समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 28 फरवरी 2025 शुक्रवार

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सड़क दुर्घटना में घायल होने पर 50 हजार रू की आर्थिक सहायता स्वीकृत
मंदसौर 27 फरवरी 25/ कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग के आदेशानुसार मोटरयान दुर्घटना पीडित प्रतिकर स्कीम 2022 के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में विकास परमार निवासी अभिनंदन कॉलोनी मंदसौर के घायल होने पर क्षतिपूर्ति के रूप में 50 हजार रूपये की राशि स्वीकृत की गई।
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वृहद युवा संगम कार्यक्रम (जॉब फेयर) का आयोजन 3 मार्च को इंदौर में
मंदसौर 27 फरवरी 25/ जिला रोजगार अधिकारी द्वारा बताया गया कि तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार विभाग मंत्रालय भोपाल के निर्देशानुसार वृहद युवा संगम कार्यक्रम (जॉब फेयर) का आयोजन 3 मार्च 2025 को ग्रामीण हॉट बाजार, गीता भवन रोड़, इन्दौर में प्रातः 10 बजे से 4 बजे तक किया जा रहा है। उक्त आयोजन संभागीय वृहद स्तर पर किया जा रहा है जिसमें प्रदेश एवं अन्य राज्य से कई नियोजक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु कार्यक्रम में एकत्रित होगें।
अतः रोजगार की तलाश हेतु जिले के बैरोजगार इच्छुक आवेदक नियत तिथि एवं स्थान पर पहुंच कर सहभागिता कर सकते है, आवेदक को अपने साथ अपना रिज्यूम, समग्र आई.डी., पासपोर्ट साईज फोटो एवं 10 वीं, 12वीं, स्नातक, अन्य डिप्लोमा / डिग्री तथा सभी आवश्यक दस्तावेज की प्रति के साथ उपस्थित होना है। कार्यक्रम से संबंधित अधिक जानकारी हेतु जिला रोजगार कार्यालय एवं कार्यालयीन दूरभाष नं. 0731-2422071 पर संपर्क कर सकते है।
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नरवाई जलाने पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर होगी दंडात्मक कार्यवाही
नरवाई जलाने से मिट्टी के अमूल्य पदार्थ नष्ट होने के साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति खत्म होती है
मंदसौर 27 फरवरी 25/ उप संचालक कृषि श्रीमति अनिता धाकड़ ने बताया कि जिले में रबी की मुख्य फसल गेंहूं की कटाई का कार्य जारी है। कृषकों द्वारा कम्पाईन हार्वेस्टर मशीनों से फसल काटने के बाद खेत में खड़े खापे (नरवाई) को नष्ट करने के लिए तथा खेत की साफ-सफाई के लिए खेतों में आग जलाने की सैटेलाईट द्वारा रिपोर्ट प्राप्त हो रही है। उप संचालक कृषि द्वारा बताया गया कि नरवाई (पराली) जलाने से वायु प्रदूषण, भूमि की उर्वरा शक्ति, जन-धन की हानि की घटनाएँ होती है। नरवाई में आग लगाने से अमूल्य पदार्थ नष्ट होता जा रहा है। इसके कारण मृदा स्वास्थ्य व मृदा उत्पादकता खतरे में है। नरवाई में आग लगाने से मृदा तापमान में वृद्धि होती है. जिससे लाभदायक सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते है, जो कि मृदा जैव विविधता के लिए एक गंभीर चुनौती है।
किसानों से की अपील नरवाई जलाने की सैटेलाईट से भी जिला प्रशासन को जानकारी प्राप्त हो रही है। ऐसे में नरवाई जलाने वालों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर प्रावधान अनुसार कार्यवाही की जाएगी। 2 एकड़ से कम भूमि पर राशि रूपयें 2500, 2 एकड़ से अधिक एवं 5 एकड़ से कम पर 5 हजार रू. तक पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि वसूल कर शासकीय कोष में जमा की जाएगी।
अतः जिले के किसानों से अपील की जाती है कि वे पर्यावरण को सुरक्षित रखने एवं मृदा को उपजाऊ बनाने के लिए फसल कटाई के बाद फसल अवशेषों को खेतों में नहीं जलाए।
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जिला स्तरीय युवा संगम मेले का आयोजन 7 मार्च को शासकीय पीजी कॉलेज सुवासरा में
युवाओं को रोजगार के साथ ही व्यवसाय प्रांरभ करने के लिए लोन की प्रक्रिया और अन्य जानकारियां दी जाएंगी
