समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 06 जनवरी 2026 मंगलवार

जयस की मांग के समर्थन मे विधायक एवं पूर्व विधायक सहित कई जनप्रतिनिधियों का समर्थन मिल रहा
मन्दसौर। आदिवासी नायक राणा पूंजा भील की प्रतिमा की मांग को लेकर जयस संगठन का धरना प्रदर्शन निरंतर जारी है। जयस की मांग के समर्थन मे कई सामाजिक एवं राजनैतिक सदस्यों का समर्थन मिल रहा है। प्रतिमा नही लगेगी तब तक अनिश्चीत धरना जारी रहेगी। यह जानकारी जयस के जिला मीडिया प्रभारी अनिल तंवर द्वारा देते हुए बताया की जय आदिवासी युवा शक्ति जयस संगठन मंदसौर के अनिश्चितकालीन धरने पर सोमवार को विपिन जैन विधायक मंदसौर द्वारा समर्थन दिया गया। रविवार को भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने पहुंचकर आश्वासन जताया। जिला अध्यक्ष राजेश दीक्षित, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया, जिला उपाध्यक्ष विनय दुबेला और नगर पालिका उपाध्यक्ष पीतेश चावला ने धरना स्थल पर पहुंचकर संगठन के पदाधिकारियों से चर्चा की। पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने स्पष्ट आश्वासन दिया कि वीर राणा पूंजा भील की मूर्ति स्थापना के लिए नगर पालिका परिषद में प्रस्ताव पारित कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि आदिवासी नायक राणा पूंजा भील के सम्मान में यह मूर्ति शीघ्र स्थापित की जाएगी। इस अवसर पर भाजपा नेता अंशुल बैरागी भी मौजूद रहे, जिन्होंने शासन-प्रशासन से मूर्ति स्थापना की मांग को दोहराया।धरने में अन्य भाजपा पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। जयस संगठन के कार्यकर्ताओं ने नेताओं के इस आश्वासन पर संतोष जताया और धरना जारी रखने का कहा कि संतुष्ट पूर्ण जवाब का प्रतीक्षा करेंगे तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। यह कदम आदिवासी समुदाय के गौरवपूर्ण इतिहास को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस अवसर पर जयस जिला अध्यक्ष मंदसौर, राजु खराड़ी नीमच जिला अध्यक्ष, बद्रीलाल महुनिया जिला उपाध्यक्ष, नरेंद्र भुज, जयस जिला महासचिव, सुरेश चौहान, नंदलाल खराड़ी, नरेंद्र गमेतिया, सुरेश निनामा व समाज के कई वरिष्ठजन माताएं बहने युवा साथी मौजुद थे।==========
सीतामऊ साहित्य महोत्सव अंतर्गत 6 जनवरी शाम 5:30 बजे सेवा कुंज, लदूना में होगा आकाशदीप का आयोजन
मंदसौर 5 जनवरी 26/ सीतामऊ की गौरवशाली साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को समर्पित सीतामऊ साहित्य महोत्सव का भव्य आग़ाज़ कार्यक्रम 06 जनवरी 2026, शाम 5:30 बजे सेवा कुंज, लदूना में आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन जिले में साहित्य, कला और संस्कृति के संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
आग़ाज़ कार्यक्रम में विधायक श्री हरदीप सिंह डंग एवं कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ आकाशदीप आसमान में छोड़कर भव्य आतिशबाज़ी के साथ किया जाएगा। इस अवसर पर सीतामऊ साहित्य महोत्सव के मैस्कट (Mascot) मटरु का अनावरण (Unveiling) भी किया जाएगा, जो महोत्सव की पहचान एवं मूल भावना को दर्शाएगा।
