
भारत एक ऐसी पुण्य भूमि है जो कभी भी वीरांगना विहीन नहीं हुई –श्रीमती सोनल पगारिया
ताल ब्यूरो चीफ शिवशक्ति शर्मा
भारत एक ऐसी पुण्य भूमि है जो कभी भी वीरांगना विहीन नहीं हुई। सतयुग में काली, त्रेता में सीता, मैत्रेयी, गार्गी द्वापर में द्रोपदी, रुक्मणी और कलि काल में लक्ष्मीबाई, अहिल्याबाई, जीजामाता से लेकर आज तक कई वीरांगनाओं ने जन्म लिया है। उपरोक्त विचार ताल नगर में राष्ट्र सेविका समिति में रानी लक्ष्मी बाई की जयंती पर मणिकर्णिका: एक निरंतर दौड़ शोभायात्रा के अवसर पर जावरा नगर की सह कार्यवाहिका श्रीमती सोनल पगारीया ने व्यक्त किये।
शोभा यात्रा से पूर्व अंचल बौद्धिक प्रमुख श्रीमती सोनल दीदी ने कहा हम सब लक्ष्मीबाई, अहिल्याबाई, जीजामाता की ही संताने हैं। हम सभी में देश प्रेम और वीरता का तत्व है परंतु हम सुप्त अवस्था में हैं। आज हम यहाँ रानी लक्ष्मी बाई की जयंती केवल हार फूल माला पहनाकर, शोभायात्रा निकालने को एकांगी नहीं हुए वरन् हम उनके जीवन से प्रेरणा लेकर स्पर्श पाकर स्वयं में शक्तिधारण करने हम यहाँ एकत्रित हुए हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर शिक्षिका प्रांत संयोजिका जया दीदी ने की। बौद्धिक के पश्चात शोभा यात्रा अंबा माता मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य मार्गों से निकली। अतिथियों का परिचय पुष्पा गौड़ दीदी ने दिया। अमृत वचन परिचय परमार दीदी तथा ऐक्य गीत का नेतृत्व समाप्ति तिथि दीदी ने विरावत किया। कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम् के साथ हुआ। उपरोक्त जानकारी राष्ट्र सेविका समिति की विभाग कार्यवाहिका श्रीमती सोनाली जैन ने दी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में नगर के गणमान्य जन उपस्थित थे।



