मंदसौर
डिगांव मंडल के ग्राम बर्डीयाखेड़ी में आयोजित हुआ भव्य हिंदू सम्मेलन

संतों और संघ पदाधिकारियों ने दिया समाज एकता व राष्ट्रधर्म का संदेश
मन्दसौर। डिगांव मंडल के ग्राम बर्डीयाखेड़ी में विशाल हिंदू सम्मेलन का भव्य एवं गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। सम्मेलन में क्षेत्र के बड़ी संख्या में सनातनी बंधु-भगिनी उत्साहपूर्वक सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम में मंचासीन प्रमुख अतिथियों में परम पूज्य संत श्री श्वासानंद जी महाराज, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग कार्यवाह श्री रामेश्वर धाकड़, मातृ शक्ति किरण दीदी एवं श्रीमती आशा सोनी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
सम्मेलन का शुभारंभ अतिथियों द्वारा गौ माता एवं भारत माता के पूजन-अर्चन से हुआ। इसके पश्चात भैया-बहनों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया और कार्यक्रम को आध्यात्मिक व सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की।
परम पूज्य संत श्री श्वासानंद जी महाराज ने अपनी ओजस्वी एवं ओजस्वी वाणी से समाज को एकजुट होने, आपसी भेदभाव त्यागने और सनातन मूल्यों को आत्मसात करने का प्रेरणादायी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संगठित समाज ही राष्ट्र और धर्म की रक्षा कर सकता है।
मातृ शक्ति किरण दीदी ने अपने उद्बोधन में “पंच परिवर्तन” विषय पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी, नागरिक कर्तव्य और पारिवारिक मूल्यों पर सारगर्भित विचार रखे।
वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग कार्यवाह श्री रामेश्वर धाकड़ ने संघ के शताब्दी वर्ष के महत्व पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज समाज को जाति-पाँति के भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होने, राष्ट्र धर्म के प्रति सजग रहने और सनातन धर्म को समझने व अपनाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के अंत में भारत माता की सामूहिक आरती के साथ विशाल हिंदू सम्मेलन का विधिवत समापन हुआ। समापन के पश्चात सभी उपस्थित सनातनी भाई-बहनों ने प्रेमपूर्वक भोजन प्रसादी ग्रहण की।
यह सम्मेलन समाज में एकता, संस्कार और राष्ट्रभक्ति के भाव को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी आयोजन सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम में मंचासीन प्रमुख अतिथियों में परम पूज्य संत श्री श्वासानंद जी महाराज, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग कार्यवाह श्री रामेश्वर धाकड़, मातृ शक्ति किरण दीदी एवं श्रीमती आशा सोनी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
सम्मेलन का शुभारंभ अतिथियों द्वारा गौ माता एवं भारत माता के पूजन-अर्चन से हुआ। इसके पश्चात भैया-बहनों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया और कार्यक्रम को आध्यात्मिक व सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की।
परम पूज्य संत श्री श्वासानंद जी महाराज ने अपनी ओजस्वी एवं ओजस्वी वाणी से समाज को एकजुट होने, आपसी भेदभाव त्यागने और सनातन मूल्यों को आत्मसात करने का प्रेरणादायी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संगठित समाज ही राष्ट्र और धर्म की रक्षा कर सकता है।
मातृ शक्ति किरण दीदी ने अपने उद्बोधन में “पंच परिवर्तन” विषय पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी, नागरिक कर्तव्य और पारिवारिक मूल्यों पर सारगर्भित विचार रखे।
वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग कार्यवाह श्री रामेश्वर धाकड़ ने संघ के शताब्दी वर्ष के महत्व पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज समाज को जाति-पाँति के भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होने, राष्ट्र धर्म के प्रति सजग रहने और सनातन धर्म को समझने व अपनाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के अंत में भारत माता की सामूहिक आरती के साथ विशाल हिंदू सम्मेलन का विधिवत समापन हुआ। समापन के पश्चात सभी उपस्थित सनातनी भाई-बहनों ने प्रेमपूर्वक भोजन प्रसादी ग्रहण की।
यह सम्मेलन समाज में एकता, संस्कार और राष्ट्रभक्ति के भाव को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी आयोजन सिद्ध हुआ।



