समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 08 मार्च 2025 शुक्रवार

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-शहर में सामूहिक होलिका दहन की परंपरा आज भी है कायम
धूमधाम से मनाया जायेगा होलिका पर्व, 13 को नीमच में होगी भव्य आर्केष्ट्रा
राजस्थानी और होली के गीतों के साथ ढोल ढमाको के बीच होगा होलिका दहन
नीमच सांस्कृतिक उत्सव समिति बीते 10 वर्षों से लगातार कर रही है यह आयोजन
नीमच। नीमच सांस्कृतिक उत्सव समिति द्वारा आमजनता के हित में शहर में प्रति वर्ष विभिन्न धार्मिक त्यौहारों पर उत्साह व धूमधाम से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता आ रहा है। नीमच सांस्कृतिक उत्सव समिति नीमच द्वारा शहर में बीते 10 वर्षो से प्रारंभ हुआ सामूहिक होलिका दहन का आयोजन हर वर्ष उत्साह के साथ आयोजित किया जाता आ रहा है। इस वर्ष भी धूमधाम के साथ यह आयोजन किया जायेगा। खास बात यह है कि हर वर्ष सामूहिक होलिका दहन कार्यक्रम बड़ा आकार लेता जा रहा है। यहां होने वाले सांस्कृतिक आयोजनों को देखने हेतु भारी भीड़ उमड़ती है। इस संबंध में समिति प्रमुख बृजेश मित्तल, ओम दीवान, राजेश जायसवाल पराग टेंट ने जानकारी देते हुए बताया कि सामूहिक होलिका दहन के माध्यम से हमारा प्रयास रहता है कि शहरवासी एक जगह एकत्रित होकर रंग बिरंगे त्यौहार को एक दिन पूर्व से उत्साह के साथ मनाये। शहर में होली महोत्सव की शुरूआत सामूहिक होलिका दहन से होती है। नीमच सांस्कृतिक उत्सव समिति हर वर्ष इस पारंपरिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शहर के दशहरा मैदान में होली का पर्व को लेकर बड़ा आयोजन करती है जिसमें सांस्कृतिक आयोजन के साथ कवि सम्मेलन के आयोजन भी किये गये । इस वर्ष भी 13 मार्च को होलिका दहन पर्व रंगारंग कार्यक्रमों के साथ धूमधाम से मनाया जायेगा। कार्यक्रम के तहत रंगारंग आर्केष्ट्रा के द्वारा पारिवारिक माहौल में राजस्थानी कल्चर में शानदार प्रस्तुति दी जायेगी। जिसमें राजस्थानी लोक नृत्य, घूमर, होली नृत्य, कामेडी के साथ विभिन्न कार्यक्रमों के अंतर्गत शानदार नृत्य की प्रस्तुति आर्केष्ट्रा का आकर्षण रहेगी। इस हेतु तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। होलिका दहन के दिन रात्रि में आर्केस्ट्रा की शानदार प्रस्तुति के बीच होली के मधुर गीतों के साथ पारिवारिक माहौल में संपन्न होलिका दहन कार्यक्रम सम्पन्न होगा।
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मंदसौर जिले की निर्मला देवी ने महिला के साहस, समर्पण व प्रेरणा की मिसाल पेश की
निर्मला देवी मुक्तिधाम में हजारों अंतिम संस्कार करवा चुकी है
मंदसौर 7 मार्च 25/ मंदसौर जिले की रहने वाली निर्मला देवी ने महिला के साहस, समर्पण व प्रेरणा की मिसाल पेश की है। निर्मला देवी मुक्तिधाम में अब तक हजारों अंतिम संस्कार करवा चुकी है। नारी तू नारायणी, शास्त्रों में उल्लिखित इन शब्दों को मंदसौर शहर की महिला अपने साहस, समर्पण व प्रेरणा से चरितार्थ कर रही है। अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर हम आपको ऐसी महिला के बारे में बताने जा रहे है।जिन्होंने ओरो के लिए भी एक मिसाल कायम की है। निर्मला देवी नाम की महिला जो निस्वार्थ भाव से करीब 15 साल से अधिक मुक्तिधाम में अपनी सेवाए दे रही है। एक और कई जगह महिलाए अंतिम संस्कार में जाती तक नहीं है। वही शहर की निर्मला देवी करीब 15 सालों से अधिक सालों से मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार करवा रही है। अंतिम क्रिया के लिए लकड़ी जमाना, राख समेटना सहित अन्य कार्य इनका नियमित काम है।
निर्मला देवी मुक्तिधाम में हजारों अंतिम संस्कार करवा चुकी है, कोरोना काल के समय भी निर्मला देवी अपनी जान की परवाह न करते हुए, बड़ी संख्या में शव को जलने की व्यवस्था को देखा। मंदसौर के गौरव दिवस पर मंदसौर के गौरव से सम्मानित किया गया है। इनके दो बेटों में से एक की कोरोना में व दूसरे की करीब डेढ़ साल पहले मृत्यु हो चुकी है। ये श्मशान घाट में सेवाए दे रही है। पूर्व में कार्यरत व्यक्ति के साथ वे यहा काम करने लगी और ऐसे करते करते यही कार्यरत रही। 15-16 सालों से समाजसेवा कर रही है।