मंदसौर 27 फरवरी 25/ जिला रोजगार अधिकारी द्वारा बताया गया कि म.प्र. शासन, सूक्ष्म, लघु और मध्यम विभाग एवं तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग मंत्रालय भोपाल द्वारा दिये गये निर्देशानुसार दिनांक 07 मार्च 2025 को प्रातः 11:00 बजे से शासकीय पी. जी. कॉलेज परिसर, सुवासरा जिला मदंसौर में युवा संगम मेले का आयोजन किया जाएगा। बेरोजगार युवा रोजगार मेले का लाभ उठाए। रोजगार मेले में निजी क्षेत्र के विभिन्न नियोजको द्वारा आवेदकों का प्रारंभिक चयन किया जाएगा। इसके साथ ही जिला रोजगार कार्यालय मंदसौर द्वारा आवेदकों की काउंसिलिंग कर केरियर मार्ग दर्शन व परामर्श दिया जाएगा। रोजगार मेले के माध्यम से युवाओं को रोजगार के साथ ही व्यवसाय प्रांरभ करने के लिए लोन की प्रक्रिया को लेकर अन्य जानकारियां दी जाएंगी।
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जीआईएस से उभरी भविष्य की तस्वीर
फ्यूचर फ्रंटियर : स्टार्ट-अप पिचिंग सेशन ने एमपी जीआईएस-2025 में नवाचार को बढ़ावा दिया
मंदसौर 27 फरवरी 25/ भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में “फ्यूचर फ्रंटियर : स्टार्ट-अप पिचिंग सेशन” नवोदित उद्यमियों, निवेशकों और उद्योग जगत के दिग्गजों के लिए एक गेम-चेंजर मंच साबित हुआ। इससे भविष्य की एक नई तस्वीर उभरी है। स्टार्ट-अप पिचिंग सेशन ने नवाचार और व्यापारिक विकास को प्रोत्साहित करने वाले माहौल को मजबूत किया। कुल 180 स्टार्ट-अप ने पंजीकरण कराया जो मध्यप्रदेश के उभरते स्टार्टअप इकोसिस्टम की जीवंतता और आर्थिक परिवर्तन की क्षमता को दर्शाता है। इनमें से 25 उच्च-संभावित स्टार्ट-अप को अपने वेंचर प्रस्तुत करने के लिए चुना गया, जहां उन्हें मूल्यवान मार्गदर्शन और निवेश अवसर प्राप्त हुए।
निवेशकों और उद्योग विशेषज्ञों की प्रभावशाली भागीदारी
स्टार्ट-अप पिचिंग सेशन में प्रतिष्ठित निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों और इनक्यूबेटर्स ने भाग लिया।इस सत्र में श्री रोनाल्डो फर्नांडिस (सीईओ, एआईसी-आरएनटीयू फाउंडेशन), श्री अपूर्व गैवक (निदेशक, एसजीआईटीएस इनक्यूबेशन फोरम), श्री फिरोज खान सूरी (सीईओ, आईआईसीई, आईआईएसईआर-भोपाल), श्री अजय जैन (मैनेजिंग पार्टनर, सिल्वर नीडल वेंचर्स), श्री राजेश सहगल (मैनेजिंग डायरेक्टर, इक्वैनिमिटी इन्वेस्टमेंट्स), सुश्री बीना त्रिवेदी (पार्टनर, आईटीआई ग्रोथ अपॉर्च्युनिटीज फंड्स), श्री अंशुमान शर्मा (जनरल मैनेजर, वीएएसपीएल इनिशिएटिव्स प्रा. लि.), सुश्री अमृता शिंगवेकर (संस्थापक, ईज़ीसीड), श्री आयुष दुबे (हेड – इनक्यूबेशन और पार्टनरशिप्स, वेंचर कैटालिस्ट्स प्रा. लि.), श्री मयुरेश राऊत (सह-संस्थापक एवं मैनेजिंग पार्टनर, सीफंड) शामिल हुए। इन विशेषज्ञों ने स्टार्ट-अप के व्यावसायिक मॉडल, बाजार क्षमता और निवेश योग्यता का आकलन किया और उन्हें मार्गदर्शन एवं परामर्श प्रदान किया।
निवेशकों और इनक्यूबेटर्स की गहरी रुचि के क्षेत्र
स्टार्ट-अप पिचिंग सेशन में निवेशकों और इनक्यूबेटर्स ने अत्यधिक रुचि दिखाई, जिसमें 19 स्टार्ट-अप को जूरी सदस्यों से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट प्राप्त हुए। आईआईसीई ने 4 स्टार्ट-अप में रुचि दिखाई, एसजीएसआईटीएस ने 3 स्टार्ट-अप में, सिल्वर नीडल वेंचर्स ने 3 स्टार्ट-अप में, आईटीआई ग्रोथ ने 3 स्टार्ट-अप में, ईज़ीसीड ने 7 स्टार्ट-अप में, सीफंड ने 3 स्टार्ट-अप में, वेंचर कैटालिस्ट्स ने 10 स्टार्ट-अप में, वीएएसपीएल इनिशिएटिव्स ने 4 स्टार्ट-अप में, एआईस-आरएनटीयू ने 5 स्टार्ट-अप में तथा इक्वैनिमिटी इन्वेस्टमेंट्स ने 5 स्टार्ट-अप में अपनी रुचि दिखाई।
ईओआई प्राप्त करने वाले स्टार्ट-अप ब्रेन वेव्स टेक प्रा. लि., एसजेटेक सॉल्यूशंस प्रा. लि., जमना हेल्थटेक प्रा. लि., 34 आइडियाज थिंकलैब प्रा. लि., ग्रंथज्योति प्रा. लि., पिनाक इन्फोसेक प्रा. लि., इलेक्ट्रिका एनर्जी प्रा. लि., रोडग्रिड इंडिया प्रा. लि., प्रामा एंजिटेक, खेओनी वेंचर्स प्रा. लि., व्योम बायोटेक प्रा. लि., क्रेसेन्ज़ा एंटरप्राइज़ प्रा. लि., कांता पब्लिकेशन एलएलपी, आदि सिद्धांश इंडस्ट्रीज प्रा. लि., स्नेह केयर क्लब प्रा. लि., अनंतश्री व्हीकल्स प्रा. लि., ओस्टियोक्योर हेल्थकेयर प्रा. लि., ऑक्टोमेन टेक्नोलॉजी प्रा. लि. और महाकाल.कॉम (महाकाल एस्ट्रोटेक (ओपीसी) प्रा. लि शामिल है।
