प्रदेश का सबसे बड़ा स्फटिक शिवलिंग एवं महामृत्युंजय नौ कुंडीय यज्ञशाला शिवना तट पर होगी स्थापित, हुआ भूमि पूजन

विश्व शांति व आर्थिक संपन्नता के लिए
प्रदेश का सबसे बड़ा स्फटिक शिवलिंग एवं महामृत्युंजय नौ कुंडीय यज्ञशाला शिवना तट पर होगी स्थापित, हुआ भूमि पूजन
मंदसौर। अखिल विश्व गायत्री परिवार की निजी स्वामित्व की भूमि 60 वर्षों से गायत्री परिवार द्वारा साधना केंद्र बनाए जाने हेतु सुरक्षित थी। लेकिन वेदमूर्ति पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी की प्रेरणा और भगवान पशुपतिनाथ जी के आशीर्वाद से गायत्री परिवार ट्रस्ट ने उक्त भूमि पर, जो कि शिवना तट के समीप बगलामुखी मंदिर के पास स्थित है, आज महाशिवरात्रि 15 फरवरी के दिन बड़ी संख्या में भक्त जनों ने पहुँचकर देव कार्य की शुरुआत की।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की प्रतिनिधि उषा दीदी ने उपस्थित होकर कहा कि यह केंद्र भगवान पशुपतिनाथ के आशीर्वाद से जो भी श्रद्धालु यहाँ आएगा, उसकी मानसिक शांति के लिए इस विशेष स्फटिक शिवलिंग की पूजा करते हुए आर्थिक संपन्नता के साथ मानसिक शांति की प्राप्ति अवश्य मिलेगी।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पुलिस पेंशनर संघ के संस्थापक महेंद्र प्रताप सिंह परिहार ने कहा कि गायत्री परिवार हमेशा राष्ट्र उत्थान के कार्य करता है, उनके 100 सूत्री कार्यक्रम प्रत्येक क्षेत्र में सेवा से जुड़े हुए हैं। यह केंद्र भी श्री राम पुस्तकालय के साथ ही जो शिवलिंग स्थापित हो रहा है, उसे देखने बड़ी दूर से दर्शनार्थी इस स्थल पर पहुँचेंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के रविंद्र पांडे ने कहा कि शिव पुराण में स्फटिक शिवलिंग का बहुत बड़ा विधान है। यह आर्थिक संपन्नता के साथ जीवन में शांति और राष्ट्र में शांति लाता है। वर्तमान समय में जो दुर्घटनाएं हो रही हैं, उसमें यह नौ कुंडीय यज्ञशाला महामृत्युंजय मंत्रों के साथ यज्ञ में आहुति हेतु सहायक होगी। गायत्री परिवार लंबे समय से मंदिर प्रांगण में महाशिवरात्रि पर महामृत्युंजय यज्ञ करता चला आ रहा है, वह संकल्प अब पूर्ण होगा, इसकी मुझे बहुत खुशी महसूस हो रही है। इस सहयोग राशि की शुरुआत मैं करता हूँ और ₹2100 निर्माण कार्य की शुरुआत में दे रहा हूँ तथा आगे भी सहयोग करूँगा।
भूमि पूजन के कार्यक्रम में पधारे क्रांतिकारी संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष पूर्व सीएम हरिशंकर शर्मा ने कहा कि देश के अंदर अखिल विश्व गायत्री परिवार, जिसने घर-घर में गायत्री और यज्ञ को पहुँचाया है, उसमें प्रत्येक कार्यकर्ता का समर्पण है। यह केंद्र आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त करेगा, ऐसी मैं शुभकामना प्रेषित करता हूँ। भूमि पूजन में पधारे पतंजलि योगपीठ मंदसौर के प्रभारी बंसीलाल टाक ने कहा कि गायत्री परिवार सेवा कार्य में बहुत आगे है, इन्हें भगवान पशुपतिनाथ का आशीर्वाद प्राप्त है। यह परम सौभाग्य है कि जो यज्ञ मंदिर प्रांगण के अंदर होता था, अब अपनी निजी भूमि में इसकी शुरुआत अगले वर्ष से हो जाएगी। गायत्री परिवार प्रत्येक कार्य बड़ी निष्ठा और भावना से करता है, जिसमें पैसे का कहीं कोई संबंध नहीं होता, यह प्रेरणा लेने वाली बात है।
भूमि पूजन की शुरुआत में ही गायत्री परिवार के वरिष्ठ डॉ. वेदपाल सिंह ने अपनी पेंशन से 11,000 की घोषणा की। श्रीमती चंद्रकला सेठिया ने अपनी पेंशन से 11,000 की राशि, इसी प्रकार लीला मंडोवरा ने 11,000 की राशि, लोकेंद्र सिंह चौहान ने 5,001 की राशि, बापू लाल पाटीदार ने 5,100 की राशि, रविंद्र पांडे ने 1,100 की राशि और बेंगलुरु से पधारी श्रीमती सरोज तोमर ने 1,000 की राशि देकर शुरुआत की। चंद्रिका पोरस ने तत्काल भूमि पूजन से ही शुरुआत कर दी है।
यह निर्माण कार्य बहुत जल्द प्रारंभ किया जाएगा। अगली महाशिवरात्रि पर अनुष्ठान प्रारंभ किया जाए, इसके लिए गायत्री परिवार के वरिष्ठ पन्नालाल जी मालवीय, युवा प्रकोष्ठ के पवन गुप्ता, परशुराम शर्मा और गायत्री परिवार ट्रस्ट की सुषमा द्विवेदी ने संकल्प लेकर इस कार्य की शुरुआत की है। ट्रस्टी सुलोचना द्विवेदी के साथ ही ब्रह्माकुमारी आश्रम से बड़ी संख्या में बहनों ने पहुँचकर वैदिक मंत्रों से भूमि का पूजन करते हुए शुरुआत की। इस भूमि पूजन में गायत्री परिवार के दिलीप माहेश्वरी, योगेश सिंह और डॉ. वेदपाल सिंह ने उपस्थिति देकर सभी अतिथियों का आभार माना। यह जानकारी गायत्री परिवार के प्रवक्ता सत्येंद्र सिंह सोम एडवोकेट द्वारा दी गई।



