मंदसौरमध्यप्रदेश

समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 23 फरवरी 2025 शनिवार

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मजदूर कल्याण समिति मंदसौर ने ध्वनि प्रदूषण के विरुद्ध जागरूकता रैली निकालकर मंदसौर को ध्वनि प्रदूषण मुक्त करने की अपील की

मंदसौर 22 फरवरी 25/ मजदूर कल्याण समिति द्वारा ध्वनि प्रदूषण मुक्त मंदसौर को लेकर जन जागरूकता पैदल रेली का आयोजन किया गया। जन जागरूकता रेली को नगर पालिका अध्यक्षा श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रैली के माध्यम से समिति ने सभी से आग्रह किया है कि अस्पताल, स्कूल, धार्मिक स्थलों पर तेज गति में हॉर्न और डीजे ना बजाए। उक्त क्षेत्र को साइलेंट जोन बनाए में सहयोग की अपील की। डीजे और अन्य ध्वनि प्रदूषण करने वाले संयंत्र का उपयोग कम से कम करें। तेज ध्वनि से बच्चों की परीक्षाओं में, बुजुर्ग व्यक्तियों को, बीमार व्यक्तियों को बहुत ज्यादा परेशानी होती हैं। इसलिए हम सबको प्रयास करना चाहिए कि हम कम से कम ध्वनि यंत्रों का उपयोग करें और मंदसौर जिले को ध्वनि प्रदूषण मुक्त बनाएं।

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डीजे बजाने पर डिजे संचालक अंकित अहिरवार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर डीजे जप्त किए गए

म.प्र. कोलाहल नियंत्रण अधिनियम एवं अपराध धारा 223 के तहत सख्त कार्यवाही की गई

जिले में ध्वनि विस्तारक संयंत्रों पर प्रतिबंध के बावजूद डीजे बजाए जा रहे थे

मंदसौर 22 फरवरी 25/ जिले में ध्वनि विस्तारक संयंत्रों पर प्रतिबंध के बावजूद डीजे बजाए जाने पर डिजे संचालक अंकित अहिरवार के विरुद्ध थाना शहर कोतवाली द्वारा एफआईआर दर्ज कर डीजे जप्त किए गए। म.प्र. कोलाहल नियंत्रण अधिनियम एवं अपराध धारा 223 के तहत सख्त कार्यवाही की गई।

गांधी चौराहा पर एक पिकअप वाहन डीजे एक बारात में जोर जोर से डीजे बजाते हुये गांधी चौराहे तरफ आता हुआ पाया गया। जिले में ध्वनि विस्तारक संयंत्र के उपयोग पर प्रतिबंध के बावजूद डिजे संचालक अंकित पिता मनोहर लाल अहिरवार उम्र 23 साल निवासी माल्याखेर खेडा थाना नाहरगढ जिला मंदसौर के द्वारा तेज आवाज में डीजे बजाकर जिला प्रशासन और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना की गई है। अंकित अहिरवार से डीजे बजाने की अनुमति के संबंध में पुछताछ करते किसी सक्षम अधिकारी की कोई अनुमति नही होना बताया।

अंकित अहिरवार के डीजे वाहन पीकअप क्रमांक MP43 G-0976 को कब्जे में लेकर भीडभाड होने व माहोल की संभावना को मद्देनजर रखते हुये डीजे व पंचानो को थाने में जप्त किया। सम्पुर्ण मामले से अपराध धारा 223 भारतीय न्याय सहिता एवं 7/15 म.प्र. कोलाहल नियंत्रण अधिनियम का पाया जाने से आरोपी अंकित अहिरवार के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया।

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यश नगर में तेज गति से डीजे बजाने पर डीजे संचालक राजेश दमामी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई

मध्य प्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत की गई सख्त कार्यवाही

मंदसौर 22 फरवरी 25/ यश नगर में तेज गति से डीजे बजाने पर डीजे संचालक राजेश दमामी के विरुद्ध थाना वायडी नगर द्वारा एफआईआर दर्ज की गई। मध्य प्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत की गई सख्त कार्यवाही। वायडी नगर थाने से यश नगर में तेज आवाज में डीजे बजाने की सुचना मिलने पर जांच की गई। जिसमें यशनगर पुलिया पर एक जुलुस में डीजे वाला बहुत तेज आवाज में डीजे बजा रहा था।

