मंदसौरमध्यप्रदेश

समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 20 फरवरी 2025 गुरुवार

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युवा संगम मेले में 234 युवाओं का प्राथमिक चयन हुआ

शासकीय महाविद्यालय गरोठ में आयोजित हुआ

मंदसौर 19 फरवरी 25/ युवा संगम रोजगार स्वरोजगार एवं अप्रेंटशिप मेले का आयोजन शासकीय महाविद्यालय, गरोठ में आयोजित किया गया। जिसमें 10 कंपनियां मौजूद थी। मदरसन सूमी सिस्टम प्रा. लिमिटेड गुजरात, टाटा बैटरीज़, पुणे, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस मंदसौर, माइक्रो लोगी प्राइवेट लिमिटेड अहमदाबाद, मां चामुंडा एंटरप्राइजेज, आईआईएसडी गुड़गांव, गैल इंडस्ट्रीयुट ऑफ़ स्केल गुना, राजस्थान टैक्सटाइल भवानी मंडी, ईप्का रतलाम एवं आर आर पॉवर कम्पनिया मौजूद थी । इसमें 414 युवाओं का पंजीयन किया गया तथा 234 युवाओं को ऑफर लेटर प्रदान किये गए। स्वरोजगार हेतु उपस्थित आठ विभागों के कुल 04 हितग्राहियों एवं 10 स्वयं सहायता समूहों को लगभग 50 लाख रुपए के लोन वितरित किया गया।

इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार, गरोठ विधायक श्री चंदर सिंह सिसोदिया, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती मनु प्रिया विनीत यादव अन्य सभी जनप्रतिनिधियों, जिला रोजगार अधिकारी श्री मुकेश मोर्य, विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।

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जिला योजना एवं सांख्यिकी विभाग का प्रभार डॉ. इंगोले को सौंपा गया

मंदसौर 19 फरवरी 25/ श्रीमती एकता जायसवाल द्वारा बताया गया कि वरिष्‍ठ पशु शल्‍यज्ञ डॉ. जे. के. जैन को जिला योजना एवं सांख्यिकी विभाग के प्रभार से मुक्‍त किया गया एवं उपसंचालक, पशुचिकित्‍सा डॉ. मनीष इंगोले को अपने कार्य के साथ-साथ जिला योजना एवं सांख्यिकी विभाग का प्रभार सौंपा गया ।

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जिला पंचायत साधारण सभा की बैठक 27 फरवरी को होगी

मंदसौर 19 फरवरी 25/ सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन द्वारा बताया गया कि जिला पंचायत साधारण सभा की बैठक जिला पंचायत अध्‍यक्ष श्रीमती दुर्गा डॉ. विजय पाटीदार की अध्यक्षता मे आयोजित होगी । बैठक 27 फरवरी 2025 को जिला पंचायत सभाकक्ष में दोपहर 1:00 बजे होगी ।

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नि:शुल्‍क चिकित्‍सा शिविर का आयोजन कुष्‍ठ कॉलोनी में 20 फरवरी को होगा

मंदसौर 19 फरवरी 25/ मानसेवी सचिव एवं सयुक्त कलेक्टर श्री राहुल चौहान ने बताया कि कुष्‍ठ कॉलोनी, सरस्‍वती नगर, जिला जेल के पास, महू नीमच मार्ग, मंदसौर पर 20 फरवरी गुरूवार को प्रात: 10:00 बजे से नि:शुल्‍क चिकित्‍सा शिविर का आयोजन होगा ।

चिकित्‍सा शिविर में नेत्र विशेषज्ञ, स्‍त्री रोग विशेषज्ञ, एम डी मेडिसीन, पैरामेडिकल अपनी सेवाएं देगा । कुष्‍ठ रोग बीमारी से पीड़ित एवं अन्‍य बीमारी से पीड़ित व्‍यक्ति शिविर में पहुंचे एवं इसका लाभ उठावे ।

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अंतर्राष्‍ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता -2025 हेतु आवेदन 10 मार्च तक आमंत्रित

मंदसौर 19 फरवरी 25/ अधीक्षक डाकघर द्वारा बताया गया कि भारतीय डाक विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 09 से 15 वर्ष आयु तक के छात्र-छात्राओं के लिए “अंतर्राष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता- 2025” का आयोजन किया जाएगा।

प्रतियोगिता में सम्मिलित होने के लिए आवेदन पत्र अधीक्षक डाकघर, मंदसौर संभाग, मंदसौर को प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 10 मार्च 2025 है। प्रतियोगिता के अंतर्गत छात्र-छात्राएँ अंग्रेजी अथवा हिन्दी भाषा में पत्र लेखन कर सकते हैं। अंतर्राष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता संभागीय स्तर पर 16 मार्च 2025 को सुबह 10.00 बजे से 11.00 बजे तक आयोजित की जाएगी।

