मंदसौरमध्यप्रदेश

समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 12 फरवरी 2025 बुधवार

शामगढ में रविदास जयंती मनाई जाएगी

शामगढ।कल 12 फरवरी 2025 बुधवार को संत शिरोमणि रविदास जयंती मनाई जायेगी।

जुलूस 10.00 बजे रविदास मोहल्ला वार्ड नंबर 2 शामगढ़ गांव से प्रारंभ होकर- सब्जी मंडी मेंनरोड, बस स्टैंड, डिंपल चौराहा होकर पुनः रविदास मोहल्ला पहुचेगा व यात्रा का समापन होगा, आरती के पश्चात महाप्रसादी का वितरण किया जाएगा।

मेघवाल समाज समिति शामगढ तहसील द्वारा अधिक से अधिक संख्या में रविदास जन्मोत्सव में उपस्थित होने की अपील की है।

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कलेक्टर श्रीमती गर्ग ने उद्यानिकी महाविद्यालय में युवा उत्सव कलाकुम्भ का शुभारंभ किया

मंदसौर 11 फरवरी 25/ कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग ने उद्यानिकी महाविद्यालय, मंदसौर में अंतर महाविद्यालयीन युवा उत्सव, कलाकुंभ का शुभारंभ किया। इस युवा उत्सव में राजमाता विजयाराजे सिंधिया, कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर के अतंर्गत आने वाले कृषि महाविद्यालय ग्वालियर, कृषि महाविद्यालय इंदौर, कृषि महाविद्यालय सीहोर, कृषि महाविद्यालय खण्डवा एवं उद्यानिकी महाविद्यालय मंदसौर के विद्यार्थीयों ने सहभागिता की । युवा उत्सव की लगातार दूसरी बार मैजबानी करने वाले उद्यानिकी महाविद्यालय, मंदसौर के उद्घाटन समारोह की मुख्य अतिथि कलेक्टर श्रीमती अदिति गर्ग ने औषधीय फसलों का क्लस्टर देखा। कलेक्टर ने काॅलेज के दिनों को याद करते हुए विद्यार्थीयों को शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ने का आव्हान किया। इसके साथ ही उनके द्वारा बाहदरी प्रक्षेत्र पर भ्रमण कर अफीम परियोजना एवं छात्रों के रिसर्च ट्रायल भी देखे। इस अवसर पर उन्होने प्रतिभागियों की मांग पर श्री रामधारी दिनकर जी की एक मनमोहक कविता सुनाई। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डाॅ. जे.एस. दुबे, प्राचार्य राजीव गांधी, पी.जी. काॅलेज, मन्दसौर ने छात्रों को अनुशासन का महत्व बताया, एवं हरे पौधे की जड़ में औषधीय गुणों को बताया। उद्यानिकी महाविद्यालय, मंदसौर के अधिष्ठाता एवं कार्यक्रम के आयोजक डाॅ. आई एस तोमर ने नीमच मण्डी को मालवा के क्षेत्र के लिए सौगात बताते हुए कहा कि नीमच मण्डी में सभी प्रकार के जडी-बूटी, मसाले इत्यादि को यहां खरीदा एवं बेचा जा सकता है। साथ ही महाविद्यालय की उपलब्धियों के बारे में विस्तार से बताया। युवा उत्सव में पहले दिन साहित्य एवं ललित कला से जुड़ी गतिविधियां सम्पन्न कराई गई।

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जनता की समस्याओं को सुने तथा त्वरित निराकरण करें : कलेक्टर श्रीमती गर्ग

जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ने 88 आवेदकों की समस्याओं को सुना तथा निराकरण किया