एक लोडींग वाहन क्र.MP-14LC/0613 जिस पर पिछे हिंद जनता बैंड लिखा था, के चालक /डीजे संचालक राजेश दमामी नि. पिपलीया मंडी का होना बताया था, ने अपने प वाहन जिस पर डीजे लगे थे। काफी तेज आवाज में डीजे बजा रहा था। तीन बार डीजे बंद करने व परमीशन थाने पर चेक कराने का बताने पर भी डीजे के संचालक द्वारा कोई ध्यान नही दिया व परमीशन नही बताई। आरोपी राजेश दमामी का क्रत्य अपराध धारा म.प्र. कोलाहल नियत्रंण अधिनियम की धारा 7/15 के तहत दंडनीय पाया जाने से अपराध पंजीबद्द किया गया।

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प्रदेश में कक्षा 5 और 8 वीं की वार्षिक परीक्षा की समय-सारणी जारी

परीक्षा व्यवस्था को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किये निर्देश

मंदसौर 22 फरवरी 25/ राज्य शिक्षा केन्द्र ने प्रदेश में कक्षा 5वीं और 8वीं की वार्षिक परीक्षा की समय-सारणी जारी कर दी है। प्रदेश की समस्त शासकीय, मान्यता प्राप्त आशासकीय और अनुदान प्राप्त शालाओं के साथ डाईस कोड प्राप्त मदरसों में वार्षिक परीक्षा 24 फरवरी से शुरू होंगी। सत्र 2024-25 की यह परीक्षाएँ 5 मार्च को समाप्त होंगी। परीक्षा की व्यवस्था को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने आवश्यक निर्देश जारी किये हैं।

कक्षा 5वीं की वार्षिक परीक्षा का पहला प्रश्न-पत्र 24 फरवरी को होगा और अंतिम प्रश्न-पत्र एक मार्च 2025 को होगा। प्रश्न-पत्र निर्धारित समय-सारणी के अनुसार दोपहर 2 से शाम 4:30 बजे तक होगा। कक्षा 8वीं की वार्षिक परीक्षा का प्रश्न-पत्र 24 फरवरी को और अंतिम प्रश्न-पत्र 5 मार्च 2025 को होगा ।

दिशा-निर्देश

स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित राज्य शिक्षा केन्द्र ने परीक्षा के आयोजन को लेकर जिला कलेक्टर्स को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये हैं। निर्देशों में कहा गया है कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के प्रावधान अनुसार नि:शक्त विद्यार्थियों को अतिरिक्त समय और लेखक की सुविधा प्रदान की जाये। परीक्षा की समय-सारणी की जानकारी शालाओं को भी भेजी गयी है।

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एसी का तापमान 27 डिग्री सेट करने पर बिजली बिल में 30 फीसदी तक की कमी

मंदसौर 22 फरवरी 25/ गर्मी में बिजली की खपत बढ़ने से बिजली बिल अधिक आता है, लेकिन कुछ तरीके अपना कर बिजली बिल में कमी की जा सकती है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने जानकारी दी है कि एक शोध से यह साबित हुआ है कि एसी का तापमान 27 डिग्री पर सेट करने से बिजली बिल में 30 प्रतिशत तक कमी हो सकती है। शोध के अनुसार, प्रत्येक डिग्री तापमान में वृद्धि के परिणामस्वरूप स्प्लिट एसी की ऊर्जा खपत में 6 प्रतिशत की कमी आती है।

दरसअल कमरे को तुरंत ठंडा करने के लिए तापमान को 18 डिग्री तक कम करना एक आम गलतफहमी है। जबकि 27 डिग्री सेल्सियस तक कम करने में लगने वाला समय वही रहता है, चाहे आप एसी का तापमान 18 या 27 डिग्री सेल्सियस पर सेट करें। जब आप कम तापमान सेट करते हैं, तो कमरे के तापमान को कम करने के लिए कंप्रेसर को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। इसके परिणामस्वरूप अधिक बिल आता है। यहां तक कि अगर आप थर्मोस्टेट को 18 डिग्री पर सेट करने के बाद कुछ मिनटों के भीतर एसी बंद कर देते हैं, तो विभिन्न लीक के माध्यम से ठंडी हवा के फैलने से तापमान तेजी से बढ़ जाएगा, जिससे आपका प्रयास व्यर्थ हो जाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आप थर्मोस्टेट को 27 डिग्री सेल्सियस पर सेट करते हैं और टाइमर को 2 घंटे के लिए सेट करते हैं और साथ में सीलिंग फैन चला देते हैं, तो यह आमतौर पर अच्छी नींद के लिए आरामदायक तापमान बनाए रखता है। इसलिए समझदारी से काम लेते हुए एसी को 27 डिग्री पर सेट करें तथा सीलिंग फैन एक या दो पाइंट पर जरूर चलाएं, ऐसा करने से बिजली बिल में कमी आ सकती है।

