भक्त की लाज रखते हैं परमात्मा -गोविंद उपाध्याय,
मनासा मे हो रही नानी बाई का मायरा कथा प्रवाहित
भगवान भक्तों के भावों के अधीन होते हैं। भक्त संकट में होता है तो भगवान रक्षा के लिए दौड़े आते हैं अपने भक्त की लाज रखते हैं। नरसिंह भगत की लाज रखी हुंडी स्वीकार करी अपने गले की माला भक्त को दी राजा अमरीश ने एकादशी का व्रत किया अन्न का त्याग कर दिया था। दुर्वासा ऋषि ने राक्षसी कृत्या को राजा अमरीश को मारने के लिए भेजा था ।तब कृष्ण ने उनके भक्तअम्बरीश की सुदर्शन चक्र से रक्षा की थी।यह बात राष्ट्रीय अटल गौरव पुरस्कार से सम्मानित भागवत आचार्य पंडित गोविंद उपाध्याय नृसिंह मंदिर मनासा वालों ने कहीं। वे सोमानी एवं कलानी परिवार मानसा के तत्वाधान में विजय वर्गी धर्मशाला में श्री नानी बाई का माहेरा कथा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा की कथाएं हृदय को स्पर्श करती है और हृदय से परिवर्तन करती है माता पिता की सच्ची सेवा के कारण नाभात ने ऐश्वर्य प्राप्त किया था। नम्र रहना चाहिए नदी जब तेज आवेग से बहती है तो अपने साथ कड़क पेड़ों को तोड़ देती है लेकिन विनम्र घास को छोड़कर निकल जाती है। इस प्रसंग से यह शिक्षा मिलती है कि हमें विनम्र रहना चाहिए विनम्रता हमें सफलता के शिखर की अग्रसर कराती है। जब जब धरती पर कष्ट व अत्याचार बढ़ते हैं तो भगवान श्री राम और कृष्ण के रूप में धरती पर अवतार लेते हैं या नरसी मेहता को भक्ति का प्रचार करने के लिए भेजते हैं।
।जीवन में सत्संग द्वारा ज्ञान की प्राप्ति होती है। जीवन में प्रथम भक्ति संतों का संघ करना होता है। दूसरी भक्ति भगवान की कथा को सुनना होता है। नवधा भक्ति में यह दो भक्ति श्रेष्ठ बताई गई है। सत्संग से भक्ति ज्ञान और वैराग्य का की प्राप्ति होती है जीवन में सदैव प्रसन्न रहना चाहिए। हंसना केवल मनुष्य के भाग्य में ही होता है। इसलिए मनुष्य जीवन में सदैव मुस्कुराते रहना चाहिए। राम नाम के दो अक्षर पहरेदार है। जैसे बैंक और जेल का प्रहरी पहरेदार होता है उसी प्रकार एक मनुष्य के प्राण को बाहर नहीं आने देता है। दूसरा प्राण लेने वाले को अंदर नहीं जाने देता है। इसलिए ईश्वर का नाम हर पल जपना चाहिए। जीवन में मार्ग बताने वाला गुरु आवश्यक है। ब्रह्मा विष्णु महेश को गुरु कहा गया है। उनकी कृपा से ज्ञान वैराग्य आदि सभी पुरुषार्थ प्राप्त हो जाते हैं। इसलिए दूसरों के दुःख में सदैव सहयोग करना चाहिए। और परोपकार के पुण्य कार्य सदैव करते रहना चाहिए। हमेशा सत्य बोलना चाहिए सत्य के बराबर कोई तप नहीं झूठ के बराबर कोई पाप नहीं जीवन में सदैव सच बोलना चाहिए झूठ कभी नहीं बोलना चाहिए।
कथा के तीसरे दिन दिनांक 25 जनवरी को प्रातः 8:30 बजे श्री नरसिंह मंदिर मनसा से भगवान की दिव्या बारात प्रस्थान कर मनसा पूर्ण महादेव होते हुए सोमानी निवास पर पहुंचेगी जहां तुलसी और शालिग्राम भगवान का विवाह होगा 11:00 द्वारकाधीश मंदिर से नानी बाई का मायरा दिव्य झांकियां के साथ राधा कृष्ण तुलसी शालिग्राम माहिरा नगर के प्रमुख मार्गो से होता हुआ विजयवर्गीय धर्मशाला कथा स्थल पर पहुंचेगी 2:00 बजे से कथा प्रारंभ होगी एवं नानी बाई का मेरा भरा जाएगा कथा का सीधा प्रसारण किया जा रहा है