मंदसौर 11 फरवरी 25/ कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग ने कलेक्टर कार्यालय सभागार में जनसुनवाई के दौरान आवेदकों की समस्याओ को सुना तथा मौके पर निराकरण किया। जिन समस्याओं का निराकरण नहीं हो सका उसके लिए अधिकारियों को समय सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्या को सुने तथा उनका त्वरित निराकरण करें। सीएम हेल्पलाइन में जितने भी शिकायत हैं उनका प्राथमिकता के साथ निराकरण करें। प्रतिदिन समस्याओं के निराकरण के लिए लक्ष्य निर्धारित करें। शिकायतों का समाधान नहीं करने पर वेतन वृद्धि रोकने कार्यवाही की जाएगी। सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण के लिए कैंप लगाए, प्रतिदिन की रिपोर्ट भेजे।

जनसुनवाई के दौरान आवेदक पिन्‍टू पिता राधेश्‍याम निवासी पिल्‍याखेड़ी तह. व जिला मंदसौर द्वारा जन्‍म प्रमाण पत्र दिलाने हेतु आवेदन दिया गया। पिंटू ने कहा कि मेरी पुत्री का जन्‍म कोरोना काल में जिला अस्‍पताल मंदसौर में हुआ था जिसका जन्‍म प्रमाण पत्र अभी तक नही मिला है। मुझे मेरी पुत्री के जन्‍म प्रमाण पत्र कि आवश्‍यकता है। जिस पर कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को तुरंत जन्म प्रमाण पत्र प्रदान करने के निर्देश दिए। आवेदिका तेजाबाई बेवा पति प्रहलाद सिंह राजपूत निवासी नयापुरा मंदसौर ने आवेदन दिया कि, ग्राम पंचायत बोहराखेड़ी द्वारा दिये गए पट्टे के बजाय अन्‍य स्‍थान पर पट्टा दिये गया। जिस पर कलेक्टर ने जिला पंचायत को जांच कर उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

आवेदक रशीद पिता इब्राहिम मोगिया निवासी मुल्‍तानपुरा जिला मंदसौर द्वारा उनकी पत्‍नी जेबुन की मृत्‍यु स्‍लेट पेंसिल के कारखाने में होने पर मृत्‍यु राशी भुगतान के संबंध में आवेदन प्रस्‍तुत किया। आवेदिका राजकुमारी पति भानुप्रकाश निवासी वार्ड क्रमांक 12 सुवासरा, तह. सुवासरा द्वारा आबादी क्षेत्र में आवासीय पट्टा प्रदान करने हेतु आवेदन प्रस्‍तुत किया गया। जिस पर कलेक्टर ने सुवासरा तहसीलदार को उचित कार्यवाही के निर्देश दिए।

आवेदिका कन्‍याबाई व लीलाबाई पिता रामचन्‍द्र भील द्वारा पेतृक भवन पर नाम दर्ज कर प्रमाण पत्र जारी कराने हेतु आवेदन प्रस्‍तुत किया गया। आवेदक राकेश पिता भेरूलाल निवासी मुन्‍देड़ी तह. मल्‍हारगढ़ जिला मंदसौर द्वारा पिता का निधन होने के पश्‍चात उनकी सम्‍पत्‍ती में बटवारें के संबंध में आवेदन प्रस्‍तुत किया। जिस पर राजस्व विभाग को समय सीमा में निराकरण करने की निर्देश दिए।

शासकीय छात्रावास उत्‍कृष्‍ट विद्यालय मंदसौर के वार्डन, चौकीदार एवं स्‍वीपर का मानदेय एवं आकस्मिक निधि की एक वर्ष से लंबित राशि के भुगतान के संबंध में आवदेन प्रस्‍तुत किया। जिस पर कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को लंबित भुगतान करने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही जनसुनवाई में बीपीएल सूची में नाम जुड़वाने, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत आवास मंजूर करने, निजी भूमि पर अवैध अतिक्रमण, भूमि विवाद, बीमारी सहायता आदि विषयों के आवेदन प्राप्त हुये। इस दौरान प्रभारी अपर कलेक्‍टर श्री राहुल चौहान, मंदसौर एसडीएम श्री शिवलाल शाक्य एवं जिला अधिकारी मौजूद थे।

