मध्यप्रदेशरतलाम

पंचायत सचिव को 4 साल की सजा, फलों का बगीचा लगाने के नाम पर मांगी थी 5 हजार रुपए की रिश्वत, जेल भेजा

पंचायत सचिव को 4 साल की सजा, फलों का बगीचा लगाने के नाम पर मांगी थी 5 हजार रुपए की रिश्वत, जेल भेजा

 

कृषि भूमि पर नंदन फलोउद्यान (मनरेगा) के तहत फलों का बगीचा लगाने के लिए रिश्वत मांगने वाले पिपलौदा जनपद की ग्राम पंचायत कमलाखेड़ा के सचिव जगदीश पांचाल को कोर्ट ने दोषी माना है। कोर्ट ने 4 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया है। साथ ही 2 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। फैसला विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) विशेष न्यायाधीश आदित्य रावत की कोर्ट ने दिया है।

प्रभारी जिला अभियोजन अधिकारी गोल्डन राय ने बताया कि 23 जुलाई 2021 को शंकरलाल मालवीय निवासी सुखेड़ा ने लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन में शिकायत की थी। मालवीय की कृषि भूमि सर्वे नंबर 2335 ग्राम सुखेडा तहसील पिपलौदा जिला रतलाम में स्थित है। इस भूमि में से एक बीघा में नंदन फलोउद्यान (मनरेगा) के तहत जामफल और नींबू का बगीचा लगाना चाहते थे। आवेदन पिपलौदा जनपद के ग्राम पंचायत सुखेड़ा के सचिव जगदीश पांचाल को 8-10 माह पहले दिया था। सचिव ने आवेदन सीईओ जनपद पंचायत पिपलौदा को नहीं भेजा और अपने पास रख लिया। आवेदन आगे भेजने के लिए पांचाल ने 5 हजार रुपए की रिश्वत मांगी।

पहले लिए 3 हजार

आरोपी सचिव ने पहले 3 हजार रुपए ले लिए और शेष 2 हजार रुपए के लिए दो-तीन दिन बाद बुलाया। लोकायुक्त ने योजनाबद्ध तरीके से 26 जुलाई 2021 को शंकरलाल मालवीय को रुपए देकर भेजा। पिपलौदा स्थित सचिव के निजी कार्यालय में मालवीय ने 2 हजार रुपए दिए। वहां पहले से मौजूद लोकायुक्त इंस्पेक्टर रबीन्द्र पाराशर की टीम ने सचिव को ट्रैप कर लिया।

जांच में पाया गया कि आरोपी को दिए गए नोटों के नंबर वही थे जो लोकायुक्त कार्यालय में फिनाफ्थीलीन पाउडर लगाकर दिए गए थे। जब आरोपी के हाथों को सोडियम कार्बोनेट पाउडर के घोल में धोया गया तो घोल का रंग गुलाबी हो गया।

4 साल रहना पड़ेगा जेल में

विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन ने 28 जून 2022 को विशेष न्यायालय रतलाम में आरोपी के खिलाफ अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। न्यायालय ने ग्राम पंचायत सुखेडा के तत्कालीन सचिव जगदीश पांचाल (51) को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 में दोषी पाया। उन्हें 4 साल का सश्रम कारावास और 2 हजार रुपए का अर्थदंड दिया गया। शासन की ओर से मामले में पैरवी विशेष लोक अभियोजक कृष्णकांत चौहान ने की।

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