परिमंडल स्तर पर प्रथम तीन विजेताओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में क्रमशः 25 हजार, 10 हजार एवं 5 हजार तथा प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में क्रमशः रु. 50 हजार, 25 हजार एवं 10 हजार तथा एक प्रमाण पत्र प्रदान किया जायेगा।अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन विजेता प्रविष्टियों को चयनित करेगा तथा सर्वोत्तम 03 प्रविष्टियों को स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक तथा प्रमाण पत्र प्रदाय किया जायेगा।विस्तृत जानकारी नोडल अधिकारी श्रीमति मनीषा मीणा से दूरभाष क्रमांक 07422-242291 पर प्राप्त कर सकते है।

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समर्थन मूल्य पर गेहूँ विक्रय हेतु किसानों का पंजीयन 31 मार्च तक किया जाएगा

अभी तक 2 हजार से अधिक किसानों का पंजीयन किया गया

मंदसौर 19 फरवरी 25/ रबी विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन हेतु किसान पंजीयन के संबंध में जारी निर्देशानुसार जिले में किसानों के पंजीयन हेतु 77 पंजीयन केन्द्र स्थापित करने की स्वीकृति दी गई है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी के लिये जिले में आगामी 31 मार्च तक स्थापित 77 पंजीयन केन्द्रों पर किसानों का पंजीयन किया जायेगा। प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी श्री नारायण चंद्रावत ने जानकारी दी की आज दिनांक तक 2108 किसानों का जिले में पंजीयन किया जा चुका है।

विगत वर्ष के पंजीकृत किसानों एवं इच्छुक सभी किसानों को नए सिरे से समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए अपना पंजीयन करवाना आवश्यक होगा। जिले में निर्धारित 77 समिति के पंजीयन केन्द्रों पर किसान निःशुल्क पंजीयन करा सकेंगे। किसान निर्धारित पंजीयन केन्द्र के अलावा अनुमति प्राप्त एमपी आनलाइन कियोस्क, कामन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र और साइबर कैफे पर भी अपना पंजीयन करा सकेंगे।

कलेक्टर ने जिला उपार्जन समिति को निर्देश दिये हैं कि किसानों को पंजीयन में किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए केन्द्रों पर किसानों के बैठने, पंजीयन फार्म इत्यादि का उचित इंतजाम किया जावे। प्रतिदिन पंजीयन कार्य की सघन मॉनिटरिंग की जावे। स्थानीय स्तर पर पंजीयन एवं पंजीयन की व्यवस्था का किसानों, जनप्रतिनिधियों, किसान संगठनों को अवगत कराकर व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जावे।

पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज

पंजीयन के लिए जमीन की पावती, आधार कार्ड, बैंक अकाउंट की पासबुक। बैंक अकाउंट से आधार कार्ड लिंक होना चाहिए। यह अति महत्वपूर्ण है। अगर खाते से आधार कार्ड लिंक नहीं है, तो भुगतान अटक सकता है। जिन किसानों के खाते और आधार लिंक ना हों, वह संबंधित बैंक में जाकर अपना खाता आधार से लिंक करवायें। किसान का पंजीयन उसी स्थिति में होगा, जब भू-अभिलेख में दर्ज खाते, खसरा, आधार कार्ड का मिलान हो. तभी किसान पंजीयन हो सकेगा। विसंगति होने पर सुधार कार्य तहसील कार्यालय से होगा ।

किसान स्वयं भी पंजीयन कर सकते हैं

समर्थन मूल्य पर फसल बेचने के लिए किसानों को कई जगह रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी गई है। किसान खुद अपने एंड्रॉयड फोन से एमपी किसान एप्प पर जाकर अपना पंजीयन स्वयं कर सकते है। इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत में स्थापित सुविधा केन्द्र तहसील कार्यालय में स्थापित सुविधा केन्द्र सरकारी समितियों द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र कियोस्क, लोक सेवा केंद्र, साइबर कैफे पर भी रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है।

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दूधिया रोशनी से जगमग हुआ संजीत नाका ओवरब्रिज
20 लाख रू. की लागत से हुए विद्युतीकरण (विद्युत पोल व एलईडी) कार्य का हुआ लोकार्पण