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कलेक्टर श्रीमती गर्ग ने परीक्षा केन्द्रों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा जारी की

परीक्षा केन्द्र पर केवल कलेक्टर प्रतिनिधि को मोबाईल फोन उपयोग करने की अनुमति होगी

सोशल मिडिया के माध्यम से भ्रामक जानकारी फैलाने का प्रयास करते पाए जाने पर होगी एफआईआर दर्ज

ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा

मन्दसौर 11 फरवरी 25/ मंदसौर जिले में सत्र 2024-25 की हायर सेकण्डरी / हाईस्कूल एवं अन्य परीक्षाओं हेतु नियत किए गए परीक्षा केन्द्रों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा जारी की जाना आवश्यक है, अतः जिला मंदसौर में माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित परीक्षाओं के दौरान कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए मैं, अदिती गर्ग, जिला मजिस्ट्रेट, जिला मन्दसौर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के प्रावधानों को लागू करते हुए आदेश जारी किया है।

मध्य प्रदेश मान्यता प्राप्त परीक्षा अधिनियम 1937 के प्रावधान अनुसार परीक्षा प्रारम्भ होने के दो घण्टे पूर्व से लेकर परीक्षा पूर्ण होने तक परीक्षा केन्द्रों से 100 गज की दूरी के अन्दर किसी अनाधिकृत व्यक्तियों का बिना किसी उद्देश्य के प्रवेश व घूमने, कागज या अन्य वस्तुओं का वितरण या प्रचार-प्रसार, ऐसी वस्तुओं का उपयोग जिसका प्रयोग आक्रामक आयुध के रूप में किया जा सकता है, परीक्षा से संबंधित अधिकारी/वीक्षक (इन्वीजिलेटर) कर्मचारीगण को डराने का प्रयास आदि अवांछनीय गतिविधियों तथा अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर पूर्णतः रोक रहेगी।

मण्डल की परीक्षा हेतु नियत किए गए परीक्षा केन्द्रों से 100 गज की दूरी के अन्दर किसी प्रकार के हाथ ठेला, खोमचा, लारी लगाकर व्यवसाय करने वाले लोगों का खड़ा होना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

परीक्षा तिथियों में केन्द्राध्यक्ष, सहायक केन्द्राध्यक्ष, पर्यवेक्षक एवं अन्य संलग्न कर्मचारियों व परीक्षार्थियों का परीक्षा केन्द्र पर मोबाईल लाना व उसका उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षा केन्द्र पर केवल कलेक्टर प्रतिनिधि को मोबाईल फोन उपयोग करने की अनुमति रहेगी, किसी भी प्रकार की रिपोर्टिंग मोबाईल फोन से नहीं की जावे।

नकल, सामूहिक नकल, गोपनीयता भंग करने का प्रयास, सोशल मिडिया के माध्यम से भ्रामक जानकारी फैलाने का प्रयास करते पाया जाता है तो उनके विरुद्ध अन्य सुसंगत अधिनियमों के साथ-साथ परीक्षा अधिनियम 1937 की धाराओं के तहत पुलिस में एफ.आई.आर. दर्ज होगी। छात्र-छात्राओं की तलाशी का कार्य शालीनता, किन्तु दृढ़ता से किया जावे, छात्राओं की तलाशी सिर्फ महिला शिक्षिकाओं द्वारा ही की जावे, तलाशी का कार्य परीक्षा कक्ष के अन्दर किसी वर्दीधारी व्यक्ति पत्रकार द्वारा कतई ना किया जाए। सुरक्षा व्यवस्थाओं के बावजूद यदि कोई व्यक्ति अथवा संस्थान सामूहिक नकल करने अथवा कराने में लिप्त पाया जाता है तो ऐसे व्यक्तियों को चिन्हांकित किया जाकर उसके विरुद्ध मध्य प्रदेश मान्यता प्राप्त परीक्षा अधिनियम 1937 तथा अन्य संगत अधिनियमों के अंतर्गत वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।