निर्मला देवी मंदसौर के मुक्ति धाम में कई समय से अपनी सेवाए निस्वार्थ भाव से दे रही है और इनके इस सेवा भाव के लिए और इनके काम के प्रति निष्ठा एवं सेवाभाव हेतु इन्हें मंदसौर के गौरव दिवस पर सम्मानित भी किया गया। 8 मार्च को महिला दिवस के दिवस के अवसर पर भी सम्मानित किया जावेगा। विभिन्न व्यवसायों में विभिन्न क्षेत्र में महिलाओ द्वारा विभिन प्रकार से योगदान किया जाता है परंतु निर्मला देवी के योगदान और सेवा सबसे अलग है। मुक्तिधाम जैसी जगह पर इन्होंने निस्वार्थ भावनाओं से विगत कई वर्षों से ये कार्य कर रही है। और समाज के प्रति अपना योगदान बहुत ही महत्वपूर्ण तरीके से दे रही है।
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प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर जन औषधि दिवस उत्सव मनाया गया
मंदसौर 7 मार्च 25/ प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना अंतर्गत आज प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर जन औषधि दिवस उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्री बंशीलाल गुर्जर, पूर्व विधायक श्री यशपाल सिंह सिसोदिया, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी गुर्जर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन, एसडीएम की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
राज्य सभा सांसद श्री बंशीलाल गुर्जर द्वारा अपने उद्बोधन में प्रधानमंत्री द्वारा चिकित्सा कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने एवं मध्यम व गरीब परिवारों को सस्ते मूल्य पर गुणवत्ता वाली दवाइयों की पहल को अद्वितीय बतलाया। आम जनों को 50 से 90 % कम दरों पर दवाइयां उपलब्धता हेतु भी सराहनीय कदम बताया। अपने उद्बोधन में पूर्व विधायक श्री यशपाल सिंह सिसोदिया ने प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर उपलब्ध दवाइयों के संदर्भ में विस्तृत रूप से प्रकाश डाला उन्होंने बतलाया कि लगभग 6 माह से निरंतर आम जनता को बाजार मूल्य से 50 से 90 प्रतिशत तक की नियत पर कम दरों में दवाइयां उपलब्ध करवाई जा रही है। जिससे गरीब व्यक्तियों को समुचित लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर वर्तमान में 300 से अधिक प्रकार की दवाइयां एवं उपकरण उपलब्ध है। भविष्य में समस्त 2000 + दवाइयां उपलब्धता हेतु विशेष प्रयास किए जाएंगे। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र से गांधी चौराहे तक समस्त अतिथियों एवं आमजनों ने जागरूकता हेतु रैली भी निकाली जिसमें बड़ी संख्या में उषा, आशा कार्यकर्ता, महिलाएं एवं आम जनों की भागीदारी विशेष उल्लेखनीय रही।
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उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा आज करेंगे विभिन्न कार्यों का भूमि पूजन
मन्दसौर 7 मार्च 25/ उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा 8 मार्च को प्रातः 9:30 बजे श्री पशुपतिनाथ महादेव मंदिर में महिला दिवस पर महिलाओं द्वारा श्री पशुपतिनाथ महादेव की पूजा, आरती आयोजन में सम्मिलित होंगे । तत्पश्चात प्रातः 10:00 बजे ग्राम रठाना में पिपलियाकराडिया गांव से शासकीय हाई स्कूल तक सड़क, लच्छाखेड़ी से रठाना होते हुए नेतावली तक सड़क, खंडेरिया मारू से नावन खेड़ी तक सड़क का भूमि पूजन करेंगे। तत्पश्चात दोपहर 12:00 ग्राम भावता में कुचड़ोद से झावल तक सड़क, भावता से कांकरवा बालाजी सड़क,लसुड़ावन से भाटरेवास सड़क का भूमि पूजन करेंगे ।
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धुलेण्डी पर्व के अवसर पर 14 मार्च को शुष्क दिवस घोषित
