ग्रामीण स्तर पर चार्ज अधिकारियों की नियुक्ति की जा चुकी हैं।
प्रथम चरण में मकान सूचीकरण कार्य के अंतर्गत प्रत्येक भवन का सर्वेक्षण किया जाएगा। सुपरवाइजर के निर्देशन में प्रगणक घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। प्रशिक्षण में यह भी स्पष्ट किया गया कि सूचीकरण कार्य सावधानी एवं पारदर्शिता के साथ किया जाए।
इस बार जनगणना कार्य में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा हैं। आंकड़ों का संग्रह मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक गणना ब्लॉक की सीमा को जीपीएस तकनीक से कैप्चर किया जाएगा। समस्त कार्य की रियल टाइम मॉनिटरिंग Census Management and Monitoring System (CMMS) पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। जिला स्तर पर चार्ज स्तरीय एडमिन आईडी तैयार कर फिल्ड ट्रेनर्स एवं मास्टर ट्रेनर्स की जानकारी पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही विभिन्न चरणों की प्रगति की नियमित समीक्षा भी की जाएगी।
निवासियों को स्व-गणना की सुविधा
जनगणना 2027 में नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से एक स्व-गणना वेब पोर्टल विकसित किया गया है। Self Enumeration Web Portal के माध्यम से निवासी स्वयं ऑनलाइन अपना जनगणना डेटा भर सकेंगे। इससे आंकड़ों की सटीकता में सुधार होगा, प्रगणकों का कार्यभार कम होगा तथा डिजिटल डेटा संग्रह प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनेगी।
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से जनगणना कार्य को पूर्ण जिम्मेदारी एवं गंभीरता के साथ संपन्न करने का आह्वान किया हैं।
प्रारंभ में कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने दीप प्रज्जवलन कर चार्ज अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होने जनगणना प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा, कि जनगणना एक महत्वपूर्ण कार्य है। जनगणना जनकल्याण का आधार है।
प्रारंभ में डिप्टी कलेक्टर श्री पराग जैन एसडीएम श्री संजीव साहू ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम की रूपरेखा पर एडीएम श्री बी.एस.कलेश ने प्रकाश डाला।
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संकल्प से समाधान अभियान
दिव्यांगता की पहचान कर प्रमाण पत्र जारी करने नीमच में शिविर संपन्न
शिविर में 129 दिव्यांगजन लाभान्वित
नीमच 23 फरवरी 2026, प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के निर्देशानुसार प्रदेश एवं जिले में संकल्प से समाधान अभियान आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत कलेक्टर श्री हिमांशु चन्द्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव के मार्गदर्शन में सोमवार को रेडक्रास नीमच में निशक्तजनों की पहचान कर उन्हें निशक्तता प्रमाण पत्र जारी करने के लिए शिविर आयोजित किया गया। दिव्यांग बच्चों की शीघ्र पहचान कर त्वरित दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करने हेतु जिले में विभिन्नि विभागों महिला एवं बाल विकास विभाग, स्कुल शिक्षा विभाग, जनजातिय कार्य,पंचायत एवं ग्रामीण विकास,आयुष, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, परिवहन विभाग के सहयोग से आयोजित विशेष शिविर में 129 दिव्यांगजनों ने पंजीयन करवाकर, लाभ उठाया।
उपसंचालक सामाजिक न्याय श्री पराग जैन ने बताया, कि इस शिविर में कुल 129 दिव्यांग जनों ने पजीयन करवाया। इसमें अस्स्थि बाधित 29, तंत्रिका तंत्र के 6, मानसिक दिव्यांग 8 ,दृष्टि बाधित 2, दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए 45, रेल्वे प्रमाण पत्र के लिए 18, एवं बल यात्रा पास के 38 दिव्यांग जनों को चयनित कर लाभान्वित किया गया
