मंदसौरमध्यप्रदेश

समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 01 फरवरी 2026 रविवार

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आयोजन से महोत्सव की जड़ें हुई मजबूत, अब बनेगा वृहद वृक्ष : कलेक्टर श्रीमती गर्ग

कविता संवेदना से जन्म लेती है : पद्मश्री ज्ञान चतुर्वेदी

इतिहास स्वयं को दोहराता है : श्री रज़ा काज़मी

तीन दिवसीय द्वितीय सीतामऊ साहित्य महोत्सव का हुआ भव्य समापन

मंदसौर 31 जनवरी 2026/ सीतामऊ स्थित नटनागर शोध संस्थान में 29 से 31 जनवरी 2026 तक आयोजित द्वितीय सीतामऊ साहित्य महोत्सव का आज सफल एवं गरिमामय समापन हुआ। तीन दिवसीय इस साहित्यिक आयोजन में देशभर से पधारे साहित्यकारों, विचारकों, इतिहासकारों, कलाकारों एवं पर्यावरणविदों ने अपने विचारों से श्रोताओं को समृद्ध किया। महोत्सव एक “नॉलेज कुंभ” के रूप में विकसित हुआ, जिसका सभी उपस्थितजनों ने लाभ उठाया।

कविता संवेदना से जन्म लेती है : पद्मश्री ज्ञान चतुर्वेदी

पद्मश्री ज्ञान चतुर्वेदी ने “किस्से कहानियां” विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि कविता वही बनती है, जिसे लेखक ने स्वयं महसूस किया हो। लेखन में संवेदना का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पुल और नदी के माध्यम से उदाहरण देते हुए कहा कि जीवन को भीतर उतरकर समझना ही सच्ची रचना का आधार है। उन्होंने सरल, सहज और बोलचाल की भाषा को लेखन की आत्मा बताया तथा व्यंग्य रचना भी प्रस्तुत की।

इतिहास स्वयं को दोहराता है : श्री रज़ा काज़मी,

पर्यावरणविद् श्री रज़ा काज़मी ने “पर्यावरण संरक्षण” विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि इतिहास अपने आप को दोहराता है। उन्होंने आइने-ए-अकबरी का उल्लेख करते हुए बताया कि 1564 में इस क्षेत्र से अकबर 75 हाथी पकड़कर ले गया था। उन्होंने बच्चों से प्रकृति से जुड़ने, पक्षियों व जीव-जंतुओं को देखने और प्रकृति के निःशुल्क आनंद को अपनाने का आह्वान किया।

अंग्रेज़ी के साथ हिंदी को भी समान महत्व दें : श्री जेरी पिंटो

साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता श्री जेरी पिंटो ने “किताबों की दुनिया” विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि अंग्रेज़ी के साथ-साथ हिंदी पढ़ना भी उतना ही आवश्यक है, जिससे हमारी जड़ें मजबूत होती हैं। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, मानसिक व शारीरिक संतुलन पर विचार साझा किए तथा सकारात्मक कहानियों के माध्यम से बच्चों को प्रेरित किया।

सीतामऊ बना ‘जश्न-ए-सीतामऊ’

श्री मुजतबा खान ने “दादी-नानी के किस्से” सुनाते हुए कहा कि यह आयोजन सीतामऊ को जश्न-ए-सीतामऊ में बदल देता है। उन्होंने समाज को सुंदर बनाने में भाषा के साथ-साथ तहज़ीब के महत्व पर प्रकाश डाला।

सुवासरा से फिल्मफेयर तक : श्री प्रशांत पांडे

फिल्मफेयर पुरस्कार विजेता श्री प्रशांत पांडे ने अपने जीवन सफर पर आधारित “सुवासरा से फिल्मफेयर तक” विषय पर प्रेरक अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने वाले स्कूली बच्चों को सम्मानित किया गया।

साहित्य वही है जिसमें सबका हित समाहित हो : श्री हरदीप सिंह डंग

समापन अवसर पर सुवासरा विधायक श्री हरदीप सिंह डंग ने कहा कि प्रशासन के प्रयासों से यह दूसरा साहित्य महोत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उन्होंने नटनागर शोध संस्थान को एशिया की दूसरी सबसे बड़ी लाइब्रेरी बताते हुए इसे ज्ञान का अनुपम केंद्र कहा। पूर्व मंत्री श्री नरेंद्र नाहटा ने कहा कि इस महोत्सव ने सीतामऊ को एक नई पहचान दी है और यह आयोजन स्व. रघुवीर जी को सच्ची श्रद्धांजलि है।

महोत्सव की जड़ें मजबूत, अब बनेगा वृहद वृक्ष : कलेक्टर श्रीमती गर्ग

कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग ने कहा कि यह एक छोटी-सी पहल थी, जिसका दूसरा चरण भी सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ। उन्होंने कहा— “शीशे तराशने का हुनर देखते हैं लोग, हाथों में कितना खून है कोई देखता नहीं।”

उन्होंने कहा कि इस महोत्सव से सभी ने बहुत कुछ सीखा है। बाहर से आए विद्वानों ने स्थानीय संस्कृति को जाना और स्थानीय लोगों को राष्ट्रीय स्तर के विचारों से जुड़ने का अवसर मिला। अब इस महोत्सव की जड़ें मजबूत हो चुकी हैं, जो आगे चलकर एक वृहद वृक्ष का रूप लेंगी। उन्होंने स्कूली बच्चों की सक्रिय सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया।