स्टार्ट-अप के लिए निवेश और रणनीतिक सहयोग के नए द्वार
स्टार्ट-अप पिचिंग सेशन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि 47 एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट का जारी किया जाना रही। इन ईओआई ने संभावित वित्तीय सहायता, व्यावसायिक परामर्श और उद्योग से जुड़ाव के अवसर प्रदान किए गए। इनोवेशन और सहयोग के माध्यम से स्टार्ट-अप ईकोसिस्टम को सशक्त बनाने संबंधी सत्र में केवल निवेश ही नहीं, बल्कि सहयोग और रणनीतिक विकास पर भी जोर दिया गया। स्टार्ट-अप को बाजार विस्तार, तकनीकी अपनाने, व्यापार स्थिरता और उत्पाद की बेहतर स्थिति के लिए विशेषज्ञों से सलाह मिली।
मध्यप्रदेश : स्टार्ट-अप फ्रेंडली राज्य के रूप में सशक्त होता हुआ। फ्यूचर फ्रंटियर स्टार्टअप पिचिंग सेशन ने मध्यप्रदेश को स्टार्ट-अप्स के लिए एक अनुकूल गंतव्य के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सरकार की नीतिगत सहायता, वित्तीय अवसर और इनक्यूबेशन कार्यक्रमों के साथ, एमपी तेजी से भारत के सबसे आशाजनक स्टार्ट-अप हब के रूप में उभर रहा है।
भविष्य की संभावनाएँ
स्टार्ट-अप पिचिंग सेशन के परिणाम निवेशकों की गहरी भागीदारी, मजबूत उद्योग साझेदारियों और नए उद्यमियों के लिए विस्तारित समर्थन तंत्र का मार्ग प्रशस्त करेंगे। मध्यप्रदेश का निरंतर नवाचार को प्रोत्साहित करना, व्यवधानकारी सोच को बढ़ावा देना और स्टार्ट-अप्स को अवसर प्रदान करना, भारत की स्टार्ट-अप अर्थव्यवस्था में राज्य की भूमिका को और मजबूत करेगा।
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देश के दिल मध्यप्रदेश में पर्यटन के स्वर्ण युग का हुआ आरंभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मंदसौर 27 फरवरी 25/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हिंदुस्तान के दिल मध्यप्रदेश की समृद्ध प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक विविधता के कारण देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। यहाँ के घने जंगल, दुर्लभ वन्य जीव, ऐतिहासिक किले, प्राचीन मंदिर और जीवंत संस्कृति हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों और योजनाओं के कारण न केवल पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ा है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार के प्रयासों से मध्यप्रदेश भारत के शीर्ष पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी स्वयं बता चुके हैं कि मध्यप्रदेश को एक विदेशी मैग्जीन ने दुनिया की श्रेष्ठ टूरिज्म डेस्टिनेशन में से एक माना है। राज्य सरकार की योजनाओं से राज्य की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को संरक्षण मिल रहा है। साथ ही इससे प्रदेश वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर सशक्त पहचान स्थापित कर रहा है।
राज्य में 24 वन्यजीव अभयारण्य, 12 राष्ट्रीय उद्यान, 9 टाइगर रिज़र्व और 14 विश्व धरोहर स्थल स्थित हैं, जो इसे भारत के सबसे समृद्ध जैव विविधता वाले राज्यों में शामिल करते हैं। इसके अलावा, 12 ज्योतिर्लिंगो में एक मात्र उज्जैन का दक्षिणमुखी महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग श्रद्धालुओं के लिए अगाध आस्था के केंद्र हैं।
टूरिज्म इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया है कि राज्य सरकार पर्यटन को नए आयाम देने के लिए व्यापक स्तर पर काम कर रही है। पर्यटन परियोजनाओं के लिए 758 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई गई है, जिसमें से 358 हेक्टेयर भूमि 39 निवेशकों को आवंटित की जा चुकी है। इससे राज्य में कई नए होटल, रिसॉर्ट, गोल्फ कोर्स और आधुनिक सुविधाएं विकसित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा लागू की गई पर्यटन नीति-2025 और फिल्म पर्यटन नीति 2025 निवेशकों और उद्यमियों के लिए आकर्षक अवसर प्रस्तुत कर रही हैं। इन नीतियों के कारण पर्यटन क्षेत्र में 3 हजार 372 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आये हैं। इससे 50 हजार 500 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
