नवरात्रि मोड़ी माताजी भक्तों को तीन स्वरूपों में देती हैं दर्शन, समिति एवं जन सहयोग से मातारानी का दरबार ले रहा भव्य स्वरूप

नवरात्रि मोड़ी माताजी भक्तों को तीन स्वरूपों में देती हैं दर्शन, समिति एवं जन सहयोग से मातारानी का दरबार ले रहा भव्य स्वरूप
सीतामऊ।आराध्य देवी मयूर वाहिनी मां मोडी माता के दरबार में चैत्र नवरात्रि पर बड़ी संख्या में भक्तजन पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन मां मोडी माता जी तीन स्वरूपों में दर्शन देती है। प्रातः काल में बाल्यावस्था, दोपहर में युवावस्था एवं शाम के समय वृद्धावस्था का स्वरूप भक्तों को दर्शन आशीर्वाद देती है।
एतिहासिक जानकारी में यह मंदिर 1600 इस्वी के लगभग का है।यह मंदिर क्षेत्र सात खेड़ा गांव से जुड़ा रहा है।यहां दुर्गा महिषासुर माताजी की मूर्ति स्वयंभू होकर अति चमत्कारिक है। नगर के सभी धार्मिक, सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यक्रमों की शुरुआत एवं वाहन रैलियां की शुरुआत भी इसी मंदिर से होती है। यहां पर समाजसेवकों भक्तों के द्वारा श्री मयूर वाहिनी मां मोडी माताजी मंदिर सौंदर्यकरण एवं नवनिर्माण के लक्ष्य लेकर निरंतर कार्य किया जा रहा है। जन सहयोग से लगभग 15 लाख रुपए से ज्यादा राशि के विकास कार्य करवाए जा चुके हैं जिससे मंदिर परिसर का पूरा परिदृश्य अत्यंत मनमोहक एवं सुंदर भव्यता का रुप ले रहा है। समिति द्वारा किए गए विकास कार्यों के बाद यहां पहुंचने वाले भक्तों की संख्या में भी काफी इजाफा हो गया है।
समिति के कार्यकर्ता सेवकों ने बताया कि द्वारा यहां आने वाले भक्तों हेतु स्वच्छ पेयजल के लिए वाटर कूलर लगाया गया है। मंदिर प्रांगण में बाउंड्री का सौंदर्यकरण कर प्रकाश की व्यवस्था की गई है। भक्तों के बैठने हेतु समुचित प्रांगण में कुर्सी की व्यवस्था, मंदिर के पास सेल्फी प्वाइंट हेतु गार्डन तैयार किया जा रहा है। मंदिर प्रांगण में स्थित कुएं का जीर्णोद्धार, मंदिर के पीछे पथवारी जो जीर्ण शीर्ण हो चुकी थी वहां नवनिर्माण कर आसपास फर्सीकरण किया गया है। दर्शनार्थियों के मंदिर में जाने हेतु रेलिंग की व्यवस्था भी की गई है। मयूर स्वरूप में ही मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार भी बनाया जा रहा है। यहां पक्षी दान पात्र की व्यवस्था भी की गई है। समिति के कार्यकर्ताओं ने आगे बताया की सभी निर्माण कार्यों हेतु जन सहयोग से यह राशि एकत्रित की गई है एवं लगातार मंदिर में विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। भविष्य में यहां आम जनता हेतु मांगलिक भवन का निर्माण किया जाना भी प्रस्तावित है। मंदिर के चारों तरफ एक जैसी छत डालकर सौंदर्यकरण किया जाना है। प्रांगण में बच्चों हेतु झूले चकरी की व्यवस्था कर म्यूजिकल फाउंटेन फव्वारा लगाने की योजना भी प्रस्तावित है। माता जी के भक्तों का निरंतर जन सहयोग मिलता रहेगा तो विकास कार्य भी निरंतर जारी रहेंगे।
माताजी मंदिर के इस सेवा कार्य में महंत जितेंद्र दास जी ,लक्ष्मीनारायण कारा अशोक शुक्ला गणेश टांकवाल सुनील गौड़, भावेश राव दीपक कारा कमलेश कलमोदिया समिति के सभी सदस्य गण का सराहनीय योगदान दिया जा रहा है।