शिक्षा का मंदिर बना अखाड़ा: सांदीपनि विद्यालय में महिला कंडक्टर से मारपीट, मामला पुलिस थाने पहुँचा

शिक्षा का मंदिर बना अखाड़ा: सांदीपनि विद्यालय में महिला कंडक्टर से मारपीट, मामला पुलिस थाने पहुँचा
मल्हारगढ़ (गोपाल मालेचा): नगर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान सांदीपनि विद्यालय में विगत दिनों अनुशासन की धज्जियाँ उड़ती नजर आईं। विद्यालय प्रांगण में खड़ी एक बस के भीतर बाहरी व्यक्ति द्वारा महिला कंडक्टर के साथ मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना ने न केवल स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि अब यह विवाद पुलिस थाने की चौखट तक जा पहुँचा है।
क्या है पूरा मामला ?-प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना के समय विद्यालय के प्राचार्य अशोक वाघेला अपने कक्ष में मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब बस में महिला कर्मचारी के साथ मारपीट हो रही थी, तब अन्य बस कर्मचारी भी वहाँ उपस्थित थे। सूचना मिलते ही प्राचार्य वाघेला मौके पर पहुँचे और कर्मचारियों के बीच बीच-बचाव कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया।
प्राचार्य के खिलाफ ही मोर्चा, पुलिस में आवेदन- हैरानी की बात यह रही कि घटना के बाद पीड़ित महिला कर्मचारी ने बाहरी हमलावर के बजाय प्राचार्य अशोक वाघेला के खिलाफ ही मल्हारगढ़ थाने में आवेदन दे दिया। इस कदम ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। महिला के आवेदन पर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों पक्षों को थाने बुलाया और उनके बयान दर्ज किए।
चर्चाओं का बाजार गर्म: आखिर क्यों दबी रही सच्चाई?-
नगर में इस बात को लेकर गहरी चर्चा है कि:-
▪️जब पूरा विद्यालय परिसर और बसें CCTV कैमरों से लैस हैं, तो मारपीट की यह फुटेज अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं हुई?
▪️प्राचार्य द्वारा उस बाहरी व्यक्ति पर तत्काल कड़ी कानूनी कार्यवाही क्यों नहीं की गई?
▪️वह कौन सी परिस्थिति थी कि पीड़िता ने मदद करने आए प्राचार्य के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया?
फिलहाल, शिक्षा के मंदिर में हुई इस गुंडागर्दी और उसके बाद उपजे विवाद ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। लोग अब पुलिस की जांच और विद्यालय प्रबंधन के अगले कदम का इंतज़ार कर रहे हैं।
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“हम इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। फिलहाल गोपनीय दस्तावेजों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी।” मोहन मालवीय, थाना प्रभारी, मल्हारगढ़*



