श्री सांवलिया सेठ मंदिर प्रांगण में श्रीमद्भागवत कथा एवं कवि सम्मेलन श्रवण करने उमड़ी भीड़

श्री सांवलिया सेठ मंदिर प्रांगण में श्रीमद्भागवत कथा एवं कवि सम्मेलन श्रवण करने उमड़ी भीड़
मन्दसौर। मालवा क्षेत्र के प्रसिद्ध भगवान श्री लक्ष्मीनारायण (सांवलिया सेठ) मंदिर पर चल रहे वर्षगांठ के आयोजन में भगवान सांवलिया सेठ व यज्ञ नारायण भगवान के जयकारे से गुंज उठा लदुसा धाम।मंदिर समिति ट्रस्टी महेश व्यास लदुसा ने बताया कि भागवत कथा में हजारों की संख्या में भक्त पहुंचकर सनातन धर्म की महिमा श्रवण कर अपने जीवन को धन्य कर रहे है। संगीतमय भागवत कथा बाल विदुषी लक्ष्मीजी के मुखारविन्द से आयोजित हो रही है।आपने अपने अमृत वचनों में बताया कि धर्म स्थल को जब पर्यटन स्थल का केन्द्र बना दिया जाता है तो वह तपो स्थली भोग स्थली हो जाती है। जब तक माता पिता, गौ, ब्राह्मण व संतों की रक्षा इस धरती पर होती रहेगी तब तक इस सृष्टि में वृष्टि (वर्षा) होती रहेगी, इसलिये धर्म की जय हो अधर्म का नाश हो प्राणियों में सद्भावना हो, विश्व का कल्याण हो। आपने कहा कि जब मनुष्य की संवेदना मर चुकी हो, शब्द खामोश हो चुके हो ऐसी स्थिति परिस्थितियों में कलयुग अपना प्रभाव तेजी से दिखाता है। बाल विदुषी के अमृत वचनों को सुनकर श्रोता भाव भक्तिमय हो गये।इस अवसर पर कथा जजमान रामेश्वर धाकड़, रामविलास ठन्ना, मदनलाल व्यास, बापूलाल पपोण्डिया, कन्हैयालाल पाटीदार, कैलाश पपोण्डिया, हीरालाल वीर सपत्नी जजमान एवं आयोजन समिति व ग्रामवासी सहित बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित रहे।बुधवार, 5 जनवरी की रात्रि में मंदिर परिसर में विशाल कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिसमें उपस्थित कवियों ने अपनी काव्य रचनाओं से उपस्थित श्रोतागणों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उपस्थित कवियों ने धार्मिक एवं सामाजिक कविताओं का पाठ किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रोतागण उपस्थित रहे।
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