मन्दसौर। बुधवार को नपा परिषद मंदसौर के द्वारा संजीत रोड़ पर लगभग 20 लाख रू. की लागत से किये गये विद्युतीकरण कार्य का लोकार्पण किया गया। संजीत नाका ओवरब्रिज पर मध्यप्रदेश शासन के लोक निर्माण विभाग ने 44 विद्युत पोल व 90 एलईडी लगाने का कार्य किया है। नपा परिषद अब इन सभी विद्युत पोल व एलईडी लाइट के संधारण का कार्य करेगी तथा इसके मेंटनेंस को भी संभालेगी। संजीत नाका ओवरब्रिज पर विद्युतीकरण कार्य के पूर्ण होने से पूरा ओवरब्रिज दूधिया रोशनी से जगमग हो उठा है। इससे रात्रि में ब्रिज से आवागमन करने वाले नागरिकों को अंधेरे के कारण वाहन चलाने में जो परेशानी आती थी उसका समाधान हो गया है।
कल संजीत नाका ओवरब्रिज पर सादगीपूर्ण रूप से आयोजित कार्यक्रम में विद्युतीकरण कार्य का लोकार्पण किया गया। राज्यसभा सांसद श्री बंशीलाल गुर्जर, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री राजेश दीक्षित, पूर्व विधायक श्री यशपालसिंह सिसौदिया के मुख्य आतिथ्य, नपाध्यक्ष श्रीमती रमादेवी गुर्जर की अध्यक्षता एवं नगरपालिका भाजपा संगठन प्रभारी श्री पारस मावर, भाजपा उत्तर मण्डल अध्यक्ष श्री अरविन्द सारस्वत, दक्षिण मण्डल अध्यक्ष श्री विनोद डगवार, शा. महाविद्यालय जनभागीदारी समिति अध्यक्ष श्री नरेश चंदवानी के विशेष आतिथ्य में आयोजित इस कार्यक्रम में सभी अतिथिगाों ने विद्युत स्विच दबाकर विद्युतीकरण कार्य का लोकार्पण किया। लोकार्पण होते ही पूरा ओवरब्रिज दूधिया रोशनी से जगमगा हो उठा। कार्यक्रम में पधारे अतिथिगणों को स्वागत नपा उपाध्यक्ष श्रीमती नम्रता प्रीतेश चावला, नपा सभापतिगण निर्मला चंदवानी, क्षेत्रीय पार्षद सत्यनारायण भांभी, दीपमाला मकवाना, पार्षदगण सुनीता गुजरिया, नरेन्द्र बंधवार, रेखा राजेश सोनी ऐरावाला, गरिमा भटी, सुनीता भावसार, पूर्व पार्षद अनिता भांभी, जगदीश मण्डवारिया, निरांत बग्गा, सीएमओ सुधीर कुमार सिंह,भाजपा नेता राजेश गुर्जर, बंशी राठौर, नरेन्द्र उदिया बुढ़ा, शिवनारायण गुर्जर, यशोधर्मन गुप्ता, किशन राठौर, विठ्ठल गुप्ता, राजेन्द्रसिंह परिहार, एसपी सिंह, लोकेश भार्गव, सुरेश शर्मा संजीत नाका, ओम सेठिया छत्रीवाला, पीडब्ल्यूडी विभाग के प्रवीण उईके, सचिन गुप्ता, समाजसेवी हेमराज खाबिया, महेन्द्रसिंह परिहार, दीपक शर्मा आदि के द्वारा किया गया।
राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर ने कहा कि इस ओवरब्रिज पर प्रकाश की आवश्यकता थी जो आज पूर्ण हुई है। क्षेत्रवासियों को यह अनुपम सौगात मिली है। भाजपा जिलाध्यक्ष पं. राजेश दीक्षित ने कहा कि भाजपा की नपा परिषद व सरकार चहुुंमुखी विकास का कार्य कर रही है। मैं नपा को इसके लिये बधाई देता हूॅ। पूर्व विधायक यशपालसिंह सिसौदिया ने कहा कि श्री कोल्ड चौराहा से साबाखेड़ा फंटे तक पूरे फोरलेन पर विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है। नपाध्यक्ष श्रीमती रमादेवी गुर्जर ने कहा कि नपा परिषद विकास के कार्य में शासन के सभी विभागों के साथ समन्वय से कार्य कर रही है। कार्यक्रम का संचालन क्षेत्रीय पार्षद सत्यनारायण भांभी ने किया।

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नगर पालिका वित्त राजस्व एवं लेखा समिति की बैठक हुई
मंदसौर नपाध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर के निर्देश पर कल नगर पालिका की राजस्व शाखा में नगर पालिका वित्त राजस्व एवं लेखा समिति की बैठक हुई राजस्व समिति सभापति श्रीमती कौशल्या प्रहलाद बंधवार की अध्यक्षता में आयोजित हुई इस बैठक में कुल 59 प्रकरणों को मंजूरी मिली इन प्रकरणों में दुकान किराया वृद्धि दुकान नामांतरण उत्तराधिकारी नामांतरण सहित कई पप्रकरणों पर सदस्यों पर चर्चा हुई और चर्चा के उपरांत सभी 59 प्रकरणों को मंजूरी प्रदान की गई इस बैठक में समिति सदस्यगण दीपक गाजवा ईश्वर सिंह चौहान एडवोकेट,श्रीमती प्रतिभा विक्रम भैरवा ,प्रभारी राजस्व अधिकारी मंगेश रावनवले ,लिपिक उमेश जोशी भी उपस्थित थे

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद ने प्रदेश और निवेशकों के हित में दी अनेक नीतियों को मंजूरी

स्टार्ट-अप को मिलेंगी अनेक सौगातें

“एकीकृत टाउनशिप नीति-2025 लागू किये जाने की स्वीकृति

“इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2025” को मिली स्वीकृति

प्रदेश को जैव ईंधन उत्पादन में अग्रणी बनाने के लिए बायोफ्यूल योजना-2025 का किया अनुमोदन