फिल्म निर्माताओं की बन रहा फेवरेट शूटिंग डेस्टिनेशन
मध्यप्रदेश अपनी प्राकृतिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के कारण फिल्म निर्माताओं की फेवरेट शूटिंग डेस्टिनेशन बन चुका है। राज्य में 185 से अधिक फिल्मों और 40 अन्य प्रोजेक्ट्स की शूटिंग की जा चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उम्मीद जताई है कि सरकार द्वारा दी जा रही विशेष सुविधाओं और अनुदानों के कारण आने वाले वर्षों में फिल्म पर्यटन और अधिक बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि विगत वर्षों में चंदेरी, ग्वालियर और भोपाल में हुई शूटिंग्स की वजह से इन क्षेत्रों के लिये पर्यटकों में आकर्षण बढ़ा है। साथ ही फिल्म निर्माताओं की नजरों में भी प्रदेश की साफ-सुथरी लोकेशन्स आई हैं।
नए निवेश और व्यापक रोजगार अवसर
राज्य सरकार ने पर्यटन क्षेत्र में 1,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि चिन्हित की है। इससे निवेश को और गति दी जा सकेगी। साथ ही पर्यटन से जुड़े कई नए प्रोजेक्ट्स विकसित होंगे और लाखों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
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औद्योगिक क्रांति की नई कहानी लिख रहा है मध्यप्रदेश
मंदसौर 27 फरवरी 25/ मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में दो दिन पूर्व संपन्न दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे भारत की अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित हुई। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की उपस्थिति ने इस समिट को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया।
मध्यप्रदेश अब औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए “लोकल से ग्लोबल” दृष्टिकोण को अपनाया गया है। इस रणनीति के तहत रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और रोड शो जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से निवेशकों और उद्योगपतियों को आकर्षित करने के ठोस प्रयास किए गए हैं। यह पहल न केवल राज्य की आर्थिक समृद्धि को गति दे रही हैं, बल्कि स्थानीय उद्योगों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान भी दिला रही हैं।
औद्योगिक विकास की नींव तब मजबूत होती है जब स्थानीय उद्योगों को आवश्यक संसाधन, तकनीकी सहायता और निवेश का अवसर मिलता है। इसी सोच के साथ मध्यप्रदेश सरकार ने बीते कुछ महीनों में संभाग स्तर पर 7 रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए, जिनका उद्देश्य स्थानीय व्यापारियों और उद्यमियों को निवेशकों और बड़े उद्योगपतियों से जोड़ना था। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के कारण
स्थानीय उद्योगों को राष्ट्रीय पहचान मिली। छोटे और मध्यम उद्यमों को बड़े व्यापारिक नेटवर्क से जोड़ा गया। इससे निवेशकों ने मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करने की रुचि दिखाई। इसके साथ ही उद्योगों को और अधिक अनुकूल माहौल देने के लिए आवश्यक बदलावों पर विचार किया गया। बढ़ते उद्योगों के कारण युवाओं के लिए नए रोजगार सृजित हुए। इन कॉन्क्लेव्स के माध्यम से एमएसएमई सेक्टर को विशेष बढ़ावा मिला, जिससे छोटे और मझोले उद्योगों को नई उड़ान मिली। प्रदेशभर में रिजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के सफल आयोजन ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया और मध्यप्रदेश को निवेश के लिए एक मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित किया। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और रोड शो जैसे आयोजनों के माध्यम से मध्यप्रदेश सरकार ने यह साबित कर दिया है कि वह न केवल स्थानीय उद्योगों को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि वैश्विक निवेश को भी आकर्षित करना चाहती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य तेजी से औद्योगिक प्रगति की ओर बढ़ रहा है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, आधारभूत संरचना मजबूत होगी और प्रदेश की आर्थिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी।
