मंदसौर जिलासीतामऊ

सकल ब्राह्मण समाज व करणी सेना सीतामऊ द्वारा संतोष वर्मा के खिलाफ सीतामऊ थाने में दिया ज्ञापन कठोर कार्रवाई कि मांग

सकल ब्राह्मण समाज व करणी सेना सीतामऊ द्वारा संतोष वर्मा के खिलाफ सीतामऊ थाने में दिया ज्ञापन कठोर कार्रवाई कि मांग

 

सीतामऊ।सकल ब्राह्मण समाज व करणी सेना सीतामऊ द्वारा सामूहिक रूप से विरोध कर आईएएस संतोष वर्मा के खिलाफ सीतामऊ थाने में ज्ञापन दिया गया और कठोर कार्यवाही की मांग की गई।

यह ज्ञापन जिसमे विप्र सेना तहसील अध्यक्ष घनश्याम शर्मा ,संगठन पदाधिकारी धर्मेंद्र शर्मा, विनय राजोरिया, मिथुन शर्मा,शुभम पाठक,रोहित द्विवेदी, कपिल भार्गव , गोविंद परसाई,नितेश शर्मा, संजय शर्मा, नवीन पण्डया, चितामन प्रधान, दिपक शर्मा,टिकाराम प्रधान ,निलेश शर्मा, राजू द्विवेदी, प्रवीण द्विवेदी , कुलदीप दुबे आदि कार्यकर्ता गण तथा करणी सेना सीतामऊ परिवार से लोकेन्द्रसिंह मोरखेडा़ जिला उपाध्यक्ष दशरथ सिंह सासरी पिपल्या तहसील अध्यक्ष और अन्य कार्यकर्ता गण उपस्थित हुए।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि 23 नवंबर 2025 को भोपाल स्थित डॉ. अंबेडकर जयंती मैदान में आयोजित अजाक्स सम्मेलन के दौरान संतोष वर्मा द्वारा सार्वजनिक मंच से ब्राह्मण समाज की बेटी एवं महिलाओं को लेकर अत्यंत आपत्तिजनक, अपमानजनक और समाज में वैमनस्य फैलाने वाला भाषण दिया गया।

इस भाषण का वीडियो प्रसारण सोशल मीडिया के माध्यम से पूरे प्रदेश में फैल गया, जिससे ब्राह्मण समाज सहित समस्त हिंदू समाज की महिलाओं में गहरा आक्रोश, पीड़ा और असुरक्षा की भावना पैदा हुई है।राष्ट्रीय परशुराम सेना ने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि संतोष वर्मा द्वारा दिया गया यह वक्तव्य न केवल धर्म, जाति और मूलवंश के आधार पर समुदाय विशेष का अपमान करता है, बल्कि समाज में जातिगत विद्वेष, अशांति और सामाजिक ताना-बाना भंग करने वाला है।

इस कृत्य से ब्राह्मण समाज की गरिमा को ठेस पहुंची है और महिलाओं के प्रति अत्यंत निर्लज्ज एवं अमर्यादित अभिव्यक्ति की गई है।

इस प्रकार का भाषण गंभीर अपकृत्य होकर गंभीर अपराध की श्रेणी मे आता है,सीतामऊ विप्र सेना व करणी सेना संतोष वर्मा के खिलाफ आवदेन प्रस्तुत कर अनुरोध करता है कि संतोष वर्मा के विरुद्ध अपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए।विप्र परशुराम सेना ने मांग की है कि समाज की मर्यादा, महिलाओं की सुरक्षा, और सामाजिक सौहार्द की रक्षा हेतु तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

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