समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 21 फरवरी 2025 शुक्रवार

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भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जिला शाखा मंदसौर और समर्पण फाउंडेशन ट्रस्ट दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में कुष्ठ रोगी माताओं, भाइयों बहनों के लिए किया गया निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन
मंदसौर 20 फरवरी 25/ समर्पण फाउंडेशन ट्रस्ट दिल्ली द्वारा समस्त रोगियों का पंजीकरण करके उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया | रोगियों का रक्त चाप, मधुमेह, कुष्ठ रोगी भाई-बहनों के घावों की साफ सफाई, महरम पट्टी, लघु शल्य क्रिया एवं आधुनिक तकनीक से खून की जाँच भी की गई। इसके अतिरिक्त अनुभवी चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परामर्श, दवाइयां, इंजेक्शन, महिलाओं के लिए निशुल्क सेनेटरी पेड्स, सहायक उपकरण भी वितरित किये गये।
सयुक्त कलेक्टर/ मानसेवी सचिव श्री राहुल चोहान द्वारा कलेक्टर श्रीमति अदिती गर्ग की और से समर्पण फाउंडेशन ट्रस्ट दिल्ली की पूरी टीम का निशुल्क शिविर आयोजन में सहयोग हेतु आभार व्यक्त किया। फोटो संलग्न
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 19 वीं किश्त 24 फरवरी को होगी जारी
आधार/बैंक खाता लिंकिंग तथा ई-केवायसी होना जरूरी
मंदसौर 20 फरवरी 25/ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत प्रदेश के पात्र हितग्राहियों को वर्ष में कुल 6 हजार रुपये की राशि तीन समान किस्तों में प्रदान की जाती है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 19 वीं किश्त का वितरण 24 फरवरी को किया जाएगा। योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु हितग्राही किसानों की जमीन लिंक, आधार एवं बैंक खाता डीबीटी हेतु इनेवल एवं ई-केवायसी होना जरूरी है। आधार एवं बैंक खाता लिंकिंग हितग्राही को संबंधित बैंक शाखा में जाकर आधार एवं बैंक खाता डीबीटी हेतु एनेबल करना अथवा इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के साथ आधार इनेबल्ड खाता खोलकर कार्यवाही पूर्ण की जा सकती है। हितग्राही किसानों की ई-केवायसी सीएससी केंद्र/पीएम किसान पोर्टल/पीएम किसान ऐप के माध्यम से हितग्राहियों द्वारा कार्यवाही पूर्ण की जाना है। ई-केवायसी की कार्यवाही हितग्राहियों द्वारा सीएससी केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक के माध्यम से एवं पीएम किसान पोर्टल/पीएम किसान ऐप के माध्यम से आधार नंबर के साथ रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी के माध्यम से पूर्ण की जा सकती है। उक्त के साथ ही पीएम किसान एप पर फेस रिकॉग्निशन के माध्यम से भी ई-केवायसी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की घोषणा फिल्म “छावा” मध्यप्रदेश में टैक्स फ्री
मंदसौर 20 फरवरी 25/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर रिलीज हुई हिन्दी फिल्म “छावा” को पूरे मध्यप्रदेश में टैक्स फ्री करने की घोषणा की है। यह फिल्म शिवाजी महाराज के पुत्र संभाजी के जीवन पर केन्द्रित है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को जबलपुर में स्टेडियम लोकार्पण कार्यक्रम में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि संभाजी महाराज ने अपने जीवन में सभी यातनाएं सहते हुए राष्ट्र और धर्म के लिए अपने प्राण दे दिए थे। छावा उन पर बनी ऐतिहासिक फिल्म है। यह फिल्म राष्ट्रप्रेम का संदेश देती है। शिवाजी महाराज के पुत्र संभाजी महाराज की देश भक्ति और उनके जीवन की विभिन्न महत्वपूर्ण घटनाओं से नागरिकों को परिचित करवाने के लिए मध्यप्रदेश में फिल्म टैक्स फ्री रहेगी।
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सिंहस्थ – 2028 के प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सहित अद्यतन तकनीकों का उपयोग हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मंदसौर 20 फरवरी 25/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ-2028 को श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय अनुभूति बनाने के उद्देश्य से आवागमन, पार्किंग, स्नान, भीड़ प्रबंधन, आवास, स्वच्छ पेयजल, भोजन, चिकित्सा सुविधा, अपशिष्ट प्रबंधन सहित सभी पहलुओं के प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। व्यवस्थाओं के संचालन में सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सहित सभी अद्यतन तकनीकों का उपयोग किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को सिंहस्थ-2028 के प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सहित अद्यतन तकनीकों के उपयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श के लिए मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे।
