बन्नो मारो चारभुजा रो नाथ…बन्नी तो मारी तुलसा लाड़की….जैसे भजनों के साथ बारात लेकर निकले ठाकुर जी
श्री हनुमान झंडा उद्यापन भी सम्पन्न

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डीजे पार्टियां,, ढोल पार्टिया,,घुड़सवार ध्वज वाहक दल व पुष्प वर्षा करती तोप के साथ बारात का जगह जगह हुवा भव्य स्वागत,भक्ति भाव मे झूम उठा पूरा क्षेत्र
चम्बल नदी के पावन तट पर मध्यप्रदेश सीमा पर बसे अंतिम गाँव धतुरिया भाटी के ग्रामीणों का वर्षो का पुण्य आज उदय हो उठा जब श्री हनुमान झंडा समिति के साथ ग्राम के प्रातःकालीन प्रभातफेरी मण्डल एवं सम्पूर्ण ग्रामवासियों द्वारा माता तुलसी का विवाह बड़ी धूमधाम से सम्पन्न करवाया और विवाह भी ऐसा की हजारो श्रद्धालुओ से धतुरिया भाटी भर गया हर घर उत्साह उमंग व हर्षोल्लास का वातावरण था क्योंकि माता तुलसी के कारण धतुरिया भाटी आज वधूपक्ष बना था और दूसरी ओर क्षेत्र के इतिहास की सबसे बड़ी बारात लेकर अतिप्राचीन चमत्कारी श्री चारभूजा नाथ धाम दलावदा से ठाकुर जी को वरपक्ष बनकर पुरा दलावदा व आसपास के ग्रामीण जन वर बनाकर शाही ठाठ बाठ से निकल पड़े थे जिसमें डीजे पार्टियां,,ढोल पार्टियां,,बेंड बाजे,, घुड़सवार ध्वज वाहक दल,,पुष्प वर्षा करने वाली तोप,, शाही रथ में विराजित ठाकुर जी थे जो माता तुलसी को ब्याहने चले थे जगह बारात का भव्य स्वागत किया गया व हजारो की संख्या में उमड़े बारातियों ने जमकर भजनों पर नृत्य किया व पैदल ही धतुरिया भाटी पहुँच गए जँहा काकड़ खेजड़ी काटने के साथ ही,,बारात का नगर प्रवेश हुवा व स्वागत ऊपरांत झंडा उद्यापन निमित्त आई हनुमान झंडा समितियों के साथ नगर में धूमधाम से बिन्दोली निकाली गई व गढ़ के सामने चोक में तोरण मारने के साथ भगवान का विवाह संपन्न हुवा इस दृश्य को देखने हेतु हजारो श्रद्धालु उपस्थित थे।। विवाह ऊपरांत भण्डारे की महाप्रसादी वितरण की व भंडारा भोज हुवा जिसमे करीब 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया।। श्री चारभुजा नाथ धाम दलावदा से धतुरिया भाटी तक निकली भगवान की बारात अबतक की क्षेत्र की सबसे बड़ी बारात थी जिसमे 5000 से अधिक बाराती नाचते हुए पैदल चल रहे थे जैसे कुम्भ का मेला हो ओर इस पूरे आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता सामाजिक समरसता रही जो एक अनुकरणीय पहल है।