नीमच जिला सेन समाज की बैठक संपन्न, सामूहिक विवाह सम्मेलन की तैयारियों ने पकड़ा जोर

नीमच जिला सेन समाज की बैठक संपन्न, सामूहिक विवाह सम्मेलन की तैयारियों ने पकड़ा जोर
नीमच -जिला मुख्यालय स्थित प्रसिद्ध नारायणी धाम मंदिर प्रांगण में मंगलवार, 17 फरवरी 2026 को नीमच जिला सेन समाज संगठन के तत्वावधान में एक अति-महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक का सफल आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज की एकता को नई ऊर्जा देना, संगठन का विस्तार करना और सबसे प्रतीक्षित आगामी सेन समाज सामूहिक विवाह सम्मेलन की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करना था।
यह बैठक जिला अध्यक्ष श्री सुखलाल जी सेन (तारापुर) और युवा जिलाध्यक्ष श्री चमन जी सेन के कुशल मार्गदर्शन और नेतृत्व में संपन्न हुई। बैठक में जिले के कोने-कोने से आए समाज के वरिष्ठ प्रबुद्धजनों, मातृशक्ति और उत्साही युवाओं ने बड़ी संख्या में शिरकत की। बैठक के दौरान समाज के उत्थान, कुरीतियों के उन्मूलन और आगामी सामूहिक विवाह सम्मेलन को भव्य रूप देने के लिए कई क्रांतिकारी निर्णय लिए गए।
संगठन का विस्तार और महत्वपूर्ण नियुक्तियाँ-
बैठक की शुरुआत में संगठन की मजबूती पर विशेष बल दिया गया। समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए संगठन की नई कमान सौंपी। इसके अंतर्गत चंद्रेश जी सेन (चिंटू भैया) को आगामी ‘सेन जयंती’ के सफल और भव्य आयोजन हेतु सर्वसम्मति से अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उनकी नियुक्ति की घोषणा होते ही समूचे परिसर में हर्ष की लहर दौड़ गई। समाजजनों का मानना है कि उनके ऊर्जावान नेतृत्व में इस वर्ष की जयंती ऐतिहासिक रूप से मनाई जाएगी।
इसी कड़ी में, महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी संगठन ने एक मील का पत्थर स्थापित किया है। श्रीमती प्रेमलता रामप्रसाद जी गेहलोत (मनासा-तलाऊ वाले) को महिला जिला अध्यक्ष के महत्वपूर्ण पद पर मनोनीत किया गया। उनकी इस नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य समाज की महिलाओं को संगठित करना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और समाज के आगामी सामूहिक विवाह सम्मेलन जैसे आयोजनों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
सेन समाज सामूहिक विवाह सम्मेलन 2026: भादवामाता की पावन धरा पर होगा आयोजन
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बिंदु विश्व प्रसिद्ध आरोग्य तीर्थ भादवामाता में आयोजित होने वाला आगामी सामूहिक विवाह सम्मेलन रहा। वर्तमान समय में बढ़ती महंगाई और शादियों में होने वाली अनावश्यक फिजूलखर्ची को रोकने के लिए समाज ने इस सम्मेलन को एक आदर्श आयोजन बनाने का संकल्प लिया है।
कार्यकारिणी के महत्वपूर्ण निर्णय,
पंजीयन शुल्क का निर्धारण: -कार्यकारिणी ने समाज के हर वर्ग की आर्थिक स्थिति का ध्यान रखते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि इस विवाह सम्मेलन के लिए पंजीयन राशि को यथावत 31,111 ₹ ही रखा जाएगा। यह निर्णय इसलिए लिया गया ताकि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े और वे सम्मानपूर्वक अपने बच्चों का विवाह कर सकें।
पंजीयन प्रक्रिया का शुभारंभ:- इस भव्य सम्मेलन के लिए वर-वधु के पंजीयन का कार्य आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया गया है। समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि कई परिवारों ने बैठक के दौरान ही अपनी रुचि दिखाई है।
संपर्क एवं सहायता: इच्छुक परिवार और अभिभावक जो इस सम्मेलन में अपने बच्चों का विवाह संपन्न कराना चाहते हैं, वे पंजीयन के लिए श्री हरि प्रसाद जी गेहलोद (मोबाइल नंबर: 9406675723) से तत्काल संपर्क कर सकते हैं।
सामाजिक समरसता और एकजुटता का संदेश–
सम्मेलन अध्यक्ष भगवतीप्रसाद देवड़ा (जवासा) ने बैठक के समापन सत्र को संबोधित करते हुए भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह केवल एक सामाजिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज के आपसी भाईचारे और एकजुटता का प्रतीक है। उन्होंने नीमच, मंदसौर और आसपास के जिलों से आए समाजजनों से आग्रह किया कि वे इस सम्मेलन को सफल बनाने के लिए तन-मन-धन से सहयोग करें ताकि यह आयोजन समूचे मध्य प्रदेश में एक मिसाल बन सके।
युवाओं और पदाधिकारियों की सक्रियता–
बैठक के दौरान जिला व तहसील स्तर के पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे। युवाओं ने तकनीक और सोशल मीडिया के माध्यम से इस सम्मेलन का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की जिम्मेदारी ली है। बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने समाज हित में काम करने की सामूहिक शपथ ली और यह सुनिश्चित किया कि आगामी सम्मेलन में आने वाले अतिथियों और वर-वधु पक्ष को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
अंत में, सभी उपस्थित समाजजनों का आभार व्यक्त किया गया और सामूहिक जलपान के साथ बैठक का समापन हुआ। इस बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नीमच जिला सेन समाज अब एक नई दिशा और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है, जहाँ सम्मेलन जैसे आयोजन समाज को एक सूत्र में पिरोने का काम करेंगे

