समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 20 फरवरी 2026 शुक्रवार

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जनगणना कार्य के लिए नगरीय निकाय के चार्ज अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरु
20 फरवरी को भी नगरीय निकाय के जनगणना अधिकारियों का होगा प्रशिक्षण
मंदसौर 19 फरवरी 26/ मंदसौर जिले में भारत की जनगणना 2027 के सफल संचालन एवं पर्यवेक्षण हेतु जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आज तीसरा दिवस है। तीसरे दिवस में नगरीय चार्ज अधिकारियों को कलेक्टर कार्यालय सभागार में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जिसमें नगर पालिका, नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी, एक जनगणना लिपिक को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जनगणना के नोडल अधिकारी श्री अभिषेक सिंह ठाकुर एवं श्री अशोक चौबे द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि आगामी जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 01 मई 2026 से 30 मई 2026 की अवधि में किया जाएगा। जनगणना 2027 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नगरीय एवं ग्रामीण स्तर पर चार्ज अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इन्हें जिला स्तर पर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
आगामी 20 फरवरी 2026 को भी प्रातः 10:30 बजे से सायं 5:00 बजे तक कलेक्टर कार्यालय सभागार में नगरीय निकाय के जनगणना अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
जनगणना कार्य निदेशालय के माध्यम से जनगणना 2027 के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण का कार्य होना है। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि जनगणना कार्य के पहले चरण में मकान सूचीकरण का कार्य किया जाएगा। जनगणना कार्य के पहले चरण में होने वाले मकान सूचीकरण कार्य के दौरान किन भवनों का सूचीकरण किया जाना है, इसको लेकर जानकारी दी। इस दौरान बताया गया कि सुपरवाइजर और प्रगणक मकान सूचीकरण का कार्य सावधानी पूर्वक करेंगे। इस बार जनगणना आंकडों के संग्रह में डिजिटल तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। जिससे त्वरित रूप से डिजिटाइज्ड आंकडें उपलब्ध हो पाएंगे और समय सीमा में आंकडों का प्रकाशन किया जा सकेगा। जनगणना 2027 में आंकड़ों का संग्रह मोबाईल ऐप के माध्यम से किया जाएगा। इस ऐप की सहायता से प्रत्येक गणना ब्लाक की निर्धारित सीमा को जीपीएस की सहायता से केप्चर किया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि प्रशिक्षण लेने वाले अधिकारी ही फिल्ड में कार्य करेंगे। डेटा संग्रहण और जांच की प्रक्रिया के लिए प्रगणक घर-घर जाकर सत्यापन का कार्य करेंगे। सुपरवाइजर के अंडर में प्रगणक कार्य करेंगे जिन्हें 700-800 आबादी वाले मकानों का क्षेत्र दिया जाएगा। पहले चरण में मकान सूचीकरण का कार्य मई में प्रारंभ होगा। प्रशिक्षण में विशेषज्ञों के माध्यम से बताया गया कि जनगणना के समस्त कार्य की रियल टाईम मॉनीटरिंग CMMS( CENSUS MANAGEMENT AND MONITORING SYSTEM) पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। जिला स्तर पर CMMS पोर्टल पर चार्ज स्तरीय एडमीन आईडी क्रिएट करेंगे। चार्ज कार्यालय द्वारा नामित फिल्ड ट्रेनर्स के विवरणों को CMMS पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। जिला स्तरीय प्रशिक्षण के लिए पोर्टल में जिले के मास्टर ट्रेनर्स को नामित करने के साथ ही जनगणना के विभिन्न चरणों के फिल्ड कार्य के दौरान पोर्टल पर प्रगति का अवलोकन एवं समीक्षा की जाएगी।
निवासियों को अपना जनगणना डेटा स्वयं ऑनलाईन भरने की सुविधा
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि जनगणना के लिए निवासियों को अपना जनगणना डेटा स्वयं ऑनलाईन भरने की सुविधा प्रदान करने के लिए एक स्व- गणना वेब पोर्टल(SELF ENUMERATION WEB PORTAL) विकसित किया है। इससे डेटा की सटिकता से सुधार होगा, प्रगणकों का कार्य प्रभार कम होगा और डिजिटल डेटा संग्रह प्रक्रिया सुव्यवस्थित होगी। फोटो संलग्न