मंदसौर 7 मार्च 25/ कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग ने मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 24(1) में प्रदत्त शक्तियों के तहत मंदसौर जिले में धुलेण्डी पर्व के अवसर पर कानून एवं शांति व्यवस्था के दृष्टिगत 14 मार्च 2025 को मंदसौर जिले की समस्त कम्पोजिट मदिरा दुकाने, शॉपबार, गोदाम,मद्य भण्डारगार एवं एफ.एल-2, एल. एल -3 बार, एफ.एल-2(क) (क), एम्पी वाईन शॉप सायं 4 बजे तक बंद रहेगी । उक्त अवधि को शुष्क दिवस घोषित किया गया हैं ।
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रंगपंचमी पर्व 19 मार्च को शुष्क दिवस घोषित
मंदसौर 7 मार्च 25/ कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग ने मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 24(1) में प्रदत्त शक्तियों के तहत मंदसौर जिले में रंगपंचमी पर्व के अवसर पर कानून एवं शांति व्यवस्था के दृष्टिगत 19 मार्च 2025 को मंदसौर जिले की समस्त कम्पोजिट मदिरा दुकाने, शॉपबार, गोदाम,मद्य भण्डारगार एवं एफ.एल-2, एल. एल -3 बार, एफ.एल-2(क) (क), एम्पी वाईन शॉप सायं 4 बजे तक बंद रहेगी । उक्त अवधि को शुष्क दिवस घोषित किया गया हैं ।
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ग्राम खेड़ाखदान में खेल मैदान निर्माण हेतु भूमि आबंटित के संबंध में आपत्ती/ अभिमत 12 मार्च तक प्रस्तुत करें
मंदसौर 7 मार्च 25/ तहसीलदार मंदसौर ने बताया कि सरपंच ग्राम पंचायत सोकडी (रेखा गुर्जर सरपंच) तहसील मल्हारगढ़ जिला मन्दसौर द्वारा ग्राम खेडाखदान तहसील मल्हारगढ़ के सर्वे क0 341/2 रकबा 7.14 हे. मेसे रकबा 2.50 हे० भूमि मे खेल मैदान निर्माण हेतु भूमि आबंटित करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है। यदि ग्राम खेड़ाखदान तहसील मल्हारगढ़ के सर्वे क0 341/2 रकबा 7.14 हे. मेसे रकबा 2.50 हे० भूमि मे खेल मैदान निर्माण के लिए जिस किसी व्यक्ति अथवा संस्था को कोई आपत्ति हो तो वह 15 दिवस के भीतर अथवा प्रकरण में नियत पेशी 12 मार्च 2025 को स्वयं अथवा किसी वैद्य प्रतिनिधि के माध्यम से प्रस्तुत कर सकता है। नियत समयावधि के उपरांत प्रस्तुत की गई किसी भी आपत्ति पर विचार नही किया जावेगा।
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महिला दिवस पर समाज में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं का कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में होगा सम्मान
मंदसौर 7 मार्च 25/ जिला परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री पीसी चौहान द्वारा बताया गया कि श्रीमती मोनिका संजय नीमा द्वारा महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत “घर की पहचान लाडली” अभियान का संचालन किया गया है, जिसमें एडॉप्ट इन आंगनवाडी के तहत 150 से अधिक पौधों का रोपण और बच्चों के लिए खेल सामग्री का प्रदान किया गया है। इसके अलावा, श्रीमती तारामणि राजेश कॉसट द्वारा कुपोषित बच्चों के लिए पोषण किट का प्रदान किया गया है, जिसमें 345 बच्चों को पोटीन पाउडर प्रदान किए गए हैं। डॉ. अंजु योगेंद्र कोठारी द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में महिला एवं बच्चों के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया है, जिसमें परामर्श, दवाइयां एवं कुपोषित बच्चों के लिए 100 पोटीन पाउडर प्रदान किए गए हैं। इसके अलावा, अध्यक्ष लायंस क्लब मंदसौर द्वारा आंगनवाडी केंद्रों में सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया है, जिसमें आंगनवाडी केंद्रों में जरूरतमंद बच्चों को पठन, लेखन एवं सीजनल वस्त्रों का प्रदान किया गया है। श्रीमती ज्योति नव्हाल द्वारा स्वीप एवं एडॉप्ट इन आंगनवाडी के अंतर्गत उल्लेखनीय कार्य किया गया है। रानी टांक नियुद्ध गुरुकुल में 10 मीटर एयर पिस्टल का प्रशिक्षण प्राप्त कर जोनल एवं नेशनल पैरा शूटिंग पुणे आयोजित प्रतियोगिता में क्वालीफाई कर टीम इंडिया के ट्रायल तक अपना स्थान प्राप्त