मध्य प्रदेश शासन एवं माध्यमिक शिक्षा मण्डल भोपाल द्वारा जारी निर्देशों के अनुक्रम में चयनित संवेदनशील / अति संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों के आस-पास 5 या उससे अधिक लोगों की अनाधिकृत मौजूदगी पर पूर्णतः रोक रहेगी।

विद्यार्थियों के लिए परीक्षा की तैयारी हेतु अनुकूल वातावरण को दृष्टिगत रखते हुए ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। म.प्र. कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा-10 के तहत माध्यमिक शिक्षा मण्डल म.प्र. भोपाल द्वारा आयोजित परीक्षा अवधि के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रो का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। उक्त आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा-223 तथा अन्य सुसंगत अधिनियम के साथ-साथ परीक्षा अधिनियम 1937 के तहत कार्यवाही की जावेगी।

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राज्य आनंद संस्थान लोगों को कर रहा है आनंदित

मंदसौर 11 फरवरी 25/ राज्य आनंद संस्थान लोगों को आनंदित करने का लगातार प्रयास कर रहा है। संस्थान द्वारा सलाह दी जा रही है कि पर्याप्त अभ्यास और जागरूक होकर प्रयास करने से बिना किसी उपलब्धि या कारण के भी प्रसन्नचित्त रहा जा सकता है। प्रसन्नचित्त रहने के लिये विभिन्न गतिविधियों का माहवार कैलेण्डर जारी किया गया है। प्रत्येक माह का एक विषय तय किया गया है। तय विषय से संबंधित गतिविधियों को अभ्यासपूर्वक अपनाकर खुश रहा जा सकता है।

जनवरी माह “कृतज्ञता”, फरवरी “खेल”, मार्च “अल्प विराम”, अप्रैल “मदद”, मई “सीखने”, जून “संबंधों”, जुलाई “स्वीकार्यता”, अगस्त “लक्ष्यों”, सितम्बर जागरूकता, अक्टूबर, नवंबर और दिसम्बर “संगम” को समर्पित किया गया है। आनंद के लिए इन विषयों से जुड़ी गतिविधियों का बार-बार अभ्यास करना जरूरी है।

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आर्थिक विकास को मजबूती देने मुख्यमंत्री की लोकल से ग्लोबल तक सतत् यात्रा

