मल्हारगढ़ के किशनगढ़ क्षेत्र में भीषण ओलावृष्टि से किसानों पर टूटा कहर, फसलों पर पड़ा असर

मल्हारगढ़ के किशनगढ़ क्षेत्र में भीषण ओलावृष्टि से किसानों पर टूटा कहर, फसलों पर पड़ा असर
मल्हारगढ़ ।तहसील के किशनगढ़ क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे अचानक हुई भीषण ओलावृष्टि ने किसानों की वर्षों की मेहनत पर पानी फेर दिया। कुछ ही मिनटों तक गिरे तेज ओलों और बारिश से लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में खड़ी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं।
ओलावृष्टि के कारण अफीम, चना, लहसुन, सरसों सहित अन्य रबी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। खेतों में खड़ी फसलें टूटकर जमीन पर बिछ गई हैं, जिससे अब किसी भी प्रकार की उपज मिलने की संभावना बेहद कम रह गई है।
ग्राम किशनगढ़ निवासी किसान बबलू बाना ने बताया कि उनकी अफीम की फसल पूरी तरह टूटकर गिर गई है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। क्षेत्र के लगभग सभी किसानों को समान रूप से नुकसान झेलना पड़ा है।
प्राकृतिक आपदा की सूचना मिलते ही केतु खेड़ी भाजपा मीडिया प्रभारी पप्पूलाल शर्मा, पिछड़ा मोर्चा के शंकरलाल अहीर सहित देवीलाल अहीर, घनश्यामजी अहीर, राजेश अहीर, नानालाल अहीर, अंबालाल अहीर, प्रभुलाल अहीर, मोदीराम अहीर, रामचंद्र अहीर एवं रामलाल अहीर सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रभावित खेतों का जायजा लिया। सभी ने किसानों की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से शीघ्र राहत की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले से महंगी खेती और अब इस ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल राजस्व टीम भेजकर फसल सर्वे कराया जाए तथा प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र राहत नहीं मिली तो किसान आंदोलन करने को मजबूर होंगे।



