मध्यप्रदेशसीतामऊ

सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा में कंपनीयों कि मध्यस्थता पर मोटर मालिकों ने जताई नाराजगी 

सीतामऊ में मोटर मालिक को की संभागीय बैठक संपन्न  

प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा सरकार मोटर मालिकों के साथ समन्वय कर नियम लागू करना चाहिए 

सीतामऊ। प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन मध्य प्रदेश,मोटर मालिक संगठन के तत्वाधान में नगर के राधा बावड़ी मंदिर प्रांगण में मध्य प्रदेश सरकार के नए कानून मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को लेकर मोटर मालिकों की संभाग स्तरीय बैठक संपन्न हुई।

बैठक में संस्था के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद शर्मा इंदौर के मुख्य अतिथि महासचिव सुशील अरोरा प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश जटिया, उज्जैन संभाग अध्यक्ष गोविंद बाहेती मनासा, जिलाध्यक्ष आशिष शर्मा आगर, सुवेंदर सिंह गुर्जर रतलाम,शिखर रातडिया मंदसौर, पंकज मांदलिया भानपुरा धर्मेंद्र जैन अनिल गुरु , चंचल बाहेती, राधेश्याम माहेश्वरी सारंगपुर, नवल चौरड़िया, विरेंद्र सिंह वैश्य देवास,आदि मंचासिन उपस्थिति में आयोजित कि गई।

इस अवसर पर तहसील अध्यक्ष सुरेश दसेड़ा, अकील कुरैशी लाल बापू बाबूखान मेव खान मोहम्मद खान परसराम गुर्जर राजेश घाटिया, शुभम मेहता मुन्ना खान निक्की बस नटवरसिंह रमेश मेहता जीवन रातडिया, सादिक,  यूनुस खान , कमलेश नागदा प्रेम कुमार पावणा जीवन डूंगरवाल आदि ने पदाधिकारीयों का स्वागत किया

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा अप्रैल 2026 से मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा के तहत आधुनिक जनबस संचालित करने जा रही है जो पीपीपी मॉडल पर आधारित होगी।

बस संचालन के नियम में विसंगतियों पर नाराजगी व्यक्त करते कर संशोधन को लेकर मोटर मालिकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राइम रूट बस सेवा ओनर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद शर्मा ने कहा कि करीब 20 वर्ष पहले राज्य परिवहन निगम 756 करोड़ के घाटे के साथ बंद किया गया जिसके कई कर्मचारियों को आज तक वेतन के लिए भटक रहे हैं। जब शासन परिवहन सेवा देने में असफल रहा तो निजी बस ऑपरेटर द्वारा इस सेवा को सुरक्षित परिवहन सेवा के रूप में आज तक डेट आ रहे हैं एआईसीटीएसएल और सेवा सूत्र चार्टर्ड अन्य कंपनियां पहले से ही करोड़ों के घाटे में है और उनके नियंत्रण में कार्य करना विसंगति पैदा करता है सरकार द्वारा परिवहन विभाग के नाम पर निजी कंपनियों को बेसन की ऑपरेटिंग व्यवस्था जो की निजी बस नियंत्रण में लेकर सरकार और बस मालिकों के बीच में बिचोलिया का काम करेगी जो की हमें मान्य नहीं है इसे सिर्फ कंपनियों को फायदा होगा। प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि आज तक जनता की ओर से ऐसी कोई मांग नहीं आई कि वह वर्तमान निजी परिवहन व्यवस्था से असंतुष्ट हैं जून 2025 से स्थाई और स्थाई परमिट पर रोक लगाकर लगभग 7000 बस ऑपरेटर को असमंजस में डाल दिया है यह केवल उज्जैन इंदौर संभाग में 750 स्थाई परमिट आवेदनों की सुनवाई हो चुकी है लेकिन आज तक उनका निराकरण नहीं किया गया इससे शासन के करोड़ों रुपए का राजस्व का नुकसान हो रहा है। तथा मोटर मालिक संघ एवं शासन के प्रतिनिधि के साथ समन्वय बैठक नहीं होकर अप्रैल 2026 से नए नियम लागू करने आने वाले शादी विवाह के समय में आम जनता को परेशानी हो सकती है हमारी मांग है कि ऐसी परिवहन नीति बने जिससे शासन और बस ऑपरेटर के बीच सीधा संवाद हो तथा कंपनी या बिचौलियों की भूमिका से मुक्त हो, हम शासन के साथ मिलकर यात्रियों को परिवहन व्यवस्था हम सस्ती सुविधा देना चाहते हैं और दे रहे हैं ना की कंपनियों के लिए मुनाफा कमाने में भागीदार बनना है।

प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने पत्रकारों से भेंट वार्ता में कहा कि सरकार द्वारा बनाया गया नया कानून कंपनी के माध्यम से सीधे बिचौलियों को फायदा पहुंचाने वाला होगा। इससे आम जनता कि यात्रा पर असर पड़ेगा। श्री शर्मा ने कहा कि इस कानून में खुलासा नहीं किया गया कि किस जिले शहर गांव रुट पर कितनी बसें संचालित होगी। यदि वर्तमान समय में चल रही बसों से अधिक चलतीं तो आय पर और कम चलाई जाएगी तो कौन सी बसें नहीं चलेंगी इसमें जिसकी बसें नहीं चलती तो उनके आय रोजगार पर असर पड़ेगा। ऐसे में मध्यप्रदेश में क ई बस आपरेटर है जिन्होंने ने लोन ले रखा उनकी आय रुकने से कहा से भरपाई करेंगे। यही नहीं इन बसों में लगे कर्मचारियों कि आजीविका भी बंद हो जायेगी। सरकार कंपनी के बजाय अपने प्रतिनिधि अधिकारी कर्मचारी के साथ सीधे हमारे बीच आकर समन्वय समिति के माध्यम से निती निर्धारण कर लागु करें। श्री शर्मा ने कहा कि यदि सरकार मोटर आपरेटरों को परेशान करने वाला नियम लागू करेगी तो हम गांधीवादी तरीके से शुरुआत करते हुए आवेदन निवेदन के साथ चरण बद्ध आंदोलन करेंगे।

 इस अवसर पर बैठक का संचालन खान मोहम्मद खान जनता बस द्वारा किया गया एवं आभार श्री राजेश घाटिया सीतामऊ व श्री जैन दलौदा ने व्यक्त किया।

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