
2026 के बजट मे क्या सस्ता, क्या हुआ महंगा हुआ केंद्रीय वित्त मंत्री ने किया बजट पेश
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026 में उपभोक्ताओं, हेल्थकेयर और हरित ऊर्जा से जुड़े क्षेत्रों को राहत देते हुए कुछ इंडस्ट्रियल सेगमेंट्स पर टैक्स बोझ बढ़ाया गया है। कुल मिलाकर बजट का फोकस रोजमर्रा की कुछ जरूरतों को सस्ता करने और रणनीतिक सेक्टरों को प्रोत्साहन देने पर दिखता है, जबकि राजस्व संतुलन के लिए चुनिंदा वस्तुओं पर शुल्क बढ़ाया गया है।
क्या हुआ सस्ता? राहत वाले सेक्टर
बजट में लेदर उत्पाद, कपड़ा और सिंथेटिक फुटवियर पर टैक्स में राहत दी गई है। इससे जूते-चप्पल और कुछ रेडीमेड उत्पादों की कीमतों में नरमी आ सकती है। निर्यात बढ़ाने के उद्देश्य से चमड़े और टेक्सटाइल एक्सपोर्ट पर भी रियायतें दी गई हैं, जो घरेलू उद्योग को प्रतिस्पर्धी बनाएंगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए कैंसर की 17 दवाओं और डायबिटीज से जुड़ी दवाओं पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज का खर्च कुछ हद तक कम होने की उम्मीद है।
हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सोलर ग्लास, सोलर उपकरण, EV बैटरियां और बायोगैस मिश्रित CNG से जुड़ी सामग्रियों को सस्ता किया गया है। घरेलू उपकरणों में माइक्रोवेव ओवन पर भी राहत दी गई है। एविएशन सेक्टर को सपोर्ट देने के लिए विमान ईंधन और विमान निर्माण से जुड़ी कुछ वस्तुओं पर शुल्क कम किया गया है। विदेशी यात्रा पर भी सीमित कर राहत के संकेत मिले हैं।
क्या हुआ महंगा? जहां बढ़ा टैक्स
दूसरी ओर, मिनरल्स और स्क्रैप मटेरियल पर टैक्स बढ़ाया गया है, जिससे निर्माण और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े कुछ उत्पाद महंगे हो सकते हैं। शराब पर भी शुल्क बढ़ाया गया है, जिसका असर रिटेल कीमतों में दिख सकता है। इंडस्ट्रियल रॉ मटेरियल की लागत बढ़ने से कुछ सेक्टरों में लागत दबाव बढ़ने की आशंका है।
कुल असर क्या?
बजट 2026 उपभोक्ता वस्तुओं, हेल्थकेयर और क्लीन एनर्जी को राहत देता है, जिससे आम परिवारों को चुनिंदा मदों में फायदा मिल सकता है। वहीं इंडस्ट्रियल इनपुट्स पर बढ़े टैक्स का असर अप्रत्यक्ष रूप से कुछ उत्पादों की कीमतों में दिख सकता है। सरकार ने संतुलन साधते हुए ग्रोथ-ओरिएंटेड सेक्टरों को बढ़ावा और राजस्व जरूरतों को ध्यान में रखकर यह मिश्रित रुख अपनाया है।
बजट की बड़ी बातें :
• इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं।
• टैक्स चोरी पर सजा की जगह जुर्माना।
• कैंसर की दवाएं सस्ती होंगी।
• कपड़ा, जूता, चमड़े का सामान सस्ता होगा।
• 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे।
• विदेशियों के लिए देश में व्यापार करना आसान।
• 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
महंगा हुआ सिगरेट और तम्बाकू उत्पाद-
आज से सिगरेट तम्बाकू प्रोडक्ट्स महंगे, दाम 40% तक बढ़े!
अगर आप सिगरेट या पान मसाला के शौकीन हैं, तो आज से आपकी जेब पर असर पड़ने वाला है।
सरकार ने इन उत्पादों पर 40% जीएसटी के साथ नया उत्पाद शुल्क और हेल्थ सेस लागू कर दिया है।
3 सितंबर 2025 को किए गए बदलाव के बाद अब 1 फरवरी से पान मसाला, खैनी और गुटखा जैसे तंबाकू उत्पादों पर 40% GST लगेगा।
अभी तक इन पर 28% GST के साथ ‘कंपनसेशन सेस’ लगता था, सिगरेट पर उसकी लंबाई के आधार पर नई एक्साइज ड्यूटी भी लागू होगी, 2.05 से लेकर 8.5 प्रति स्टिक तक ये एक्साइज ड्यूटी लगेगी।
इसके अलावा तंबाकू उत्पादों की तरह सिगरेट पर 40% GST भी लगेगा, हालांकि बीड़ी पर राहत देते हुए जीएसटी को 18% कर दिया गया है।


