समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 09 जनवरी 2026 गुरुवार

हिंदू सम्मेलन मंडल खड़ावदा
सकल हिंदू समाज का हिंदू सम्मेलन खड़ावदा मंडल का 11 जनवरी 2026 को होने जा रहा है जिसमें 14 गांव खड़ावदा बनिया खेड़ी सेमरोल पीपलखेड़ा सूरजना चापलिया खेड़ी बरामा गोपालपुरा नारायणी देथली खुर्द रूपपुरा कानपुरा झालीया सूरजना मलकाना चांद बरड़ा के सकल हिंदू समाज का तन मन धन पूर्वक सहयोग मिल रहा है हिंदू सम्मेलन के तहत प्रत्येक गांव में ग्राम सभाएं, हनुमान चालीसा, भारत माता की आरती, धर्म ध्वजा यात्रा के कार्यक्रम आयोजित किया जा रहे हैं जिससे पूरे मंडल में उत्साह का वातावरण बना हुआ है अतः मंडल के समस्त ग्राम वासियों से निवेदन है कि हिंदू सम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में पधार कर कार्यक्रम को सफल बनाएं श्री बालाजी हिंदू सम्मेलन समिति के सभी सदस्य तन मन धन पूर्वक कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपना अमूल्य समय दे रहे हैं।
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सभी टोल प्लाजा पर एंबुलेंस मय पैरामेडिकल स्टाफ अनिवार्य रहे : सांसद श्री सुधीर गुप्ता
मंदसौर मंडी परिसर में पोस्तादाना की बिक्री हो, कार्ययोजना बनाएं
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक संपन्न
मंदसौर 8 जनवरी 2026/ सांसद श्री सुधीर गुप्ता की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सुशासन भवन स्थित सभागृह में आयोजित की गई। बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग, पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार मीना, सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन, विधायक श्री हरदीप सिंह डंग, विधायक श्री विपिन जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार, जिला योजना समिति सदस्य श्री राजेश दीक्षित, पूर्व मंत्री श्री कैलाश चावला, पूर्व विधायक श्री यशपाल सिंह सिसोदिया, पूर्व विधायक श्री देवीलाल धाकड़, पूर्व विधायक श्री राधेश्याम पाटीदार, जनपद अध्यक्ष श्री बसंत शर्मा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती मनुप्रिया विनीत यादव, श्रीमती प्रियंका मुकेश गिरी गोस्वामी, श्री नाना लाल अटोलिया, श्री निहालचंद मालवीय सहित दिशा समिति के सदस्य अन्य जनप्रतिनिधि, जिला अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में सांसद श्री गुप्ता ने निर्देश दिए कि जिले के सभी टोल प्लाजा पर मानक अनुरूप एंबुलेंस मय पैरामेडिकल स्टाफ अनिवार्य रूप से तैनात रहे। सड़क दुर्घटना की स्थिति में एंबुलेंस की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि घायल व्यक्ति को शीघ्र अस्पताल पहुंचाया जा सके। राहवीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे दुर्घटना में मदद करने वाले व्यक्ति को तत्काल प्रोत्साहन राशि मिल सके।
सांसद ने मंदसौर कृषि उपज मंडी में पोस्तादाना की खरीद-बिक्री मंडी परिसर में ही सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इस संबंध में मंडी सचिव को कार्ययोजना तैयार करने तथा आगामी 16 जनवरी को व्यापारियों के साथ बैठक आयोजित कर अध्ययन एवं आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि दिशा समिति की बैठक प्रत्येक तीन माह में आयोजित की जाएगी। सड़कों के निर्माण एवं संधारण में मानक व मापदंडों का कड़ाई से पालन किया जाए। बिटुमिन का सही उपयोग सुनिश्चित हो। सड़कों के ट्रैफिक की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, सर्विस रोड पर सांकेतिक बोर्ड लगाए जाएं एवं अतिक्रमण हटाया जाए। टोल प्लाजा अंतर्गत विभाग प्रमुखों द्वारा टोल टैक्स गणना शीट प्रस्तुत की जाए।