औद्योगिक क्रांति के इस नए दौर में, मध्यप्रदेश सिर्फ निवेशकों के लिए एक संभावनाओं से भरा प्रदेश नहीं, बल्कि एक ऐसा हब बन गया है जहां उद्योग, व्यापार और नवाचार एक साथ विकसित हो रहे हैं। आने वाले वर्षों में इन प्रयासों का प्रभाव और अधिक स्पष्ट होगा, जिससे प्रदेश न केवल आत्मनिर्भर भारत अभियान में योगदान देगा, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करेगा। राजधानी में आयोजित ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट के आयोजन पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और उनके मंत्रिमण्डल सहयोगी तथा अफसरों के टीमवर्क की हौसला अफजाई करते हुए देश के गृहमंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर कहा कि यह आयोजन देश को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा। प्रधानमंत्री ने “विकास की नई उड़ान” थीम पर जोर देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भारत के औद्योगिक और आर्थिक भविष्य का अहम स्तंभ बनेगा। नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज जब दुनिया भारत की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रही है, तब मध्यप्रदेश जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाएं वैश्विक निवेशकों को आकर्षित कर रही है।
प्रधानमंत्री ने पांच प्रमुख बिंदुओं पर बल दिया, जो निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित कर रही हैं।। उन्होंने कहा कि यहां पिछले 10 वर्षों में 5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़कें बनीं। 100% रेलवे विद्युतीकरण का कार्य पूरा हुआ। राज्य में नए लॉजिस्टिक्स हब और औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। रीवा और ओंकारेश्वर सोलर प्रोजेक्ट्स से मध्यप्रदेश भारत की ग्रीन एनर्जी कैपिटल बन रहा है। मध्यप्रदेश में 31,000 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता है, जिसमें 30% नवीकरणीय ऊर्जा शामिल है। मध्यप्रदेश को देश का “फूड प्रोसेसिंग हब बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
मिलेट्स (श्री अन्न) और जैविक कृषि के क्षेत्र में नई संभावनाएं दिखाई दे रही है। मध्यप्रदेश में ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और फार्मा सेक्टर में रिकॉर्ड निवेश आ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पीथमपुर को भारत का “डिफेंस और ऑटोमोबाइल हब” बनाने की योजना है। ओंकारेश्वर, उज्जैन महाकाल लोक और सांची जैसे धरोहर स्थल वैश्विक आकर्षण के केंद्र बन रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और ” हील इन इंडिया “अभियान को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि भारत की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में मध्यप्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों की प्रशंसा की और निवेशकों को प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया।
केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर को पार करेगी और मध्यप्रदेश इसमें अहम योगदान देगा ।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत अब “विरासत भी, विकास भी” की नीति के साथ आगे बढ़ रहा है ।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए उपयोगी नीतियाँ अपनाई गई हैं। लॉजिस्टिक्स हब, एक्सप्रेसवे और औद्योगिक गलियारों का तेजी से विकास हो रहा है।टेक्सटाइल, फार्मा,ऑटोमोबाइल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस समिट की सफलता को राज्य के लिए ऐतिहासिक बताया है उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 30.77 लाख करोड़ से अधिकांश के निवेश प्रस्ताव मिले हैं जिससे प्रदेश में लाखों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष घोषित किया है जिसमें नवाचार, तकनीक और निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने भोपाल में एक नए इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर बनाने की भी घोषणा की, जिससे भविष्य में ऐसे बड़े आयोजनों को और अधिक सुविधाजनक बनाया जा सके।