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बिजली मीटर से छेड़छाड़ करने पर धारा 136 में होगी कार्रवाई

मंदसौर 22 फरवरी 25/ मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि यदि बिजली के मीटर में अनावश्क छेड़छाड़ पाई जाती है तो ऐसा करने वालों के विरूद्ध धारा 136 के तहत कार्रवाई होगी। कंपनी का कहना है कि किसी उपभोक्ता को मीटर, उसकी रीडिंग, बिलिंग या बिजली व्यवधान जैसी कोई शिकायत हो तो वे तुरंत कॉल सेंटर के फोन नंबर 1912 पर या ऑन लाइन वेबसाइट portal.mpcz.in अथवा उपाय यूपीएवाय ऐप या बिजली वितरण केन्द्र, जोन कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निराकरण की पुख्ता व्यवस्था की गई है। उपभोक्ता शरारती तत्वों के बहकावे में आकर मीटर में तोड़फोड़ या उखाड़कर अन्यत्र स्थापित करने या सर्विस लाइन को नुकसान पहुंचाने का कार्य करते हैं तो उनके विरूद्ध विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 136 के तहत कार्रवाई होगी। इसमें 3 वर्ष का कारावास अथवा 10 हजार रूपये का जुर्माना अथवा दोनों सजाओं से दण्डित करने का प्रावधान है।

विद्युत अधिनियम- 2003 की धारा 136 में यह प्रावधान है कि ‘अनुज्ञप्तिधारी या स्वामी की सहमति के बिना कोई इलेक्ट्रिक लाइन, सामग्री या मीटर को हटाएगा या अन्यत्र जगह लगाता है, चाहे वह कार्य लाभ या अभिलाभ के लिए किया गया हो या नहीं, तो इसे विद्युत लाइनों और सामग्री की चोरी का अपराध कहा जाएगा और वह कारावास से जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से या दोनों से दण्डनीय होगा।

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हमारी निवेश नीति देश में सबसे अच्छी, जितने चाहे उद्योग लगाएं, सरकार आपके साथ है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

