
भंवरासा चौराहे पर किसानों ने किया नीमच -मंदसौर हाईवे जाम,प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश इसके बाद खुला
नीमच-मध्य प्रदेश के नीमच जिले में ओलावृष्टि और बारिश से फसले बर्बाद होने के बाद किसानों ने भंवरासा चौराहे पर नीमच -मंदसौर हाईवे पर चक्का जाम कर दिया ।बिना सर्वेतत्काल मुआवजे और फसल बीमा राशि की मांग की गई।रविवार दोपहर आई बारिश किसानों के लिए आफत बनकर आई,तेज बारिश और आंधी के साथ ओलावृष्टि हुई जिससे किसानों की फसले बर्बाद हो गई ।जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें बन गई ।विशाल ओलावृष्टि के बाद जब कोई प्रशासनिक अधिकारी एवं राजनेता नहीं पहुंचे तो किसानो ने यह कदम उठाया ।इसके बाद सोमवार को सुबह 11:00 नीमच मंदसौर हाईवे रोड पर किसानों ने चक्का जाम किया और सड़क पर बैठ गए ।जिले में हुई भीषण ओलावृष्टि से अफीम चना,गेहूं ,लहसुन,प्याज,सरसों ,अलसी, मेथी और किनवा जैसी फसल पूरी तरह नष्ट हो गई ।भंवरासा, पालसोड़ा ,कचोली,खेताखेड़ा,केलु खेड़ा,बामनिया,पिपलिया व्यास, मेलकी मेवाड़, विशन्या,दीपूखेड़ी सहित10 गांव के किसान इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं आक्रोशीत किसानों ने नीमच मंदसौर हाईवे पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया ।करीब 1 घंटे तक हाईवे पर वाहनों की आवाजाही ठप रही । किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए नारेबाजी करते हुए मांग की बीना किसी कागजी सर्वे के तुरंत उचित मुआवजा और बीमा राशि स्वीकृत की जाए ।जिस पर किस अड़े रहे ।प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा समझाईस के बाद किसान माने और चक्का जाम से हटे ।इसके बाद प्रशासन के अधिकारियों ने किसान नेताओं के साथ जाकर खेतों में बर्बाद हुई फसलों को देखा ।और उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया ।इस अवसर पर नीमच जिला प्रशासन के अधिकारी,अपर कलेक्टर,एडिशनल एसपी, जीरन पुलिस प्रशासन,जीरन तहसीलदार, सहीत प्रशासनिक अमला उपस्थित था ।इस अवसर पर भाजपा कांग्रेस के नेता सहीत सेकडो किसान उपस्थित थे प्रशासन ने जाम खुलवा कर वाहनों को सुचारू रूप से संचालित करवाया ।