एमपीआरडीसी विभाग को निर्देशित किया गया कि बिना अनुमति पेड़ों की कटाई करने वाली एजेंसियों पर कार्यवाही करते हुए पेनल्टी लगाई जाए। सोनगरी गांव में सड़कों पर किए गए अतिक्रमण आगामी 7 दिवस में हटाने, साइन बोर्ड लगाने तथा सड़क किनारे बिना मुंडेर वाले कुओं का सर्वे कर उन्हें सुरक्षित करने के निर्देश दिए गए। सड़क किनारे पौधारोपण अनिवार्य रूप से कराया जाए, अन्यथा अनुवर्ती कार्यवाही की जाएगी। सांसद द्वारा प्रत्येक तीन माह में सड़कों के निरीक्षण हेतु कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। बैठक में एनएचएआई अधिकारी की अनुपस्थिति पर नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
पीआईयू विभाग को शिवना प्रोजेक्ट के अंतर्गत सिवरेज कार्य शीघ्र पूर्ण करने, नर्सिंग कॉलेज एवं शिवना ब्रिज का कार्य समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए। ब्रिज सेतु निगम को सभी लंबित पुल कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। आगामी 19 एवं 20 जनवरी को जिले में चल रहे सभी ब्रिज कार्यों का निरीक्षण किया जाएगा।
योजना एवं सांख्यिकी विभाग को सांसद एवं विधायक निधि की राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वन विभाग द्वारा बताया गया कि फरवरी माह में चार चीते बोत्सवाना से गांधी सागर क्षेत्र में छोड़े जाएंगे। साथ ही नीलगाय से किसानों की फसलों की सुरक्षा एवं स्लेट पेंसिल के अवैध उत्खनन पर प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं के कार्यों की जांच के लिए जांच दल गठित करें। नपा सिवरेज प्लान के लिए 1 सप्ताह में स्थिति क्लियर करे। सिवरेज प्लान के लिए थर्ड पार्टी 3 दिन में एग्रीमेंट सांसद और कलेक्टर को दिखाए। कृषि विभाग जैविक खेती में वृद्धि करे। स्वाइल हेल्थ कार्ड का प्रचार करे। हर विधानसभा में 1 शत प्रतिशत स्वाइल हेल्थ कार्ड वाला आदर्श गांव बनाया जाए।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि टीबी के अंतर्गत कैंपेन मोड में लगातार काम करते रहे। हर स्वास्थ्य केंद्र पर एएनएम हो या सुनिश्चित करें। शिक्षा विभाग जर्जन भवनो की सूची प्रेषित करें। खेल अधिकारी श्री बोरीवाल के विरुद्ध डीई शुरू करें।
बैठक के दौरान विकसित भारत जी-राम-जी योजना के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। जानकारी देते हुए बताया गया कि इस योजना के माध्यम से बेरोजगारी भत्ता का भी प्रदान किया गया है। 125 दिन का रोजगार मिलेगा। इस कानून में पहली बार रोजगार एक कानून अधिकार रहेगा। इसमें तीन गुना ज्यादा बजट प्रावधान है। 15 दिन में अगर भुगतान नहीं होता है तो मुआवजा भी दिया जाएगा।
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जिला विकास सलाहकार समिति का हुआ गठन
मंदसौर 8 जनवरी 26/ जिले के समग्र एवं दीर्घकालीन विकास को दृष्टिगत रखते हुए मंदसौर जिला विकास सलाहकार समिति का गठन किया गया है। समिति के अध्यक्ष मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे। समिति की उपाध्यक्ष महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जिले की प्रभारी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया हैं, जबकि सदस्य/सचिव मंदसौर कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग रहेंगी।
समिति में उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, लोकसभा सांसद श्री सुधीर गुप्ता, राज्यसभा सांसद श्री बंशीलाल गुर्जर सदस्य होंगे। इसके अतिरिक्त सुवासरा विधायक श्री हरदीपसिंह डंग, गरोठ विधायक श्री चंदरसिंह सिसोदिया, मंदसौर विधायक श्री विपीन जैन, मंदसौर नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार समिति के सदस्य बनाए गए हैं।