म.प्र. असीम संभावनाओं का प्रदेश है, यहां निवेश भी कीजिए और जीआईएस की मेजबानी भी

नए उद्योगों को प्रोत्साहन देंगे, वर्तमान उद्योगों को नवकरणीय ऊर्जा का देंगे लाभ

सरकार के बजट का एक-एक रूपया जनकल्याण एवं औद्योगिक विकास में खर्च करेंगे

मंदसौर 22 फरवरी 25/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश असीम संभावनाओं का प्रदेश है। मध्यप्रदेश की देश में केन्द्रीय स्थिति इसे और भी अधिक विशेष बनाती है। म.प्र. के औद्योगिक विकास के लिए हमारी सरकार ने जो नई निवेश नीति बनाई है, वह देश में सबसे बेहतर है, सबसे अच्छी है। आप जितने चाहे उतने उद्योग लगाइए, सरकार हर पल, हर कदम पर आपके साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास परिसर से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सहित अन्य उद्योगपतियों से चर्चा के दौरान यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने वाले निवेशक सदैव लाभ में रहे हैं। आप जैसे चाहें वैसे उद्योग लगाएं और मुनाफा कमाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 1100 से अधिक औद्योगिक इकाईयों को 450 करोड़ रुपए से अधिक की वित्तीय प्रोत्साहन राशि पारदर्शी तरीके से डीबीटी से हस्तांतरित की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और भोपाल के निवेशक बेहिचक न केवल निवेश करें, बल्कि 24-25 फरवरी को भोपाल में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की मेजबानी भी करें। उन्होंने कहा कि जीआईएस भोपाल में हो रहा एक वैश्विक समागम है और यह एक अत्यंत ऐतिहासिक अवसर होने जा रहा है। देश-विदेश से यहां आने वाले निवेशक हमारे मेहमान हैं। उनके स्वागत में कोई कमी न रहें, जो भी भोपाल आए, वह एक अच्छी स्मृति लेकर ही जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर में मध्यप्रदेश का देश में 7वां स्थान है। यह प्रदेश का सबसे उभरता हुआ सेक्टर है। इसलिए हमने निर्णय लिया है कि प्रदेश में हर प्रकार के उत्पादों से जुड़े नए उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहन किया जाएगा। साथ ही वर्तमान में चल रहे पुराने उद्योगों को भी जरूरी मदद मुहैया कराएंगे। पुराने उद्योगों को यदि आवश्यकता होगी, तो मांगे जाने पर उन्हें नवकरणीय ऊर्जा के जरिए विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार के बजट की एक-एक राशि जनता के समग्र कल्याण और प्रदेश के औद्योगिक विकास में व्यय की जाएगी। उन्होंने बताया कि हम नए वित्त वर्ष में सरकार के बजट को 4 लाख करोड़ रूपए तक लेकर जाने की ओर बढ़ रहे हैं। हमारी सरकार उद्योगों को सभी जरूरी मदद और प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारी सरकार ने सदैव अपने वचन का पालन किया और आगे भी करेंगे। उन्होंने कहा कि नई निवेश नीति में हमारी सरकार महिला उद्यमियों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त छूट देने का प्रावधान करने जा रही है। उद्योगपतियों को मल्टी स्टोरी इंडस्ट्रियल परिसर तैयार करने में, तो सरकार एक निश्चित सीमा तक छूट देगी। हम इंडस्ट्रियल परिसर में आवासीय गुजाइंश को भी अनुमति योग्य करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि हमारी सरकार उद्योग ऋण पर ब्याज में समुचित सीमा तक छूट भी देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी उद्योगपतियों से रू-ब-रू संवाद किया और कहा कि भोपाल में हो रही जीआईएस मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी, इसकी सफलता के लिए सबका सहयोग और सहभागिता जरूरी है।

खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के जरिए हम मध्यप्रदेश के समेकित विकास की ओर बढ़े हैं। हमारी देश के सभी अंचलों से कनेक्टिविटी, यहां का ईको सिस्टम, यहां की आबो-हवा सबसे अच्छी है। जीआईएस भोपाल के लिए एक बहुत बड़ा अवसर है। उन्होंने भोपाल में जीआईएस आयोजित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार मानते हुए उद्योगपतियों से कहा कि निवेश किसी राज्य की समृद्धि का बड़ा आधार है। निवेश कीजिए और जीआईएस को सफल बनाकर मध्यप्रदेश को वैश्विक पहचान दिलाने में भागीदार बनिए।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मध्यप्रदेश के उत्पादों का अधिक से अधिक निर्यात हो, इसके‍लिए हमारी सरकार ने हर स्तर पर उद्योगपतियों और निवेशकों को प्रोत्साहन दिया है। मध्यप्रदेश से कच्चा माल और अपना निर्मित देश के किसी भी कोने में पहुंचाना आसान है, फिर भी प्रोत्साहन स्वरूप हमारी सरकार उद्योगों को माल भाड़े में 50 प्रतिशत से अधिक राशि का अनुदान दे रही है। नए उद्योगों का यहां हमेशा स्वागत है। उन्होंने कहा कि पुराने उद्योगो को भी हम अतिरिक्त मदद देकर उनको और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

