मध्य प्रदेशरतलाम

समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 18 जनवरी 2026 रविवार

समाचार मध्यप्रदेश  रतलाम 18 जनवरी 2026 रविवार

कृषि रथ द्वारा भ्रमण कर ग्राम पंचायत राजापुरा, कुशलगढ़ एवं पिपलिया जोधा में किसानों को कृषि की उन्नत तकनीकों की जानकारी दी गई

उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास श्रीमती नीलम सिंह चौहान ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार 11 जनवरी से 11 फरवरी तक जिले मे कृषि रथ का संचालन किया जा रहा है। जिसमें कृषि एवं संबद्ध विषयों जैसे उद्यानिकी, पशुपालन, आत्मा, मत्स्य पालन आदि पर किसानों एवं कृषि वैज्ञानिकों के मध्य सीधा संपर्क कायम कर नवीन एवं वैज्ञानिकी तकनीकी सुधार की जानकारी कृषकों को दी जा रही। ग्राम पंचायत राजापुरा माताजी ,ग्राम कुशलगढ़ विकासखंड पिपलोदा एवं ग्राम पंचायत पिपलिया जोधा विकासखंड जावरा में कृषि रथ द्वारा भ्रमण कर जैविक खेती एवं प्राकृतिक कृषि क्षेत्रों का विस्तार, मृदा स्वास्थ्य कार्ड एकीकृत पोषक तत्व, कीट एवं रोग प्रबंधन, कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के उपाय, फसल विविधीकरण को बढावा देना, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, ई विकास प्रणाली अंतर्गत ई-टोकन उर्वरक वितरण व्यवस्था, पराली प्रबंधन के संबंध में जानकारी किसानी को दी गई।

19 जनवरी को विकासखण्‍ड आलोट के ग्राम पंचायत माउखेडी, दूधिया, गुलबालोद, बगुनिया, विकासखण्‍ड पिपलोदा के बरगढ, सोहनगढ, बडायला चौरासी, विकासखण्‍ड जावरा के गोंदीशंकर, गोंदीधर्मसी, मांडवी, विकासखण्‍ड सैलाना के सैरा, बेडदा, आंबापाडा, विकासखण्‍ड रतलाम के मुंदडी, पलास, लालगुवाडी तथा विकासखण्‍ड बाजना के संदला, केलकच्‍छ एवं झरनिया में रथ भ्रमण करेगा। किसान भाई इन पंचायतों में सम्मिलित होकर उक्‍त योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्‍त कर सकते है।

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दिशा समिति की बैठक 18 जनवरी को

कलेक्टर एवं सदस्य सचिव दिशा समिति श्रीमती मिशा सिंह ने बताया कि 18 जनवरी को प्रातः 10 बजे दिशा समिति की बैठक सांसद श्री सुधीर गुप्ता की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित की जाएगी। बैठक में स्वास्थ एवं परिवार कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, भूमि एवं संसाधन विभाग, सड़क/राजमार्ग विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता/दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, आदिवासी विकास/अल्पसंख्यक/पिछड़ा वर्ग विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पशुपालन और डायरी विभाग, आवास और शहरी मामलों का विभाग, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण/ उपभोक्ता मामले विभाग, जल संसाधन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, वित्त विभाग, उद्योग/कौशल विकास और उद्यमिता विभाग, खनिज विभाग, योजना एवं सांख्यिकी विभाग, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, दूरसंचार विभाग, मत्स्य विभाग, श्रम एवं रोजगार विभाग, नवीन एवं नवीनीकरण ऊर्जा विभाग, खेल विभाग, संस्कृति विभाग एवं ई गवर्नेस विभाग की योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। कलेक्टर ने संबंधित विभाग के जिला अधिकारियों को बैठक मे योजनाओं की अद्यतन जानकारी के साथ उपस्थित रहने के लिए निर्देशित किया है।

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खेलो एम पी यूथ गेम की टॉर्च मशाल रिले 20 जनवरी को रतलाम पहुंचेगी

संचानालय खेल और युवा कल्याण विभाग भोपाल द्वारा खेलो एमपी यूथ गेम 2026 का आयोजन चार चरणों में ब्लॉक जिला संभाग एवं राज्य स्तर पर 13 जनवरी से 31 जनवरी तक होगा। राज्य स्तरीय आयोजन प्रदेश के 9 शहर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, रीवा, नर्मदापुरम, सागर, एवं शिवपुरी में आयोजित किये जाएगें।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य एवं खेल मंत्री खेल ओर युवा कल्याण मध्यप्रदेश शासन की उपस्थिति में 13 जनवरी 2026 को खेलों एम पी यूथ गेम्स का शुभंकर एवं एंथम अनावरण किया गया। इस हेतु खेलो एम पी यूथ गेम की टॉर्च मशाल रिले प्रदेश स्तर से विभिन्न जिलो में होते हुए रतलाम जिले में 20 जनवरी को प्रातः 09ः00 बजे पहुंचेगी। जिसमें जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर टॉर्च मशाल रिले को शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय से प्रातः 09ः30 बजे प्रारंभ कर नगर निगम चौराहा, मेहंदीकुई बालाजी, छत्रीपुल, होते हुए नेहरू स्टेडियम पोलो ग्राउंड पर सम्पन्न होगी। उक्त टार्च रिले को सफल बनाने के लिए जिला खेल अधिकारी श्रीमती रूची शर्मा ने टॉर्च मशाल रिले में जिला शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, एनसीसी,एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र मध्य प्रदेश, ओलंपिक संघ राज्य/जिला खेल संघ साथ ही विभिन्न समाजसेवी/ जनप्रतिनिधियों से कार्यक्रम मे उपस्थित होकर सफल बनाने के लिए आग्रह किया है ।

