अवैध अस्पताल का बोर्ड गायब मरीज के मौत के बाद खुला था मामला

अवैध अस्पताल का बोर्ड गायब मरीज के मौत के बाद खुला था मामला
गोरखपुर पीपीगंज थाना क्षेत्र के भगवानपुर स्थित एक अवैध रूप से संचालित अस्पताल में मरीज की मौत के बाद मचा बवाल थमने के बाद अब अस्पताल संचालक मौके से फरार हो गया है तथा अस्पताल का बोर्ड भी हटा दिया गया है।घटना शुक्रवार की है जब भरवल निवासी 75 वर्षीय वृद्ध की इलाज के दौरान अचानक मौत हो गई। परिजनों ने हंगामा करते हुए अस्पताल में तोड़फोड़ की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पूछताछ के लिए डॉ को थाने ले गई थी, लेकिन परिजनों द्वारा तहरीर न दिए जाने के कारण कार्रवाई नहीं हुई। वहीं नायब तहसीलदार प्रकाश सिंह, एडिशनल सीएमओ डॉ. के.एन. बर्नवाल व कैंम्पियरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) प्रभारी डॉ. विनोद वर्मा की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। अस्पताल में संचालक या कोई कर्मचारी मौजूद न होने पर टीम ने संयुक्त रूप से नोटिस चस्पा किया और तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा।तीन दिन बीत जाने के बाद भी नोटिस का कोई जवाब नहीं आया, बल्कि अस्पताल पर लगा बोर्ड हटा दिया गया। सूत्रों के अनुसार यह अस्पताल मेडिकल स्टोर के आड़ में अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। वर्तमान में अस्पताल बंद है और संचालक फरार बताया जा रहा है सूत्रों के अनुसार मौके पर मिले डॉ अन्य जिले में सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर कार्यरत हैं। क्षेत्र में ऐसे अवैध अस्पतालों का एक नेटवर्क सक्रिय है, जहां झोला छाप डॉ कमीशन के लालच में मरीजों को रेफर करते हैं और गरीबों की मजबूरी का फायदा उठाकर धन उगाही की जाती है।इस संबंध में सीएचसी कैम्पियरगंज के अधीक्षक डॉ. विनोद वर्मा ने बताया कि नोटिस का जवाब नहीं मिला है। मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है और निर्देश मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।