साथ ही मंदसौर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री बसंत शर्मा, मल्हारगढ़ जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पाबाई कन्हैयालाल पाटीदार, सीतामऊ जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रूकमणबाई मांगीलाल, गरोठ जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अंतरकुवंर रणजीतसिंह, भानपुरा जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री विजय पाटीदार को भी समिति में शामिल किया गया है।
समिति के अन्य सदस्यों में श्री राजेश दीक्षित, श्री यशपालसिंह सिसोदिया, श्री देवीलाल धाकड़, श्री राधेश्याम पाटीदार, श्री मदनलाल राठौर, श्री अनिल कियावत, श्रीमती सुषमा आर्य, श्री मुकेश काला, श्री मानसिंह माछोपुरिया, श्री नानालाल आटोलिया, श्री धीरज पाटीदार, श्री रमेशचंद्र चंद्रे, श्री गोपाल पटवा, श्रीमती प्रियंका गोस्वामी, श्री संजय मुरडिया, श्री विकास सुराना, श्री तेजपालसिंह शक्तावत, श्री राधेश्याम कुमावत, श्री क्षितिज पुरोहित एवं श्री विकास भंडारी शामिल हैं।
जिले के सभी विभाग प्रमुखों के साथ-साथ पुलिस, वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, लोक निर्माण विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी आवश्यकतानुसार समिति की बैठकों में आमंत्रित किए जाएंगे।
समिति के उद्देश्य एवं कार्य
जिले की जनता, जनप्रतिनिधियों एवं अन्य हितधारकों की आवश्यकताओं एवं सुझावों के अनुरूप जिले के दीर्घकालीन विकास की योजना तैयार करना। जिले की परंपरागत एवं स्थानीय कौशलों को चिन्हित कर प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल के सिद्धांत के अंतर्गत राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित करते हुए जिले की समृद्धि का रोडमैप तैयार करना। स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सुझाव देना। जिले में प्रचलित स्थानीय नवाचारों को योजनाबद्ध स्वरूप प्रदान करना। रोजगार सृजन एवं विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सुझाव प्रस्तुत करना। उद्योग, व्यापार, जल संरचनाओं के संरक्षण, निर्यात, कृषि, खनिज, पर्यावरण सहित अन्य क्षेत्रों में जिले की कार्ययोजना हेतु सुझाव देना है।
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निःशुल्क कृत्रिम पैर चिन्हांकन शिविर 19 जनवरी को उज्जैन में आयोजित होगा
मंदसौर 8 जनवरी 26 / उप संचालक सामाजिक न्याय विभाग मंदसौर द्वारा बताया गया कि रोटरी क्लब ऑफ उज्जैन ग्रेटर द्वारा रत्नानिधि चेरिटेबल ट्रस्ट, मुंबई के सौजन्य एवं रोटरी क्लब ऑफ इन्दौर अपटाऊन के सहयोग से 19 जनवरी 2026 को, प्रशांति गार्डन, होटल अंजूश्री के सामने, इंदौर रोड़, उज्जैन में निःशुल्क कृत्रिम पैर चिन्हांकन शिविर का आयोजित किया जाएगा।
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मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट 11 और 12 जनवरी को
समिट से सशक्त स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम में मिलेगी मदद
मंदसौर 8 जनवरी 26 / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ‘विकसित एम.पी. @2047’विज़न को सकारात्मक गति देने और अधिक सुदृढ़ करने के साथ ही स्टार्ट-अप इको-सिस्टम को अगले स्तर तक ले जाने के उद्देश्य से 11 एवं 12 जनवरी 2026 को रवींद्र भवन, भोपाल में मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट 2026 का आयोजन होने जा रहा है। सोमवार 12 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसमें सहभागिता करेंगे। समिट में राज्य एवं देश भर से स्टार्ट-अप्स, निवेशक, इनक्यूबेटर्स, उद्योग प्रतिनिधि, शैक्षणिक संस्थान एवं अन्य हितधारक सहभागिता करेंगे। यह समिट स्टार्ट-अप्स को निवेश, नेटवर्किंग, नीति संवाद एवं नवाचार प्रदर्शन का एक सशक्त मंच प्रदान करेगी।