मंदसौर 11 फरवरी 25/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने बीते एक वर्ष में औद्योगिक विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने के लिए उन्होंने न केवल रणनीतिक नीतियां बनाईं, बल्कि जमीनी स्तर पर निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए। बीते एक साल में मध्यप्रदेश ने 7 रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन कर विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक संभावनाओं को मजबूती दी। इसके साथ ही 5 प्रमुख रोड शो आयोजित कर निवेशकों के साथ सीधा संवाद किया गया, जिससे प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं को व्यापक मंच मिला।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निवेश आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री ने 3 देशों—यूके, जर्मनी और जापान की यात्रा कर वहां की प्रमुख कंपनियों और निवेशकों से संवाद स्थापित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा आर्थिक विकास को मजबूती देने लोकल से ग्लोबल तक सतत् यात्रा जारी है। इन प्रयासों के फलस्वरूप प्रदेश में निवेश का नया माहौल बना और वैश्विक उद्योग जगत ने मध्यप्रदेश को अपनी विस्तार योजनाओं में प्राथमिकता देना शुरू किया। अब यह यात्रा और आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने वर्ष-2025 को ‘उद्योग वर्ष’ घोषित किया है जिससे औद्योगिक विकास के लिए साल भर गतिविधियां होंगी। भोपाल में 24-25 फरवरी को आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट इस दिशा में एक और बड़ा कदम है, जहां दुनिया भर के निवेशक, उद्योगपति और नीति निर्माता मध्यप्रदेश की अपार संभावनाओं का हिस्सा बनेंगे। यह सतत यात्रा न केवल प्रदेश की औद्योगिक सशक्तिकरण को दर्शाती है, बल्कि इसे देश के अग्रणी औद्योगिक केंद्रों में स्थापित करने की प्रतिबद्धता को भी सिद्ध करती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने आर्थिक प्रगति की एक सशक्त और दूरदर्शी कार्य योजना के साथ निवेश आकर्षित करके महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। यह केवल औद्योगिक विस्तार का प्रयास नहीं, बल्कि प्रदेश को एक समृद्ध, आत्म-निर्भर और वैश्विक औद्योगिक केंद्र बनाने की रणनीति का हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में बनाई गई स्पष्ट, दूरगामी और व्यवहारिक नीति ने निवेशकों के विश्वास को मजबूत किया है। सूक्ष्म योजना, सतत् संवाद और ठोस नीतिगत सुधारों के जरिये निवेशकों की जरूरतों के अनुरूप आधारभूत संरचना को विकसित किया गया। इससे मध्यप्रदेश एक आदर्श औद्योगिक स्थान के रूप में उभर रहा है। प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र की औद्योगिक क्षमताओं का सूक्ष्म अध्ययन कर स्थानीय से वैश्विक स्तर तक निवेश आकर्षित करने की रणनीति अपनाई गई, जिसका प्रभाव अब राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय औद्योगिक मंचों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। संभागीय स्तर पर निवेश अवसरों को सशक्त करने के लिए पहली बार रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए गए। इनमें स्थानीय उद्यमियों, नीति-निर्माताओं और संभावित निवेशकों को एक मंच पर लाकर क्षेत्रीय औद्योगिक क्षमताओं को उजागर किया गया। प्रत्येक संभाग की आर्थिक विशेषताओं के आधार पर उद्योगों को लक्षित किया गया। इससे उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, नर्मदापुरम, शहडोल और सागर में निवेशकों की उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली। इन आयोजनों से स्पष्ट हुआ कि औद्योगिक विकास को जिला स्तर तक ले जाना न केवल आवश्यक है, बल्कि यह प्रदेश की समग्र आर्थिक प्रगति के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

संभागीय स्तर पर निवेशकों की रुचि और आवश्यकताओं को समझने के बाद इसे राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित किया गया। बेंगलुरु, कोयंबटूर, मुंबई और कोलकाता जैसे औद्योगिक नगरों में रोड-शो आयोजित कर संभावित निवेशकों से सीधा संवाद किया गया। आईटी, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, माइनिंग, नवकरणीय ऊर्जा और वित्तीय क्षेत्र के प्रमुख उद्यमियों से चर्चा कर उनके सुझावों के आधार पर प्रदेश की औद्योगिक नीतियों को और अधिक निवेशक-अनुकूल बनाया गया।

राष्ट्रीय स्तर पर निवेश आकर्षित करने के बाद इसे वैश्विक मंच पर ले जाने की दिशा में ठोस प्रयास किए गए। यूके, जर्मनी और जापान में रोड-शो आयोजित कर वैश्विक उद्योग जगत को प्रदेश की क्षमताओं से परिचित कराया गया। निवेशकों को व्यापारिक सुगमता, नीतिगत स्थिरता और विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना की जानकारी दी गई। इससे मध्यप्रदेश में निवेश की संभावना को लेकर निवेशकों का सकारात्मक रूझान देखने को मिला।

औद्योगिक अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास, लॉजिस्टिक्स और परिवहन कनेक्टिविटी में सुधार, हवाई यातायात के विस्तार और औद्योगिक गलियारों को एक्सप्रेस-वे से जोड़ने जैसे ठोस कदम उठाए गए। उद्योगों के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई और सिंगल विंडो क्लियरेंस प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। इससे निवेशकों को तेजी से मंजूरी मिल सकेगी।

