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पीपीगंज में तीन भाइयों की ठगी का खेल जमीन, क्रिप्टो करेंसी और नौकरी के नाम पर करोड़ों की लूट

पीपीगंज में तीन भाइयों की ठगी का खेल जमीन, क्रिप्टो करेंसी और नौकरी के नाम पर करोड़ों की लूट

गोरखपुर पीपीगंज व कैंपियरगंज इलाके में तीन भाइयों ने अपनी चालाकी और पहुंच का हवाला देकर दर्जनों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की है। अभिषेक श्रीवास्तव, अनुराग श्रीवास्तव और अमन श्रीवास्तव नामक इन भाइयों ने पहले बड़े व्यापारियों, नौकरी पेशा लोगों और बेरोजगार युवकों से दोस्ती का नाटक किया, फिर उन्हें जमीन दिलाने, क्रिप्टो करेंसी में मुनाफा और नौकरी दिलाने के झूठे वादों में फंसाकर उनका पैसा हड़प लिया। ठगी के बाद ये भाई फरार हो गए और अब बड़े शहरों में ऐशो आराम की जिंदगी जी रहे हैं।
ठगी का तरीका
दोस्ती से धोखे तक पीपीगंज कस्बे के टीचर कॉलोनी के रहने वाले इन तीनों भाई बेहद शातिराना है। ये पहले अपने शिकार को विश्वास में लेते हैं, बड़े अधिकारियों से जान-पहचान का दावा करते हैं और फिर लालच देकर पैसे ऐंठते हैं। पीड़ितों का कहना है कि ठगी के बाद ये भाई न सिर्फ फरार हो जाते हैं, बल्कि पैसे मांगने पर गाली-गलौज और धमकी देते हैं। कई ऑडियो रिकॉर्डिंग्स में इनका असली चेहरा सामने आया है, जहां ये पीड़ितों को भद्दी गालियां देकर फोन काट देते हैं और नंबर ब्लैक लिस्ट कर देते हैं।पीड़ितों की लंबी फेहरिस्ततीनों भाइयों ने कई लोगों को अपना निशाना बनाया। कुछ प्रमुख पीड़ितों और ठगी की रकम इस प्रकार है।
शशिकांत उपाध्याय (पीपीगंज) 2 लाख रुपये चंद्र प्रताप सिंह (पीपीगंज) 15 लाख रुपये (8 लाख और 7 लाख दो बार में)शरद तिवारी (पीपीगंज) 15-18 लाख रुपये रविकांत उपाध्याय 10 लाख रुपये प्रभाकर यादव (महाराजगंज) 5 लाख रुपये सतीश गुप्ता (कैंपियरगंज) 25 लाख रुपये गिरजा शंकर (कैंपियरगंज) 9 लाख रुपये और एक गाड़ी दयानाथ शर्मा (बेलीपार) 16 लाख रुपये बाबूलाल जायसवाल (कैंपियरगंज) 7 लाख रुपये संदीप यादव (औरहिया) 3 लाख रुपये बबलू वर्मा 4.5 लाख रुपये ये सूची तो बस एक झलक है। पीड़ितों का कहना है कि ठगी की रकम और प्रभावित लोगों की संख्या इससे कहीं ज्यादा है।लालच का जाल जमीन, क्रिप्टो और नौकरी इन भाइयों ने अलग-अलग तरीकों से लोगों को फंसाया। किसी से जमीन के नाम पर पैसे लिए, किसी को क्रिप्टो करेंसी में निवेश कर दोगुना मुनाफा देने का सपना दिखाया, तो किसी को नौकरी का झांसा दिया। पीड़ितों का आरोप है कि पैसे लेने के बाद ये अपना ठिकाना बदल लेते हैं और फोन पर संपर्क करने की कोशिश करने वालों को धमकाते हैं। बड़े अधिकारियों के नाम लेकर ये लोग थाने में पिटवाने तक की धमकी देते हैं।इंसाफ की आस में भटक रहे लोग मंगलवार को पीड़ितों ने पत्रकारों से बातचीत में अपना दुखड़ा सुनाया। उनका कहना है कि वे इंसाफ के लिए भटक रहे हैं। कुछ ने थानों में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, कुछ लोग आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश में अपमानित होकर चुप हो गए हैं। पीड़ितों के पास ऑडियो साक्ष्य भी हैं, जो इन भाइयों की करतूत को बेपर्दा करते हैं।पुलिस और प्रशासन से गुहार पीड़ितों ने प्रशासन और पुलिस से इन ठगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते इनके खिलाफ कदम नहीं उठाया गया, तो ये और लोगों को अपना शिकार बनाते रहेंगे। फिलहाल, ये तीनों भाई फरार हैं और बड़े शहरों में मौज कर रहे हैं, जबकि पीड़ित अपने पैसे और इंसाफ के लिए दर-दर भटक रहे हैं।यह मामला न सिर्फ पीपीगंज और कैंपियरगंज के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक चेतावनी है कि लालच के जाल में फंसने से पहले सावधानी बरतें।

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