प्रमुख सचिव औद्योगिक निवेश एवं प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह ने भोपाल में हो रही जीआईएस की समन्वित रूपरेखा की जानकारी देते हुए निवेशकों और उद्योगपतियों को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि जीआईएस का शुभारंभ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी जीआईएस के मंच से मध्यप्रदेश की सभी नवीन औद्योगिक, निवेश व अन्य नीतियों को डिजिटली लांच करेंगे। इसके समापन सत्र में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह उपस्थित रहेंगे। जीआईएस में 60 से अधिक देशों के प्रतिनिधि आएंगे। इसमें विभिन्न विषयों पर विभागीय सम्मेलन, प्रवासी सम्मेलन, कंट्री सेशन, थीमेटिक सेशन व अन्य गतिविधियां भी होंगी। उन्होंने सभी उद्योगपतियों से जीआईएस में सक्रिय भागीदारी करने और इस ऐतिहासिक अवसर का लाभ उठाने का आग्रह किया। आभार प्रदर्शन सचिव श्रीमती प्रियंका दास ने किया। इस अवसर पर श्री दिलीप कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में उद्योगपति उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने की उद्योगपतियों से चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में मौजूद उद्योगपतियों से आत्मीय चर्चा की। इंडस्ट्री एसोसिएशन के श्री राधाशरण गोस्वामी ने कहा कि पिछले एक साल में हमारा सरकार की नीतियों पर विश्वास बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की विकास दर 30 प्रतिशत की दर से बढ़ने वाली है, इससे प्रदेश में रोजगार बढ़ेंगे, समृद्धि आएगी। लघु उद्योग भारती के श्री अतीत अग्रवाल ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से मध्यप्रदेश में अद्भुत और अकल्पनीय औद्योगिक वातावरण तैयार हुआ है। जीआईएस के बेहद सुखद परिणाम आने वाले हैं। गोविंदपुरा औद्योगिक प्रक्षेत्र संगठन के श्री विक्रम गौर ने कहा कि सरकार ने जो नई निवेश नीति तैयार की है, वह सबके लिए लाभकारी है। उन्होंने उद्योगपतियों के हित में इतनी अच्छी निवेश नीति तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह एक ऊर्जावान नेतृत्व की ऊर्जामय नीति है। डिक्की के प्रदेश अध्यक्ष श्री अनिल सिरवैया ने कहा कि सरकार की नई निवेश नीति में प्रदेश के समेकित विकास की झलक दिखाई देती है। मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए सरकार के नवाचारी प्रयास नि:संदेह सराहनीय है। मावे और लघु उद्योग भारती की प्रतिनिधि श्रीमती रेणु नायक ने मुख्यमंत्री से महिला उद्यमियों के लिए और अधिक प्रोत्साहित करने वाले प्रावधान किए जाने तथा मल्टी स्टोरी इंडस्ट्रियल एरिया विकसित किए जाने की मांग रखी। उन्होंने आशा जताई कि जीआईएस से प्रदेश के हित में बेहद पॉजिटिव रिजल्ट सामने आएंगे।

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मध्यप्रदेश देश में सबसे अधिक गिद्धों वाला राज्य

प्रदेश में वर्ष 2024-25 की गणना में गिद्धों की संख्या 12 हजार से अधिक प्रदेश में गिद्ध संरक्षण के लिये किये जा रहे हैं विशेष प्रयास

मंदसौर 22 फरवरी 25/ वन विभाग द्वारा वर्ष 2025 में प्रदेश स्तर पर गिद्धों की गणना में गिद्धों की संख्या 12 हजार 981 हो गई है। मध्यप्रदेश देश में सबसे अधिक गिद्धों वाला राज्य बन गया है। प्रथम चरण में 17, 18 एवं 19 फरवरी 2025 को वन विभाग के 16 वृत्त, 64 डिवीजन और 9 संरक्षित क्षेत्रों में गिद्ध गणना की गयी। गिद्ध गणना का कार्य वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, डब्ल्यूआईआई, भोपाल के प्रतिभागियों, स्वयं सेवकों और फोटोग्राफरों द्वारा किया गया।

गिद्धों की गणना में घोंसलों के आसपास बैठे गिद्धों एवं उनके नवजातों की गणना के दौरान इस बात का ध्यान रखा गया कि केवल आवास स्थलों पर बैठे हुए गिद्धों को ही गिना गया है। डाटा संकलन का कार्य वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में किया गया।

प्रदेश में गिद्धों की गणना की शुरूआत वर्ष 2016 से की गयी थी। प्रदेश में गिद्धों की कुल 7 प्रजातियाँ पाई जाती है। इसमें से 4 प्रजातियाँ स्थानीय एवं 3 प्रजातियाँ प्रवासी हैं। गिद्धों की गणना करने के लिये शीत ऋतु का अंतिम समय सही रहता है। इस दौरान स्थानीय एवं प्रवासी गिद्धों की गणना आसानी से हो जाती है। वर्ष 2019 की गणना में गिद्धों की संख्या 8 हजार 397, वर्ष 2021 में 9 हजार 446 और वर्ष 2024 में बढ़कर 10 हजार 845 हो गयी थी।