किया गया है। श्री निर्मला पति मोहन कलसिया द्वारा अंतेष्टि स्थल पर पिछले 15 वर्ष से नि:स्वार्थ रूप से नि:शुल्क सेवाएं निरंतर दी जा रही हैं, जिसमें कोविड काल में भी सेवाएं दी गईं। डॉ. अलका अग्रवाल द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में 38 साल का अनुभव प्राप्त किया गया है, जिसमें भारत सरकार द्वारा शिक्षा में नवाचार के लिए एरिजोना अमेरिका भेजा गया था। इसके अलावा, बालिका शिक्षा एवं बालिका स्वाभिमान के लिए विशेष रूप से कार्य किए जा रहे हैं, जिसमें डाइट में रहते हुए 45 ड्रॉपआउट बालिकाओं की शिक्षा को निरंतर कराया गया है। साठिया समुदाय के बच्चों को विद्यालय तक पहुंचाया। वर्तमान में सेवा भारती मंदसौर इकाई की उपाध्यक्ष हैं। सक्षम संस्था जो कि दिव्यांग हितार्थ के लिए कार्यरत राष्ट्रीय स्तर की संस्था की जिला अध्यक्ष है । पर्यावरण के क्षेत्र में ऐसे क्षेत्रों में वृक्ष लगाना जहां उन्हें पो 500 वृक्ष लगाने का लक्ष्य । गरीब बालिकाओं की स्कूल फीस, चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग, निवृत बालिकाओं की देखभाल कि। संध्या वैरागी-महिला ऑटो चालक,विद्या माली-महिला ऑटो चालक,दुर्गा-महिला ऑटो चालक आदि महिलाओं का महिला दिवस पर सम्मान किया जाएगा।
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मार्च माह में अवकाश दिनों में बिजली बिल भुगतान केन्द्र खुलेंगे
मंदसौर 7 मार्च 25/मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्य क्षेत्र के अंतर्गत 8 मार्च शनिवार, 9 मार्च रविवार, 14 मार्च होली, 15 मार्च शनिवार, 16 मार्च रविवार, 19 मार्च रंगपंचमी, 22 मार्च शनिवार, 23 मार्च रविवार तथा 31 मार्च ईद-उल-फितर को बिल भुगतान केन्द्र सामान्य कार्य दिवसों की तरह कार्य करते रहेंगे। भोपाल शहर वृत्त के अंतर्गत चारों शहर संभाग यथा पश्चिम, पूर्व, दक्षिण तथा उत्तर संभाग के अंतर्गत सभी जोनल कार्यालय और दानिश नगर, मिसरोद, मण्डीदीप में बिल भुगतान केन्द्र उक्त अवकाश के दिन भी सामान्य कार्य दिवस की तरह खुले रहेंगे। बिजली उपभोक्ताओं से अपील है कि वे राजधानी के जोनल आफिस में पीओएस मशीन से कैश तथा ऑनलाइन भी बिल भुगतान कर सकते हैं। कंपनी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि कंपनी कार्य क्षेत्र के सभी 16 जिलों में बिजली वितरण केन्द्र/बिल भुगतान केन्द्र अवकाश के दिनों में खुले रहेंगे। इसके लिए सभी मैदानी महाप्रबंधकों को निर्देशित किया गया है।
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नेशनल लोक अदालत 8 मार्च को बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरण में करायें समझौता : ऊर्जा मंत्री श्री तोमर
मंदसौर 7 मार्च 25/ आगामी शनिवार 8 मार्च 2025 को नेशनल लोक अदालत में बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरण को आपसी समझौतो से निराकृत किया जाएगा। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने विद्युत अधिनियम 2003 धारा 135 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विद्युत उपभोक्ताओं एवं उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे कानूनी काईवाई से बचने के लिए अदालत में समझौता करने के लिए संबंधित बिजली कार्यालय से संपर्क करें।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि धारा 135 के अंतर्गत अदालत में लंबित प्रकरणों का निराकरण करने के लिये निम्न दाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवॉट तक के गैर घरेलू एवं 10 हॉर्स पॉवर भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को प्रकरणों में ही छूट दी जाएगी।
प्रि-लिटिगेशन स्तर पर
कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
लिटिगेशन स्तर पर
कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्येक छःमाही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी।
लोक अदालत में छूट नियम एवं शर्तों के तहत दी जाएगी
