मंदसौर

मंदसौर जिला सहित नीमच जिले में बारिश के साथ अति ओलावृष्टि के कारण फसलों को हुआ काफी नुकसान

मंदसौर जिला सहित नीमच जिले में बारिश के साथ अति ओलावृष्टि के कारण फसलों को हुआ काफी नुकसान

मंदसौर- मध्य प्रदेश के मंदसौर नीमच जिले में दोपहर के समय मौसम ने अचानक करवट ली, मौसम के अचानक बिगड़ते मिजाज के चलते अचानक से बारिश होने लगी और बारिश के साथ ही अति ओलावृष्टि होने की जानकारी के साथ ही मंदसौर, नीमच जिले के कई गांव में ओलावृष्टि से जमीन पर सफेद चादर बिछी हुई नजर आई। जैसे कि जम्मू कश्मीर का नजारा दिखाई दे रहा हो, ऐसे नजारो को देखकर जहां लोगों में खुशी है ।तो वही किसानों को इस अति ओलावृष्टि के कारण फसलों को काफी नुकसान की भी जानकारी सामने आई है। अचानक से मौसम ने करवट ली और बदलते मौसम के चलते क्षेत्र में हुई अतीओलावृष्टि हुआ किसानों को काफी नुकसान।

मल्हारगढ़ क्षेत्र में ओलावृष्टि का कहर: डिप्टी सीएम देवड़ा ने दिए सर्वे के निर्देश, जोकचंद ने की मुआवजे की मांग

 जिले के मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र में रविवार दोपहर अचानक मौसम के बदले मिजाज और भारी ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। करीब 20 मिनट तक बरसे ओलों ने खेतों में बिछी फसलों को बर्बाद कर दिया, जिससे अन्नदाता के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।

डिप्टी सीएम ने कलेक्टर को दी तत्काल कार्रवाई के निर्देश- ओलावृष्टि की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और क्षेत्र के विधायक जगदीश देवड़ा ने तत्काल एक्शन लिया। उन्होंने मंदसौर कलेक्टर श्रीमती अदिति गर्ग से दूरभाष पर चर्चा कर प्रभावित गांवों का मौका मुआयना करने के निर्देश दिए। देवड़ा ने निर्देशित किया कि अधिकारियों की टीम तुरंत मैदान में उतरे और फसलों के नुकसान का आकलन करें ताकि किसानों को समय पर राहत मिल सके।

20 मिनट की ओलावृष्टि से ‘कश्मीर’ बना मालवा- रविवार दोपहर बाद मल्हारगढ़ क्षेत्र के झारड़ा, काचरिया देव, किशनगढ़, मनासा खुर्द, हरमाला, अरनिया देव, पामाखेड़ा सहित नीमच जिले के हरकिया खाल, चल्दू, भवरसा और पालसोड़ा में कुदरत का कहर बरपा। ओलावृष्टि इतनी भीषण थी कि सड़कों और खेतों पर सफेद चादर बिछ गई, जिसे देख राहगीर भी ठिठक गए। तेज आंधी का आलम यह था कि हाईवे किनारे लगे 50 फीट ऊंचे होर्डिंग धराशायी हो गए।

विपक्ष ने उठाई मुआवजे की मांग– मल्हारगढ़ विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी श्यामलाल जोकचंद ने भी ओलावृष्टि की सूचना मिलते ही प्रभावित क्षेत्रों के किसानों से संपर्क साधा। उन्होंने फसलों की स्थिति पर दुख जताते हुए प्रशासन से मांग की है कि बिना किसी देरी के सर्वे कार्य पूरा किया जाए और प्रभावित किसानों को उचित आर्थिक मुआवजा प्रदान किया जाए।

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