मध्यप्रदेश को “कॉटन कैपिटल ऑफ इंडिया” का दर्जा मिला है । चंदेरी और माहेश्वरी साड़ियों” को जीआई टैग मिला है, जिससे इनके निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
महाकाल लोक और रामराजा लोक जैसे धार्मिक पर्यटन केंद्रों को विकसित किया गया है।
राष्ट्रीय उद्यानों और टाइगर रिजर्वों को इको-टूरिज्म से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि भोपाल, इंदौर और जबलपुर में नए टेक्नोलॉजी पार्क विकसित किए जा रहे हैं। राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), बायोटेक और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में निवेश को बढ़ावा मिल रहा है। इससे राज्य की युवा प्रतिभाओं का पलायन रुकेगा।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का बड़ा हिस्सा मध्यप्रदेश से गुजर रहा है, जिससे लॉजिस्टिक्स में सुधार होगा।देवास, पीथमपुर और रतलाम में हजारों एकड़ में नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि मध्यप्रदेश भारत के औद्योगिक भविष्य की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्यप्रदेश को “विकास के लिए आदर्श डेस्टिनेशन” बताया, वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे भारत का अगला प्रमुख औद्योगिक राज्य बनने की दिशा में अग्रसर बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में स्थायी सरकार, मजबूत अधोसंरचना और निवेश अनुकूल नीतियाँ मध्यप्रदेश को उद्योगों और व्यापार का हॉटस्पॉट बना रही हैं। आने वाले वर्षों में, यह राज्य भारत की औद्योगिक क्रांति का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
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जीआईएस राज्य के डिजिटल भविष्य के लिए मील का पत्थर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
टैक्नोलॉजी हब बनने की ओर अग्रसर है मध्यप्रदेश
आईटी क्षेत्र में 64 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव हुए प्राप्त
मंदसौर 27 फरवरी 25/ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) भोपाल में कहा है कि देश के विकास में 3टी- टैक्सटाइल, टूरिज्म, टेक्नोलॉजी की विशेष भूमिका रहेगी। मध्यप्रदेश अब पारंपरिक औद्योगिक राज्य नहीं, बल्कि भारत में टैक्नोलॉजी और इनोवेशन का हब बनने की ओर अग्रसर है। जीआईएस में पहली बार आईटी एवं टैक्नोलॉजी समिट का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह आयोजन राज्य के डिजिटल भविष्य के लिये मील का पत्थर साबित होगा। इस समिट में राज्य को टेक्नोलॉजी के नये केन्द्र के रूप में स्थापित किया। समिट में दुनिया के टेक लीडर्स, उद्योग विशेषज्ञों, निवेशको, इनोवेटर्स और स्टार्ट-अप्स आदि ने भाग लिया।
राज्य को आईटी क्षेत्र में 64 हजार करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुये। इससे प्रदेश में 1.8 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इन रोजगारों में युवाओं की भागीदारी सर्वाधिक रहेगी। टेक कंपनियों जैसे डिजिटल कन्वर्जेंस टेक्नोलॉजीज, थोलोन्स, एलसीना, श्रीटेक, केन्स टेक्नोलॉजी और बियॉन्ड स्टूडियोज आदि ने राज्य में निवेश किया है। ग्लोबल टेक कंपनियों ने भी मध्यप्रदेश में निवेश की रूचि दिखाई, जिनमें आईबीएम, माइक्रोसॉफ्ट, बारक्लेज जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। राज्य के तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के लिये इन कंपनियों से एमओयू भी किये गये। इससे टेक्नोलॉजी, स्किल डेवलपमेंट और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा।