आवेदक को निर्धारित छूट के उपरांत शेष बिल आंकलित सिविल दायित्व एवं ब्याज की राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा। उपभोक्ता/उपयोगकर्ता को विचाराधीन प्रकरण वाले परिसर एवं अन्य परिसरों पर उसके नाम पर किसी अन्य संयोजन/संयोजनों के विरूद्ध विद्युत देयकों की बकाया राशि का पूर्ण भुगतान भी करना होगा। आवेदक के नाम पर कोई वैध कनेक्शन न होने की स्थिति में छूट का लाभ प्राप्त करने के लिये आवेदक द्वारा वैध कनेक्शन प्राप्त करना एवं पूर्व में विच्छेदित कनेक्शनों के विरूद्ध बकाया राशि (यदि कोई हो) का पूर्ण भुगतान किया जाना अनिवार्य होगा। नेशनल लोक अदालत में छूट आवेदक द्वारा विद्युत चोरी/अनधिकृत उपयोग पहली बार किये जाने की स्थिति में ही दी जाएगी। विद्युत चोरी/अनधिकृत उपयोग के प्रकरणों में पूर्व की लोक अदालत/अदालतों में छूट प्राप्त किये उपभोक्ता/उपयोगकर्ता छूट के पात्र नहीं होंगे। सामान्य बिजली बिलों में जुड़ी बकाया राशि पर कोई छूट नहीं दी जाएगी। नेशनल लोक अदालत में दी जा रही छूट आंकलित सिविल दायित्व राशि 10 लाख रूपये तक के प्रकरणों के लिए सीमित रहेगी। यह छूट मात्र नेशनल ‘‘लोक अदालत‘‘ 8 मार्च 2025 को समझौते करने के लिये ही लागू रहेगी।
केन्द्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ाई जाए, इससे राज्यों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी :मुख्यमंत्री डॉ. यादव
आयोग ने कहा मध्यप्रदेश का भविष्य है सुरक्षित हाथों में
अगले पांच साल में प्रदेश के वर्तमान बजट को करेंगे दोगुना
नदियों को जोड़कर विकास के लिए कर रहे पड़ौसी राज्यों के साथ समन्वय
अगले तीन साल में हम 30 लाख किसानों को देंगे सोलर पम्प
राज्य की भावी वित्तीय आवश्यकताओं पर की चर्चा, मेमोरेंडम भी सौंपा
मंदसौर 7 मार्च 25/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्यों के सशक्तिकरण में ही राष्ट्र का सशक्तिकरण है, इसलिए केन्द्रीय करों और राजस्व प्राप्तियों में राज्यों की हिस्सेदारी अर्थात् अनुदान बढ़ाया जाना चाहिए। राज्य अपनी क्षमता और सीमित संसाधनों से ही अपने लक्ष्यों की पूर्ति के लिए काम करते हैं। केन्द्र सरकार से अधिक वित्तीय अनुदान मिलने से राज्य अपने दीर्घकालीन लक्ष्यों को अल्पकाल में ही प्राप्त कर सकेंगे। विकसित भारत का निर्माण, विकसित मध्यप्रदेश के बिना नहीं हो सकता, इसलिए केन्द्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत से बढ़ाकर 48 प्रतिशत तक की जाए। इससे राज्य सशक्त होंगे और राष्ट्र को विकास की ले जाने में सहायक होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश एक बड़ा राज्य है, इसलिए इसकी जरूरतें भी बड़ी हैं। लोक कल्याणकारी राज्य की स्थापना करना ही केन्द्र और राज्य सरकारों का लक्ष्य है। केन्द्र और राज्यों के बेहतर तालमेल और आपसी सामंजस्य से यह लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आयोग के राज्य के दीर्घकालिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता का जिक्र कर वित्त आयोग से प्रदेश की अपेक्षाओं से भी अवगत कराया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का सर्वाधिक प्रगतिशील राज्य है। प्रदेश कृषि, अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, वन, पर्यटन, नगरीय विकास और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन क्षेत्रों में और अधिक विकास के लिए केन्द्र सरकार से और अधिक वित्तीय सहयोग/अनुदान की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत में मध्यप्रदेश को भी योगदान देना है। हम विकसित मध्यप्रदेश का संकल्प पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभी हमारा बजट करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रूपए है। अगले पांच सालों में हम इस बजट को बढ़ाकर दोगुना कर देंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त आयोग से कहा कि हम नदियों को