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अपहरण कर मारपीट करने वालें दो आरोपी को 03-03 वर्ष का सश्रम कारावास
मनासा। द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आषुतोष यादव, मनासा, जिला-नीमच द्वारा झगड़े के रूपयों के कारण अपहरण कर उसके साथ मारपीट करने वाले दो आरोपीगण (1) अमरसिंह पिता रोड़ीलाल बंजारा,उम्र-34 वर्ष, निवासी ग्राम बुज, तहसील रामपुरा जिला नीमच एवं (2) कमलाशंकर पिता भेरूलाल भोई, उम्र-41 वर्ष, निवासी भोई मोहल्ला, आदर्श गली तहसील रामपुरा, जिला नीमच को धारा 365 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 03-03 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000-1000रूपये अर्थदण्ड, धारा 342 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 06-06 माह के सश्रम कारावास एवं 500-500रूपये अर्थदण्ड एवं धारा 323 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 03-03 माह के सश्रम कारावास एवं 500-500रूपये अर्थदण्ड धारा से दण्डित किया गया।
अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी रितेष कुमार सोमपुरा द्वारा घटना की जानकारी देते हुुए बताया कि घटना लगभग 5 वर्ष पूर्व की होकर दिनांक 28.02.2021 की शाम के लगभग 04 बजे ग्राम तलाउ नदी के पास, महादेव मंदिर आमरोड़ थाना कुकड़ेश्वर की हैं। फरियादी अमरसिंह उसके साथी गोपाल बंजारा ने थाना कुकड़ेश्वर में रिपोर्ट लिखाई की वह तथा उसका दोस्त गोपाल एवं इंदरसिंह बंजारा तीनों मोटरसाईकिल से ग्राम गोपालपुरा जा रहे थे, कि रास्तें में वह महादेव मंदिर के पास वे गाड़ी खड़ी करके बातचीत कर रहे थे, तभी सफेद रंग की बोलेरो गाड़ी में आरोपीगण आये जिसमें इंदरसिंह का साला आरोपी अमरसिंह भी था वह सभी गाड़ी से उतरे व इंदरसिंह बंजारा को जबरजस्ती गाडी में बैठाकर उसका अपहरण करके ले गये। इंदरसिंह एवं उसके साले के बीच झगड़े के रूपयें को लेकर पारिवारिक विवाद चल रहा हैं। आरोपीगण इंदरसिंह का अपहरण कर इसी विवाद के कारण उसके साथ मारपीट भी की गई। फरियादी की रिपोर्ट पर से प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध कर विवेचना के दौरान इंदरसिंह को दस्तयाब किया गया तथा आरोपीगण को गिरफ्तार किया जाकर आवष्यक अनुसंधान उपरांत अभियोग-पत्र मनासा न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान ही एक आरोपी सद्दा बंजारा की मृत्यु हो जाने से शेष आरोपीगण के विरूद्ध विचारण के उपरांत यह निर्णय पारित किया गया।
विचारण के दौरान अभियोजन की और से ए.जी.पी. श्री गुलाबसिंह चंद्रावत द्वारा सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान कराकर आरोपीगण के विरूद्ध अपराध को प्रमाणित कराते हुवे उसकों कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया, जिस पर से माननीय न्यायालय द्वारा आरोपीगण कोे उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी ए.जी.पी. श्री गुलाबसिंह चंद्रावत द्वारा की गई।
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किसानों को लाभान्वित करने हम खेत से बाज़ार तक तैयार कर रहे पूरी श्रृंखला : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कृषि में शोध बढ़ायेंगे, मंडी निर्यात नीति भी लायेंगे
सरसों को भी लायेंगे भावांतर के योजना में
दलहन-तिलहन, औषधीय और मसाला फसलों का भी बढ़ा रहे उत्पादन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी से ग्वालियर के कृषि मंथन में कृषि वैज्ञानिकों को दिया संदेश