मध्यप्रदेश सिविल एविएशन पॉलिसी-2025 का भी हुआ अनुमोदन

मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप नीति एवं कार्यान्वयन योजना-2025 का किया अनुमोदन

म.प्र. एमएसएमई विकास नीति-2025 को मिला अनुमोदन

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय

मंदसौर 19 फरवरी 25/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा शहरी क्षेत्र में रियल स्टेट से संबंधित निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए “एकीकृत टाउनशिप नीति 2025” लागू किये जाने की स्वीकृति दी गयी। इससे राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढावा मिलेगा एवं रोजगार के अवसर सृजित होंगे और राज्य की जी.डी.पी. में वृद्धि होगी। एकीकृत टाउनशिप नीति लैंड पूलिंग के माध्यम से भूमि का विकास करने के उ‌द्देश्य से बनायी गयी है। नीति के लागू होने से जहां एक ओर वृहद स्वरूप की टाउनशिप विकसित होगी, वहीं दूसरी ओर प्रचलित प्रक्रिया अनुसार भी कॉलोनियों का विकास यथावत होता रहेगा।

निर्णय अनुसार एकीकृत टाउनशिप को विकास के उन क्षेत्रों में लागू किया जाएगा जहां इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस नीति में 5 लाख से कम आबादी वाले शहरों के लिए भूमि की न्यूनतम अर्हता 10 हेक्टेयर और 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए भूमि की न्यूनतम अर्हता 20 से 40 हेक्टेयर होगी। डेवलपर को इस नीति में सक्षम प्राधिकारी के साथ पंजीयन कराना आवश्यक होगा। टाउनशिप प्रस्ताव अनुमोदन के लिए राज्य स्तर पर प्रमुख सचिव एवं जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में साधिकार समिति गठित की जायेगी। टाउनशिप नीति के क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेंसी संचालनालय, नगर तथा ग्राम निवेश होगी।

टाउनशिप नीति में राज्य सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण, बाह्य विकास कार्य, समय पर समस्त अनुमतियां प्रदाय कराना, टीडीआर का लाभ, कृषि भूमि की अधिकतम सीमा में छूट, स्टॉम्प ड्यूटी पर रियायत, कॉलोनी नियमों में छूट, विकास योजना में संशोधन के लिए प्रक्रिया में आसानी, ग्रीन एफएआर, ऊर्जा के गैर-परंपरागत उपयोग के लिए एफएआर, अतिरिक्त ईडब्ल्यूएस/एलआईजी / किफायती आवास इकाइयों के लिए एफएआर तथा अंगीकृत विकास योजना में प्रस्तावित भूमि उपयोग में अधिनियम 1973 की धारा-23 के अंतर्गत उपांतरण के लिए विभाग स्तर पर साधिकार समिति को अधिकृत किया गया है। नीति से प्रदेश में व्यवस्थित शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में डेवलपर द्वारा कॉलोनियों का विकास छोटी-छोटी भूमियों पर किया जा रहा है, जिससे नगर स्तर की अधोसंरचनाएं विकसित नहीं हो पाती है। प्रचलित नियमों में कॉलोनियों के विकास के लिए नियमों में न्यूनतम क्षेत्र का बंधन नहीं है इसके परिणामस्वरूप विकास के लिए नगरीय भूमि की मांग और आपूर्ति में तेजी से उतार-चढ़ाव होता है जिससे बुनियादी ढांचे और किफायती आवास के विकास में होने वाली देरी को रोकने के लिये “एकीकृत टाउनशिप नीति” लागू की जा रही है।

म.प्र. एमएसएमई विकास नीति-2025 का अनुमोदन

मंत्रि-परिषद् द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग के संवर्धन के लिए नवीन मध्यप्रदेश एमएसएमई विकास नीति-2025 का अनुमोदन दिया गया। निर्णय अनुसार औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की म.प्र. लॉजिस्टिक नीति-2025 और एक्सपोर्ट पॉलिसी-2025 का लाभ एमएसएमई को प्रदान किया जायेगा। उद्योग संवर्धन नीति-2025 अंतर्गत वर्गीकृत एमएसएमई श्रेणी की मेगा इकाइयों को कस्टमाईज पैकेज प्रदान करने के लिए एमएसएमई विभाग को अधिकृत किया गया है।

निवेश पर प्रोत्साहन के लिए 40 प्रतिशत तक की सहायता, नए उद्योगों में नवकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहन, अनुसूचित जाति/जनजाति, महिला उद्यमी इकाई को 48 प्रतिशत की सहायता के साथ पिछड़े विकासखण्डों में 1.3 गुना सहायता दी जायेगी। निर्यात प्रोत्साहन के रूप मे निर्यातक इकाई को निवेश पर 52% तक की सहायता, निर्यात के लिए माल ढुलाई पर अधिकतम 2 करोड़ रूपए की सहायता और निर्यात के लिए प्रमाण-पत्र पर 50 लाख रुपए की सहायता दी जायेगी।

