समाज आधारित शिक्षा देने का कार्य करता है सरस्वती शिशु मंदिर

गरोठ -प्राचीन काल में मंदिरों के माध्यम से समाज आधारित विद्यालय चलते थे जिसमें समाज के लोग विकसित और सु-संपन्न हुआ करते थे परंतु वर्तमान में लार्डमेकालय की शिक्षा पद्धति के कारण विद्यार्थियों को जीवन मूल्यो की शिक्षा मिलना बंद हो गया है जिसके कारण आज समाज में कई प्रकार की बुराइयां व्याप्त हो रही है इन्हीं बुराइयों को नष्ट करने के लिए विद्या भारती सरस्वती शिशु मंदिरों के माध्यम से समाज आधारित शिक्षा देने का कार्य करती है उक्त कथन ग्राम भारती जिला गरोठ के जिला प्रमुख जगदीश सिंह राठौड़ ने सरस्वती शिशु मंदिर खजूरी पंथ द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के अवसर पर कहा
गरोठ जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री रणजीत सिंह चौहान ने कहा कि वर्तमान युवा पीढ़ी दिशा भ्रम होकर भटक रही है यदि हमें हमारे आने वाली पीढ़ी को जीवन मूल्यों की शिक्षा और संस्कार दिलाने के लिए हमें सरस्वती शिशु मंदिरों में हमारे भैया बहनों का प्रवेश कराना चाहिएइस अवसर पर विद्यालय के नन्हे मुन्ने भैया बहनों द्वारा देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए
इस अवसर परश्याम सिंह चौहान(जिला महामंत्री भाजपा किसान मोर्चा ,जिला पंचायत सदस्य)भरतलाल धाकड़(सरपंच)शंभुलाल धाकड़(संयोजक)रवि हनुतिया(तहसील प्रमुख भानपुरा)विष्णु पंवार(जिला कार्यालय प्रमुख)गंगाप्रसाद व्यास (संकुल प्रमुख बरखेड़ा लोया) आदि उपस्थित रहेकार्यक्रम का कुशल संचालन विद्यालय के प्रधानाचार्या श्रीमती ममता लोहार द्वारा किया गयाउक्त जानकारी विद्यालय के प्रचार प्रसार प्रमुख श्रीमती माया गोयल द्वारा दी गई।