मंदसौरमध्यप्रदेश
कर्मचारी भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर को लेकर सांसद गुप्ता ने लोकसभा में किया प्रश्न

कर्मचारी भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर को लेकर सांसद गुप्ता ने लोकसभा में किया प्रश्न
मंदसौर। प्रश्नकाल के दौरान सांसद सुधीर गुप्ता ने प्रश्न करते हुए कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) को वर्तमान वर्ष के लिए कर्मचारी भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर में वृद्धि करने का अनुरोध प्राप्त हुआ है और इस संबंध में ईपीएफओ की क्या प्रतिक्रिया है। ईपीएफओ के पास पर्याप्त कायिक निधि मौजूद है और इस निधि के विविधीकरण के माध्यम से अच्छी आय होती है। उन्होंने कहा कि एक वर्ष के लिए ईपीएफओ हेतु ब्याज की गणना करने के लिए सरकार द्वारा क्या मानदंड/प्रक्रिया अपनाई गई है और ईपीएफओ निधि से किए गए निवेश को पारदर्शी और सुलभ बनाने तथा देश भर के सभी ईपीएफओ खाताधारकों को इसका लाभ पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा क्या कदम उठाए गए है।
प्रश्न के जवाब में श्रम और रोजगार राज्य मंत्री सुश्री शोभा कारान्दलाजे ने बताया कि कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 1952 के पैराग्राफ 60 के उप-पैरा (1) में उल्लिखित उपबंधों के अनुसार, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) को केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) के परामर्श से केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित दर पर प्रत्येक सदस्य के खाते में ब्याज जमा करना आवश्यक होता है।
उन्होंने ईपीएफओ के पास पर्याप्त निवेश कोष है और निवेश भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा अधिसूचित निवेश पैटर्न तथा ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाता है। निवेश पैटर्न में 21 से अधिक प्रकार के विलेख शामिल हैं जिससे ईपीएफओ को विविधीकरण की सुविधा रहती है। ब्याज दर की गणना सदस्य खातों में अनुमानित मूलधन और विभिन्न विलेखों जैसे सरकारी प्रतिभूतियों, ऋण विलेखों, इक्विटी आदि से अनुमानित आय को ध्यान में रखकर की जाती है। ईपीएफओ वार्षिक रिपोर्ट के माध्यम से निधि से संबंधित सभी आंकड़ों को वार्षिक आधार पर प्रकाशित करता है। निवेश की परिपक्वता और निवेश के समापन शेष के साथ-साथ श्रेणी-वार विवरण ईपीएफओ के वार्षिक लेखाओं में प्रकाशित किया जाता है।