नई नीति में मध्यम इकाई को 100 से अधिक रोजगार देने पर डेढ़ गुना अनुदान, रोजगार सृजन सेक्टर में प्रति कर्मचारी 5 हजार रूपये प्रति माह 5 वर्ष के लिए एवं कौशल विकास प्रशिक्षण के लिए 13 हजार रुपए की सहायता दी जायेंगी। नवीन क्षेत्र जैसे एमएसएमई एक्सचेंज, लीन इंजीनियरिंग, टेस्टिंग लैब और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के लिए सहायता दी जायेगी। नीति में पहली बार सेवा क्षेत्र में लॉजिस्टिक, रिसाईकलिंग, मोटर यान स्क्रेपिंग और आरएंडडी को भी शामिल किया गया है। मेडिकल डिवाइस और फुटवियर क्षेत्र के लिए पहली बार विशेष पैकेज दिया जायेगा।

एमएसएमई को औद्योगिक भूमि, भवन आवंटन एवं प्रबंधन नियम मे संशोधन का अनुमोदन

मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश एमएसएमई को औद्योगिक भूमि, भवन आवंटन एवं प्रबंधन नियम-2021 मे संशोधन का अनुमोदन दिया गया। निर्णय अनुसार विकसित औद्योगिक भू-खण्डों एवं फ्लैटेड इण्डस्ट्रियल एरिया/कॉम्पलेक्स का आवंटन “ई-बिडिंग” पद्धति से तथा अविकसित भूमि का आवंटन ऑन लाईन प्रक्रिया आधारित पारदर्शी तरीके से आवेदन प्राप्त कर किया जायेगा। साथ ही अधिक सरल एवं पारदर्शी प्रक्रिया से गंभीर निवेशक को त्वरित गति से आवंटन किया जायेगा। औद्योगिक क्षेत्रों का संधारण उद्योग संघ अथवा अन्य एजेंसी से किया जायेगा।

मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप नीति एवं कार्यान्वयन योजना-2025 का अनुमोदन

मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में स्टार्ट-अप को प्रोत्साहित करने के लिए मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप नीति एवं कार्यान्वयन योजना-2025 का अनुमोदन किया गया। नीति अन्तर्गत स्टार्ट-अप एवं इन्क्यूबेटर्स को वित्तीय एवं गैर वित्तीय सुविधा, सहायता एवं फेसिलिटेशन का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में उपयुक्त स्थान पर एक मेगा इन्क्युबेशन सेंटर का विकास एवं संचालन, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की अग्रणी संस्थाओं के साथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) अंतर्गत स्थापित कर इसके सेटेलाईट सेंटर प्रदेश के अन्य स्थानों में भी स्थापित किये जायेंगे।

मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना अंतर्गत स्टार्ट-अप्स को बैंकों के माध्यम से कोलेप्टल-फ्री ऋण उपलब्ध कराकर उन्हें केन्द्र सरकार की ‘स्टार्ट-अप्स के लिये ऋण गारंटी स्कीम अंतर्गत कवरेज तथा प्रचलित दर पर देय गारंटी शुल्क की प्रतिपूर्ति (अधिकतम 05 वर्षों तक) एवं वितरित ऋण पर 05 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से ब्याज अनुदान प्रतिपूर्ति (अधिकतम 05 वर्षों तक) की जायेगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में प्रति स्टार्ट-अप 10.2 रोजगार निर्माण हो रहा है। नीति अंतर्गत 10 हजार स्टार्ट-अप की स्थापना की जाना है। इस तरह 1 लाख 2 हजार रोज़गार सृजित हो सकेंगे।

मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप पॉलिसी-2025 की प्रमुख विशेषताओं में स्टार्ट-अप के जीवन चक्र के प्रत्येक चरणों (आईडिएशन, वैलिडेशन, अली स्टेज, ग्रोथ) में नीति के माध्यम से सहायता, प्रत्येक स्टार्ट-अप को 12 महीने तक की अवधि के लिए आन्त्रप्रेन्योर-इन-रेसिडेंस (ईआईआर) के रूप में 10 हजार रुपये प्रति माह की वितीय सहायता, 100 करोड़ रूपये का स्टार्ट-अप कैपिटल फंड और प्रति स्टार्ट-अप अधिकतम 30 लाख रूपये तक का सीड अनुदान, विद्युत शुल्क में छूट, रोजगार सृजन प्रोत्साहन और विद्युत टैरिफ में प्रतिपूर्ति सहायता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में 5% ब्याज अनुदान और ऋण गारंटी शुल्क प्रतिपूर्ति, डिजिटल मार्केटिंग एवं आयोजन सहभागिता और सहायता के साथ वर्किंग स्पेस और नवाचार-आधारित क्षेत्रीय क्लस्टर स्थापित किये जायेंगे। एक्सेलेरेशन और हैकाथॉन प्रोग्राम से नवाचार को उद्यमों में बदलने का प्रयास किया जाएगा। मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप एडवाइजरी काउंसिल में स्टार्ट-अप उद्योग जगत के अग्रणी और वैश्विक निवेशकों का एक समूह स्टार्टअप्स को दीर्घकालिक स्थिरता प्रदान करेगा।

मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप पॉलिसी और कार्यान्वयन योजना-2025 के शुभारंभ के साथ आर्थिक सशक्तिकरण और आत्म-निर्भरता को नई गति मिलेगी। यह नीति ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, भोपाल में राज्य को भारत के अगले बड़े स्टार्ट-अप हब और वैश्विक नवाचार पॉवर हाउस के रूप में प्रदर्शित करेगी। यह नीति प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत-2047 के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मध्यप्रदेश नई स्टार्ट-अप नीति से प्रगति, समृद्धि और असीम संभावनाओं का एक नया अध्याय लिख रहा है।

मध्यप्रदेश सिविल एविएशन पॉलिसी-2025 का अनुमोदन

मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश में नये वायु मार्गों का विकास करने और देश के अन्य हिस्सों तथा दुनिया के साथ राज्य के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थानों को जोड़कर पर्यटन/धार्मिक एवं औद्योगिक क्षेत्रों की पूर्ण क्षमता का उपयोग करने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार की उड़ान (राष्ट्रीय नागर विमानन प्रोत्साहन नीति) योजना के समन्वय से मध्यप्रदेश सिविल एविएशन पॉलिसी-2025 का अनुमोदन दिया गया हैं। इससे व्यापार और रोजगार के अवसरों के सृजन को बढ़ावा मिलेगा।

मध्यप्रदेश राज्य भौगोलिक दृष्टि से बड़ा है, देश के मध्य में स्थित होने से यहां औद्योगिक, पर्यटन धार्मिक क्षेत्र में अपार संभावनाएं है। नीति के तहत राज्य के सामाजिक, आर्थिक विकास को गति देने के लिये आधुनिक, किफायती, सुलभ, सुरक्षित एवं निवेश-अनुकूल विमानन इको सिस्टम विकसित किया जायेगा। विमानन नीति के माध्यम से भविष्य में 3 एमआरओ हब विकसित करने का प्रयास किया जायेगा। साथ ही 75 कि.मी. के दायरे में एक हवाई पट्टी और 150 कि.मी के दायरे में एक हवाई अड्डा विकसित किया जाएगा एवं प्रत्येक तहसील स्तर पर 45 कि.मी. के दायरे में कम से कम एक पक्का हेलीपेड विकसित किया जायेगा। राज्य की पर्यटन/धार्मिक महत्व के स्थलों को वर्ष 2030 तक मजबूत एवं किफायती दामों में हवाई सम्पर्क से जोड़ा जायेगा। प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करना तथा एयरो स्पोर्टस प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना के लिए पूंजीगत व्यय पर निजी निवेशकों को सब्सिडी अनुदान दिया जायेगा। एयर कार्गो सुविधाएँ विकसित कर राज्य में कृषि उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित किया जायेगा।

विभिन्न सहायक विमानन सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए निवेश पर पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान किया जायेगा। प्रदेश में एयर क्रॉफ्ट की रात्रिकालीन पार्किंग करने वाले एयर क्रॉफ्ट पर एटीएफ पर वेट 1 प्रतिशत की दर से प्रभावी किया जायेगा। प्रदेश में कैपेसिटी बिल्डिंग एवं कौशल विकास के लिए, उड़ान प्रशिक्षण संस्थाओं की स्थापना के लिए, पूंजीगत निवेश राशि की 40% तक निवेश प्रोत्साहन सहायता का प्रावधान किया जायेगा।

विमानन क्षेत्र को प्रोत्साहन देकर प्रदेश में कृषि उत्पादों के निर्यात, अन्य क्षरण योग्य वस्तुओं (पेरिशेवल वस्तुओं) के निर्यात, विनिर्माण और ई-कॉमर्स कारोबार को बढ़ावा देने के साथ, कुशल मानव संसाधन विकसित करने एवं प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष और रोजगार के अवसर सृजित करने में सहायता मिलेगीं। राष्ट्रीय नागर विमानन प्रोत्साहन नीति-2016 की परिकल्पना को साकार करने के लिये मध्यपदेश नागर विमानन नीति-2025 एक पहल है।

इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2025 की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा इलेक्ट्रिक वाहन को आमजन के लिए भविष्य का मुख्य परिवहन का साधन बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2025 की स्वीकृति दी गई है। नीति अंतर्गत 2 पहिया वाहन, 3 पहिया वाहन, इलेक्ट्रिक कार और इलेक्ट्रिक बसों इत्यादि के लिए प्रोत्साहन दिया जायेगा। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग स्टेशन के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदाय किया जायेगा। मध्यप्रदेश ईवी प्रमोशन बोर्ड का गठन किया जायेगा।

नीति के उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहन अधोसंरचना एवं सम्बंधित विनिर्माण उद्योगों के लिए मध्यप्रदेश को आकर्षक डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग अधोसंरचना का विकास, इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में कौशल विकास एवं रोजगार से सम्बंधित संभावनाओं को विकसित करने के साथ सरकारी संस्थाओं, निजी क्षेत्र, अनुसंधानकर्ता संस्थानों एवं सामाजिक संसथाओं के मध्य सहकारिता को प्रोत्साहित करना है।