इससे पूर्व, दोपहर के समय बच्चों के लिए एक विशेष बाल मेले का आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं द्वारा रचनात्मक एवं आकर्षक स्टॉल्स लगाए जाएंगे। मेले में पानीपुरी, फ्रूट चाट, मेहंदी पेंटिंग सहित अनेक मनोरंजक एवं स्वादिष्ट स्टॉल्स बच्चों द्वारा संचालित किए जाएंगे, जो उनकी रचनात्मकता, आत्मनिर्भरता एवं सहभागिता को प्रोत्साहित करेंगे।
सीतामऊ साहित्य महोत्सव का यह आग़ाज़ कार्यक्रम साहित्य, संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता का एक सशक्त मंच सिद्ध होगा, जिसमें जनसामान्य, विद्यार्थी एवं साहित्य प्रेमी बड़ी संख्या में सहभागिता करेंगे।
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नगर पालिका प्रत्येक वार्ड में दल गठित कर पेयजल स्रोतों की जांच सुनिश्चित करे : कलेक्टर श्रीमती गर्ग
सुरक्षित पेयजल सर्वोच्च प्राथमिकता, दूषित पानी पर तुरंत कार्रवाई के दिए निर्देश
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने बैठक में जल की जांच कर दिया प्रशिक्षण
मंदसौर 5 जनवरी 26/ कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग की अध्यक्षता में नगर पालिका सभागृह में साप्ताहिक अंतर-विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अनुकूल जैन, समस्त जनपद पंचायत सीईओ, नगर परिषदों के सीएमओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी तहसीलदार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।
बैठक में जिले की संपूर्ण पेयजल व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल स्रोतों की स्थिति, जल गुणवत्ता एवं जल जांच की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक नगरीय निकाय अपने-अपने वार्डों में टीम गठित कर सभी पेयजल स्रोतों की जांच करे तथा किसी भी स्रोत को खुला न छोड़ा जाए। टंकी, पाइपलाइन एवं कुओं की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए और इसका निर्धारित शेड्यूल बनाया जाए।
कलेक्टर ने कहा कि ड्रेनेज सिस्टम और पेयजल आपूर्ति आपस में मिक्स न हो, इसकी विशेष निगरानी की जाए। यदि कहीं पाइपलाइन क्षतिग्रस्त या मिश्रित पाई जाती है तो तत्काल मरम्मत या प्रतिस्थापन कराया जाए। सभी लंबित पेयजल शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण करें तथा दूषित पानी की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि शत-प्रतिशत आबादी को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए। फिल्टर प्लांट, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) सहित सभी संयंत्रों की नियमित सफाई कराई जाए तथा पीएचई विभाग के साथ समन्वय कर मासिक जल परीक्षण कराया जाए। एसडीएम द्वारा रैंडम सैंपलिंग कर जल जांच कराई जाए।
कलेक्टर ने कहा कि जिन वार्डों एवं गांवों में नगर पालिका के पेयजल स्रोत उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें चिन्हित कर आगामी सात दिवस में स्रोतों की जांच पूर्ण की जाए। इसके लिए प्रत्येक वार्ड में दल गठित कर निरीक्षण कराया जाए। सभी नगरीय निकाय जीआईएस पोर्टल पर पेयजल लाइन एवं संबंधित कार्यों की जानकारी अपडेट करें।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि पीएचई विभाग ग्राम पंचायतों में संचालित पेयजल योजनाओं को नियमानुसार 15 जनवरी तक पंचायतों को सुपुर्द करे। किसी भी एजेंसी या कंपनी द्वारा दी गई जल गुणवत्ता रिपोर्ट की गंभीरता से समीक्षा की जाए।