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप नीति–2025 का फ़रवरी 2025 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में विमोचन के साथ राज्य में नवाचार एवं उद्यमिता को एक नई दिशा प्राप्त हुई। नीति के सफल क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप प्रदेश के स्टार्ट-अप इको-सिस्टम को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान एवं तीव्र गति प्राप्त हुई है। नवीन नीति से स्टार्ट-अप्स के प्रत्येक चरण के लिए वित्तीय सहायता, इनक्यूबेशन, निवेश, पेटेंट सहयोग एवं बाजार से जुड़ाव जैसे अनेक सशक्त प्रावधान सुनिश्चित किए गए, जिससे प्रदेश में नवाचार-आधारित आर्थिक विकास को गति मिली है।
आयुक्त एमएसएमई श्री दिलीप कुमार ने स्टार्ट-अप्स, नव प्रवर्तकों, उद्यमियों, निवेशकों, इनक्यूबेटर्स एवं स्टार्ट-अप इको-सिस्टम से जुड़े हितधारकों का आह्वान किया है कि वे इस स्टार्ट-अप समिट में सक्रिय रूप से सहभागिता करें। आयुक्त एमएसएमई ने कहा कि स्टार्ट-अप्स नवाचार-आधारित विकास एवं रोजगार सृजन की आधारशिला है। यह समिट स्टार्ट-अप्स के लिए अपने विचारों, उत्पादों एवं समाधानों को प्रदर्शित करने, निवेशकों एवं नीति-निर्माताओं से संवाद स्थापित करने तथा मध्यप्रदेश के सशक्त स्टार्ट-अप इको-सिस्टम का हिस्सा बनने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
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टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर से जुड़ेंगे मध्यप्रदेश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
5 हजार करोड़ की लागत से 625 किलोमीटर लम्बाई में विकसित होंगे मार्ग
मध्यप्रदेश और दिल्ली-एनसीआर होंगे नजदीक
मध्यप्रदेश को निरंतर मिल रही सड़क एवं राजमार्ग परियोजनाओं की सौगात
दिसंबर-2027 तक पूर्ण होंगी अनेक सड़क परियोजनाएं
मंदसौर 8 जनवरी 26 / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत में मध्यप्रदेश सबसे अधिक टाइगर वाला राज्य है। मध्यप्रदेश में सर्वाधिक टाइगर रिजर्व भी हैं। मध्यप्रदेश में सभी प्रकार के वन्यजीवों के संरक्षण के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में वन्यजीव पर्यटन स्थलों को एक कॉरिडोर से जोड़ा जा रहा है। इसे टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर नाम दिया गया है। राज्य सरकार वन्यजीवों और पर्यटन को प्रोत्साहन दे रही है। मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति के कारण टाइगर कॉरिडोर एक प्रकार से पड़ोसी राज्यों के लिए भी बड़ी सौगात होगी। व्यावसायिक एवं अन्य सभी जरूरी गतिविधियों के लिए यह मार्ग सुगमता पूर्वक उपलब्ध रहेगा। प्रदेश में प्रमुख टाइगर रिजर्व को आपस में जोड़ने वाली सड़कों का उन्नयन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि टाइगर रिजर्व पेंच से कान्हा, कान्हा से बांधवगढ़ और बांधवगढ़ से पन्ना को परस्पर जोड़ने वाली सड़कों की लम्बाई 625 किलोमीटर होगी। मार्गों के उन्नयन और विकास पर 5 हजार करोड़ रुपए की राशि व्यय होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश को कई सौगातें मिल रही हैं। श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में चीतों की बसाहट के बाद यह क्षेत्र वन्यप्राणी प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मध्यप्रदेश सहित पड़ोसी राज्य राजस्थान और उत्तरप्रदेश के अलावा अन्य राज्यों के पर्यटक भी भ्रमण के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे मध्यप्रदेश को निरंतर महत्वपूर्ण सौगातें मिल रही हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के माध्यम से मध्यप्रदेश को राजमार्गों की सौगात मिली है। मध्यप्रदेश में ग्वालियर, भिंड, श्योपुर सहित चंबल पूरे बेल्ट को अटल प्रगति पथ का लाभ मिलेगा। यह चंबल क्षेत्र को उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर को जोड़ने के लिए अत्यंत कारगर सिद्ध होगा। अटल प्रगति पथ के निर्माण से क्षेत्र में सभी प्रकार के उद्योगों और पर्यटन की गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल प्रगति पथ की लागत लगभग 12 हजार करोड़ है। इसके प्रारंभ होने से मध्यप्रदेश से दिल्ली-एनसीआर की दूरी घटकर लगभग 3 से 4 घंटे रह जाएगी। साथ ही इससे दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर और पोर्ट्स के लिए मध्यप्रदेश की पहुंच आसान होगी, जिससे प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश को भोपाल-जबलपुर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के रूप में बड़ी सौगात मिली है, जिसकी लागत 9716 करोड़ है। इसके अलावा भोपाल-इंदौर-प्रयागराज, जबलपुर-नागपुर और इंदौर-धुले-पुणे परियोजनाएं विकसित भारत@2047 के लक्ष्य हासिल करने में सहायक सिद्ध होंगी। हाल ही में केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी से भविष्य में चारों दिशाओं में कई प्रकार के मार्गों को सुदृढ़ करते हुए निर्माण के संबंध में महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ है। परियोजनाओं के लिए समयबद्ध रोडमैप तय किया गया है। सिंहस्थ-2028 को दृष्टिगत रखते हुए सड़क परियोजनाओं को दिसंबर 2027 तक पूर्ण करने के लिए समय-सीमा भी निश्चित की गई। खंडवा बायपास, जबलपुर रिंग रोड, इंदौर-हरदा, रीवा बायपास के संबंध में निर्देश दिए गए हैं कि सभी परियोजनाएं समय पर पूर्ण की जाएं। परियोजनाओं में गति और गुणवत्ता लाने के उद्देश्य से निरंतर समीक्षा बैठक भी की जाएंगी।
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देश और प्रदेश के गांवों की तस्वीर बदल देगी विकसित भारत जी-राम-जी योजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
यह योजना मजदूर और किसान दोनों के लिए लाभकारी, ग्रामीण विकास में होगी सहायक
मजदूरों को 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी
अब कृषि श्रमिक भी उपलब्ध हो सकेंगे, आजीविका के स्थायी स्रोत विकसित किए जाएंगे
ग्रामीण कौशल और उद्यमिता में भी होगी वृद्धि
बेरोजगारी भत्ता देना होगा, विलम्बित मजदूरी के रूप में श्रमिकों को मिलेगी अतिरिक्त राशि
विकसित भारत जी-राम-जी योजना में जवाबदेहिता और पारदर्शिता पर है पूरा जोर
मंदसौर 8 जनवरी 26 / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गांवों, गरीबों और किसानों का समग्र कल्याण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इन्हें समृद्ध और सशक्त बनाना ही हमारा मूल लक्ष्य है। इसके लिए हम वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष के रूप में मना रहे है। इस वर्ष कृषि आधारित उद्योगों के विकास के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। हम सभी विभागों और कृषि क्षेत्र में कार्य करने वाले स्वयंसेवी संगठनों, संस्थाओं और व्यक्तियों के साथ मिलकर किसानों के कल्याण के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के 15 से अधिक बड़े विभाग कृषि वर्ष मनाने में सक्रिय भूमिका निभायेंगे। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के नेतृत्व में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन एवं डेयरी, मत्स्य पालन, जल संसाधन, सहकारिता, ऊर्जा, राजस्व, वन, कुटीर एवं ग्रामोद्योग, लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन सहित मंडी बोर्ड, बीज निगम, कृषि अभियांत्रिकी, एमपी एग्रो, दुग्ध संघ, मार्कफेड, एमपी वेयर हाऊसिंग एंड लॉजीस्टिक्स निगम और ग्रामीण आजीविका विकास मिशन विभिन्न रोजगार आधारित विकास गतिविधियों के जरिए किसानों के कल्याण के लिए संयुक्त रूप से प्रभावी प्रयास करेंगे।
क्या है विकसित भारत जी-राम-जी ?
