समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 21 मार्च 2025 शुक्रवार

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जिला स्तरीय आपदा प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न
रतलाम 20 मार्च 2025/ आपदा प्रबंधन पर जिला स्तरीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में संपन्न हुआ। इस अवसर पर भोपाल से आए गृह विभाग राज्य आपदा प्रबंधन मैनेजमेंट अथॉरिटी के सीनियर कंसलटेंट श्री बृजेश जायसवाल द्वारा उपस्थित अधिकारियों को आपदा प्रबंधन के विभिन्न घटक बिंदुओं के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए आपदा के दौरान सावधानियां तथा एक्शन के बारे में विस्तृत रूप से प्रशिक्षित किया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री राजेश बाथम, अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव, सीईओ जिला पंचायत श्री श्रृंगार श्रीवास्तव, जिला कमांडेंट होमगार्ड श्रीमती रोशनी बिलवाल तथा जिला स्तरीय अधिकारी, पुलिस विभाग एवं होमगार्ड के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।
कार्यशाला में प्रशिक्षक श्री बृजेश जायसवाल ने विभिन्न आपदाओं के दौरान ली जाने वाली एक्शन के संबंध में जानकारी दी। आपदा प्रबंधन के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों के बारे में बताया। आपदा प्रबंधन टोल फ्री नंबर 1079 के बारे में जानकारी दी। सड़क दुर्घटना, बाढ़, अतिवृष्टि, रासायनिक दुर्घटना, भवन दुर्घटना तथा अन्य आपदाओं के संबंध में बनाए जाने वाले एक्शन प्लान, उठाई जाने वाली सावधानियां, उपाय, आपदा के दौरान लोगों को दी जाने वाली राहत आदि के बारे में विस्तृत रूप से अवगत कराया।
प्रशिक्षक द्वारा पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभिन्न आपदाओ के अलावा सर्प दंश, लू से सुरक्षा, शीतलहर से सुरक्षा आदि के बारे में भी बताया गया। इस दौरान रतलाम जिले को विभिन्न आपदाओं के दौरान आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता पर भी चर्चा की गई। ड्रोन सहित अन्य आवश्यक उपकरण राज्य स्तर से जिले को प्राप्त होंगे। प्रशिक्षक द्वारा विभिन्न आपदाओं के दौरान संबंधित विभाग अधिकारियों के दायित्व, उनके द्वारा समय सीमा में ली जाने वाली एक्शन, अधिकारियों, कर्मचारी, बचाव दलों के मध्य आपसी समन्वय सूचनाओं के त्वरित प्रवाह, अधिकारियों, कर्मचारियों की तैनाती आदि बिंदुओं पर विस्तृत रूप से प्रशिक्षित किया गया।
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जिले में नरवाई जलाना प्रतिबंधित किया गया
रतलाम 20 मार्च 2025/ कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री राजेश बाथम ने जन शांति, लोक प्रशांति कायम रखने, अप्रिय स्थिति की रोकथाम के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू करते हुए जिले में खेतों में नरवाई जलाना प्रतिबंधित कर दिया है।
जारी आदेश के अनुसार रतलाम जिले की सीमा में कोई भी किसान अथवा व्यक्ति अपने खेतों में फसल कटाई के बाद खेत की साफ-सफाई एवं खापे नरवाई को नष्ट करने के उद्देश्य से उनमें आग जलाकर नष्ट नहीं करेगा। ऐसा कोई व्यक्ति, निकाय या किसान जिसके पास दो एकड़ तक की भूमि है तो उसको नरवाई जलाने पर पर्यावरण क्षति के रूप में 2500 प्रति घंटे के मांन से आर्थिक दंड भरना होगा। ऐसा कोई व्यक्ति, निकाय या कृषक जिसके पास दो से पांच एकड़ तक की भूमि है तो उसको नरवाई जलाने पर पर्यावरण क्षति के रूप में 5000 रुपए प्रति घंटे के मान से आर्थिक दंड भरना होगा। ऐसा कोई व्यक्ति, निकाय या कृषक जिसके पास पांच एकड़ तक की भूमि है तो उसको नरवाई जलाने पर पर्यावरण क्षति के रूप में 15000 रुपए प्रति घंटे के मान से आर्थिक दंड भरना होगा।
यदि कोई व्यक्ति आदेश का उल्लंघन करता है तो उसे भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दंडनीय अपराध का दोषी होकर विधि के प्रावधानों के तहत अभियोजित किया जाएगा।
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जिले से भूसा चारा निर्यात प्रतिबंधित
रतलाम 20 मार्च 2025/ रतलाम जिले में चारा भूसा की पूर्ति तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री राजेश बाथम ने नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के धार 163 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू करते हुए किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा पशुचारा, घास, भूसा, कड़बी, ज्वार, मक्का के डंठल आदि बगैर अनुमति जिले से बाहर निर्यात करना प्रतिबंधित कर दिया है।
जारी आदेश में कहा गया है कि ओद्योगिक फैक्ट्री के बॉयलर आदि में पशुचारा, भूसा का ईंधन के रूप में उपयोग करना प्रतिबंधित रहेगा। भूसा चारे का युक्तिसंगत मूल्य से अधिक मूल्य पर किसी भी व्यक्ति द्वारा क्रय-विक्रय करना एवं चारा भूसा का कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने के लिए अनावश्यक रूप से संग्रहण करना प्रतिबंधित रहेगा। इसी प्रकार ईंधन उपयोगी भूसे का स्टॉक के लिए लाइसेंसधारी उद्योग ही स्टॉक कर सकेंगे। इसकी सुरक्षा की समस्त जिम्मेदारी संबंधित लाइसेंसधारी की रहेगी। प्रतिबंधित अवधि में जिले के बाहर लेकर जाना प्रतिबंधित रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत व्यक्ति दंडनीय अपराध का दोषी होकर उसे विधि के प्रावधानों के तहत अभियोजित किया जाएगा।
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