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खेतों में नरवाई जलाने पर होगी दंडात्मक कार्यवाही
कलेक्टर श्रीमती गर्ग ने किया प्रतिबंधात्मक आदेश जारी
मंदसौर 19 फरवरी 26/ कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती अदिती गर्ग ने जिले में नरवाई जलाने पर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। फसल कटाई के दौरान नरवाई में आग लगाने से कृषि एवं पर्यावरण को गंभीर हानि पहुँच सकती है तथा आगजनी और जनहानि की संभावना भी बढ़ जाती है।
जिला मन्दसौर में अधिकांश गेंहू की फसल कटाई कंबाईन हॉर्वेस्टर सिस्टम द्वारा की जा रही है। राष्ट्रीय फसल अवशेष प्रबंधन नीति 2014 के अंतर्गत अवशेष प्रबंधन सुनिश्चित करने हेतु जिला स्तरीय प्रबंध बनाये गए हैं।
मुख्य निर्देश एवं आदेश
फसल कटाई में कंबाईन हॉर्वेस्टर के साथ स्ट्रॉ मेनेजमेंट सिस्टम का उपयोग अनिवार्य होगा। कृषक जो नरवाई से भूसा प्राप्त करना चाहते हैं, उनके लिए स्ट्रॉ रिपर का उपयोग किया जा सकता है। फसल कटाई के बाद नरवाई को खेत में ही मल्वर या रोट वेटर से नष्ट किया जाए ताकि वह जैविक कार्बन के रूप में मिट्टी में परिवर्तित हो सके। रिपर एवं रिपर-कंबाईन्डर का उपयोग खेत की सतह को साफ रखने और नरवाई प्रबंधन को आसान बनाने के लिए प्राथमिकता दी जाए। खेत में नरवाई जलाने से मिट्टी के लाभकारी सूक्ष्मजीव और जैविक कार्बन नष्ट हो जाते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है।
अपराध पर दंडात्मक प्रावधान
खेत में नरवाई जलाने की घटना होने पर कृषकों के लिए दंड निर्धारित किया गया है। जिन कृषकों की भूमि दो एकड़ से कम है, उन पर प्रत्येक घटना के लिए ₹2,500 का अर्थदंड लगाया जाएगा। जिनकी भूमि दो से पांच एकड़ के बीच है, उन पर प्रति घटना ₹5,000 का जुर्माना होगा। वहीं, पाँच एकड़ से अधिक भूमि वाले कृषकों के लिए प्रति घटना ₹15,000 का अर्थदंड निर्धारित किया गया है।
यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत पारित किया गया है और तत्काल प्रभाव से लागू होगा। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडनीय कार्रवाई की जाएगी।
किसी भी व्यक्ति को इस आदेश से आपत्ति होने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (5) के तहत अपना पक्ष या आवेदन कृषि विभाग मन्दसौर में प्रस्तुत करने का अधिकार है।
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जिला स्तरीय युवा संगम मेले का आयोजन 25 फरवरी को गरोठ में
युवाओं को रोजगार एवं व्यवसाय लोन प्रक्रिया की दी जाएगी जानकारी
मंदसौर 19 फरवरी 26/ जिला रोजगार अधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि म.प्र. शासन के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग तथा तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग, मंत्रालय भोपाल के निर्देशानुसार दिनांक 25 फरवरी 2026 को प्रातः 10:30 बजे से शासकीय एस.एन. उदिया महाविद्यालय परिसर, गरोठ, जिला मंदसौर में जिला स्तरीय युवा संगम मेले का आयोजन किया जाएगा।
इस युवा संगम मेले के माध्यम से जिले के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। मेले में निजी क्षेत्र के विभिन्न नियोजकों द्वारा आवेदकों का प्रारंभिक चयन किया जाएगा।
साथ ही, जिला रोजगार कार्यालय मंदसौर द्वारा युवाओं को कैरियर मार्गदर्शन एवं परामर्श प्रदान किया जाएगा। रोजगार मेले के दौरान युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने हेतु व्यवसाय प्रारंभ करने की लोन प्रक्रिया एवं संबंधित योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी जाएगी।
जिला प्रशासन ने जिले के अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं से अपील की है कि वे इस मेले में उपस्थित होकर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों का लाभ उठाएं
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21 फरवरी को प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी मंदसौर दौरा कार्यक्रम