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ताल डीएलसी पर किसानों को ई-टोकन प्रणाली की जानकारी, टोकन से हुआ खाद वितरण

ताल डीएलसी परिसर में किसानों को ई-विकास प्रणाली के अंतर्गत ई-टोकन व्यवस्था की जानकारी दी गई। इस दौरान उपस्थित किसानों को ई-टोकन जनरेट करने की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के पश्चात किसानों द्वारा जनरेट किए गए ई-टोकन के माध्यम से खाद का वितरण किया गया।

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सफलता की कहानी किसान दशरथ पाटीदार की जैविक केंचुआ खाद से सालाना दो लाख की कमाई

ग्राम रसूलपुर मुंडली के प्रगतिशील किसान श्री दशरथ पाटीदार जो की कोरोना काल के पश्चात अपने परिवार के स्वास्थ्य के बारे में काफी परेशान थे। परिवार से विचार विमर्श कर जैविक खेती की ओर अग्रसर हुए और आज एक नए आयाम पर हैं। स्वयं केचुआ खाद बना कर अपने खेत मे उपयोग कर जैविक खेती कर रहे हैं और आसपास के किसानों को केचुआ खाद का विक्रय कर प्रतिवर्ष दो लाख रुपये केचुआ खाद से ही आय अर्जित कर रहे हैं ।

किसान श्री दशरथ पाटीदार ने बताया कि सोयाबीन, लहसुन व अन्य फसलों का उत्पादन लगातार कम हुआ तो हमने 2021 में कृषि विज्ञान केंद्र कालूखेड़ा में मिट्टी की जांच करवाई जिसमें सामने आया कि हमारे खेत की उपजाऊ क्षमता कमजोर हो गई, जिसमें मुख्य तौर पर जीवांश कार्बनिक पदार्थ की मात्रा एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी है। तब हमने कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र, कालूखेड़ा एवं उद्यानिकी विभाग की अनेक योजनाओं का लाभ लेकर केचुआ खाद बनाना शुरू किया ।इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र से जैविक खेती का 25 दिवस का प्रशिक्षण प्राप्त किया और अधिकारियों के मार्गदर्शन में जैविक खेती की अवधारणा की ओर अग्रसर हुए। सबसे पहले केंचुए खाद का उत्पादन केवल एक बेड से शुरू किया, उसका मैने खेतों में प्रयोग किया । उसके परिणाम मिले और आज देखते ही देखते केंचुआ खाद की डिमांड हमारे क्षेत्र के आसपास के किसानों ने भी की और आज खेत की जरूरत के बाद लगभग दो लाख रुपए का केंचुआ खाद सालाना बेच देते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र, कृषि विभाग एवं उद्यान की विभाग के अधिकारियों द्वारा सीजन शुरू होने से पूर्व खेती से संबंधित समस्याओं से अवगत होकर उनका निदान संबंधित उपाय बताते हैं और उन्हीं के अनुरूप हम खेती करते हैं। नई-नई फसलों की उन्नतशील प्रजातियों का ही चयन कर फसल उत्पादन लिया जाता है। अधिकारियों के मार्गदर्शन में खरीफ़ में सोयाबीन की फसल का रकबा कम कर मूंगफली और मक्का लिया। जिससे मुझे सोयाबीन की अपेक्षाकृत ज्यादा लाभ मिला। वर्तमान में मेरे खेत में गेहूं, जौ एवं बेड पर हल्दी चना टमाटर मिर्च अदरक धनिया लहसुन आदि लगा रखा है।

यह खेती हमने पहली बार कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारियों के मार्गदर्शन में कर रहे हैं। अनुमान है कि गेहूं से अच्छा लाभ रहेगा। मैंने हल्दी को घर पर ही पाउडर तैयार कर लगभग 200 रुपए प्रति किलो पाउडर बेचा, जिससे अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हुई।

मैं जैविक खेती को बढ़ावा देने हेतु केंचुआ खाद उत्पादन को और अधिक बढ़ाऊंगा और आसपास के किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित करूगा।

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