बैठक में आईआईटी एल्यूमिनाए कॉउंसिल के श्री सतीश मेहता द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के माध्यम से संचालित सोलर गोल्फ कार्ट, इलेक्ट्रिक मिनी बसों और 9 मीटर लंबी बसों से श्रद्धालुओं के आवागमन संबंधी प्रस्ताव रखा गया। उनके प्रस्ताव अनुसार देवास, इंदौर और ओंकारेश्वर से उज्जैन पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पॉयलेट प्रोजेक्ट के रूप में शहरी क्षेत्र में प्रायोगिक रूप से इस व्यवस्था के संचालन के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, श्री मोहम्मद सुलेमान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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प्रदेश के युवाओं को रोजगार-स्वरोजगार से जोड़ने के लिए राज्य सरकार संकल्पित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव हायर सेकेण्डरी प्रावीण्य सूची में आए विद्यार्थियों के खाते में 21 फरवरी को करेंगे लैपटॉप राशि का अंतरण
मंदसौर 20 फरवरी 25/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के शासकीय स्कूलों की हायर सेकेंड्री बोर्ड परीक्षा में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के बैंक खाते में शुक्रवार 21 फरवरी को सिंगल क्लिक के माध्यम से लैपटॉप की राशि अंतरित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के छात्र-छात्राओं को लैपटॉप के लिए 25-25 हजार रुपए की राशि प्रदान की जाएगी। लैपटॉप विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा और केरियर के अन्य लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश के माध्यम से मेधावी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उच्च शिक्षा और कौशल उन्नयन के माध्यम से प्रदेश के होनहार युवाओं को आगे बढ़ने के लिए राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है। प्रदेश के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह संकल्पित है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुक्रम में प्रदेश में हर स्तर पर युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रही है। कई सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को साकार करने के लिये प्रदेश में विकास का कारवां निरंतर चलता रहेगा।
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अशासकीय विद्यालयों की मान्यता की आवेदन तिथि बढ़ी
राज्य शिक्षा केन्द्र ने कलेक्टर्स को जारी किया पत्र
मंदसौर 20 फरवरी 25/ प्रदेश के अशासकीय विद्यालय की मान्यता नवीनीकरण और नवीन मान्यता की अंतिम तिथि अब बढ़ाकर 25 फरवरी 2025 निर्धारित की गई है। राज्य शिक्षा केन्द्र ने स्पष्ट किया है कि 25 फरवरी के बाद अंतिम तिथि में किसी भी प्रकार की वृद्धि नहीं की जा सकेगी। मान्यता संबंधी निर्देश पूर्व की तरह यथावत रहेंगे।
प्रदेश में शिक्षण सत्र 2025-26 के लिये अशासकीय विद्यालयों की मान्यता नवीनीकरण और नवीन मान्यता आवेदन की अंतिम तिथि 7 फरवरी 2025 निर्धारित की गई थी। विलंब शुल्क के साथ अंतिम तिथि 14 फरवरी 2025 निर्धारित की गई थी। अशासकीय विद्यालयों की दिक्कतों को देखते हुए राज्य शिक्षा केन्द्र ने आवेदन तिथि में वृद्धि की है। राज्य शिक्षा केन्द्र ने कलेक्टर्स और जिला परियोजना समन्वयक को इस संबंध में निर्देश जारी किये हैं।
समेकित छात्रवृत्ति योजना
स्कूल शिक्षा विभाग ने समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन के अंतर्गत समेकित छात्रवृत्ति योजना लागू की है। योजना का नोडल अधिकारी स्कूल शिक्षा विभाग निर्धारित किया गया है।
समेकित छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को 6 विभागों की लगभग 20 प्रकार की छात्रवृत्ति शिक्षा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकृत कर सीधे विद्यार्थी के खाते में भुगतान किये जाने की व्यवस्था की गई है। योजना में प्रत्येक विद्यार्थी का नाम समग्र यूनिक आईडी के आधार पर उसके स्कूल के डाइस कोड के साथ मेपिंग कर कक्षावार, स्कूलवार नामांकन ऑनलाइन किये जाने का सिस्टम शिक्षा पोर्टल एनआईसी के माध्यम से तैयार कराया गया है। प्रत्येक छात्र की प्रोफाइल में संबंधित की जाति, माता-पिता का व्यवसाय, परिवार की वार्षिक आय, बीपीएल स्टेटस, छात्रावासी स्टेटस, पिछले वर्ष का परीक्षा परिणाम, जो छात्रवृत्ति गणना करने में आवश्यक होते हैं, उसे रिकॉर्ड में रखा जाता है।