मंदसौर। मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रीना बौरासी जी दिनांक 21 फरवरी 2026 को दोपहर 3:30 बजे जिला कांग्रेस कार्यालय मंदसौर पर पत्रकार वार्ता को संबोधित कर शाम 4 बजे आयोजित जिला महिला कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक में भाग लेगी।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री महेन्द्र सिंह जी गुर्जर सहित वरिष्ठ नेतागण विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
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मुश्किल को मुमकिन”और असंभव को संभव” बनायेगी मप्र सरकार : उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिये 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ का बजट पेश
कमजोर वर्गों को अंतिम पंक्ति से प्रथम पंक्ति में लाने का संकल्प दोहराया
मंदसौर 19 फरवरी 26 / उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार निर्धन एवं कमजोर वर्गों को अंतिम पंक्ति से प्रथम पंक्ति में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जनता के साथ मिलकर सरकार ”संकट को समाधान” में, ”मुश्किल को मुमकिन” में और ”असंभव को संभव” में बदल देगी। उन्होने कहा कि गरीब, युवा, अन्नदाता तथा नारी को केन्द्र में रखकर प्रारंभ की गई यात्रा को और अधिक सार्थक व परिणामजनक बनाने के लिए क्रमश: “आई” फॉर इंडस्ट्रियलाइजेशन एवं “आई” फॉर इंफ्रास्ट्रक्चर को भी शामिल किया है, जिससे ज्ञान (GYAN) से प्रारंभ यात्रा का अगला पड़ाव ‘ज्ञानी’ (GYANII) के स्वरूप में लक्षित है। इसी इसी विचार को बजट का आधार बनाया गया है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने बुधवार को विधानसभा में मध्यप्रदेश के वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत कर यह बात कही।
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट में कुल विनियोग की राशि 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ है। वर्ष के अंत में राजस्व आधिक्य रहना अनुमानित है। पूंजीगत परिव्यय राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 4.80 प्रतिशत अनुमानित है।
बजट 2026-27
बजट का आकार | 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ |
कुल राजस्व प्राप्तियां | 3 लाख 8 हजार 703 करोड़ |
राज्य कर एवं करेत्तर राजस्व | 1 लाख 42 हजार 61 करोड़ |
केंद्रीय करों में हिस्सा | 1 लाख 12 हजार 137 करोड़ |
केन्द्र से सहायता अनुदान | 54 हजार 504 करोड़ |
पूंजीगत प्राप्तियां | 80 हजार 694 करोड़ |
कुल राजस्व व्यय | 3 लाख 8 हजार 658 करोड़ |
पूंजीगत परिव्यय | 80 हजार 266 करोड़ |
राजस्व आधिक्य | 44 करोड़ |
राजकोषीय घाटा | 71 हजार 460 करोड़ |
जी.एस.डी.पी. | 18 लाख 48 हजार 274 करोड़ |
राजकोषीय घाटा का प्रतिशत जी.एस.डी.पी. से | 3.87 प्रतिशत |
बजट में प्रतिशत वृद्धि :-
ग्रामीण विकास विभाग | 37 प्रतिशत |
नगरीय विकास एवं आवास विभाग | 16 प्रतिशत |
महिला एवं बाल विकास विभाग | 26 प्रतिशत |
राजस्व विभाग | 43 प्रतिशत |
स्कूल शिक्षा विभाग | 11 प्रतिशत |
बजट प्रावधान:-
स्वास्थ्य के क्षेत्र में | 23 हजार 747 करोड़ |
कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र | 88 हजार 910 करोड़ |
कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र में गैर बजटीय स्त्रोतों को सम्मिलित करते हुए | 1 लाख 15 हजार करोड़ |
प्रमुख योजनाओं में बजट प्रावधान:-
लाडली बहना योजना | लगभग 23 हजार 800 करोड़ |
वी.बी.जी. राम जी योजना | लगभग 10 हजार 400 करोड़ |
मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना | लगभग 5 हजार 500 करोड़ |
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन | लगभग 4 हजार 600 करोड़ |
सिंहस्थ आयोजन | लगभग 3 हजार करोड़ |
प्रमुख नवीन योजनाओं में बजट प्रावधान:-
द्वारका योजना | अगले 3 वर्षों में 5 हजार करोड़ का निवेश |
स्वामित्व योजना | लगभग 3 हजार 800 करोड़ |
यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना | 700 करोड़ |
सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान की योजनाओं में बजट प्रावधान :-
कुल प्रावधान | 1 लाख 83 हजार 708 करोड़ |
अनुसूचित जनजाति वर्ग | 47 हजार 428 करोड़ (कुल प्रावधान का 26 प्रतिशत) |
अनुसूचित जाति वर्ग | 31 हजार 192 करोड़ (कुल प्रावधान का 17प्रतिशत) |
जी.एस.डी.पी.
