मन्दसौर: व्यापारी और हम्माल संघ के बीच विवाद गहराया; दशपुर मंडी में नीलामी अनिश्चितकाल के लिए बंद, करोड़ों रुपये का हुआ नुकसान

मन्दसौर: व्यापारी और हम्माल संघ के बीच विवाद गहराया; दशपुर मंडी में नीलामी अनिश्चितकाल के लिए बंद, करोड़ों रुपये का हुआ नुकसान
मन्दसौर।व्यापारी और हम्माल संघ के बीच हुए विवाद के कारण नीलामी अनिश्चितकाल के लिए बंद है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है और उन्होंने चक्काजाम भी किया; मंडी सचिव के आश्वासन के बावजूद खरीदी शुरू नहीं हुई, और प्रशासनिक अधिकारी भी सुलह कराने में विफल रहे हैं, जिसके कारण किसान अपनी उपज मंडी में नहीं ला पा रहे हैं
मंडी समिति / किसानों का नुकसान:- कई दिनों से अपनी फसल लेकर मंडी में बैठे किसानों को न तो उपज बिकने की उम्मीद है और न ही उचित दाम मिल पा रहे हैं, जिससे मंडी समिति / किसानों का करोड़ों रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
मन्दसौर की कृषि उपज मंडी में पिछले कुछ दिनों से चल रहा गतिरोध अब बड़े संकट में बदल गया है। मंडी समिति ने आगामी आदेश तक मंडी प्रांगण में फसलों की खरीद-बिक्री (नीलामी) को पूरी तरह से बंद करने का आधिकारिक निर्णय लिया है।
विवाद की मुख्य वजह
जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह विवाद 13 जनवरी 2026 को मंडी में कार्यरत लाइसेंसधारी व्यापारियों और हम्माल-तुलावटियों के बीच शुरू हुआ था। मंडी समिति और पुलिस प्रशासन द्वारा दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने की तमाम कोशिशें की गईं, लेकिन आपसी सामंजस्य नहीं बन पाने के कारण गतिरोध बरकरार है।
किसानों का विरोध: मंडी बंद होने और कोई समाधान न निकलने से आक्रोशित किसानों ने महू-नीमच हाईवे पर चक्काजाम भी किया, लेकिन प्रशासन के प्रयास विफल रहे।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
मंडी सचिव द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि: नीलामी कार्य बंद: कानून व्यवस्था और लोक हित को देखते हुए मंडी में क्रय-विक्रय का कार्य अगले आदेश तक स्थगित रहेगा।
उपज न लाएं मंडी समिति ने सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे अपनी कृषि उपज लेकर मंडी प्रांगण में न आएं, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
प्रशासनिक रुख- मंडी समिति का कहना है कि जब तक दोनों संघों (व्यापारी संघ और हम्माल संघ) के बीच सहमति नहीं बनती, तब तक संचालन संभव नहीं है। इस सूचना की प्रतियां पुलिस प्रशासन और संबंधित संघों के अध्यक्षों को भी भेज दी गई हैं।
प्रशासन की भूमिका:- मंडी सचिव और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने सुलह कराने की कोशिश की, लेकिन दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन पाई।



