गर्मी में बकरी पालक पशुओं का रखें ख्याल डॉ. विवेक प्रताप सिंह

गर्मी में बकरी पालक पशुओं का रखें ख्याल डॉ. विवेक प्रताप सिंह
गोरखपुर बकरी पालन व्यवसाय से जुड़े पालकों के लिए अपनी बकरियों के पोषण और प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी है ताकि वे अपने व्यवसाय से अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें। महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र के पशुपालन विशेषज्ञ डॉ. विवेक प्रताप सिंह ने बकरी पालकों को सलाह दी है कि बकरियों के लिए एक सुनियोजित आहार समय सारणी (टाइम टेबल) बनाना आवश्यक है, क्योंकि भोजन को पचाने के लिए बकरियों को कम से कम 1 से 2 घंटे का समय चाहिए।मौसम के अनुसार आहार और पानीडॉ. विवेक के अनुसार, गर्मियों में सुबह सबसे पहले बकरियों को पानी देना चाहिए, जबकि सर्दियों में तापमान के आधार पर ताजा या हल्का गर्म पानी दिया जा सकता है। इसके बाद, गर्मियों में अनाज का मिश्रण जैसे जौ, मक्का, काला चना, और गेहूं दिया जा सकता है। वहीं, सर्दियों में काला चना, गेहूं, सोयाबीन और मेथी के बीज (20 ग्राम प्रति बकरी, दिन में एक बार) का मिश्रण देना बेहतर होता है, जो बकरियों को गर्म रखने में मदद करता है।अनाज और पानी देने का समयडॉ. विवेक ने बताया कि अनाज खिलाने के तुरंत बाद पानी नहीं देना चाहिए। अनाज खाने के बाद कम से कम 2 घंटे का अंतर रखकर पानी देना उचित है। उदाहरण के लिए, यदि सुबह 8 बजे अनाज का मिश्रण दिया गया और बकरी ने 10 बजे तक भोजन कर लिया, तो पानी दोपहर 12 बजे देना चाहिए। इस दौरान बकरियों को बैठने, चलने या खेलने की आजादी दी जानी चाहिए। दोपहर 12 बजे पानी देने के बाद हरी घास, हरी पत्तियां या अन्य उपलब्ध हरी चीजें खिलाई जा सकती हैं।भूसे से चारा तैयार करने की विधियदि हरी चीजें उपलब्ध न हों, तो भूसे से चारा बनाया जा सकता है। इसके लिए 1 किलो भूसे में थोड़ा पानी डालकर इसे हाथों से तब तक मिलाएं जब तक यह नरम न हो जाए। फिर इसमें आधा किलो गेहूं का चोकर या 250 ग्राम गेहूं का आटा (चोकर न होने पर) मिलाएं। इसके बाद एक चाय का चम्मच नमक या काला नमक और एक चाय का चम्मच जीरा (पाचन के लिए लाभकारी) डालें। इस चारे को खिलाते समय बकरियों को पानी भी दिया जा सकता है। भूसा खत्म होने के बाद क्षेत्र में उपलब्ध अन्य चारा दिया जा सकता है।शाम का आहारशाम के समय बकरियों को फिर से अनाज का मिश्रण दिया जा सकता है, जिससे उनका पोषण संतुलित रहे।डॉ. विवेक का कहना है कि इन सुझावों का पालन करने से बकरी पालक अपनी बकरियों को स्वस्थ रख सकते हैं और अपने व्यवसाय में बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।