वर्ष 2025-26 | 16 लाख 69 हजार 750 करोड़ |
वर्ष 2026-27 | 18 लाख 48 हजार 274 करोड़ |
प्रतिबद्ध देयता
ऋण भुगतान | 34 हजार 437 करोड़ |
ब्याज भुगतान | 33 हजार 735 करोड़ |
पेंशन भुगतान | 29 हजार 449 करोड़ |
वेतन भत्ते | लगभग 67 हजार करोड़ |
कर्ज की स्थिति (अनुमानित)
31 मार्च 2025 की स्थिति | 4 लाख 14 हजार 611 करोड़ |
31 मार्च 2026 की स्थिति | 4 लाख 88 हजार 714 करोड़ |
31 मार्च 2027 की स्थिति | 5 लाख 59 हजार 336 करोड़ |
31 मार्च 2026 की स्थिति में प्रदेश का कुल कर्ज जी.एस.डी.पी का लगभग 29 प्रतिशत है। जो कि निर्धारित सीमा में है।
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01 मार्च को आलोट में अभा पोरवाल युवा संगठन का राष्ट्रीय/प्रदेश अधिवेशन आयोजित
मंदसौर/आलोट। अखिल भारतीय पोरवाल युवा संगठन की तृतीय त्रैमासिक बैठक सह राष्ट्रीय/प्रदेश अधिवेशन 1 मार्च 2026, रविवार को नगर परिषद आलोट (म.प्र.) स्थित अंबेडकर भवन में आयोजित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण अधिवेशन को लेकर प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं तथा समाज के युवाओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेन्द्र उदिय, राष्ट्रीय महामंत्री जगदीश काला एवं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष पवन मुण्या के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस अधिवेशन में संगठनात्मक विस्तार, सामाजिक एकता एवं भविष्य की रणनीति पर गहन मंथन किया जाएगा।
इन महत्वपूर्ण विषयों पर होगी चर्चा- अधिवेशन में अंतरजातीय विवाह से जुड़े नियमों में संगठन की भूमिका एवं पूर्व निर्णयों की समीक्षा, युवती संगठन के विस्तार हेतु सदस्यता अभियान, “संगठन विस्तार यात्रा–2026” की रूपरेखा, आगामी चुनावों में समाज एवं संगठन की सहभागिता, पिछली बैठक (सीतामऊ) में लिए गए निर्णयों की प्रगति रिपोर्ट तथा आगामी त्रैमासिक बैठक की तिथि एवं स्थान की घोषणा जैसे अहम विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
संगठन पदाधिकारियों ने बताया कि यह अधिवेशन केवल औपचारिक बैठक न होकर समाज के युवाओं को एक मंच पर लाकर नई दिशा देने का प्रयास है। संगठन का लक्ष्य युवाओं को सामाजिक नेतृत्व, सांस्कृतिक मूल्यों एवं संगठनात्मक अनुशासन से जोड़ते हुए समाज को संगठित और सशक्त बनाना है।
भव्य चल समारोह होगा आकर्षण का केंद्र- कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 9:30 बजे आगमन से होगी। 10 बजे स्वल्पाहार के पश्चात पोरवाल धर्मशाला (जुना बाजार) से अंबेडकर भवन नगर परिषद आलोट तक विशाल चल समारोह निकाला जाएगा, जिसमें समाज के युवा, महिला शक्ति एवं वरिष्ठजन बड़ी संख्या में भाग लेंगे। दोपहर 12:15 बजे से औपचारिक अधिवेशन एवं बैठक प्रारंभ होगी।
संगठन ने समाज के समस्त पदाधिकारियों, युवाओं, महिला प्रकोष्ठ एवं गणमान्यजनों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अधिवेशन को सफल बनाने का आह्वान किया है।
अखिल भारतीय पोरवाल युवा संगठन ने विश्वास व्यक्त किया है कि यह राष्ट्रीय/प्रदेश अधिवेशन समाज की एकजुटता, संगठनात्मक मजबूती और भावी कार्यक्रमों की ठोस रणनीति तय करने में ऐतिहासिक सिद्ध होगा।यह जानकारी राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी राहुल वेद ने दी
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