कलेक्टर ने कहा कि जनता को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी स्वयं फील्ड में जाकर निरीक्षण करें, समस्याओं की पहचान करें और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। टंकियों की सफाई की तिथि अंकित की जाए, पेयजल स्रोतों का नियमित निरीक्षण कर कार्ययोजना तैयार की जाए तथा नवीन तकनीकों का उपयोग किया जाए।
बैठक के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा सभी विभागों को जल जांच का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें बैक्टीरिया टेस्ट, क्लोराइड टेस्ट सहित विभिन्न परीक्षणों की प्रक्रिया की जानकारी दी गई तथा सैंपल लेकर जल जांच कर प्रदर्शन किया गया।
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जिले के विभिन्न वेटलैंड साइट (आद्रभूमि) क्षेत्रों में एशियन वॉटरबर्ड सेंसस का आयोजन संपन्न
मंदसौर 5 जनवरी 26 / वनमण्डल अधिकारी श्री संजय रायखेरे द्वारा बताया गया कि जिले की प्रमुख आर्द्रभूमि क्षेत्रों (वेटलैंड) में शामिल गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य सहित जिले की लदुना तालाब, मल्हाडगढ तालाब, तेलिया तालाब आदि लगभग 40 वेटलैंड साइट (आद्रभूमि) क्षेत्रों में 03 जनवरी 2026 और 04 जनवरी 2026 को प्रथम एशियन वॉटरबर्ड सेंसस आयोजित किया गया। इस अभ्यास के माध्यम से प्रवासी और स्थानीय जलपक्षियों की गणना सहित उनकी प्रजातीय विविधता का सर्वेक्षण किया गया।
इस सर्वेक्षण में वन विभाग सहित जिले के स्थानीय पक्षी प्रेमियों (वॉलंटियर्स) एवं वाइल्ड लाइफ वॉरियर के सदस्यों ने भाग लिया।
ये पक्षी सर्दियों में अनुकूल तापमान और भोजन के लिए गांधीसागर के बेकवाटर क्षेत्र में आते हैं, जिससे इस क्षेत्र का पारिस्थितिक महत्व बढ़ जाता है।
इस सर्वेक्षण में पेंटेड स्टार्क, वूली नेक्ड स्टार्क, रूडी शाल डक जेसे पक्षियों के साथ साथ पेंटेड स्पर्फाउल, रेड क्रेस्टेड पाचार्ड, डालमेटियन पेलिकन, ग्रेट थिक नी, चेस्टनट बेलीड सैंडग्राउज़, ब्लक्क टेल्ड गॉडविट, इंडियन ईगल उल्लू, पक्षास गल, पलिड हरियर जाने पक्षियों सहित लगभग 169 प्रजातियों के पक्षी दिखाई दिए। जो पक्षियों के लिए आवश्यक क्षेत्र की अनुकूलता को दर्शाता हैं।
इस सेंसस से प्राप्त आंकड़े वश्विक जलपक्षी डाटाबेस में शामिल किए जाएंगे और प्रवासी पक्षियों के संरक्षण की याजनाओं को बनाने में मदद करेंगे।
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जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक 8 जनवरी को
मंदसौर 5 जनवरी 26 / सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन द्वारा बताया गया कि जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सांसद श्री सुधीर गुप्ता की अध्यक्षता में 8 जनवरी 2026 को प्रातः 10 बजे सुशासन भवन सभागृह में होगी।
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पाले से फसलों की सुरक्षा के लिए किसानों को कृषि विभाग की महत्वपुर्ण सलाह
मंदसौर 5 जनवरी 26 / उप संचालक कृषि विभाग श्री रविंद्र मोदी द्वारा बताया गया कि किसान भाईयों को पाले से फसलों की सुरक्षा एवं सर्तकता हेतु सलाह दी जाती है कि पाला का पूर्वानुमान जिस दिन आकाश पूर्णतया साफ हो, वायु में नमी की अधिकता हो।