औद्योगिक विस्तार के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव भी व्यापक रहे। स्थानीय स्तर पर निवेश बढ़ने से युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिले। इससे पलायन में कमी आई है। वैश्विक कंपनियों की भागीदारी से प्रदेश की तकनीकी दक्षता बढ़ी, जिससे स्टार्ट-अप्स और एमएसएमई सेक्टर को भी नया संबल मिला। औद्योगीकरण के साथ शहरी क्षेत्रों का विस्तार हुआ और प्रदेश की जीवन गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आया।

भोपाल में 24-25 फरवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित होने जा रही है। यह आयोजन न केवल प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं को वैश्विक मंच पर स्थापित करेगा, बल्कि इसे भारत के औद्योगिक भविष्य का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में निर्णायक कदम भी साबित होगा।

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पंडित दीनदयाल जी का आर्थिक चिंतन और समर्थ समाज का निर्माण

मानव जीवन के उद्देश्य का विचार करके हमें ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे वे गति के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ सकें-“डॉ. मोहन यादव

मंदसौर 11 फरवरी 25/ व्यक्ति से समाज और समाज से राष्ट्र निर्माण का दर्शन देने वाले विलक्षण व्यक्तित्व के धनी, एकात्म मानव दर्शन तथा अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के चरणों में कोटिशः नमन।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऐसे ऋषि-राजनेता रहे जिन्होंने राजनैतिक चिंतन के लिए एकात्म मानवदर्शन का सूत्र दिया और शासन की नीतियां बनाने का मार्ग प्रशस्त किया। दीनदयाल जी जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्र जीवन दर्शन के दृष्टा हैं। पंडित जी द्वारा लगाए गए जनसंघ के पौधे का विस्तार विचार के रूप में देश ही नहीं दुनिया में भी हुआ है। उन्होंने एक ऐसी राजनैतिक धारा निर्मित की जिसका लक्ष्य राष्ट्र निर्माण है। उनका मानना था कि राजनीति सत्ता के लिए नहीं अपितु समाज की सेवा के लिए हो, स्वतंत्रता के साथ भारत राष्ट्र की यात्रा भारतीय दर्शन के अनुरूप होनी चाहिए।

पंडित जी ने भारत के भविष्य की कल्पना वेदों में वर्णित चार पुरुषार्थ-धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के आधार पर की थी। यह चारों पुरुषार्थ मन, बुद्धि, आत्मा और शरीर के संतुलन से संभव है। इससे ही एक आदर्श समाज और आदर्श राष्ट्र का निर्माण हो सकता है। पहला पुरुषार्थ धर्म है जिसमें शिक्षा, संस्कार और व्यवस्था है तो दूसरे अर्थ में साधन, संपन्नता और वैभव आता है। अर्थ उपार्जन सही तरीके से हो, इसके लिये पंडित दीनदयाल जी ने मानव धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। इस तरह धर्मानुकूल, अर्थात उचित मार्ग से अर्थ उपार्जन करने का मार्ग प्रशस्त किया। तीसरा पुरुषार्थ है काम, जिसमें मन की समस्त कामनाएं शामिल हैं। मनुष्य को संतुलित, समयानुकूल और सकारात्मक स्वरूप में कार्य करना चाहिए। चौथा पुरुषार्थ है मोक्ष, अर्थात संतोष की परम स्थिति। यदि व्यक्ति संतोषी होगा तो वह समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार बन सकता है। इन चार पुरुषार्थों की अवधारणा के अनुसार, यदि व्यक्ति और समाज को विकास के अवसर दिये जायें तो स्वावलंबी और समर्थ समाज का निर्माण किया जा सकता है।