जोड़कर जल बंटवारे के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) नदी जोड़ो परियोजना में हमने राजस्थान के साथ मिलकर किया जा रहा हैं। केन्द्र सरकार ने इस राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना के लिए 90 हजार करोड़ रूपए आवंटित किए। इसी तरह केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर कार्य किया जा रहा हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दोनों राष्ट्रीय परियोजना का भूमि-पूजन कर मध्यप्रदेश को गौरव प्रदान किया है। अब महाराष्ट्र सरकार के साथ ताप्ती नदी परियोजना पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज से 20 साल पहले तक प्रदेश में केवल 7 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिचिंत थी, आज प्रदेश की 48 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को हम सिंचित कर चुके हैं। प्रदेश में नदी जोड़ो के लिए एक अभियान चला रहे हैं। किसानों के साथ हमारा आत्मीय संबंध है और खेतों तक पानी पहुंचाना हमारा पहला कर्तव्य है। हमारी नीतियों के कारण किसानों का जैविक खेती की ओर तेजी से रूझान बढ़ा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी 18 नई औद्योगिक नीतियों के कारण निवेशक भी जुड़ रहे हैं। आरआईसी और जीआईएस-भोपाल के जरिए प्रदेश को 30.77 लाख करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। यह निवेशकों का मध्यप्रदेश पर बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। हम प्रदेश के हर जिला कलेक्ट्रेट में उद्योग प्रकोष्ठ बना रहे हैं, इससे किसी निवेशकों की जिला स्तर पर भी कठिनाई हल की जा सकेंगी। हम प्रदेश में व्यापार और व्यवसाय को सुगम बना रहे हैं। इसमें सभी का सहयोग लेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रदेश में हरसंभव तरीके से दूध उत्पादन को बढ़ावा देंगे। हमारी कोशिश है कि देश का 20 प्रतिशत से अधिक दूध मध्यप्रदेश में उत्पादित हो, इससे हमारे किसान और पशुपालक दोनों सम्पन्न होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा शक्ति की ऊर्जा का भरपूर उपयोग भी हम कर रहे हैं। पंचशील सिद्धांतों का पालन करते हुए जन, जल, जंगल, जमीन और जैविक विविधता का संरक्षण हमारा प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि जंगल बचेंगे, तो जल बचेगा और जल बचेगा, तो जन-जीवन बचेगा। हम जैविक संपदा को संरक्षित रखने के लिए भी हर जरूरी प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रदेश के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अगले तीन सालों में 30 लाख किसानों को सोलर पम्प दिये जायेंगे। इससे हमारे किसान अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जादाता भी बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसानों को मात्र पांच रूपए में बिजली का स्थाई कनेक्शन देने जा रही है, इससे हमारे किसानों को बिजली कनेक्शन के लिए कहीं भी भटकना नहीं पड़ेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त आयोग को मध्यप्रदेश में बीते एक वर्ष में किए गए नवाचारों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने एयर एम्बुलेंस सेवा प्रारंभ की है। इससे बीते एक साल में कई गंभीर मरीजों को एयरलिफ्ट कर बड़े अस्पतालों तक पहुंचाकर उनका जीवन बचाया गया। हमारी इस सेवा को बेहद अच्छा प्रतिसाद मिला है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त आयोग के समक्ष प्रदेश के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए आवश्यक वित्तीय सहयोग की मांग रखते हुए राज्य सरकार की विशेष प्राथमिकताओं को भी पृथक से रेखांकित किया। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से वित्त आयोग को मेमोरेंडम की प्रति भी सौंपी। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और वित्तीय सहयोग की जरूरतों का विस्तार से उल्लेख किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोग को राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की भावी योजनाओं की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों को प्रतीक चिन्ह भी भेंट किए।