कड़ाके की सर्दी हो, सायंकाल के समय हवा में तापमान ज्यादा कम हो एवं भूमि का तापमान शून्य डिग्री सेंटीग्रेट अथवा इससे कम हो जाए, ऐसी स्थिति में हवा में विद्यमान नमी जल वाष्प संघनीकृत होकर ठोस अवस्था में (बर्फ) परिवर्तित हो जाता है। इसके साथ ही पौधों की पत्तियों में विद्यमान जल संघनित होकर बर्फ के कण के रूप में परिवर्तित हो जाते हैं जिससे पत्तियों की कोशिका भित्ती क्षतिग्रस्त हो जाती है जिससे पौधों की जीवन प्रक्रिया के साथ-साथ उत्पादन भी प्रभावित होता है।
पाला से बचाव के उपाय-पाला पड़ जाने पर नुकसान की संभावना अत्यधिक होती है। ऐसी स्थिति में किसान भाई सावधानी अपना कर फसलो को बचा सकते हैं।
पाले की संभावना पर रात में खेत में 6-8 जगह पर धुआं करना चाहिये। यह धुआं खेत में पड़े घास-फूस अथवा पत्तिया जलाकर भी किया जा सकता है। यह प्रयोग इस प्रकार किया जाना चाहिये कि धुआं सारे खेत में छा जाए तथा खेत के आसपास का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक आ जाए। इस प्रकार धुआं करने से फसल का पाले से बचाव किया जा सकता है।
पाले की संभावना होने पर खेत की हल्की सिंचाई कर देना चाहिये। इससे मिट्टी का तापमान बढ़ जाता है तथा नुकसान की मात्रा कम हो जाती है। सिंचाई बहुत ज्यादा नहीं करनी चाहिये तथा इतनी ही करनी चाहिये जिससे खेत गीला हो जाए।
रस्सी का उपयोग भी पाले से काफी सुरक्षा प्रदान करता है। इसके लिये दो व्यक्ति सुबह-सुबह (जितनी जल्दी हो सके) एक लंबी रस्सी को उसके दोनों सिरों से पकड़ कर खेत के एक कोने से लेकर दूसरे कोने तक फसल को हिलाते चलने है। इससे फसल पर रात का जमा पानी गिर जाता है तथा फसल की पाले से सुरक्षा हो जाती है।
रसायन से पाला नियंत्रण वैज्ञानिकों द्वारा रसायनों का उपयोग करके भी पाले को नियंत्रित करने के संबंधी प्रयोग किये गए हैं।
घुलनशील सल्फर 0.3 से 0.5 प्रतिशत् का घोल (3 से 5 एम.एल./ली. पानी के साथ)
घुलनशील सल्फर 0.3 से 0.5 प्रतिशत बोरान 0.1 प्रतिशत घोल (3 से 5 एम.एल./ली. +1 एम.एल. पानी के साथ)
गंधक के एक लीटर तेजाब को 1000 लीटर पानी में मिलाकर छिड़कने से लगभग दो सप्ताह तक फसल पाले के प्रकोप से मुक्त रहती है।
रसायनों विशेषतया गंधक के तेजाब का उपयोग अत्यंत सावधानीपूर्वक तथा किसी कृषि विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में ही किया जाना चाहिये।
कोई भी एक घोल बनाकर छिड़काव करके फसल को पाले से बचाया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिये अपने क्षेत्र के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी/ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं तकनीकी सलाह हेतु नजदीकी कृषि विज्ञान केन्द्र से संपर्क करें।
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संस्कृत विद्यालयों की नवीन संबंद्धता एवं नवीनीकरण के लिये आवेदन 5 जनवरी से
मंदसौर 5 जनवरी 26 / महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान म.प्र. द्वारा सत्र 2026-27 के लिए वर्तमान में प्रचलित पाठ्यक्रम के आधार पर प्रदेश के शासकीय/आदर्श संस्कृत विद्यालय/अशासकीय संस्कृत विद्यालय/शासकीय संस्कृत महाविद्यालय/परम्परागत सामान्य संस्कृत विद्यालय एवं प्राच्य आवासीय संस्कृत विद्यालय (छात्रावास युक्त) संस्कृत विद्यालयों को संस्थान से नवीन सम्बद्धता प्राप्त करने के लिये अथवा सम्बद्धता नवीनीकरण के लिये सोमवार 5 जनवरी 2026 से आवेदन की प्रक्रिया एम.पी.ऑनलाइन के माध्यम से प्रारंभ की जा रही है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है।