पंडित दीनदयाल जी ने राष्ट्र निर्माण और भविष्य की संकल्पना को लेकर गहन चिंतन किया, जिसमें भारतीय संस्कृति और परंपरा के अनुरूप राष्ट्र की चित्ति से विराट तक की कल्पना थी। उनके विकास का आधार एकात्म मानव दर्शन है। इसमें संपूर्ण जीवन की रचनात्मक दृष्टि समाहित है। उन्होंने विकास की दिशा को भारतीय संस्कृति के एकात्म मानवदर्शन के मूल में खोजा। हमारी संस्कृति संपूर्ण जीवन, संपूर्ण सृष्टि का समग्र विचार करती है। यही एकात्म भाव व्यष्टि से समष्टि की रचना करता है। यही पंडित दीनदयाल जी के विकास का व्यापक पक्ष है, सार्वभौम है, प्रासंगिक है। इसमें श्रीकृष्ण के वसुधैव कुटुम्बकम की अवधारणा से लेकर आज के ग्लोबलाइज्ड युग का समावेश है।

हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में पंडित दीनदयाल जी की परिकल्पना को धरातल पर उतारने का प्रयास किया जा रहा है। दीनदयाल जी का मानना था कि अर्थव्यवस्था जितनी विकेन्द्रीकृत होगी उतनी नीचे तक जाएगी और यही स्वदेशी भाव के साथ सृजन का आधार होगा। माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत के आर्थिक विकास को लेकर जो कदम उठाये जा रहे हैं उसके मूल में दीनदयाल जी का अर्थदर्शन ही है। पंडित दीनदयाल जी ने भारत की कृषि, उद्योग, शिक्षा और आर्थिक नीति कैसी हो इन सबका विस्तार में उल्लेख किया है।

माननीय प्रधानमंत्री जी ने दीनदयाल जी के आर्थिक चिंतन को धरातल पर उतारा है। उनके मार्गदर्शन में हम विरासत से विकास की अवधारणा को लेकर आगे बढ़ रहे हैं जो अंत्योदय लक्ष्य को पूर्ण करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। दीनदयाल जी का कहना था कि जब तक अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति का कल्याण नहीं हो जाता तब तक विकास सही अर्थों में संभव नहीं है। इसी भाव को धरातल पर उतारते हुए मध्यप्रदेश में 7 रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इससे प्रदेश के हर अंचल, हर क्षेत्र के लोगों की आवश्यकता, क्षमता, मेधा और दक्षता को अवसर मिलेगा। प्रदेश का हर व्यक्ति इससे जुड़ेगा और विकास की धारा में शामिल होगा। यह समिट एक तरफ जहां प्रदेश के कोने-कोने से और गांव-गांव से लोगों को उद्योग से जोड़ेगी वहीं विश्व पटल पर उनके उत्पादों को पहचान दिलायेगी।

इसके लिये हमने यूके, जर्मनी और जापान की यात्रा की है। हैदराबाद, कोयंबटूर तथा मुंबई में रोड-शो कर उद्योगपतियों को निवेश के लिये आमंत्रित किया है। क्षेत्रीय से लेकर ग्लोबल स्तर तक उद्योग के लिये किया गया यह पहला नवाचार है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में हम 24-25 फरवरी 2025 को भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन कर रहे हैं। यह समिट दीनदयाल जी के स्वदेशी और विकेन्द्रीकरण के चिंतन को सार्थक करेगी। हमारे उद्योग और व्यवसाय की श्रृंखला में अंतिम पंक्ति का व्यक्ति भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ पायेगा और अंत्योदय का लक्ष्य पूर्ण होगा।

दीनदयाल जी ने विकास को लेकर कल्पना की थी कि विश्व का ज्ञान और आज तक की अपनी संपूर्ण परंपरा के आधार पर हम गौरवशाली भारत का निर्माण करेंगे। प्रधानमंत्री जी का संकल्प है, स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक देश को विश्व की सर्वोच्च शक्ति के रूप में स्थापित करना।

मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि मध्यप्रदेश को समृद्ध और संपन्न बनाने के लिये लोकल से ग्लोबल को जोड़ने का जो प्रयास किया है उसके परिणाम ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में दिखाई देंगे। मुझे विश्वास है कि हमारा यह प्रयास पंडित दीनदयाल जी के आर्थिक विकास के चिंतन अनुरूप विकसित मध्यप्रदेश निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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