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के सभी गांवों, गरीबों और किसानों के चहुमुखी विकास एवं जरूरतमंदों को ग्राम स्तर पर रोजगार दिलाने के लिए ही केन्द्र सरकार द्वारा विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अर्थात वीबी जी-राम-जी अधिनियम 2025 लागू किया गया है।
‘हर हाथ को काम’ मुहैया कराने के लिए इस अधिनियम में एक ग्रामीण परिवार को अब 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है। मनरेगा अधिनियम में रोजगार की यह गारंटी मात्र 100 दिन की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वीबी जी-राम-जी योजना देश के सभी गांवों की तस्वीर बदल देगी है। यह गरीबों, खेतीहर मजदूरों, किसानों सभी के लिए बेहद लाभकारी है। इस योजना से गांवों के विकास को भी मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहले किसानों को कृषि से जुड़े कामों के लिए श्रमिक ही नहीं मिलते थे, पर वीबी जी-राम-जी योजना में कृषि के व्यस्ततम समय, विशेषकर बुवाई और कटाई के समय पर्याप्त मात्रा में कृषि श्रमिकों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है। इस अधिनियम में राज्यों को एक वित्त वर्ष में कुल 60 दिन की अवधि अधिसूचित करने का प्रावधान किया गया है, बीज बुवाई एवं फसल कटाई की व्यस्ततम समयावधि को भी रोजगार उपलब्ध कराने की अवधि में शामिल किया जा सकेगा। प्रावधान के अनुसार इस अवधि में अधिनियम के अंतर्गत सम्मिलित अन्य कार्य नहीं किए जाएंगे।
कार्य योजना बनाकर मिशन को देंगे गति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए हम समुचित कार्य योजना बनाने जा रहे हैं। इससे मिशन को गतिपूर्वक संचालित किया जाएगा। इसमें गोपालन को बढ़ावा दिया जाएगा, साथ ही कई अन्य सुधार भी इस अधिनियम के दायरे में रहकर किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हर जिले में स्टॉल्स, मार्केट आदि लगाने की व्यवस्थाएं भी की जाएगी। हमने तय किया है कि हर जिले में स्टॉल्स के माध्यम से किसानों के प्राकृतिक उत्पाद आमजन को उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए हम सभी किसानों को आवश्यकतानुसार अनुदान भी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा योजना के क्रियान्वयन में पहले 6 प्रतिशत प्रशासनिक अमला तैनात किया गया था। विकसित भारत जी-राम-जी योजना में इस कार्यकारी अमले की तादाद बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दी गई है। इससे योजना के क्रियान्वयन में जवाबदेहिता बढ़ेगी, साथ ही सभी गतिविधियों को पूरी पारदर्शिता से अंजाम दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के क्रियान्वयन के लिए केन्द्र सरकार तय मानकों के आधार पर देश के हर राज्य को एक निश्चित राशि भी देगी। अधिनियम में ग्रामीण आजीविका निर्माण के स्थाई स्रोत विकसित करने पर जोर दिया गया है। इससे ग्रामीणों के देशज ज्ञान, कौशल, उद्यमिता और उनमें निहित कला प्रतिभाओं को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
बेरोजगारी भत्ता भी दिया जाएगा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस अधिनियम में बेरोजगारी भत्ता और विलम्बित मजदूरी देने का प्रावधान भी रखा गया है। इसमें तहत यदि किसी ग्रामीण परिवार को उसके मांग करने के बावजूद तय समय सीमा के भीतर काम नहीं दिया जाता है, तो राज्य सरकार तय की गई दरों एवं शर्तों के अनुसार संबंधित मांगकर्ता परिवार को बेरोजागारी भत्ता देने के लिए भी बाध्य होगी। इसी तरह काम पूरा कर लेने के बाद भी यदि किसी कारणवश मजदूर को उसकी निर्धारित मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है, तो मुआवजे के तहत उसे विलम्बित मजदूरी के रूप में अतिरिक्त राशि देने का प्रावधान भी इस अधिनियम में है।
