जीवन में सबसे कठिन काम सुनना- डॉ. आर.के. सोहानी

मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद द्वारा दो दिवसीय परामर्शदाताओं के प्रशिक्षण का हुआ शुभारंभ
मंदसौर। मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के परामर्शदाताओं के दो दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ मुख्य अतिथि डॉ. आर.के. सोहानी पूर्व प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय मंदसौर ,डॉ. जी एस चुंडावत सीनियर साइंटिस्ट एवं इंचार्ज केवीके, डाॅ. क्षितिज पुरोहित ट्रस्टी जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय मंदसौर, डॉ. एन.पी.त्रिपाठी वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक मंदसौर, जिला समन्वयक तृप्ती वैरागी द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र मंदसौर में किया गया।
परामर्शदाताओं को प्रशिक्षण देते हुए डॉ.आर.के. सोहानी ने बताया कि जीवन में सबसे कठिन काम सुनना होता है। सुनने के लिए एकाग्रता होना आवश्यक है। जीवन में जो हम सुनना चाहते हैं ,वही हमें सुनाई देता है। मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम की छात्र-छात्राएं ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत है । जिन्हें प्रयोगशाला के तौर पर एक गांव भी मिला है। उन्हे उसी गांव में वंचित वर्ग के लिए काम करने की आवश्यकता है । गांव में संवाद होना चाहिए, ताकि धरातल पर जिस काम की आवश्यकता है वह काम आसानी से पूर्ण हो सके।
प्रशिक्षण में डॉ. क्षितिज पुरोहित ने कहा कि प्रशिक्षण एक शतक चलने वाली प्रक्रिया है ,जिसमें हर वर्ग को सीखने को मिलता है । हमें वंचित वर्ग के साथ ही महिलाओं के लिये भी काम करने की आवश्यकता है। जिसमें जन्म मृत्यु दर को कम किया जा सके । बाल विवाह को रोका जा सके। पर्यावरण हेतु भी हमें काम करने आवश्यकता है।
प्रशिक्षण के तृतीय सत्र में श्रीमती सुष्मिता दास ने बताया की नई शिक्षा नीति 2000 अंतर्गत सतत विकास को जोड़ा गया है । जिसका लक्ष्य 2030 तक में पूर्ण करना है। बच्चों के समग्र विकास को लेकर विशेष कर स्कील डेवलपमेंट को लेकर शिक्षा नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसके साथ ही वर्तमान मे योग को भी इसमें सम्मिलित किया गया है।हमें निरंतर इस क्षेत्र में बच्चों को जागरूक करने की आवश्यकता है। शिक्षा विभाग ने परख के अंतर्गत भी बच्चो के हुनर को परखा जा रहा है। इस अवसर पर सुदीप दास प्राचार्य हाई सेकेंडरी स्कूल बेलागंज ने कहा कि समग्र विकास का जो लक्ष्य शासन ने 2030 तक लिया है उस पर हमें बेहतर काम करने की आवश्यकता है। 17 लक्ष्य में निर्धारित किए गए हैं। 17 लक्ष्य को हमें और आशान करना होगा । निरंतर संवाद ,सहयोग सहभागिता, ओर सामंजस्य से ही समाज मे मजबुती आएगी । जल, जमीन ,जंगल ,जानवर ओर जन को बचाने के लिए सामुहिक प्रयास आवश्यक है।
प्रशिक्षण की अंतिम सत्र में जिला समन्वय तृप्ती वैरागी, विकासखंड समन्वयक नारायणसिंह निनामा एवं श्रीमती अर्चना भट्ट द्वारा परामर्शदाताओं की जिज्ञासाओं के बारे में जाना और उनकी समस्याओं का समाधान किया। सफल संचालन विकासखंड समन्वयक अर्चना भट्ट ने किया । अंत मे आभार विकासखंड समन्वयक नारायणसिंह निनामा ने माना । इस अवसर पर जिले के 25 परामर्शदाता उपस्थित थे। इस अवसर पर अर्चना रामावत,दशरथ नायक, राजू प्रजापत विशेष उपस्थित थे। यह जानकारी परामर्शदाता हरिओम गंधर्व ने दी।