मध्यप्रदेश भविष्य में प्रगति के प्रति जागरूक
सोलहवें वित्त आयोग ने आज भोपाल में हुई महत्वपूर्ण बैठक में मध्यप्रदेश विकास के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भविष्य में प्रगति के प्रति जागरूक भी है। सोलहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री अरविन्द पनगढ़िया ने कहा कि बड़े राज्यों के विकास के बिना देश का विकास नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में उपलब्धियों के साथ औदयोगिक प्रगति भी जरूरी है।सिर्फ कृषि के आधार पर किसी देश के विकसित बनने का उदाहरण नहीं है। अपनी ऊर्जा का पूरा उपयोग जरूरी है।
आयोग के अध्यक्ष श्री पनगढ़िया ने कहा कि विकास होगा तो शहरीकरण भी होगा। यह जरूरी है लेकिन इसके लिए कदम उठाये जा सकते हैं। रोजगार निर्माण की प्रक्रिया भी साथ-साथ चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आयोग पर विकसित भारत के लिए रोडमैप बनाने की चुनौती है। वित्त आयोग सभी राज्यों के साथ संवाद कर रहा है। संवाद सत्रों के बाद आयोग के सभी विशेषज्ञ सदस्यों के साथ परामर्श कर राज्यों को वित्तीय संसाधनों के आवंटन पर निर्णय लिया जा सकेगा।
प्रदेश अन्य प्रदेशों के लिये बन सकता है उदाहरण
आयोग के सदस्य डॉ. मनोज पांडा ने मध्यप्रदेश में विकास के कार्यक्रमों और नवाचारी पहल की तारीफ करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। आयोग के सदस्य श्री ए.एन. झा ने कहा कि बीते वर्षो में मध्यप्रदेश सबसे ज्यादा आर्थिक वृद्धि करने वाला राज्य है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की विकास संबंधी सोच पॉजिटिव और इनोवेटिव है। कई क्षेत्रों में अन्य प्रदेशों के लिए उदाहरण बन सकता है। डॉ. एनी जार्ज मैथ्यू ने प्रदेश की ओर से विभिन्न सेक्टर पर हुए प्रेजेंटेशनों की तारीफ करते हुए कहा कि कहा कि आपदा प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों पर ध्यान देना होगा। डॉ. सौम्या कांति घोष ने कहा कि मध्यप्रदेश ने स्वयं को वित्तीय प्रबंधन में आदर्श राज्य बनाया है। यह निरंतर राजस्व आधिक्य वाला राज्य बना है। मध्यप्रदेश के 15वें वित्त आयोग के भी सभी लक्ष्यों को हासिल कर लिया है। उन्होंने कहा कि देश के लिए मध्यप्रदेश का जल, जंगल और जमीन जैसे संसाधनों की रक्षा करना जरूरी है।
उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने 16 वें वित्त आयोग के अध्यक्ष, सदस्यों तथा अधिकारियों स्वागत करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश अपने वित्तीय संसाधनों का पूरी क्षमता और कुशलता से संचालन कर रहा है। कोविड-19 महामारी के बावजूद हमने अपनी अर्थव्यवस्था को संतुलित बनाए रखा। वर्ष 2004-05 से निरंतर राजस्व अधिशेष बनाए रखा। इस राजस्व अधिशेष और ऋण को हमने उत्पादक पूंजीगत परिसंपत्तियों के निर्माण में उपयोग किया।
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि स्वयं के राजस्व को बढ़ाने के लिए राज्य कर राजस्व और राज्य गैर-कर राजस्व दोनों ही मामलों में लक्ष्य हासिल कर लिया है। 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों की सीमा में ऋण और घाटे के सभी प्रमुख संकेतकों में हमारा प्रदर्शन सराहनीय रहा है। भारत सरकार से पूँजीगत कार्यों के लिए मिल रहे दीर्घकालिक ब्याज-रहित-ऋण के सामयिक व सार्थक उपयोग के लिए हमने सुनियोजित तरीके से कार्य किया है। परिणामस्वरूप केन्द्र से अधिकतम राशि प्राप्त करने में हम सफल रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य है। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में 2047 तक एक विकसित राज्य बनने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। इसके लिये एक व्यापक एवं सुव्यवस्थित रोडमैप तैयार किया है। अगले 5 वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था को दोगुना करने तथा महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक क्षेत्रों में रणनीतिक निवेश करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अपने विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए स्वयं के राजस्व संसाधनों को बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन को और सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि मध्यप्रदेश ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के 2047 विकसित भारत के विजन के अनुसार विकसित मध्यप्रदेश का रोडमैप तैयार किया है। पांच सालाना कार्य योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि गरीब कल्याण मिशन, युवा कल्याण मिशन, किसान कल्याण और महिला सशक्तिकरण के लिए मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में कृषि का योगदान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि अगले 25 सालों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए शहरीकरण के साथ-साथ औदयोगीकरण पर ध्यान केन्द्रित किया गया है। उन्होंने क्षेत्रीय निवेश सम्मेलनों और हाल में संपन्न ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का हवाला देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने के लिए लगातार फॉलो-अप किया जा रहा है।
मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश ने 18 नीतियां बनाई हैं। पर्यटन एक प्रमुख क्षेत्र है। मध्यप्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में असीमित संभावनाएं है। इसमें आध्यात्मिक पर्यटन भी शामिल है। उन्होंने कहा कि जन विश्वास कानून और इसके पहले लोक सेवा प्रदाय गारंटी कानून से शासन-प्रशासन सुगम और सहज हुआ है। इसके अलावा समग्र डाटा, संपदा में ऑनलाइन पंजीयन, संपतियों की मैपिंग, स्वामित्व योजना, कर्मचारियों की क्षमता निर्माण के लिए “आईगाट” ऑनलाइन ट्रेनिंग का उपयोग करने जैसे कई प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है।
16वीं वित्त आयोग की बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल सहित मंत्रिमण्डल के सभी सदस्य एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहें।
प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी ने मध्यप्रदेश की समग्र वित्तीय परिदृश्य पर प्रेजेंटेशन दिया। अपर मुख्य सचिव श्री संजय कुमार शुक्ला ने नगरीय प्रशासन और नगरीय निकायों की भविष्य की वित्तीय आवश्यकताओं और योजनाओं की चर्चा की। प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने पंचायतों के वित्तीय प्रबंधन और अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकताओं की चर्चा की। प्रमुख सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला ने पर्यटन एवं संस्कृति में अपने प्रस्तुतिकरण में कहा कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन की नई संभावनाएं बनी है। इसके अलावा हेरिटेज, फिल्म पर्यटन जैसे नये क्षेत्र भी सामने आये है। नई नीतियों के तहत इनमें निवेशक, निवेश के लिये आकर्षित हुए है। प्रमुख सचिव श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह ने नये मध्यप्रदेश के विजन की चर्चा करते हुए कहा कि औदयोगीकरण पर विशेष ध्यान देने और विदेशी पूंजी निवेश, एआई, साइबर प्रशासन जैसे नये क्षेत्रों के आने से नया मध्यप्रदेश बन रहा है। अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव ने ऊर्जा क्षेत्र के संबंध में बताय कि 15वें वित्त आयोग के लक्ष्यों को पूरा कर लिया गया है। अब हाइब्रिड स्टोरेज पर ध्यान दिया जा रहा है। किसानों को भरपूर बिजली देने की व्यवस्था कर ली गई है। मध्यप्रदेश देश में सबसे सस्ती दर पर सोलर ऊर्जा उत्पादन करने वाला राज्य है।
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