जीआईएस भोपाल को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिये पहली बार 6 विभागीय समिट का आयोजन किया गया। आईटी एवं टेक्नोलॉजी समिट में उद्यमियों एवं स्टार्ट-अप के लिये 4 विशेष सत्र आयोजित किये गये। इस समिट में सूचना एवं प्रोद्योगिकी विभाग के साथ उद्योगों के विशेषज्ञों ने सीधे संवाद किया, राज्य की नीतियों पर चर्चा की और निवेश के नये अवसरों की रूपरेखा तय की। समिट में इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिलाइन एंड मैन्यूफैक्चरिंग, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, इनिमेशन विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी, सेमीकंडक्टर और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे उभरते विषयों पर राज्य की सम्भावित रणनीतियों पर चर्चा की गई। राज्य सरकार ने सेमीकंडक्टर मैनुफैक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने और ड्रोन टेक्नोलॉजी को प्रोत्साहित करने के लिये विशेष कदम उठाये हैं।
जीआईएस- भोपाल में विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी विभाग की नवीन पॉलिसी को भी लॉन्च किया। प्रदेश को आईटी क्षेत्र निवेश अनुकूल बनाने के लिये मध्यप्रदेश एनीमेशन, वीआर, गेमिंग कामिक्स और विस्तारित रियलिटि नीति- 2025, जीसीसी नीति- 2025, सेमी कंडक्टर नीति- 2025 और ड्रोन संवर्धन एवं उपयोग नीति- 2025 को लॉन्च किया गया। इन नीतियों में आईटी एवं टेक्नोलॉजी के क्षेत्र निवेश आकर्षित करने के लिये वित्तीय एवं गैर वित्तीय प्रावधान किये गये हैं। भविष्य की संभावनाओं का ध्यान रखते हुये इन नीतियों को व्यापक और दूरदर्शी बनाया गया। आईटी उद्योगों के विशेषज्ञों द्वारा राज्य की नीतियों की सराहना विभागीय समिट के दौरान की गई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए नए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू करने की घोषणा की। इनमें एआई, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, ब्लॉक चेन और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी अत्याधिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जायेगा। जीआईएस- भोपाल ने निवेश आकर्षित करने साथ ही विचार मंथन, नीति निर्माण और भविष्य की दिशा तय करने का अवसर प्रदान किया। विकसित भारत के साथ विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को साकार करने के लिये आईटी क्षेत्र मध्यप्रदेश को निवेश, नवाचार और अवसरों की नई ऊंचाईयों तक ले जायेगा।
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राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में मंदसौर के यश ग्वाला ने जीता गोल्ड मेडल
मंदसौर। मंदसौर के ताइक्वांडो खिलाड़ी यश ग्वाला ने एक बार फिर मंदसौर जिले का नाम रोशन किया हैं। तेलंगाना के हैदराबाद में अायोजित हुई चार दिवसीय राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में मंदसौर के होनहार खिलाड़ी यश ग्वाला ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। यश ने अपने सभी प्रतिद्वंदियों को हराकर यह सफलता प्राप्त की। ताइक्वांडों खिलाड़ी यश ग्वाला इससे पहले भी कई बार राष्ट्रीय और अंर्तराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेकर मंदसौर सहित प्रदेश व देश का नाम रोशन कर चुके हैं। देश में राजस्थान, मप्र, गुजरात, बिहार, हरियाणा सहित विदेशाें में यश अपने खेल कौशल से खूब यश बटोरते रहे हैं। खिलाड़ी यश ग्वाला की इस उपलब्धि पर खेल एवं युवक कल्याण विभाग के जिला अधिकारी विजेन्द्र देवड़ा, एएसपी गौतम सोलंकी, मप्र टीम के हेड इंटरनेशनल रेफरी गौतम लश्करी, नेशनल रेफरी अतुल जाट, विनोद कुशवाह, गगन कुरील, विजय कोठारी, सुरेश भाटी सहित परिवारजनों, समाजजनों एवं साथी खिलाड़ियों ने बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उज्जवल भविष्य की कामनाएं की है।