नीति का लक्ष्य भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन शहरों को मॉडल इलेक्ट्रिक व्हीकल शहर बनाना, इलेक्ट्रिक वाहन को बढावा दिए जाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन रोड मेप तैयार करना, इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकरण के लिए लक्ष्य का निर्धारण करना और पॉलिसी अवधि के अंत तक 80 प्रतिशत सरकारी वाहनों को इलेक्ट्रिक करना है। वित्तीय प्रोत्साहन में वाहन कर एवं पंजीकरण शुल्क में छूट, रेट्रोफिटिंग के लिए प्रोत्साहन, छोटे, मध्यम तथा बड़े चार्जिंग स्टेशनों के बुनियादी ढांचे के लिए प्रोत्साहन और बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों के लिए सेवा प्रदाता को प्रोत्साहन दिया जायेगा। इस के अतिरिक्त प्रोत्साहन के रूप में सभी पंजीकृत ईवी को भारत सरकार के दिशा-निर्देश अनुसार ग्रीन नंबर प्लेट जारी की जाएगी। व्यक्तिगत उपयोग वाले ईवी को सफेद अक्षरों वाली हरी नंबर प्लेट, व्यावसायिक उपयोग वाले ईवी को पीले अक्षरों वाली हरी नंबर प्लेट जारी की जाएगी।

ग्रीन जोन, ई-मोबिलिटी जोन अंतर्गत ईवी मॉडल शहरों के भीतर पायलट क्षेत्रों की स्थापना विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के लिए की जाएगी, जिसमें निर्दिष्ट पार्किंग क्षेत्र शामिल होंगे। पर्यटक गांव, धार्मिक और पुरातात्विक महत्व के स्थान, प्रौद्योगिकी केंद्र, विशेष आर्थिक क्षेत्र, व्यावसायिक क्षेत्र में ई-मोबिलिटी जोन बनाए जायेंगे।

चार्जिंग अधो-संरचना विकास के कार्यों के तहत राजमार्गों, प्रमुख सड़कों पर प्रत्येक 20 किलोमीटर पर कम से कम एक चार्जिंग स्टेशन बनाया जायेगा। राजमार्गों पर प्रत्येक 100 किलोमीटर पर लंबी दूरी, हेवी ड्यूटी इलेक्ट्रिक वाहन के लिए कम से कम एक फास्ट चार्जिंग स्टेशन (दोनों तरफ), के साथ चिह्नित ईवी मॉडल शहरों में प्रत्येक 1 कि.मी. x 1 कि.मी. ग्रिड में कम से कम एक चार्जिंग स्टेशन और पॉलिसी अवधि के अंत तक सभी पेट्रोल पंपों पर कम से कम एक इलेक्ट्रिक चार्जिंग प्वाइंट विकसित किया जायेगा।

नीति में अनुसंधान एवं विकास, कौशल विकास और रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहन दिया जायेगा। इसमें उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना के लिए एवं आवश्यक अनुसंधान और परीक्षण उपकरणों की खरीद के लिए अधिकतम राशि 2 करोड़ रुपये का एकमुश्त अनुदान किया जायेगा। इलेक्ट्रिक वाहनों के स्टार्ट-अप के लिए इन्क्यूबेशन केंद्रों की संख्या में वृद्धि की जायेगी। ईवी प्रकरणों से संबंधित सभी निर्णयों, दिशा-निर्देशों एवं आवश्यक समन्वय के लिए मध्यप्रदेश ईवी प्रमोशन बोर्ड का शीर्ष निकाय के रूप में गठन किया जाएगा।

जैव ईंधन उत्पादन में अग्रणी बनाने के लिए बॉयो फ्यूल योजना-2025 का अनुमोदन

मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा नीति-2025 अंतर्गत प्रदेश को जैव ईंधन उत्पादन में अग्रणी बनाने के लिए बॉयो फ्यूल योजना-2025 का अनुमोदन किया गया। योजना अंतर्गत बॉयोफ्यूल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट एवं बायो ऊर्जा संयंत्रों के लिए कई लाभ प्रदान किये गये है। साथ ही साथ इसमें किसान संस्थाओं को कृषि उपकरण के लिए सब्सिडी, बॉयो मास एवं खाद की बिक्री सुनिश्चित करना एवं सप्लाई चैन को विकसित किया जायेगा। बॉयो फ्यूल उत्पादन सफल स्थापना के लिए भूमि प्राथमिकता पर दी जाएगी। बॉयो मास उत्पादन के लिए सरकारी भूमि के उपयोग की अनुमति कलेक्टर दर के 10% की राशि के वार्षिक शुल्क पर दी जाएगी। बॉयो फ्यूल योजना में मुख्यत बॉयो सीएनजी, बॉयो मास ब्रिकेट एवं पेलेट और बायोडीजल इत्यादि ईधन एवं उत्पादन के सभी पहलू शामिल है, जैसे फीडस्टॉक खेती, उत्पादन तकनीक, वितरण और उपयोग को शामिल किया गया हैं।

