
रिपोर्टर जितेंद्र सिंह चंद्रावत जडवासा
जिला शिक्षा केन्द्र की नए वार्डन की नियुक्ति में लेटलतीफी, कार्यकाल पूरा होने के बाद भी छात्रावास में जमे हैं वार्डन
ढोढर। शासन द्वारा संचालित सर्व शिक्षा अभियान के तहत आवासीय छात्रावास में बालक और बालिकाओं को शासन की सभी प्रकार सूविधा व योजनाओं का लाभ मिलता है। इस अभियान के तहत रतलाम जिले के विभिन्न छात्रावास में एक-एक वार्डन कि नियुक्ति की जाती है। इस नियुक्ति के आदेश राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा दिए गए हैं।जिसके तहत जिला शिक्षा केन्द्र को इसकी पुरी प्रक्रिया करनी होती है और जहां छात्रावास हैं, उसी गांव के शिक्षक-शिक्षिका जो वार्डन के लिए इछूक है। वह जिला शिक्षा केन्द्र में इस पद के लिए आवेदन करते हैं। जिला शिक्षा केन्द्र इस पद के लिए तीन साल का कार्यकाल तक का आदेश जारी करता है। रतलाम जिले के विभिन्न छात्रावासों में पदस्थ वार्डनों का कार्यकाल समाप्त हुए छः माह से अधिक समय बीत चुका है। लेकिन अभी तक नए वार्डनों की नियुक्ति का आदेश जारी नहीं हुआ है। जिला शिक्षा केन्द्र रतलाम द्वारा इच्छुक वार्डन के आवेदन भी ले रखे हैं। लेकिन वार्डन के आदेश को छ माह बित चुके हैं। शासन के नियमानुसार पात्र नई वार्डन को छ माह पूर्व ही आदेश मिल जाना चाहिए था। लेकिन जिला शिक्षा केन्द्र की लेटलतीफी के कारण शासन के आदेश के नियम का सही समय पर पालन नहीं हो रहा है। इस सम्बंध में पुर्व सरपंच शंकरलाल चोधरी ने कहा है कि अधिकारी शासन के आदेश नियम का पालन नहीं कर रहे हैं और जो तीन साल का समय पूर्ण कर चुकी वार्डनों को अतिरिक्त समय देकर फायदा पहुंचा रहे हैं। इस मामले में नवनियुक्त ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र सिंह चंद्रावत चिकलाना ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को वार्डन नियुक्ति प्रक्रिया पर ध्यान देना चाहिए। ताकि शासन के आदेश का पालन सही समय पर हो।