पंचायती राज संस्थाओं की होगी पूरी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हितग्राहीमूलक रोजगार कार्यों के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, गैर अधिसूचित जनजातियां, खानाबदोश, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, महिला मुखिया परिवार, दिव्यांग मुखिया परिवार, भूमि सुधार के हितग्राही, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं वन अधिकार अधिनियम के हितग्राही, छोटे और सीमान्त किसानों को इस अधिनियम में प्राथमिकता दी जायेगी। अधिनियम में पंचायती राज संस्थाओं – ग्रामसभा, ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, जिला पंचायत तथा राज्य रोजगार गारंटी परिषद को भी स्पष्ट जिम्मेदारियां दी गई हैं। अधिनियम में विकसित भारत जी-राम-जी स्कीम में शुरु किए गए निर्माण कार्यों की जियो-टैगिंग, डिजीटल रिकॉडिंग एवं सूचना प्रबंधन प्रणाली तथा नियोजित किए गए सभी मजदूरों को तेजी से समुचित भुगतान देने के लिए डिजीटल तथा बायोमैट्रिक भुगतान प्रणाली और ग्रामसभा द्वारा सोशल ऑडिट द्वारा योजना की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि अधिनियम में पंचायती राज संस्थाओं के विभिन्न स्तरों पर एक समयबद्ध एवं शिकायत निवारण तंत्र तथा कुछ दंडात्मक प्रावधान भी किए गए हैं। इसके लिए शिकायतों के निवारण में पारदर्शिता और इसकी मॉनिटरिंग के लिए शिकायत प्रबंधन सूचना प्रणाली की डिजीटल व्यवस्था स्थापित की जाएगी।
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शासकीय कार्यालयों में बगैर वैध दस्तावेज के वाहन नहीं चल सकेंगे
दुर्घटना में क्षतिपूर्ति सुनिश्चित करने सरकार का बड़ा फैसला
बीमा, फिटनेस व परमिट अनिवार्य
परिवहन विभाग ने जारी किए आदेश
मंदसौर 8 जनवरी 26 /मध्यप्रदेश शासन के परिवहन विभाग ने शासकीय विभागों, निगमों एवं निकायों द्वारा विभिन्न प्रयोजनों के लिए अनुबंधित किए जाने वाले वाहनों के संबंध में नवीन निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेशानुसार अब बगैर वैध दस्तावेजों के किसी भी वाहन को शासकीय कार्यालयों में उपयोग में नहीं लिया जाएगा।
शासकीय विभागों द्वारा सीधे अथवा निजी एजेंसियों के माध्यम से उपयोग में लाए जाने वाले मालवाहक एवं यात्री वाहनों के सभी वैधानिक दस्तावेज अनुबंध से पूर्व और वाहन उपयोग की संपूर्ण अवधि के दौरान वैध होना अनिवार्य होगा। साथ ही, विभागों को भुगतान से पहले भी इन दस्तावेजों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
परिवहन विभाग ने यह भी निर्देश दिये है कि खनिज अथवा अन्य सामग्री के परिवहन के लिये जारी की जाने वाली अनुमति संबंधित वाहन की निर्धारित क्षमता से अधिक नहीं होनी चाहिए। अनुबंधित वाहनों द्वारा नियमानुसार मोटरयान कर का भुगतान किया गया होना चाहिए।
ई-मेल से भीप्राप्त कर सकते हैं मार्गदर्शन
सभी विभागों, निगमों एवं निकायों को यह सुविधा प्रदान की गई है कि वे अपने यहां अनुबंधित अथवा एजेंसियों द्वारा उपयोग में लाए जा रहे वाहनों के संबंध में परिवहन आयुक्त कार्यालय, मध्यप्रदेश, ग्वालियर से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए ई-मेल आईडी commr.transpt@mp.gov.in पर पत्र प्रेषित किया जा सकता है।
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