योजना अंतर्गत मुख्य प्रोत्साहन के रूप में बॉयो फ्यूल यूनिट को 1200 करोड़ रूपये तक का बुनियादी निवेश प्रोत्साहन के साथ बिजली, पानी, गैस पाइपलाइन, सड़क, जल निकासी, अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली (ईटीपी, एसटीपी, प्रदूषण नियंत्रण उपकरण) इत्यादि के विकास के लिए लिए 50 प्रतिशत प्रोत्साहन अधिकतम 5 करोड़ रुपये तक सहायता दी जायेगी। विद्युत शुल्क एवं ऊर्जा विकास उपकर में दस साल तक छूट दी जायेगी। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा ₹500 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश पर अनुकूलित पैकेज दिया जायेगा। साथ ही आईपीआर एवं क्वालिटी कंट्रोल सहायता का प्रोत्साहन भी दिया जायेगा।

उल्लेखनीय है कि बॉयो फ्यूल योजना राज्य को जैव ईंधन उत्पादन में अग्रणी बनाने में योगदान देगी साथ ही साथ इससे कृषि एवं जैव अपशिष्ट का सही उपयोग होगा एवं हरित ऊर्जा उत्पादित होगीं। बॉयो फ्यूल की ऊर्जा आपूर्ति एवं कार्बन उत्सर्जन घटाने में महत्वपूर्ण भूमिका है। योजना द्वारा प्रदेश अपनी कृषि शक्ति का लाभ उठाकर और नवाचार को बढ़ावा देकर, प्रदेशवासियों के लिए हरित और समृद्ध भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहा है।

मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में गत वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2012 में स्थापित लगभग 500 मेगावाट क्षमता आज लगभग 14 गुना बढकर 7000 मेगावाट से अधिक हो गई है। अब तक सौर एवं पवन ऊर्जा के क्षेत्र में अच्छी प्रगति की है मध्यप्रदेश कृषि प्रधान प्रदेश है, अब फसल के कटने के बाद अवशेष से जंगल के अनुपयोगी घास नगरीय अपशिष्ट आदि से भी ऊर्जा के अन्य प्रकार जैसे बॉयो सी.एन.जी. ब्रिकेट, पैलेट व बॉयो डीजल को भी बनाया जाना एवं इन्हें प्रोत्साहन दिया जायेगा। हाईड्रोजन को भविष्य की ऊर्जा माना जा रहा है जिससे इस क्षेत्र में भी प्रगति संभव हो सकेगी। इन सभी प्रयासों से जहाँ एक ओर विदेशी मुद्रा की बचत होगी वहीं दूसरी ओर पर्यावरण की सुरक्षा भी होगी। यह नीति प्रदेश सरकार के ग्रीन ऊर्जा और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति गंभीरता का द्योतक है।

लेक व्यू रेसीडेंसी होटल भोपाल को लीज पर दिए जाने का अनुमोदन

मंत्रि-परिषद ने लेक व्यू रेसीडेंसी होटल, भोपाल को विकास, संचालन एवं रखरखाव और प्रबंधन के लिए पब्लिक-प्रायवेट पार्टनरशिप में 60 वर्षों की लीज पर दिए जाने का अनुमोदन प्रदान किया है। लीज अवधि को आपसी सहमती से समान शर्तों पर आगामी 10 वर्षों हेतु एक बार बढ़ाया जा सके

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पी.एम. कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस मंदसौर के खेल अधिकारी राजू कुमार का अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज हॉकी प्रतियोगिता के लिए हुआ चयन
मंदसौर। पी.एम. कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस, शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मंदसौर के प्राचार्य डॉ. जे. एस. दुबे ने बताया कि दिनांक 15 से 25 फरवरी 2025 तक आंध्रप्रदेश के काकीनाडा में आयोजित हो रहे अखिल भारतीय सिविल सेवा हॉकी प्रतियोगिता के लिए मध्य प्रदेश सिविल सेवा हॉकी टीम में पी.जी. कॉलेज मंदसौर के खेल अधिकारी राजू कुमार का चयन हुआ है।
इस प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भाग लेते हैं।
लगातार तीसरे वर्ष राजू कुमार मध्य प्रदेश की हॉकी टीम में शामिल होकर प्रतियोगिता में भाग लेंगे। खेल अधिकारी राजू कुमार हॉकी के राष्ट्रीय खिलाड़ी रहे हैं और उनकी यह उपलब्धि कॉलेज एवं शहर के हॉकी खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में प्रोत्साहित करेगी।
 उनकी इस उपलब्धि पर कॉलेज के जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष श्री नरेश जी चंदवानी, कॉलेज प्राचार्य डॉ. जे. एस. दुबे एवं अन्य प्राध्यापकों ने राजू कुमार को प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन की बधाई और शुभकामनाएं दी।

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