समापन अवसर पर कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग, सुवासरा विधायक श्री हरदीप सिंह डंग, पूर्व मंत्री श्री नरेंद्र नाहटा, नगर परिषद अध्यक्ष श्री मनोज शुक्ला, जिला योजना समिति सदस्य श्री अनिल पांडे सहित जनप्रतिनिधि, साहित्यप्रेमी, दर्शकगण एवं पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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अभिव्यक्ति स्थल पर हर रविवार सजेगा जैविक हाट बाजार

मंदसौर 31 जनवरी 26 / जिले में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा किसानों को उनकी उपज के लिए उचित विपणन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा अभिव्यक्ति स्थल, महाराणा प्रताप बस स्टैंड के पास, मंदसौर में जैविक हाट बाजार का आयोजन किया जा रहा है।

उप संचालक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग श्री रविंद्र मोदी ने बताया कि यह जैविक हाट बाजार प्रत्येक रविवार, प्रातः 11.00 बजे से नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा। इस हाट बाजार में मंदसौर जिले के जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने वाले कृषक, कृषक समूह तथा स्व-सहायता समूह अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं को विक्रय कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि प्राकृतिक उत्पादों की बिक्री हेतु यह एक सशक्त मंच प्रदान करेगा। साथ ही उपभोक्ताओं को शुद्ध, स्वास्थ्यवर्धक एवं रसायन मुक्त उत्पाद उचित दरों पर उपलब्ध होंगे।

जिले के समस्त जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने वाले कृषकों, उत्पादक समूहों तथा क्रेता-विक्रेताओं से आग्रह किया गया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में जैविक हाट बाजार में सहभागिता करें। अधिक जानकारी हेतु संपर्क करें: – 9630202379, 6269698309

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सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग द्वारा स्टार्टअप को 10 हजार रूपये तक की प्रति माह सहायता

मंदसौर 31 जनवरी 26 / जिला व्‍यापार एवं उद्योग केन्‍द्र महाप्रबंधक द्वारा बताया गया कि मध्यप्रदेश शासन, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग द्वारा 24 फरवरी 2025 के बाद स्थापित होने वाले पात्र स्टार्टअप को मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति 2025 के अंतर्गत 10 हजार रूपये प्रतिमाह की दर से 12 माह तक सहायता दी जा रही है। साथ ही मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में पात्र स्टार्टअप को बैंक से ऋण प्राप्त करने पर 5% का ब्याज अनुदान एवं 15 प्रतिशत अधिकतम 15 लाख रूपये तक की सहायता दी जा रही है। सहायता व अधिक जानकारी के लिए जिला व्यापार एवं उ‌द्योग केंद्र, कम्बल केन्द के पास नई आबादी, मंदसौर श्री मानव खोकर सहा. प्रबंधक 6265307623 एवं श्री अभिजित यादव सहा. प्रबंधक 7000050959 से संपर्क कर सकते है।

मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रदेश में स्टार्टअप को बढ़ावा देने हेतु 11 जनवरी 2026 एवं 12 जनवरी 2026 को रविन्द्र भवन भोपाल में “मध्यप्रदेश स्टार्टअप समिट एवं इकोसिस्टम अवार्ड 2026 कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। सहायता एवं कार्यक्रम में भागीदारी हेतु इच्छुक स्टार्टअप startup.mp.gov.in पोर्टल पर आवेदन कर पंजीयन कर सकते हैं।

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शासकीय / प्रायवेट कार्यालयों में आंतरिक परिवाद समिति का गठन नहीं किया तो 50 हजार रूपए का जुर्माना होगा

मंदसौर 31 जनवरी 26 / जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास अधिकारी बी.एल. बिश्नोई द्वारा बताया गया कि महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम-2013 द्वारा महिलाओं को कार्यस्थल पर सुगम वातावरण, सुरक्षा प्रदान करते हुए मजबूत शिकायत तंत्र प्रावधानित किया है। अधिनियम की धारा-4 के अंतर्गत प्रत्येक नियोजक आंतरिक समिति का गठन करेगा। प्रत्येक कार्यालय (शासकीय / प्रायवेट) जहां 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, ऐसे कार्यालय में एक आंतरिक समिति का गठन होना अनिवार्य है।

समिति के पीठासीन अधिकारी एवं सदस्यों की नियुक्ति अधिकतम तीन वर्ष के लिए होती है। तीन वर्ष पश्चात समिति का पुनर्गठन किया जाना होता है। जिले के प्रत्येक 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत शासकीय/ अशासकीय कार्यालय में समिति का गठन पीठासीन अधिकारी कार्यस्थल पर कार्यरत वरिष्ठ महिला कर्मचारी, वरिष्ठ महिला उपलब्ध न होने पर अन्य कार्यालय से किसी अन्य महिला को आमंत्रित किया जाएगा।

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने समस्त अशासकीय संस्थाओं में आंतरिक समिति का गठन करें अथवा पूर्व में गठित समितियों का तीन वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के पश्चात नवीन समिति का गठन कर She BOX प्रोर्टल पर रजिस्‍ट्रेशन अनिवार्य रूप से करे, अन्यथा इस स्थिति में कार्यालयीन समिति का सही गठन या गठन न होने पर अधिनियम की धारा-26(1) के अनुसार 50 हजार रुपए की राशि से जुमनि से दंडित करने की कार्रवाई की जाएगी।

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