
रिपोर्टर जितेंद्र सिंह चंद्रावत जडवासा
जांच में अनुविभागीय अधिकारी सुनील जायसवाल के नेतृत्व में जनपद पंचायत एवं राजस्व विभाग के अधिकारी शामिल रहे
जडवासा। ग्राम रियावन, तहसील पिपलौदा, जिला रतलाम निवासी गौरव जैन द्वारा दिनांक 11 नवम्बर 2025 को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत क्रमांक 35309040 दर्ज कराई गई थी। शिकायत में उल्लेख किया गया था कि ग्राम पंचायत रियावन में पंचायत से संबंधित अभिलेखों एवं सरकारी भूमि के मामलों में गंभीर अनियमितताएँ की गई हैं। शिकायत के अनुसार पंचायत की भवन पंजिका गायब कर दी गई तथा खसरा नंबर 377 को 377/1, 377/2 और 377/3 में विभाजित कर सरकारी भूमि की फर्जी रजिस्ट्री कराई गई।
शिकायत में यह भी बताया गया था कि जनपद पंचायत पिपलौदा की जांच रिपोर्ट दिनांक 05 फरवरी 2025 में तत्कालीन सचिव अशोक परमार और वर्तमान सचिव घनश्याम सूर्यवंशी को दोषी पाया गया था। इसके बावजूद जांच पूर्ण होने के कई माह बाद तक न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई। शिकायतकर्ता द्वारा यह भी उल्लेख किया गया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज एक अन्य शिकायत को बिना निराकरण के बंद कर दिया गया।
शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जिला पंचायत द्वारा पत्र क्रमांक 7950 दिनांक 01 दिसंबर 2025 के तहत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जावरा की अध्यक्षता में जांच दल का गठन किया गया। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर 19 दिसम्बर 2025 को यह स्थिति दर्ज की गई कि शिकायतकर्ता की असंतुष्टि के बाद मामला उच्च स्तर के अधिकारी को भेजा गया है तथा जांच दल द्वारा कार्यवाही प्रचलन में है।
इसी क्रम में जांच दल ने ग्राम पंचायत रियावन में पहुंचकर स्थल निरीक्षण किया। जांच के दौरान सीईओ जनपद पंचायत पिपलौदा श्रृंगार श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार श्रद्धा त्रिवेदी, पटवारी दीपक मेहता तथा ग्राम पंचायत रियावन के सचिव ईश्वर लाल पाटीदार मौके पर उपस्थित रहे। जांच दल द्वारा पंचायत कार्यालय में उपलब्ध अभिलेखों, भूमि से संबंधित दस्तावेजों, रजिस्टरों तथा शिकायत में उल्लेखित बिंदुओं का अवलोकन किया गया और मौके पर वास्तविक स्थिति का परीक्षण किया गया।
जांच के दौरान अनुविभागीय अधिकारी अनुभाग राजस्व जावरा द्वारा ग्राम पंचायत रियावन के सचिव को निर्देश दिए गए कि वे इस प्रकरण से संबंधित सभी दस्तावेजों, अभिलेखों और रिकॉर्ड के साथ आगामी मंगलवार को कार्यालय में उपस्थित हों। जांच दल द्वारा स्पष्ट किया गया कि कार्यालय में प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों के आधार पर मामले की विस्तृत समीक्षा की जाएगी और जांच रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों से अभिलेखों के संबंध में जानकारी ली गई तथा शिकायत में उठाए गए बिंदुओं का मिलान पंचायत एवं राजस्व रिकॉर्ड से किया गया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जांच दल द्वारा संकलित तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट जिला पंचायत एवं संबंधित विभागों को प्रस्तुत की जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्यवाही तय की जाएगी।
शिकायतकर्ता गौरव जैन का कहना है कि उन्होंने यह शिकायत केवल उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर की है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत रियावन में अभिलेखों और सरकारी भूमि से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और नियमों के अनुसार जिम्मेदारी तय की जा सके। उन्होंने जांच दल द्वारा ग्राम पंचायत में आकर जांच करने तथा दस्तावेज तलब किए जाने को महत्वपूर्ण कदम बताया है।
वर्तमान में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर शिकायत की स्थिति कार्यवाही प्रचलन में दर्शाई गई है। जांच दल की रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद ही इस प्रकरण में आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।



