समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 24 जनवरी 2025 शुक्रवार

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प्राणिकी एवं बायोटेक्नोलॉजी विभाग में पर्यावरण जागरूकता हेतु सीड बाल निर्माण किया गया
मंदसौर 23 जनवरी 25/ प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस,राजीव गाँधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मन्दसौर के प्राणिकी एवं बायोटेक्नोलॉजी विभाग द्वारा एमएससी एवं बीएससी के विद्यार्थियों के लिये सीड बाल बनाने की गतिविधी का आयोजन किया गया। जिसमें महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. वी. पी. तिवारी नें विद्यार्थियों को सीड बाल के महत्व के बारे में बताया और विद्यार्थियों के कार्य को सहारा साथ ही प्राणिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर संदीप सोनगरा ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण व सीड बॉल से होने वाले फायदे के बारे में बताया और कहां कि सीड बाल एक कम लागत वाला और तेजी से पौधरोपण का प्रभावी तरीका है, जिसमें बीजों को सामान्य मिट्टी और खाद के मिश्रण में लपेटा जाता है। यह बीजों को धूप में सूखने, पक्षियों, जानवरों द्वारा खाए जाने या उड़ने से बचाता है। बायोटेक्नोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सिद्धार्थ बरोड़ा ने सीड बाल के इतिहास के बारे में बताया कि सीड बॉल यानी बीज गेंदों का इतिहास जापान से जुड़ा है। जापानी प्राकृतिक खेती के संस्थापक मासानोबू फ़ुकुओका ने 1975 में अपनी किताब ‘द वन-स्ट्रॉ रिवॉल्यूशन’ में बीज गेंदों का ज़िक्र किया था। जापानी किसान मासानोबू फ़ुकुओका ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जापान में खाद्य उत्पादन बढ़ाने के लिए बीज गेंदों का इस्तेमाल किया। इस तकनीक का इस्तेमाल प्राचीन मिस्र में भी किया जाता था। इस दौरान पर्यावरण जिला सयोजक श्री दिनेश पंवार के डॉ. शिखा ओझा प्रो. प्रकाश दास, प्रो. हिमांशी रायगौड़,प्रो. चीना मिंडा, प्रो. कुंदन माली, श्री अशोक नागौरे, श्री कन्हैयालाल मारू उपस्थित थे।
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15 वा राष्ट्रीय मतदाता दिवस 25 जनवरी को मनाया जाएगा
मंदसौर 23 जनवरी 25/ उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री रविंद्र परमार द्वारा बताया गया कि 15 वा राष्ट्रीय मतदाता दिवस 25 जनवरी को कलेक्ट्रेट कार्यालय सभागार में प्रातः 11 बजे से आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग मतदाता दिवस पर नवीन मतदाताओं को नवीन वोटर आईडी कार्ड प्रदान करेंगे। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले बीएलओ को प्रशस्ति पत्र प्रदान करेंगे।
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गणतंत्र दिवस पर शासकीय भवनों पर की जाएगी रोशनी
मंदसौर 23 जनवरी 25/ प्रदेश में गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में समस्त शासकीय भवनों एवं ऐतिहासिक स्थलों पर 26 जनवरी 2025 को एक दिन रोशनी की जाएगी।
इस संबंध में प्रदेश के समस्त विभाग, विभागाध्यक्ष, संभागीय आयुक्त, कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को निर्देश जारी किये गये हैं।
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राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शपथ 24 जनवरी को होगी
मंदसौर 23 जनवरी 25/ 15 वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शपथ 24 जनवरी 2025 को प्रात: 11 बजे कलेक्ट्रेट कार्यालय सुशासन भवन में दिलायी जायेगी। पूर्व में यह शपथ 25 जनवरी को होना थी किंतु 25 जनवरी को शासकीय अवकाश होने से यह परिवर्तित की गयी हैं। इसमें देश की लोकतांत्रिक परम्पराओं की मर्यादा को बनाए रखने तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए, निर्भीक होकर, धर्म,वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा अथवा अन्य किसी भी प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना सभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार का प्रयोग करने की शपथ ली जायेगी।
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आमजन 3 दिन तक कर सकेंगे राजभवन की ऐतिहासिकता का साक्षात्कार
26 जनवरी को 11 से 2 बजे तक होगी भ्रमण की अनुमति
मंदसौर 23 जनवरी 25/ राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के निर्देशानुसार गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में राजभवन 25 जनवरी से 27 जनवरी 2025 तक आमजन के लिए खोला जा रहा है। इस अवधि में आमजन राजभवन की ऐतिहासिकता का साक्षात्कार कर सकेंगे। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री के.सी. गुप्ता ने बताया कि नागरिक निर्धारित अवधि 25 और 27 जनवरी को दोपहर 2 बजे से शाम 7 बजे तक और गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को प्रात: 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक राजभवन का अवलोकन कर सकेंगे।
राजभवन में गणतंत्र दिवस के अवसर पर नागरिकों को 1796 ई. की ऐतिहासिक तोप और 1887 ई. में बना सुन्दर वैक्वेंट हॉल देखने मिलेगा। वैक्वेंट हॉल का वास्तुशिल्प और झूमर विशेष दर्शनीय है। इसी प्रकार संदीपनि सभागार स्थित उपहार गैलरी, आर्टिफिशियल वाइल्ड लाइफ पर आधारित पंचतंत्र उद्यान, सुन्दर-सुसज्जित लॉन, विभिन्न प्रजातियों के मनमोहक फुल-पेड़-पौधे भी देख सकेंगे। राजभवन में आने वाले आगंतुकों का गेट नंबर-2 प्रवेश और निकास होगा। वाहन पार्किग मिंटो हॉल परिसर में रहेगी।