नीमच 23 फरवरी 2026, मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा है, कि किसान हमारे प्रदेश की अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ हैं। इनके अथक परिश्रम से ही हमारे बाजार गुलजार है। हम वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। यह वर्ष प्रदेश के इतिहास में किसानों के हित और समग्र कल्याण के मामले में मील का पत्थर साबित होगा।उन्होंने कहा कि यह वर्ष ‘खेत से लेकर कारखाने तक और बाग से लेकर बाजार तक’ की पूरी मूल्य संवर्धन श्रृंखला को एक सूत्र में जोड़ेगा। इस वर्ष हम क़ृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और इनमें वैल्यू एडिशन के लिए अधिकाधिक रोजगार आधारित उद्योगों के विकास, उन्नत किस्म के बीजोत्पादन, पशुपालन, दुग्धोत्पादन, मत्स्योत्पादन में वृद्धि सहित हर वो कदम उठाएंगे, जिनसे खेती और अन्नदाताओं का विकास हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास से कृषि विश्वविद्यालय परिसर, ग्वालियर में हो रहे ‘कृषि मंथन एवं कृषि प्रौद्योगिकी मेला 2026’ को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने प्रदेश में राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना संबंधी कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में तेज़ी से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। हमारी सरकार प्रदेश में औषधीय और मसाला फसलों का उत्पादन बढ़ाने के सभी प्रयास कर रही है। हम जल्द ही कृषि उत्पादन निर्यात नीति लाने वाले हैं। हम कृषि में शोध कार्य भी बढ़ायेंगे। उन्होंने कहा कि हम खेती-किसानी और फल-फूलों की खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए कोई कसर नहीं रखेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा, कि इस कृषि मंथन से जो अमृत निकलेगा, वह हमें किसानो के कल्याण के लिये प्रभावी और कारगर कदम उठाने में सहायक होगा। ‘कृषि मंथन’ राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् (आईसीएआर) नई दिल्ली और कृषि विभाग, म.प्र. शासन के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश” की थीम पर हो रहा कृषि मंथन निश्चित ही किसानों को खेती में जरूरी सुधार और बदलाव लाने में मदद करेगा।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आधुनिक कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य क्षेत्रों में मूल्य-श्रृंखला विकास, प्रोसेसिंग, तकनीक अपनाने और ग्रामीण युवाओं की उद्यमिता को बढ़ावा देकर व्यापक रोजगार सृजन करने पर फोकस कर रही है। तकनीकी नवाचार, विविधीकरण और नीतिगत समर्थन से इन क्षेत्रों में न केवल उत्पादकता बढ़ाई जा सकेगी, बल्कि विपणन एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में बाजार अनुरूप लाभकारी व्यवस्था कृषकों के लिए निर्मित होगी। हम कृषि के अलावा उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं सहकारिता क्षेत्र में भी नई सोच से आगे बढ़ रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज कृषि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते जोखिमों का सामना कर रही है। इस मंथन में देश के विभिन्न कृषि संस्थानों के वरिष्ठ वैज्ञानिक विचार मंथन कर नई तकनीकों के विकास की राह प्रशस्त करेंगे।
वीडियो काँफ्रेंसिंग में सचिव कृषि एवं किसान कल्याण विभाग श्री निशांत वरवड़े, सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसम्पर्क श्री मनीष सिंह ने भोपाल से सहभागिता की। यूनिवर्सिटी परिसर में हो रहे इस कृषि मंथन में कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलगुरू प्रो. (डॉ.) अरविंद कुमार शुक्ला, आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या के कुलपति डा. ब्रजेन्द्र सिंह, यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज, धारवाड़, कर्नाटक के कुलपति डॉ. पी.एल पाटिल, भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम, मेरठ के निदेशक डॉ. सुनील कुमार, देश के विभिन्न कृषि संस्थानों से आये वैज्ञानिक, आईसीएआर के पदाधिकारी सहित कृषि अधिकारी भी उपस्थित थे।
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