30 जनवरी तक संबंधित शालाओं द्वारा एम.पी. ऑनलाइन पर नवीन सम्बद्धता/सम्बद्धता नवीनीकरण आवेदन करने के बाद 15 फरवरी 2026 तक आवेदन की हार्डकॉपी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा की जाना आवश्यक है।
इस संबंध में विस्तृत जानकारी महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान की वेबसाइट www.mpssbhopal.org पर देख सकते है। साथ ही कार्यालयीन दिवसों में संस्थान के दूरभाष नंबर 0755-2576214, 2576215 एवं 2576209 पर संपर्क कर प्राप्त कर सकते है।
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पत्रकार साथियों की कलम की बाउंसर, शब्दों की गुगली और रिपोर्टर्स का रन रेट लोकतंत्र में लगाता है चार चांद: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री ने किया 31वें आईईएस- डिजिआना इंटरप्रेस क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ
मंदसौर 5 जनवरी 26 / मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि पत्रकार साथियों की कलम की बाउंसर, शब्दों की गुगली और रिपोर्टर्स का रन रेट लोकतंत्र में चार चांद लगाता है। हमारा मध्यप्रदेश हमेशा से दमदार खिलाड़ियों और मजबूत पत्रकारों की धरती रहा है। देश हित में पत्रकारिता को दिशा देने वाले प्रदेश के पत्रकारों ने दिल्ली तक को गौरवान्वित किया है। पंडित माखनलाल चतुर्वेदी और भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई जैसे कई पत्रकारों का साहित्य और पत्रकारिता में योगदान अनुकरणीय और वंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को भोपाल खेल पत्रकार संघ द्वारा ओल्ड कैंपियन ग्राउंड पर आयोजित 31वें आईईएस- डिजिआना इंटरप्रेस क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल खेल पत्रकार संघ लगातार तीन दशक से इंटर प्रेस क्रिकेट टूर्नामेंट का निरंतर आयोजन कर रहा है। इस आयोजन में क्रिकेट मैच के साथ- साथ आत्मीयता की भी वर्षा होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं भी इस क्रिकेट टूर्नामेंट में आने की हैट्रिक लगा रहे हैं। क्रिकेट टूर्नामेंट को निरंतरता देने संस्था का प्रयास सराहनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टूर्नामेंट के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग, पूर्व विधायक श्री ध्रुव नारायण सिंह, वरिष्ठ पत्रकार श्री मृगेंद्र सिंह, श्री विजय दास, श्री तेजेंद्र सिंह, जिला अध्यक्ष श्री रवीन्द्र यति, समाजिक कार्यकर्ता श्री राहुल कोठारी सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी, अधिकारी, पत्रकार और खेल प्रेमी उपस्थित थे।
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डायल-112 : त्वरित सहायता, संवेदनशील पुलिसिंग और सुरक्षित जीवन का प्रतीक
विगत 3 दिनों में डायल – 112 की प्रभावी कार्यवाही
मंदसौर 5 जनवरी 26 / मध्यप्रदेश में संचालित डायल-112 आपातकालीन सेवा त्वरित प्रतिक्रिया, मानवीय संवेदनशीलता और जन-सुरक्षा का उत्कृष्ट उदाहरण बन गई है। प्रदेशभर में विभिन्न जिलों में डायल-112 की प्रभावी कार्यवाहियों से नागरिकों को समय पर राहत और सुरक्षा प्राप्त हो रही है।
दुर्घटना में त्वरित सहायता से बची जान
मंदसौर- टायर फटने से पलटी बस, 10 घायलों को मिला उपचार
