झिरकन में भागवत कथा के चौथे दिन बोले पंडित महेश पांडे, सत्य के मार्ग पर चलकर ही ईश्वर की प्राप्ति संभव

29 को पूर्णाहुति व महाप्रसादी का आयोजन
बड़वन। मनुष्य जीवन में सत्य के मार्ग को अपने से ही ईश्वर की प्राप्ति हो सकती है जो व्यक्ति अपने अहंकार में चलता है फिर सोचता है कि यह मेरे साथ गलत कैसे हो गया है तो वह उनके कर्म का फल होता है मनुष्य जैसा बोएगा का वैसा पाएगा उक्त उद्गार पंडित श्री महेश जी पांडे ने श्री श्याम सुरभि गोशाला झिरकन में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा को चौथे दिन ज्ञानामृत कराते हुए कहा।
श्री पांडे ने का आगे कहा है कि कलयुग में धर्म लगातार बढ़ रहे हैं तो धर्म भी लगातार नहीं बड़े उसके लिए घर-घर भगवान का ज्योत जलाना होगा तभी आने वाली पीढ़ी इसका स्मरण करके श्रेष्ठ और उत्तम जीवन यापन कर पाएगी नहीं तो जैसा देखेगी नहीं तो जैसा देखेगी वैसा ही पाएगी कथा में आसपास के जोगीखेड़ा ,बड़वन, खजूरी आंजना, मारूखेड़ी, झावल, रातीखेड़ी सहित गांव के लोग अधिक से अधिक संख्या में कथा का श्रवण करने पहुंच रहे हैं कथा की समाप्ति और पूर्णाहुति 29 दिसंबर रविवार एक बजे सम्पन्न होगा ।
कथा विश्रांति एवं विशाल महाप्रसादी –
श्री श्याम सुरभि गोशाला में आयोजित भागवत कथा समिति के द्वारा कथा पूर्णाहुति के पश्चात विशाल महाप्रसादी का आयोजन रविवार 29 दिसंबर 24 को रखा गया । जिसमें क्षेत्र के अधिक से अधिक लोगों को भाग लेने की अपील समिति के द्वारा की गई ।