मनुष्य की तुलना पैसे को देखकर करना अहंकार को जन्म दिन – पंडित श्री पांडेय

पूर्णाहुति के बाद कथा का हुआ समापन , महाप्रसाद का आयोजन भी हुआ
बड़वन। श्याम सुरभि गोशाला झिरकन में साथ दिनों से आयोजित होने वाली कथा की विश्रांति रविवार को पूर्णाहुति के बाद समापन हुआ । कथा समापन अवसर पर आसपास गांव से हजारों भक्तों ओर धर्मप्रेमी सज्जनों को संबोधित करते हुए पंडित श्री महेश जी पांडेय रतलाम वाले ने कहा कि मनुष्य की तुलना पैसे करना ,अहंकार को बढ़ावा देने के समान है, जहा जहा अहंकार पैदा हुआ वहा वहा पतन देखने को मिले हैं। इसलिए मनुष्य जीवन नश्वर है तो अहंकार करने का मन में भी नहीं आना चाहिए ।
कृष्ण और रुकमणि विवाह हुआ
कथा समापन वाले दिन कथा में कृष्ण भगवान ओर रुकमणि विवाह का शानदार आयोजन हुआ । इसमें कृष्ण और रुकमणि का रूप धरकर वर वधु बिठाए गए जो कथा में आकर्षण का केंद्र दिखा । विवाह के पश्चात लोगों ने बढ़चढ़ कर हिछावनी दान दिया गया ।
रविवार को श्याम सुरभि गोशाला झिरकन में आयोजित सप्ताहित भागवत कथा का समापन पूर्णाहुति के साथ हुआ , जिसके बाद विशाल भंडारा आयोजित हुआ । जिसमें आसपास के हजारों लोगों ने प्रसादी ग्रहण की जिसके बाद कथा में गोशाला उत्थान के लोगो ने बढ़चढ़ कर लाखों रुपए की घोषणाएं की । कथा समापन के बाद पंडित श्री पांडेय रतलाम का बहुमान समिति के द्वारा की गया ।