मंदसौरमंदसौर जिला
फैक्ट्री में केमिकल रिसाव पर प्रभावित पीड़ितों को निकाला सुरक्षित

राजाराम फेक्ट्री के कर्मियों के साथ एनडीआरएफ का सीबीआरएन आपदा पर मॉक अभ्यास

मन्दसौर। आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन योजना के तहत श्री मनोज कुमार शर्मा, उप महानिरीक्षक के दिशा-निर्देशन में 11 एनडीआरएफ, वाराणसी की टीम द्वारा राजाराम एंड ब्रदर स्टार्च फैक्ट्री मंदसौर के प्लांट में सीबीआरएन (केमिकल, बायोलोजिकल, रेडिओलोजिकल और न्यूक्लियर) आपदा पर संयुक्त मॉक अभ्यास किया गया। श्री एस ए सिकंदर, सहायक कमांडेंट की देख-रेख में एनडीआरएफ तथा श्री डी आर वर्मा, डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट एसडीआरएफ ने प्लांट कर्मचारी, होम गार्ड, पुलिस, ज़िला प्रशासन, दमकल विभाग और विभिन्न हितधारकों के साथ केमिकल एमरजेंसी पर मॉक अभ्यास का आयोजन किया गया। इस दौरान प्लांट परिसर में एचसीएल पाइपलाइन के रिसाव का परिदृश्य तैयार किया गया था, जिसमें कुछ कर्मचारी उसके सम्पर्क में आने से प्रभावित हो गये थे। अभ्यास की शुरुआत आपातकालीन अलार्म के साथ हुई। प्रभावित पीड़ितों को निकालने के लिए विशेष प्रतिक्रिया के लिए एनडीआरएफ टीम को बुलाया गया। एनडीआरएफ की टीम ने जानकारी जुटाकर स्थिति का आकलन किया एवं इसके साथ ही ऑपरेशन बेस, मेडिकल पोस्ट और कम्युनिकेशन पोस्ट तैयार किया। इसके बाद टीम ने खतरे की जांच कर ऑपरेशन शुरू किया। एनडीआरएफ टीम द्वारा केमिकल रिसाव के स्रोत को सील कर दिया गया। बचाव दल द्वारा सीबीआरएन सूट की मदद से प्रभावित पीड़ितों को सुरक्षित निकाला गया। उसके बाद, पीड़ितों और बचावकर्ताओं की परिशोधन प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। यह पूरा अभ्यास श्री दिलीप कुमार (प्रबंधक), श्री वय के शर्मा (सुरक्षा अधिकारी), ज़िला प्रशासन, अग्निशमन विभाग और प्लांट के अधिकारीयों एवं कर्मचारियों की मौजुदगी में किया गया।
मॉक अभ्यास का उद्देश्य सभी हितधारकों के बीच समन्वय बनाना, उपचारात्मक उपाय करना, संसाधनों की दक्षता की जांच करना और प्रतिकूल स्थिति में बचाव कार्यवाही को परखना था, जिससे किसी भी सीबीआरएन आपदा के दौरान कार्यवाही करते हुए बहुमूल्य मानव जीवन को बचाया जा सके।