अगले 15 से 20 दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शीतलहर और घने कोहरा का अनुमान

अगले 15 से 20 दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शीतलहर और घने कोहरा का अनुमान
मंदसौर।मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी के अगले 15 से 20 दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शीतलहर और घने कोहरे का डबल अटैक देखने को मिलेगा। राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में बारिश की भी संभावना है, जिससे ठिठुरन और बढ़ सकती है।मौसम विभाग के मुताबिक आगामी 3 दिनों तक घना कोहरा छाया रहेगा। इसके बाद तेज सर्दी का एक दौर और आएगा। कुल मिलाकर जनवरी के आखिर तक सर्दी का जोर बना रहेगा।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले सात दिनों के दौरान उत्तर भारत में रात और सुबह के समय घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की प्रबल संभावना है। विभाग की ओर से कई राज्यों में शीतलहर चलने की संभावना व्यक्त की गई है।
दूसरे सप्ताह के मध्य में मौसम में थोड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने की प्रबल संभावना बन रही है। जब भी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता है, हवाओं का रुख बदलता है और अरब सागर से नमी आती है। इसके परिणामस्वरूप, 12 से 15 जनवरी के बीच मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, विशेषकर पश्चिमी एमपी (इंदौर, उज्जैन संभाग) और भोपाल के आसपास हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। इसे स्थानीय भाषा में ‘मावठा’ गिरना कहते हैं। यह बारिश रवि की फसलों, विशेषकर गेहूं और चने के लिए अमृत समान होगी, लेकिन अगर ओलावृष्टि हुई तो नुकसान भी हो सकता है।
मप्र के प्रमुख शहरों का मौसम और तापमान का हाल
मध्य प्रदेश के हर शहर का मौसम एक जैसा नहीं होता। आइए जानते हैं कि आज 4 जनवरी और उसके बाद प्रमुख शहरों का हाल कैसा रहेगा।
राजधानी भोपाल में सुबह के समय हल्की धुंध रह सकती है। दिन में मौसम साफ रहेगा लेकिन शाम होते ही सिहरन बढ़ जाएगी। अगले 15 दिनों में भोपाल में न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री के बीच झूलता रहेगा।
इंदौर मालवा क्षेत्र में ठंड का असर ग्वालियर की तुलना में थोड़ा कम रहता है, लेकिन फिर भी रातें सर्द रहेंगी। इंदौर में अगले 15 दिनों में मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है, हालांकि दूसरे सप्ताह में बादल छा सकते हैं।
ग्वालियर और चंबल संभाग ठंड का केंद्र बने रहेंगे। यहाँ पाला पड़ने की भी संभावना है, जिससे किसानों को अपनी फसलों को बचाने के लिए उपाय करने होंगे। अगले 15 दिन का मौसम MP में सबसे ज्यादा चर्चा ग्वालियर के गिरते पारे की ही होगी।
जबलपुर में भी कड़ाके की ठंड का दौर जारी रहेगा। पचमढ़ी के करीब होने के कारण ठंडी हवाएं सीधे जबलपुर को प्रभावित करेंगी।
बदलते मौसम और कड़ाके की ठंड का सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। अगले 15 दिनों में सर्दी, खांसी, जुकाम और वायरल फीवर के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। हृदय रोगियों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
ठंड से बचने के लिए शरीर को पूरी तरह से ढककर रखें। गर्म पानी और ताज़ा भोजन का सेवन करें। विटामिन सी युक्त फलों का सेवन बढ़ा दें ताकि आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे। सुबह की सैर पर जाने वाले लोग सूर्योदय के बाद ही घर से निकलें तो बेहतर होगा।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 15 दिनों के पहले सप्ताह में मौसम शुष्क रहेगा। हालांकि, दूसरे सप्ताह (12-15 जनवरी के आसपास) में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या मावठा गिरने की संभावना बन रही है।
पूर्वानुमान के अनुसार, पचमढ़ी हमेशा की तरह सबसे ठंडा स्थान रहेगा, जहाँ तापमान 2-3 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। मैदानी इलाकों में ग्वालियर, दतिया और नौगांव में सबसे कम तापमान दर्ज किए जाने की आशंका है, जो 4-5 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
सुचना -यह लेख मौसम विभाग (IMD) और विभिन्न मौसम एजेंसियों द्वारा उपलब्ध कराए गए मॉडलों और पूर्वानुमानों पर आधारित एक सामान्य जानकारी है। मौसम प्रकृति के अधीन है और इसमें कभी भी तेजी से बदलाव हो सकता है।