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सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में मध्यप्रदेश प्रतिबद्ध – उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा
निगरानी ढांचे, पर्यावरणीय आंकड़ों के संकलन, जेंडर सांख्यिकी पर क्षमता निर्माण कार्यशाला
मंदसौर 23 जनवरी 25/ उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने सतत् विकास लक्ष्यों को हासिल करने में मध्यप्रदेश की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” के मूल विकास दर्शन से प्रेरित होकर विभिन्न सामाजिक विकास योजनाएँ लागू की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जिला और विकास खंड स्तर पर अब विकास के लक्ष्यों पर निगरानी रखने पर ध्यान दिया गया है।
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा सतत् विकास के लक्ष्यों के लिए निगरानी ढांचे, पर्यावरणीय आंकड़ों के संकलन और लिंग सांख्यिकी पर आयोजित क्षमता निर्माण पर कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला का आयोजन केन्द्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय और मप्र राज्य नीति आयोग द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय संतुलन के बिना विकास अधूरा है। विकास के लक्ष्य तय करने और उन्हें हासिल करने के लिए आंकड़ों की शुद्धता आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सबके समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है।
यूएन रीजनल कोऑर्डीनेटर श्री शोम्बी शार्प, ने कहा कि भारत द्वारा सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने की गति से यह आंकलन होगा कि दुनिया के अन्य देश कितनी जल्दी इन लक्ष्यों को हासिल कर पायेंगे। विकास के लिए शुद्ध आंकड़े सबसे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि यूएन और मध्यप्रदेश और केन्द्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के साथ त्रिपक्षीय समझौतों के साथ आगे बढ़ने की कोशिश हो रही है। इसमें पांच संगठन शामिल हैं – यूनीसेफ, यूनीडो, यूएनएफपीए, यूएन वूमन और यूएनडीपी। उन्होंने कहा कि सतत् विकास के लक्ष्यों को हासिल करने की गति को और तेज करने की आवश्यकता है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा कि विकास प्रक्रियाओं से संबंधित आंकड़ों का समय पर संकलन सबसे जरूरी है। इसके अलावा उनके बदलाव पर सतत निगरानी रखना और उनका समय समय पर विश्लेषण करना आवश्यक है। इससे नीति निर्माण प्रक्रिया न सिर्फ आसान बल्कि प्रभावी होगी। उन्होंने कहा कि “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” की मूल भावना नीति निर्माण प्रक्रिया का केन्द्र बिन्दु है। उन्होंने केन्द्र और राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि योजनाओं का सम्पूर्ण क्रियान्वयन होना चाहिए तभी अपेक्षित परिणाम मिलते हैं। मुख्य सचिव ने विकास की दृष्टि से पिछड़ रहे जिलों और विकास खंडों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि आंकड़ों का एकीकरण उतना ही जरूरी है जितना समय पर संकलन। उन्होने विकास के प्रयासों की प्रगति का आंकलन करने के लिए भी संकेतकों का विकास करने की आवश्यकता बताई। इसके अलावा मध्यप्रदेश जैसे प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्यों के डेटा विश्लेषण और सामाजिक ढांचे के अनुसार बालिकाओं के सामाजिक आर्थिक और शैक्षणिक अधिकारों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि भोपाल देश का पहला शहर है, जिससे टाइगर रिजर्व जुड़ा हुआ है। उन्होंने भोपाल की झील, वन विहार और विश्व धरोहर का उल्लेख करते हुए अतिथियों से कहा इन स्थानों का भ्रमण जरूर करें।
प्रमुख सचिव योजना श्री संजय शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश वन और जैव विविधता में सबसे समृद्ध राज्य है। बहुत से आरक्षित क्षेत्र हैं। मध्यप्रदेश वन अधिकारों के लिए काम कर रहा है। महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए कई नीतिगत निर्णय ले रहा है और लिंग आधारित बजट बना रहा है। किसी व्यक्ति के लिए उपचार महत्वपूर्ण है, वैसे ही राज्य की प्रगति पर विभिन्न संकेतकों के माध्यम से निगरानी आवश्यक है। अन्य राज्यों से सीखना भी महत्वपूर्ण है। हमें ऐसे उपकरणों को विकसित करने की आवश्यकता है जो संकेतकों को वास्तविक समय में माप सकें।
केन्द्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के सचिव डॉ. सौरभ गर्ग ने बताया कि देश के आर्थिक स्वास्थ्य को दिखाने के लिए आवश्यक सूचकांक प्रदान करता है, जो सामाजिक-आर्थिक नीतियों और बजट के विकास में मदद करता है। आंकड़ों पर आधारित निर्णय लेने, सटीकता में सुधार और सांख्यिकीय अनुमान में प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए काम किया जा रहा है। जिला और शहर स्तर पर भी आंकड़ों की तैयारी की जा रही है। जिला स्तर पर अनुमान राज्यों के साथ साझेदारी में तैयार किए जा सकते हैं। यह ग्रैन्युलर डेटा आधारित निर्णय लेने में सहायक होगा।
डीजी (केंद्रीय सांख्यिकी) श्री एन के संतोषी ने अतिथियों और विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों का स्वागत किया। एडीजी श्री एस.सी. मलिक ने प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
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