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दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश सरकार की बड़ी उपलब्धि
मध्यप्रदेश दुग्ध संघ और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के मध्य 25 फरवरी को होगा सहकारिता अनुबंध
मंदसौर 20 फरवरी 25/ केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर भोपाल में आगामी 25 फरवरी को एम.पी. स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड एवं संबद्ध दुग्ध संघों और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के मध्य सहकार्यता अनुबंध (कोलैबोरेशन एग्रीमेंट) का निष्पादन किया जाएगा। दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश सरकार की यह बड़ी उपलब्धि होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों की आय दोगुनी करने एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंत्रि-परिषद द्वारा एम.पी. स्टेट को-ओपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड एवं संबद्ध दुग्ध संघों और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के मध्य होने वाले सहकारिता अनुबंध (कोलेबोरेशन एग्रीमेंट) पर सहमति दे दी गयी है। अब यह अनुबंध निस्पादत किया जा रहा है। इस अनुबंध की अवधि 5 वर्ष होगी, जिसका आपसी सहमति से विस्तार किया जा सकेगा। इसके तहत मुख्य रूप से प्रत्येक ग्राम पंचायत में कलेक्शन सेन्टर स्थापित किए जाएंगे, दुग्ध संघों की प्रोसेसिंग क्षमता में वृद्धि की जायेगी और दुग्ध समितियों की संख्या बढ़ाई जायेगी। इन सबके परिणाम स्वरूप दुग्ध उत्पादकों की आय में अप्रत्याशित वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार के संकल्प पत्र-2023 में प्रदेश में दूध की खरीद सुनिश्चित करने एवं डेयरी किसानों को दूध की सही कीमत दिलाने में मदद करने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में डेयरी सहकारी समिति एवं कलेक्शन सेंटर खोले जाने और श्वेत क्रांति मिशन के अंतर्गत ढाई हजार करोड़ के निवेश से प्रत्येक जिले में सांची डेयरी के साथ मिल्क कूलर, मिनी डेयरी प्लांट एवं चिलिंग सेंटर की संख्या में वृद्धि करने का उल्लेख है। इन संकल्पों को पूरा करने में यह अनुबंध महत्वपूर्ण साबित होगा। यह राज्य के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अंतर्गत सहकारी प्रणाली और सांची ब्राण्ड को मजबूत करेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दूध की खरीद सुनिश्चित करने एवं सही कीमत दिलाने में मदद के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में कलेक्शन सेन्टर स्थापित किए जाएंगे। वर्तमान में प्रदेश में दुग्ध समितियों की संख्या 6 हजार है, जिसे बढ़ाकर 9 हजार किया जाएगा। एक दुग्ध समिति लगभग 1 से 3 गांव में दुग्ध संकलन करती है, 9 हजार दुग्ध समितियां के माध्यम से लगभग 18 हजार ग्रामों को कवर किया जा सकेगा। दुग्ध संकलन भी 10.50 लाख किलोग्राम प्रतिदिन से बढ़कर 20 लाख किलोग्राम प्रतिदिन हो जाएगा। इसके अतिरिक्त एनडीडीबी द्वारा दुग्ध उत्पादक संस्थाओं (एमपीओ) के माध्यम से कवर किए गए गांवों को 1390 से बढ़ाकर 2590 किया जाएगा तथा दूध की खरीद को 1.3 लाख किलोग्राम से बढ़कर 3.7 लाख किलोग्राम प्रतिदिन किया जाएगा। साथ ही दुग्ध संघों की प्रोसेसिंग क्षमता में वृद्धि की जायेगी। वर्तमान में डेयरी प्लांट की क्षमता 18 लाख लीटर प्रतिदिन है, जिसे बढ़ाकर 30 लाख लीटर प्रतिदिन किया जाएगा। इस तरह अगले 5 सालों में लगभग 1500 करोड़ रूपये का निवेश किया जायेगा। दुग्ध उत्पादकों की कुल वार्षिक आय 1700 करोड़ रूपये से दोगुना कर 3500 करोड़ रूपये किये जाने का लक्ष्य रखा गया है।
सांची ब्रांड होगा और मजबूत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा प्रदेश के सांची ब्रांड को और मजबूत किया जाएगा। इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाकर राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जायेगा। ब्रांड के नाम में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। दुग्ध संघ के प्रबंधन एवं संचालन के लिए प्रबंधन शुल्क और नवीन प्रसंस्करण एवं अधोसंरचनाओं के विकास के लिए भी कोई परामर्श शुल्क नहीं लिया जाएगा। आवश्यकता अनुसार तकनीकी एवं प्रबंधन विशेषज्ञों को अपने पैरोल पर दुग्ध संघ में पदस्थ किया जाएगा तथा कार्यरत अमले का हित संरक्षण भी किया जाएगा। दुग्ध सहकारी समितियां से संबद्ध डेयरी किसानों की शिकायतों के निराकरण के लिए शिकायत निवारण प्रणाली भी विकसित की जाएगी।