
UGC कानून SC, ST और OBC समुदायों के साथ दुश्मनी पूर्ण, सीजेआई ने कहा, “हमें पता है कि क्या हो रहा है. कमियां दूर करें, हम इसे सूचीबद्ध करेंगे.”
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी के उस नए विनियमन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दे दी है, जिसमें जाति-आधारित भेदभाव की परिभाषा को गैर-समावेशी बताया गया है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि ये नियम कुछ विशिष्ट श्रेणियों को संस्थागत सुरक्षा के दायरे से बाहर रखते हैं।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची की पीठ ने एक वकील की दलीलों पर गौर किया, जिन्होंने इस मामले पर तत्काल सुनवाई की मांग की थी. याचिका पर सीजेआई ने कहा, हमें पता है कि क्या हो रहा है. कमियां दूर करें, हम इसे सूचीबद्ध करेंगे।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची की पीठ ने एक वकील की दलीलों पर गौर किया, जिन्होंने इस मामले पर तत्काल सुनवाई की मांग की थी. वकील ने दलील दी कि इन नियमों के कारण सामान्य वर्ग के साथ भेदभाव की संभावना बढ़ गई है. ‘राहुल दीवान एवं अन्य बनाम केंद्र’ नामक इस याचिका पर सीजेआई ने कहा, “हमें पता है कि क्या हो रहा है. कमियां दूर करें, हम इसे सूचीबद्ध करेंगे.”
UGC के नए प्रमोशन ऑफ इक्विटी रेगुलेशंस को लेकर चल रहे विवाद पर सीनियर एडवोकेट इंदिरा जयसिंह ने कड़ा जवाब दिया है. उन्होंने कहा है कि इन नियमों को लेकर की जा रही आलोचना हैरान करने वाली और गलत है, क्योंकि ऐसे रेगुलेशंस 2012 से लागू हैं और इन्हें सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में बेहतर बनाया गया है. इंदिरा जयसिंह के मुताबिक, नए नियम पहले से ज्यादा मजबूत हैं और कैंपस में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए संविधान के अनुच्छेद 15 की भावना के अनुरूप हैं।
इस पर एडवोकेट नीरज सिंह का कहना है कि UGC द्वारा किया गया ये वर्गीकरण भेदभाव वाला है. उनके मुताबिक यह नियम SC, ST और OBC समुदायों के साथ दुश्मनी पूर्ण और उन्हें बाहर करने वाला है. उन्होंने कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 के खिलाफ है।
इसी आधार पर उन्होंने कोर्ट से ये मांग की है कि UGC के नियमों की धारा 3 को असंवैधानिक घोषित किया जाए. उन्होंने यह भी बताया कि पहले भी एक याचिका दाखिल हुई थी, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने UGC को निर्देश दिया था कि शैक्षणिक संस्थानों में भेदभाव रोकने के लिए गाइडलाइंस बनाई जाएं. उसी आदेश के तहत UGC ने ये नए नियम बनाए हैं।