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मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के लिए आवेदन 15 जुलाई तक करें

स्मार्ट फिश पार्लर की स्थापना हेतु 5 लाख मिलेंगे, जिस पर 40% अनुदान मिलेगा

मंदसौर 22 फरवरी 25/ सहायक संचालक मत्स्योद्योग श्री एस के महाजन ने बताया कि मछुआ कल्याण व मत्स्य विकास विभाग द्वारा मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना अन्तर्गत आवेदन 15 जुलाई तक करें। जिले मे स्मार्ट फिश पार्लर स्थापना ग्रामीण तालाबो मे मत्स्य बीज संवर्धन व उत्पादन, ग्रामीण तालाबो मे झीगा पालन तथा प्रशिक्षण हेतु वर्गवार लक्ष्य प्रदाय किये जाकर राशि उपलब्ध करायी गयी है। स्मार्ट फिश पार्लर के माध्यम से उपभोक्ताओ को ताजी व हाइजेनिक कंडीशन में मछली उपलब्ध करायी जावेगी। जिले मे योजनान्तर्गत 9 स्मार्ट फिश पार्लर की स्थापना की जावेगी। सामान्य वर्ग के 04 अ.जा. वर्ग के 03 अनुसुचित जनजाति वर्ग के 02 हितग्राहियो को लाभान्वित किया जावेगा। प्रत्येक स्मार्ट फिश पार्लर की स्थापना हेतु 5 लाख रू राशि का प्रावधान है जो नगरीय निकाय / पंचायत को उपलब्ध करायी जावेगी। जिसमे चयनित हितग्राही को ईकाई लागत की 10 प्रतिशत राशि रू 50 हजार अंशदान के रूप मे व मासिक शुल्क रु 1 हजार प्रति माह संबंधित नगर निकाय या पंचायत मे जमा करना होगी।

इसके अतिरिक्त ग्रामीण तालाबो मे मत्स्य बीज संवर्धन व उत्पादन तथा झीगा पालन हेतु सभी वर्ग के हितग्राहियो को इकाई लागत के 40 प्रतिशत अनुदान राशि प्रदाय की जावेगी। योजना अन्तर्गत प्रदेश के सभी वर्ग के हितग्ग्रही, एन.आर.एल.एम. स्व सहायता समुह, मछुआ समुह एव मछुआ सहकारी समिति के सदस्य पात्र होगे। इच्छुक हितग्राही योजनान्तर्गत अपना आवेदन कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते है। अधिक जानकारी हेतु मत्स्योधोग विभाग मे संपर्क कर सकते है।

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नवांकुर संस्था बाजखेडी को सफल प्रशिक्षण प्राप्त करने पर सम्मानीत किया

मंदसौर। स्वैच्छिक सगठनो का प्रशिक्षण 21 फरवरी 2025 को कृषि विज्ञान केन्द्र सभाग्रह मंदसौर में संपन्न हुआ। जिसमे मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा चयनित बाजखेड़ी ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति नवांकुर संस्था की सचिव मंजु भावसार ने इस प्रशिक्षण सत्र मे सफलता पुर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करने पर जिला समन्वयक श्रीमति तृप्ति बैरागी द्वारा प्रशस्ती पत्र देकर संस्था के उज्जवन भविष्य की कामनाएं की गई। यह जानकारी देते हुए लाला भाई अजमेरी द्वारा बताया गया कि बाजखेड़ी नवांकुर संस्था द्वारा ग्रामीण क्षेत्र मे लम्बे समय से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओ का प्रचार प्रसार किया जा रहा उसी को लेकर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा चयनित स्वैच्छिक संगठनो का प्रशिक्षण समृद्धि योजना के अन्तर्गत संपन्न हुआ जिसमें संस्था सचिव मंजु भावसार द्वारा सफल प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रशस्ती पत्र प्राप्त किया। संस्था के उज्जवल भविष्य को लेकर संस्था अध्यक्ष बानो बी, जन्नत बी, सलमा बी, सरपंच एवं ग्रामीणजनो द्वारा बधाईयां प्रेषित की।

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