12 फिट नाले के पानी को 2 फिट में छोड़ा, चर्चित लोटन यात्रा का ये वही वार्ड 12 नाला जिसको लेकर जांच बैठी

2019 से बाढ़ के हालात हुए तो नगर का क्या होगा
मल्हारगढ(गोपाल मालेचा) नगर विकास के नाम पर नगर परिषद में बैठे अध्यक्ष, सीएमओ, इंजीनियर जनता के पैसों का दुरुपयोग करने में लगे है। नगर के नालो में सुधार हो नही रहा और खेतों से पानी नगर में लाने बनाया लाखो का 12 फिट नाला जो आगे जाकर 2 फिट नाली में मिलेगा । मल्हारगढ नगर का शख्स ज्ञानेश प्रजापति पिछले दिनों कलेक्टर की जनसुनवाई में लौटते हुए पहुँचा था । जिसके बाद खानापूर्ति करने जांच टीम भी मल्हारगढ पहुची । काफी बार जांच टीम ने मामले को रफादफा करने की कोशिश की लेकिन सफल नही हो पाई । अब नाला खुद अपनी कहानी बयां कर रहा है । भ्रष्टाचार को लेकर जांच टीम अपनी रिपोर्ट पेश कर देगी लेकिन जो नजर आ रहा उसे कैसे दबा पाएगी । बड़ी बात यह है कि नगर के विकास को लेकर जो भी प्रोजेक्ट बनाये जाते है उसमें नगर हित ध्यान में रखा जाता है । बड़े बड़े नालो का निर्माण नगर में किया जा रहा है जिसमे वार्ड नं 12 का नाला नगर के इंजीनियर भावेश गगरानी को उच्च दक्षता का सर्टिफिकेट दे रहा है । प्रोजेक्ट फ़ाइल के आधार पर नाला करीब 12 फिट चौड़ा ओर 6 फिट ऊंचा बनाकर नगर को सौंप दिया । मूसलाधार बारिश होती है और नाला में बेहिसाब पानी आएगा तो उसे आगे जाकर 2 फिट नाली में छोड़ा जाएगा । नाली ओवर फ्लो होने के बाद बाढ़ सी स्थिति निर्मित होगी । ये वही एरिया हैं जहाँ 2019 में बाढ़ के हालात हुए थे और क्षेत्रीय रहवासियों के घरों आगे 6 फिट ओर घरों में 4 फिट तक पानी भर गया था । बड़े बड़े वाहन तक इस बाढ़ की चपेट में आ गए थे । ऐसी प्रोजेक्ट फ़ाइल को लेकर पंचायत के इंजीनियर, अध्यक्ष,सीएमओ प्रदेश में हंसी का पात्र बन हुए है । वही नगरीय सिमा के अंत मे वार्ड 6 में दौबारा करीब 50 फिट का नाला निर्माण किया जा रहा है नगर वासियो का कहना है कि यहाँ तो वैसे भी चौड़ाई है और बाउंड्री नही सीसी की बनी है पानी आराम से निकल रहा है वहाँ नगर परिषद पक्के सीसी नाले से तल बनाकर पैसों का दुरुपयोग कर रही है । अधिकारी कार्यवाही की बजाय सिर्फ सत्ता पक्ष के दबाव में कार्य कर रहे है ओर कांग्रेसी पार्षद बजाय विरोध के गहरी नींदों में सोए है।