जिले के थाना शामगढ़ क्षेत्र में उज्जैन हाईवे पर ढाबला गुर्जर गांव के पास टायर फटने से एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसमें 10 व्यक्ति घायल हो गए। सूचना मिलते ही डायल-112 टीम तत्काल मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी घायलों को एफआरवी वाहन एवं चिकित्सा वाहन की सहायता से शासकीय चिकित्सालय पहुंचाया गया।
शिवपुरी- सड़क दुर्घटना में 08 घायलों को समय पर उपचार
थाना कोलारस क्षेत्र में बस एवं ट्रक की टक्कर की सूचना प्राप्त होते ही डायल-112 टीम तत्काल मौके पर पहुंची। दुर्घटना में 08 व्यक्ति घायल हो गए। डायल-112 जवानों द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए घायलों को एफआरवी वाहन एवं चिकित्सा वाहन के माध्यम से सुरक्षित चिकित्सालय पहुंचाया।
छतरपुर : मोटरसाइकिल टक्कर में घायल दो लोगों को पहुंचाया अस्पताल
थाना किशनगढ़ क्षेत्र के कदवारा-गढ़वाली मार्ग पर दो मोटरसाइकिलों की टक्कर में दो लोग घायल हो गए। सूचना मिलते ही डायल-112 टीम ने मौके पर पहुंचकर घायलों को सुरक्षित रूप से अस्पताल पहुंचाया।
नर्मदापुरम- वाहन की टक्कर से घायल युवक को पहुंचाया अस्पताल
थाना सिवनी मालवा क्षेत्र में मोटरसाइकिल सवार युवक को अज्ञात वाहन द्वारा टक्कर मारने की सूचना पर डायल-112 टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। युवक गंभीर रूप से घायल अवस्था में था। डायल-112 जवानों ने तत्परता दिखाते हुए घायल युवक को एफआरवी वाहन से अस्पताल पहुंचाया।
डायल-112 सेवा आज प्रदेशवासियों के लिए आपात स्थिति में त्वरित सहायता का विश्वसनीय माध्यम बन चुकी है।
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शहर की अग्रणी सामाजिक संस्था जयरामजी की प्रयास सेवा समिति का चतुर्थ पारिवारिक मिलन समारोह संपन्न
सर्वप्रथम समिति के सभी सदस्य परिवार सहित बैंक आफ इंडिया चौराहे पर एकत्रित हुए एवं वहां से समिति द्वारा बस की व्यवस्था की गई थी सभी जन बस एवं कार के माध्यम से समारोह स्थल तक आनंदपूर्वक झूमते गाते पहुंचे, समारोह की शुरुआत में समिति के सभी सदस्यों ने परिवार सहित हनुमान चालीसा का पाठ किया उसके बाद बालाजी महाराज की भव्य महाआरती का आयोजन हुआ। तत्पश्चात् सकल सिंधी समाज के संत योगीराज, श्री स्वामी लीलाशाह जी महाराज एवं समाज के आराध्य देव भगवान श्री झूलेलाल जी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन किया गया व स्वामी जी की प्रार्थना की गई, उसके पश्चात अल्पाहार का आयोजन रखा गया।
इस दौरान खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गई । दोपहर में सबने मिलकर नाश्ते का आनंद लिया उसके बाद एक बार फिर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं एवं मनोरंजन कार्यक्रमों का दौर चला जिसमें सभी बच्चों, बड़ों, महिलाओं एवं पुरुषों सभी ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। तत्पश्चात् सभी ने मिलकर सीतामऊ स्थित जैन तीर्थ जहाज महल पहुंचकर भगवान के दर्शन लाभ लिए।
इस अवसर पर मिलन समारोह में पधारे हुए अतिथिगण लाड़ी लोहाणा सिंधी पंचायत के पूर्व प्रांत प्रमुख श्री विनोद कोतक एवं लाड़ी लोहाना सिंधी पंचायत सीतामऊ के नगर प्रमुख हेमंत पागानी, प्रयास सेवा समिति के अध्यक्ष प्रकाश लालवानी एवं पूरे समारोह में अपना सेवा रूपी सहयोग प्रदान करने वाले भाई ललित पागानी द्वारा खेल प्रतियोगिता में विजयी हुए सभी विजेताओ को पुरस्कार प्रदान किए गए, अंत में सहभोज का आयोजन हुआ सभी ने एक साथ मिलकर सहभोज का आनंद लिया।


